samacharsecretary.com

मजबूत मुस्लिम देश ने नेतन्याहू के गाजा प्लान को रोका, ब्रिटेन, रूस और ऑस्ट्रेलिया ने भी दिखाई सहमति

अंकारा मिडिल-ईस्ट के हालात एक बार फिर तेजी से बिगड़ने लगे हैं। एक तरफ इजरायल की सुरक्षा कैबिनेट ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की गाजा शहर पर सैन्य नियंत्रण लेने की योजना को मंजूरी दे दी है, तो दूसरी तरफ ताकतवर मुस्लिम देश तुर्की ने नेतन्याहू की योजना में टांग अड़ा दिया है। तुर्की के विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि तुर्की गाजा सिटी पर नियंत्रण करने की इजरायल की योजना की कड़े शब्दों में निंदा करता है। इता ही नहीं तुर्की ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) से इस योजना के क्रियान्वयन पर रोक लगाने का आह्वान किया है। तुर्की के विदेश मंत्रालय ने कहा कि इजरायल को अपनी युद्ध योजनाओं को तुरंत रोकना चाहिए और गाज़ा में युद्धविराम पर सहमत होना चाहिए। तुर्की ने ये भी कहा कि इजरायल को द्वि-राज्य समाधान के लिए बातचीत शुरू करनी चाहिए। मंत्रालय ने कहा कि इजरायल द्वारा गाजा पट्टी में नरसंहार और फ़िलिस्तीनी भूमि पर कब्ज़े के कदम ने वैश्विक सुरक्षा को भारी झटका दिया है। ब्रिटिश पीएम ने नेतन्याहू से पुनर्विचार का आग्रह किया इस बीच, ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने भी तुर्की की हां में हां मिलाया है और इजरायल से गाजा पर पूर्ण नियंत्रण करने के अपने फैसले पर तुरंत पुनर्विचार करने का आग्रह किया है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने कहा कि ब्रिटेन 'दो-राज्य समाधान' के तहत शांति स्थापना चाहता है। ऑस्ट्रेलिया ने भी इजरायल से अपनी इस योजना से पीछे हटने का आग्रह किया है। ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग ने कहा कि "स्थायी रूप से जबरन विस्थापन अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है।" इजरायल के अंदर भी हो रहा विरोध उधर, संयुक्त राष्ट्र में रूस के राजदूत दिमित्री पोलियांस्की ने नेतन्याहू की इस योजना को बिल्कुल गलत दिशा में उठाया गया और एक बहुत बुरा कदम बताया है। मॉस्को ने भी गाज़ा में इजरायल की कार्रवाइयों की बार-बार आलोचना की है और युद्ध शुरू होने के बाद से ही युद्धविराम का आह्वान किया है। इजरायल के अंदर भी नेतन्याहू के इस प्लान का विरोध हो रहा है। इजरायली विपक्षी नेता यायर लापिड ने कहा कि यह योजना सैन्य और रक्षा प्रतिष्ठान की स्थिति के बिल्कुल विपरीत है, और इसमें लड़ाकू सैनिकों की थकान और थकावट को ध्यान में नहीं रखा गया है। नेतन्याहू का इरादा जातीय सफाया? उधर, फ़िलिस्तीनी राजनेता मुस्तफ़ा बरघौती ने कहा है कि इजरायल का यह फ़ैसला युद्ध अपराध की घोषणा है। उन्होंने कहा कि यह कदम दर्शाता है कि इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी सरकार का असली इरादा गाज़ा पट्टी में सभी फ़िलिस्तीनी लोगों का जातीय सफ़ाया है। गाजा और मिडिल-ईस्ट में युद्ध और भड़कने की आशंका गाजा शहर पर नियंत्रण करने का विवादास्पद निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब पूरे इजरायल में बड़े पैमाने पर सरकार विरोधी प्रदर्शन हो रहे हैं, जिनमें युद्ध को तत्काल समाप्त करने और हमास द्वारा बंधक बनाए गए लोगों की तत्काल वापसी सुनिश्चित करने की मांग की जा रही है। नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा, ‘‘सुरक्षा कैबिनेट के मंत्रियों का बहुमत से यह मानना है कि सुरक्षा कैबिनेट को सौंपी गई वैकल्पिक योजना से न तो हमास की हार होगी और न ही बंधकों की वापसी होगी।’’ यह मंजूरी उस पांच सूत्री लक्ष्य के तहत दी गई जिसका मुख्य उद्देश्य हमास को ‘‘निरस्त्र’’ करना है। इस निर्णय ने इस क्षेत्र में लगभग दो साल से जारी युद्ध के और तीव्र होने की आशंका पैदा कर दी है।  

मेडिकल कॉलेज में घायलों से मिले डिप्टी सीएम, पूछा कुशलक्षेम

जगदलपुर जगदलपुर अपने 2 दिवसीय प्रवास पर बस्तर पहुँचे उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा शुक्रवार की सुबह मेडिकल कॉलेज डिमरापाल पहुँचे, जहाँ आईडी ब्लास्ट में घायल ग्रामीण व भालू के हमले से घायल जवान से मुलाकात करते हुए उनसे चर्चा की। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा शुक्रवार की सुबह मेकाज पहुँचे। जहाँ सबसे पहले एसआईसीयू पहुँचे। आईडी ब्लास्ट में घायल प्रमोद से मुलाकात कर हाल जाने और घटना के बारे में जानकारी लेते हुए पूछा कहाँ तक पढ़े हो  जमीन का पट्टा है कि नहीं, धान कहां से खरीदते हो कहां बेचते हो तमाम मुद्दों पर बात करते हुए जानकार ली। घायल ने बताया कि गाँव में किसी के पास भी पट्टा नहीं है, जिस पर उपमुख्यमंत्री ने घायल को अपना नंबर देते हुए फोन लगाने की बात कही, साथ ही घायल को कहा यहां से छुट्टी होने के बाद गाँव आने पर तुम्हारे जमीन का अधिकार पट्टा दिलाने की बात कही। ग्रामीण से मिलने के बाद उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने घायल जवान के पास पहुँचे। जहाँ जवान ने बताया कि वह जिस टीम में चल रहा था उसमें चौथे नंबर पर था, तीन जवानों के निकलने के बाद जैसे ही पहुँचा भालू ने हमला कर दिया। जिस पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पहले यहां से ठीक होकर आओ, फिर मैदान में मिशन को पूरा करेंगे। इस दौरान घायलों को फल भी वितरण किया गया। इस दौरान चित्रकोट विधायक विनायक गोयल, महापौर संजय पांडे के अलावा अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ ही आईजी बस्तर सुंदरराज पी, एसपी शलभ सिन्हा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश्वर नाग आदि मौजूद रहे।

खेत में काम करते वक्त मधुमक्खियों का कहर, महिला की इलाज के दौरान हुई मौत

कोरबा मधुमक्खियों के काटने से शरीर में सूजन होना या छोटी-मोटी परेशानी होना को आम बात है, लेकिन मधुमक्खी के काटने से किसी की मौत हो जाना अचरज भरा है। ऐसी एक धटना कोरबा जिले के करतला विकासखंड के ग्राम बंधवाभाठा में गुरूवार को हुई है। गुरुवार दोपहर मधुमक्खी के हमले से एक महिला की मौत हो गई। घटना के समय महिला खेत में काम कर रही थी। ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों खेती का काम जोरो पर है। बंधवाभांठा निवासी सिहारीन बाई 75 वर्ष अपने खेत में काम कर रही थीं, जबकि उनका बेटा सुरेश दूसरे खेत में काम कर रहा था। अचानक, मधुमक्खियों के झुंड ने सिहारीन बाई पर हमला कर दिया, जिससे वह खेत में गिर गईं। सुरेश ने अपनी मां की चिल्लाने की आवाज सुनी और दौड़ते हुए जाकर देखा कि मधुमक्खियों ने उनकी मां पर हमला कर दिया है। सुरेश ने अपनी मां को कंधे पर उठाकर घर पहुंचाया। मधुमक्खियों की डंक से मां की हालत तेजी से बिगड़ने लगी। इलाज के लिए उसे जिला मेडिकल अस्पताल लाया गया। जहां डॉक्टरों ने इलाज के दौरान उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतका के दामाद संत राम ने बताया कि जिस खेत के पास वे काम कर रहे थे, वहां पेड़ पर मधुमक्खियों का छत्ता था। उन्होंने बताया कि एक या दो मधुमक्खियों के काटने से आमतौर पर मौत नहीं होती, लेकिन झुंड के एक साथ हमला करने से यह घटना हुई। जिला मेडिकल कॉलेज में पदस्थ डॉक्टर आदित्य सिसोदिया के अनुसार, मधुमक्खी के डंक से निकलने वाली रसायन से शरीर में हाइपरसेंसिटिव रिएक्शन शुरू हो जाता है। जिससे पीड़ित को सांस लेने में तकलीफ और शरीर में सूजन बढ़ने लगती है। डॉक्टर सिसोदिया ने सलाह दी है कि अगर किसी को ज्यादा मधुमक्खियां काटें, तो तुरंत अस्पताल पहुंचाना चाहिए। ऐसे मामलों में एस्टरायड देना और वेंटिलेटर की सुविधा वाले नजदीकी अस्पताल ले जाना जरूरी है।

दोनों नेताओं की एकता से गूंजा भोपाल का सभागार, सिंधिया-दिग्विजय का ऐतिहासिक मिलन

भोपाल मध्य प्रदेश की राजनीति में एक लंबे समय बाद ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने सियासी गलियारों में चर्चाओं को हवा दे दी। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वे पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का हाथ पकड़कर उन्हें मंच पर ले जाते नजर आ रहे हैं। पांच साल बाद दोनों नेता इस तरह एक साथ दिखाई दिए, जिससे अटकलों का दौर तेज हो गया है।  यह वाकया भोपाल के रातीबड़ स्थित एक निजी स्कूल के उद्घाटन समारोह का है। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया मंच पर बैठे थे, जबकि दिग्विजय सिंह अपनी पत्नी के साथ सामने की कुर्सियों पर बैठे थे। सिंधिया की नजर जैसे ही उन पर पड़ी, वे मंच से उतरकर उनके पास गए, हाथ जोड़कर अभिवादन किया और फिर हाथ पकड़कर उन्हें मंच पर ले आए। इस दृश्य पर मौजूद लोग खुद को तालियां बजाने से नहीं रोक सकें।   2020 के बाद पहली बार ऐसे साथ दिखे मार्च 2020 में सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने और 22 विधायकों के साथ भाजपा में शामिल होने के बाद दोनों नेताओं के बीच तीखी बयानबाजी का दौर चला था। कमलनाथ सरकार के गिरने के समय दिग्विजय सिंह और सिंधिया के रिश्ते बेहद तल्ख थे। ऐसे में उनका यह साथ बैठना पांच साल बाद की एक सियासी ‘सॉफ्ट मोमेंट’ के रूप में देखा जा रहा है। सियासी अटकलें तेज ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में इस समय सिंधिया के लिए माहौल पूरी तरह सहज नहीं है। हाल ही में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने भी बिना नाम लिए उन पर टिप्पणी की थी। ऐसे में अटकलें है कि ग्वालियर-चंबल में भाजपा के दोनों दिग्गज नेताओं के बीच गुटबाजी बहुत तेज चल रही है। वहीं, अब इस मुलाकात को लेकर चर्चा है कि क्या यह किसी नई सियासी बिसात की शुरुआत है या सिर्फ एक औपचारिक सौजन्य। दिलचस्प बात यह है कि इतिहास में राघौगढ़, जो दिग्विजय सिंह का गढ़ है, कभी ग्वालियर राजघराने के अधीन था। दिग्विजय ‘राजा साहब’ कहलाते हैं, जबकि सिंधिया को ‘महाराज’ कहा जाता है। दोनों घरानों के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा पुरानी है, लेकिन यह पल उस अदावत से अलग एक नई तस्वीर पेश करता है। आस्तीन के सांपों से सचेत रहें… दोनों नेता एक दूसरे के खिलाफ बयानबाजी कर चुके है। पिछले साल ग्वालियर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ बैठक में दिग्विजय सिंह ने बिना किसी का नाम लिए कहा था कि आस्तीन के सांपों से सचेत रहें। इसके अलग-अलग मायने निकाले गए थे। राजनीतिक जानकारों ने बयान के मायने निकाले थे कि यह शायद ज्योतिरादित्य सिंधिया पर निशाना साधा गया। वहीं, ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी दिग्विजय सिंह पर कहा था कि पहले वे मेरे पिता पर निशाना साधते थे और अब मुझे पर निशाना साध रहे हैं। तब दिग्विजय सिंह ने कहा था कि वे अभी बच्चे हैं। दिग्विजिय सिंह की कसम टूटी दरअसल, करीब तीन माह पहले ग्वालियर में हुई संविधान बचाओ रैली में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने एलान किया था कि वे अब कभी मंच पर नहीं बैठेंगे। उनका कहना था कि मंच की राजनीति खत्म होनी चाहिए और वे केवल अपनी बारी आने पर ही मंच पर जाएंगे, अन्यथा आमजनों के बीच बैठेंगे। लेकिन शुक्रवार को एक निजी कार्यक्रम में दिग्विजय सिंह मंच पर बैठे नजर आए। इसके बाद चर्चा शुरू हो गई कि क्या उनकी यह “कसम” टूट गई? हालांकि दिग्विजय सिंह का कहना है कि मंच पर न बैठने की बात उन्होंने कांग्रेस पार्टी के कार्यक्रमों के संदर्भ में कही थी, जबकि यह कार्यक्रम निजी था। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया स्वयं उन्हें मंच पर ले जाते दिखाई दिए। पहले झुककर प्रणाम फिर हाथ पकड़कर ले चले सकारात्मक राजनीति का यह उदाहरण तब देखने को मिला जब भोपाल में स्कूल के लोकार्पण के कार्यक्रम में मंच पर आते ही ज्योतिरादित्य सिंधिया ने राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर सामने बैठे पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के पास जाकर स्नेह पूर्वक अभिवादन किया। इसके बाद उनका हाथ थामा और उन्हें मंच पर साथ लेकर आए। इस दौरान पूरे सभागार में तालियां गूंज उठीं। बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष खंडेलवाल से मिले सिंधिया केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भोपाल में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से भेंट की। खंडेलवाल की नियुक्ति के पश्चात यह उनकी सिंधिया से दूसरी महत्वपूर्ण मुलाकात है। इससे पहले, दोनों नेताओं के बीच दिल्ली में सिंधिया के आवास पर एक लंबी और रणनीतिक बैठक हो चुकी है। इसके साथ सिंधिया ने प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा से भी भेंट की।

इंग्लैंड के पूर्व ऑलराउंडर बोले – राहुल का खेल है विश्वस्तरीय

नई दिल्ली शुभमन गिल की कप्तानी में भारत का इंग्लैंड दौरा यादगार रहा है। 5 टेस्ट मैच की सीरीज 2-2 से बराबरी पर रही। दोनों ही टीमों ने हर मैच में अपना सब कुछ झोंक दिया था। भारतीय बल्लेबाजों ने पूरी सीरीज में जैसा प्रदर्शन किया वो अविश्वसनीय था। भारत के तीन बल्लेबाजों ने सीरीज में 500 से ज्यादा रन बनाए। गिल ने तो रिकॉर्ड 754 रन ठोक डाले। सीरीज के सबसे सफल बल्लेबाजों में दूसरे नंबर पर जो रूट 537 रन, तीसरे पर केएल राहुल 532 रन और चौथे पर स्टार ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा 516 रन रहे। 33 साल के ओपनर केएल राहुल ने 53.2 के शानदार औसत से रन बनाए जिनमें 2 शतक और 2 अर्धशतक शामिल रहे। इंग्लैंड के पूर्व ऑलराउंडर मोईन अली ने उन्होंने 'दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक' करार दिया है। अली ने यूट्यूब पर 'बर्ड बिफोर विकेट' पॉडकास्ट में भारतीय ओपनर की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि लोगों को महसूस ही नहीं होता कि केएल राहुल ओपनर के तौर पर कितने अच्छे हैं। इंग्लैंड के पिछले दौरे पर भी वह शानदार रहे थे और इस सीरीज में वह एक बार फिर जबरदस्त रहे हैं। शुभमन ने सबसे ज्यादा रन बनाए और वह अद्भुत दिखे लेकिन मुझे लगता है कि केएल ने भारतीय टीम में जो भूमिका निभाई, वह बेस्ट था, मैं वर्षों से उन्हें देख रहा हूं।’ मोईन अली ने आगे कहा, 'वह इतने अच्छे खिलाड़ी हैं और मुझे वाकई ये लगता है कि वह दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक हैं और मैं यह बात कह भी चुका हूं…मैं तो यही कहूंगा कि वह दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक हैं।' केएल राहुल इंग्लैंड के पिछले दौरे पर भी 205 रन बनाए थे। इस बार उन्होंने लीड्स में खेले पहले टेस्ट और लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे टेस्ट में शानदार शतक लगाए। वह लॉर्ड्स में एक से ज्यादा शतक लगाने वाले दिलीप वेंगसरकर के बाद दूसरे भारतीय खिलाड़ी बन चुके हैं। इससे पहले 2021 में भी उन्होंने लॉर्ड्स में टेस्ट शतक लगाया था।  

जबलपुर में रिश्वतखोरी का खुलासा, हाउसिंग बोर्ड के बाबू से ₹10 हजार की रिश्वत रंगे हाथों पकड़ी गई

जबलपुर   मकान के नामांतरण के मामले में शुक्रवार को लोकायुक्त पुलिस ने संजीवनी नगर हाउसिंग बोर्ड कार्यालय में छापा मारकर बाबू को दस हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा है. लोकायुक्त दल ने रिश्वत की रकम जब्त कर ली है. लोकायुक्त पुलिस ने बताया कि हाउसिंग बोर्ड के संजीवनी नगर स्थित कार्यालय में पदस्थ क्लर्क अमन कोष्टा को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया. फरियादी हाकम साहू महाराजपुर स्थित अपने मकान का नामांतरण कराने के लिए आवेदन दिया था, लेकिन बाबू ने कार्य के बदले 10 हजार रुपये की मांग की थी, जिसकी शिकायत लोकायुक्त से की गई थी. शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसपी अंजूलता पटले ने टीआई जितेंद्र यादव के नेतृत्व में टीम बनाकर कार्रवाई की है. जांच में बताया गया है कि बाबू अनुकंपा नियुक्त पर नौकरी कर रहा था, जो बिना रिश्वत लिए नामांतरण नहीं करता था, जिससे लोग परेशान हो चुके थे. बताया गया है कि शिकायतकर्ता दो माह से नामांतरण को लेकर परेशान था, आखिरकार, उसने बाबू से बात की थी, जिस पर उसने रिश्वत देने की पेशकश की थी.

‘फैसला सिर्फ तथ्यों पर, न कि खबरों पर’ – सुनवाई में CJI गवई के तीखे शब्द

नई दिल्ली मुख्य न्यायाधीश भूषण रामकृष्ण गवई ने 7 अगस्त, 2025 को एक मामले की सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि वे यूट्यूब  नहीं देखते और न ही किसी मामले का निर्णय इंटरव्यूज या प्रेस रिपोर्ट्स के आधार पर करते हैं. उन्होंने बताया कि उनकी दिनचर्या में केवल अखबार पढ़ना शामिल है. यह टिप्पणी उस समय आई जब अदालत में यह तर्क प्रस्तुत किया गया कि बड़े नेताओं के घरों पर छापेमारी के दौरान यूट्यूब चैनलों पर इंटरव्यूज के माध्यम से एक विशेष नैरेटिव तैयार किया जाता है. सीजेआई बी आर गवई, जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस विनोद चंद्रन की बेंच ने भूषण पावर एंड स्टील लिमिटेड के लिए जेएसडब्ल्यू स्टील की समाधान योजना से संबंधित एक समीक्षा याचिका पर सुनवाई की. यह याचिका सुप्रीम कोर्ट के पूर्व के आदेश के खिलाफ दायर की गई है, जिसमें समाधान योजना को अस्वीकृत किया गया था. कमेटी फोर क्रेडिटर्स की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत में जानकारी दी कि प्रवर्तन निदेशालय ने 23 हजार करोड़ रुपये का जब्त किया गया कालाधन उन लोगों में वितरित किया है जो फ्रॉड का शिकार हुए हैं. इस दौरान, मुख्य न्यायाधीश गवई ने एसजी मेहता से यह सवाल किया कि ईडी की दोषसिद्धी दर क्या है, यानी कितने आरोपियों को दोषी ठहराया गया है. तुषार मेहता ने सीजेआई गवई के प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि यह एक अलग विषय है. उन्होंने ईडी का बचाव करते हुए बड़े पैमाने पर होने वाली वसूली का उल्लेख किया. मेहता ने यह भी बताया कि मीडिया के कारण एजेंसी की इन सफलताओं की जानकारी आम जनता तक नहीं पहुँच पाती है. एसजी तुषार मेहता ने बताया कि दंडनीय अपराधों में दोषसिद्धी की दर अत्यंत कम है, और उन्होंने इसे देश की आपराधिक न्याय प्रणाली में मौजूद खामियों का परिणाम बताया. सुनवाई के दौरान उपस्थित सीनियर लॉ ऑफिसर ने उल्लेख किया कि कुछ मामलों में नेताओं के ठिकानों पर छापे के दौरान भारी मात्रा में नकदी मिलने के कारण उनकी नोट गिनने वाली मशीनें काम करना बंद कर गईं, जिसके चलते उन्हें नई मशीनें खरीदनी पड़ीं. उन्होंने यह भी कहा कि जब बड़े नेता पकड़े जाते हैं, तो यूट्यूब इंटरव्यूज के माध्यम से कुछ नैरेटिव्स स्थापित किए जाते हैं. सीजेआई बी आर गवई ने इस विषय पर स्पष्ट किया कि वे मामलों का निर्णय नैरेटिव्स के आधार पर नहीं करते हैं. उन्होंने कहा कि वे न्यूज चैनल नहीं देखते और केवल सुबह 10-15 मिनट अखबारों की सुर्खियों पर नजर डालते हैं. लॉ ऑफिसर ने भी यह बताया कि जज सोशल मीडिया और अदालतों के बाहर बने नैरेटिव्स के आधार पर निर्णय नहीं लेते हैं. सुप्रीम कोर्ट की विभिन्न बेंचें, विशेषकर विपक्षी नेताओं से संबंधित धनशोधन मामलों में प्रवर्तन निदेशालय की कथित मनमानी पर अपनी चिंता व्यक्त करती रही हैं. सीजेआई बी आर गवई की अध्यक्षता वाली बेंच ने 21 जुलाई को एक अन्य मामले में यह टिप्पणी की थी कि प्रवर्तन निदेशालय अपनी सीमाओं को पार कर रहा है.

सीएम धामी ने उत्तरकाशी में बचाव कार्यों की समीक्षा की, कहा- रेस्क्यू ऑपरेशन युद्धस्तर पर तेज़ी से चल रहा है

देहरादून उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को उत्तरकाशी में चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन की समीक्षा की। उन्होंने यह जानकारी अपने सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर दी। मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तरकाशी में आज (शुक्रवार) प्रातः काल धराली में चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। हेली सेवा, एमआई 17 और चिनूक हेलीकॉप्टरों की मदद से सुबह से ही युद्ध स्तर पर रेस्क्यू अभियान चलाकर लोगों को सुरक्षित वापस लाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में केंद्र सरकार से पूर्ण सहयोग प्राप्त हो रहा है। इस दौरान अधिकारियों से सड़क, संचार और बिजली की बहाली के साथ-साथ खाद्यान्न आपूर्ति पर उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। हम शीघ्र से शीघ्र सभी प्रभावितों को सुरक्षित निकालने और सामान्य जनजीवन को बहाल करने का प्रयास कर रहे हैं। इससे पहले गुरुवार को भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राहत एवं बचाव कार्य की समीक्षा की थी। उन्होंने उत्तरकाशी के आपदा नियंत्रण कक्ष पहुंचकर आपदा प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया था। मुख्यमंत्री ने पौड़ी गढ़वाल जिले का दौरा किया, जहां पाबौ और थलीसैंण ब्लॉकों में बादल फटने से कई लोगों की जान गई थी और घरों, सड़कों और पुलों को व्यापक नुकसान पहुंचा था। इस दौरान अधिकारियों को विशेषकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के प्रति अतिरिक्त संवेदनशीलता बरतने के निर्देश दिए गए थे। उन्होंने बताया था कि अधिकारियों से स्पष्ट रूप से कहा कि यदि किसी भी स्तर पर प्रदेश सरकार से विशेष सहयोग की आवश्यकता हो, तो तुरंत अवगत कराएं। प्रभावित क्षेत्रवासियों की समस्याओं का समाधान हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसके लिए हम हर ज़रूरी कदम उठाने को पूरी तरह तैयार हैं। धराली में, 5 अगस्त को बादल फटने से आई अचानक बाढ़ और भूस्खलन के बाद से करीब 50 नागरिक, आठ जवान और एक जूनियर कमीशंड अधिकारी (जेसीओ) अभी भी लापता हैं। बादल फटने के बाद, यह इलाका काफी हद तक दुर्गम बना हुआ है, और बरतवारी, लिंचीगाड, गंगरानी, हर्षिल और धराली में प्रमुख सड़क संपर्क बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के जवान फंसे हुए पर्यटकों को भोजन, चिकित्सा सहायता और आश्रय प्रदान कर रहे हैं। पुनर्स्थापना के प्रयास जारी हैं, लेकिन मौसम और भू-भाग संबंधी चुनौतियां बनी हुई हैं। सेना के अनुसार, वापसी उड़ानों में पर्यटकों को नेलोंग हेलीपैड से निकाला जा रहा है। हर्षिल स्थित सैन्य हेलीपैड पूरी तरह से चालू है।  

राजस्थान के जंगलों में लौटेगी दहाड़, 5 बाघ होंगे नए घर में बसे

जयपुर राजस्थान में इस साल के अंत तक 2 बाघ अभ्यारण्य में नए बाघों की एंट्री होने जा रही है। राज्य सरकार का वन विभाग महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश से बाघों को कोटा के मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व (MHTR) और बूंदी के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व (RVTR) में शिफ्ट करने जा रहा है। इसके लिए नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी(NTCA) से मंजूरी ली जा चुकी है।  इनमें नर और मादा दोनों तरह के बाघ होंगे। बाघों की रिलोकेशन इसी साल अक्टूबर से दिसंबर के बीच की जाएगी। इनमें महाराष्ट्र से बाघों को एयरलिफ्ट किया जाना है। राजस्थान में ऐसा दूसरी बार होगा जब दूसरे राज्य से बाघों को एयरलिफ्ट कर यहां लाया जाएगा। इससे पहले 2008 में रणथम्भौर से सरिस्का में नर बाघ को एयरलिफ्ट करके ले जाया गया था। वर्तमान में, RVTR में 7 बाघ हैं और  MHTR में एक शावक सहित पांच बाघ हैं। वन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आनंद कुमार ने बताया कि हाल में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में मध्यप्रदेश से 3 और महाराष्ट्र से 2 बाघें को राजस्थान के बाघ अभ्यारण में रिलोकेट करने की अनुमति दी गई है। उन्होंने कहा, "शुरुआत में, अक्टूबर में RVTR और MHTR में एक-एक बाघ स्थानांतरित किया जाएगा। चरण बद्ध तरीके से बाघों की शिफ्टिंग का काम किया जाएगा। वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बाघों को एयरलिफ्ट करने के लिए भारतीय वायुसेना के विमान काम में लिए जाने हैं। इसके लिए वन विभाग ने भारतीय वायुसेना से अनुरोध भी किया है। दरअसल बाघों की रिलोकेशन एक बेहद पेचीदा और तनाव भरा काम होता है। इसमें बाघों की संवेदनशील प्रकृति को देखते हुए यात्रा का समय कम लगे इसके लिए शिफ्टिंग का काम हवाई मार्ग से किए जाने के प्रयास हैं। बाघों के भोजन की व्यवस्था के लिए दोनों अभ्यारण्यों में 150 चित्तीदार हिरण छोड़े जाएंगे। एक वरिष्ठ वन अधिकारी ने बताया कि यह अन्य राज्यों से बाघों को राजस्थान में स्थानांतरित करने का पहला उदाहरण होगा। इस रिलोकेशन का एक मकसत राजस्थान में बाघों की आबादी में तेजी से बढ़ हरे अंत: प्रजनन को रोकना भी है।नेशनल सेंटर फॉर बायोलॉजिकल साइंसेज (NCBS) के शोध में पाया गया था कि राजस्थान में देश के किसी भी अन्य राज्य की तुलना में अधिक इनब्रेड बाघ हैं। मामले पर टिप्पणी करते हुए, रणथंभौर टाइगर रिजर्व के पूर्व फील्ड डायरेक्टर मनोज पराशर ने कहा, "अंतःप्रजनन हर जगह एक चिंता का विषय है क्योंकि बाघों की आबादी अलग-थलग है।" उन्होंने कहा, "यह रणथंभौर के बाघ हैं जो सरिस्का और मुकुंदरा गए हैं। बाहर से किसी भी बाघ के संपर्क में आने की शून्य संभावना है।" उन्होंने कहा कि बाघों का रिलोकेशन प्रोजेक्ट अच्छा कदम है क्योंकि यहां दूसरे राज्यों के बाघों को नहीं लाया जाता है तो अगले 2 से 3 दशकों में यहां के बाघ अंत:प्रजनन से जुड़ी बीमारियों के शिकार हो जाएंगे।

इंदौर में रक्षाबंधन पर्व का भव्य आयोजन, मंत्री विजयवर्गीय ने दी सांस्कृतिक सीख

बहन-बेटियों को भारतीय संस्कृति से जुड़े संस्कार दें : मंत्री विजयवर्गीय इंदौर में हुआ रक्षाबंधन पर्व का आयोजन मंत्री विजयवर्गीय ने कहा: बहन-बेटियों को भारतीय संस्कृति के संस्कार दें इंदौर में रक्षाबंधन पर्व का भव्य आयोजन, मंत्री विजयवर्गीय ने दी सांस्कृतिक सीख रक्षाबंधन पर मंत्री विजयवर्गीय का संदेश: संस्कृति से जुड़ें बहन-बेटियां इंदौर नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि बहन-बेटियों को भारतीय संस्कृति से जुड़े संस्कार दें। ऐसा करके हम समाज में आदर्श परिवार के उदाहरण को प्रस्तुत कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि समाज में कई असामाजिक तत्व बेटियों को गलत रास्ते पर ले जाने के प्रयास कर रहे हैं। हम सबको मिलकर इससे सावधान रहने की जरूरत है। मंत्री विजयवर्गीय गुरूवार को इंदौर में रक्षाबंधन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर महिलाओं ने मंत्री विजयवर्गीय को राखी बांधी। महिलाओं ने शौर्य और पराक्रम की प्रतीक राखी सीमाओं पर तैनात सैनिकों को भी भेजी। जनता ही हमारा परिवार मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि मेरा विधानसभा क्षेत्र एक परिवार के समान है। हम सब एक-दूसरे के सुख-दुख में शामिल होते हैं। साथ ही सामाजिक सद्भाव के माहौल में सभी त्यौहारों को मनाते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिये ‘लाड़ली बहना योजना’ चलाई है। उन्होंने समाज की महिलाओं से आहवान किया कि वे कुछ समय निकालकर अपने हुनर के साथ आर्थिक गतिविधियों से जुड़ें। इससे मध्यप्रदेश आर्थिक रूप से और सशक्त हो सकेगा। कार्यक्रम में पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय, सुदर्शन गुप्ता और स्थानीय जन-प्रतिनिधि भी मौजूद थे।