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सोने से पहले की ये 5 आदतें दिलाएंगी तरक्की और समृद्धि

जीवन में सफल होना हर कोई चाहता है। और हर कोई यह भी जानता है कि सफलता पानी है तो मेहनत से नहीं बचा जा सकता। लेकिन कई बार सिर्फ मेहनत करने से भी कुछ हाथ नहीं लगता। आप खुद भी अपने आस-पास कई लोगों को पाएंगे जो मेहनत तो खूब करते हैं लेकिन उन्हें सफल दूर-दूर तक नहीं कहा जा सकता। दरअसल जीवन में कुछ करना है तो प्रॉपर प्लानिंग की भी जरूरत होती है। आचार्य चाणक्य ने अपनी नीति में इसी सफलता के सूत्र का जिक्र किया है। उन्होंने कुछ छोटी-छोटी आदतों के बारे में लिखा, जिन्हें आज भी यदि जीवन में उतार लिया जाए तो सफलता और धन दोनों आपके हिस्से आ सकते हैं। आचार्य की बताई इन बातों को रात में सोने से पहले फॉलो करें और अपने जीवन में पॉजिटिव बदलाव देखें। दिन कैसा गया, इसपर विचार करें आचार्य चाणक्य अपनी नीति में कहते हैं कि जो व्यक्ति अपने कर्मों का हिसाब रखता है, वो जीवन में कभी असफल नहीं हो सकता। इसलिए रोजाना आपने दिन भर में क्या किया, इसका ब्यौरा आपके पास जरूर होना चाहिए। रात में जब भी सोने जाएं, तो कुछ देर जरूर सोचें कि आपका दिन कैसा रहा। क्या कुछ गलतियां आपने की, उनसे क्या सीखा और दिन को बेहतर बनाने के लिए आप क्या कर सकते थे। ऐसे आप आने वाले दिन की बेहतर प्लानिंग कर पाएंगे। अपने ज्ञान का विस्तार करें सोने से पहले कुछ देर अपना समय किताबों के साथ बिताएं। आधा घंटा या कम से कम बीस मिनट भी मिनट भी, कोई अच्छी किताब पढ़ें। कुछ ऐसा जो आपके ज्ञान में वृद्धि करे। आचार्य चाणक्य कहते हैं कि ज्ञान सबसे बड़ा धन होता है। ऐसे में अगर सफल और धनवान बनना है तो ज्ञान के विस्तार की ओर ध्यान दें। अगले दिन की योजना बनाएं अगला दिन बेहतर और प्रोडक्टिव हो, इसके लिए पहले से ही प्रॉपर प्लानिंग करना जरूरी है। इसलिए रात में सोने से पहले ही एक मोटा-मोटा खाका अपने मन में तैयार कर लें कि आने वाला दिन आप कैसे बिताने वाले हैं। दिन के कुछ खास एजेंडा सेट करें। खासतौर से सुबह क्या करना है; पहले से ही डिसाइड कर लें। इस तरह आपका अगला दिन प्रोडक्टिव होगा और अपने गोल समय पर अचीव कर पाएंगे। अपने लक्ष्य के बारे में सोचें आजकल जिसे विजुलाइजेशन कहा जाता है, वो आचार्य चाणक्य ने सालों पहले अपनी नीति में बता दिया था। आचार्य कहते हैं कि व्यक्ति का मन हमेशा इसके लक्ष्य पर सधा हुआ होना चाहिए। जिसके आगे अपना लक्ष्य एकदम तय है, वो भविष्य में कभी भटकता नहीं और सफलता भी उसे जरूर मिलती है। इसलिए रात में सोने से पहले कुछ देर अपने लक्ष्य के बारे में सोचें। सोचकर देखें कि आपने अपना लक्ष्य हासिल कर लिया है तो उस वक्त आप कैसा महसूस करेंगे। ये बातें आपको और मेहनत के मोटिवेट करेंगे और आपके ब्रेन को भी सफलता के लिए रिप्रोग्राम करेंगी। सकारात्मक सोच से करें दिन समाप्त रात में सोते हुए कभी भी नेगेटिव विचार अपने मन में ना लाने दें। रात में जब आप कुछ नेगेटिव सोचते हैं, तो चीजें और भी ज्यादा नकारात्मक होने लगती हैं। इसलिए दिन की एंडिंग हमेशा हैप्पी रखें। सोने से पहले कुछ पॉजिटिव सोचें। आपकी लाइफ में जो भी कुछ अच्छा है, उसे याद करें और हर चीज के लिए शुक्रिया की भावना रखें। इस तरह आपको नींद भी अच्छी आएगी और जीवन को ले कर आपका नजरिया भी सकारात्मक होगा।  

सरकार LPG दाम स्थिर रखने के लिए तेल कंपनियों को ₹30000Cr की सब्सिडी देगी

नई दिल्ली केंद्रीय कैबिनेट ने शुक्रवार को एक अहम मीटिंग के दौरान 52,667 करोड़ रुपए के पैकेज को मंजूरी दी. जिसमें LPG, शिक्षा, बुनियादी ढांचा और पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास पर विशेष जोर दिया गया है. इस पैकेज के तहत प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना को मजबूत करने के लिए 12,060 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. इसके अलावा घरेलू रसोई गैस को सस्ता करने के लिए 30,000 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं. शिक्षा क्षेत्र में तकनीकी संस्थानों के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए 4,200 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं.  कैबिनेट मीटिंग में पूर्वोत्तर राज्यों पर विशेष फोकस करते हुए असम और त्रिपुरा के लिए 4,250 करोड़ रुपए का स्पेशल विकास पैकेज स्वीकृत किया गया है.वहीं, दक्षिण भारत में सड़क संपर्क को बेहतर बनाने के लिए मरक्कनम–पुडुचेरी फोर-लेन हाईवे के निर्माण और डेवलपमेंट के लिए 2,157 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. तकनीकी शिक्षा संस्थानों के इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के लिए ₹4,200 करोड़ मंजूर हुए हैं. इससे युवाओं को बेहतर ट्रेनिंग और रोजगार के मौके मिलेंगे. इसके अलावा, असम और त्रिपुरा के लिए ₹4,250 करोड़ का विशेष विकास पैकेज भी स्वीकृत हुआ है. मरक्कानम–पुडुचेरी के बीच 4-लेन हाईवे के लिए ₹2,157 करोड़ मंजूर किए गए हैं. केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया, कैबिनेट की बैठक में 5 अहम फैसले लिए गए हैं। इसके लिए कुल ₹52,667 करोड़ के फंड्स/प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार को कैबिनेट बैठक हुई। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया, कैबिनेट की बैठक में 5 अहम फैसले लिए गए हैं। इसके लिए कुल ₹52,667 करोड़ के फंड्स/प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है। वैष्णव ने बताया कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को 2025-26 में भी सब्सिडी दी जाएगी, जिसके लिए ₹12,060 करोड़ मंजूर किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पीएम उज्ज्वला योजना को समावेशी विकास (सबके लिए विकास) के लिए वैश्विक स्तर पर सराहना मिली है। इसका मकसद लोगों की जिंदगी में बदलाव लाना है। कैबिनेट मीटिंग में पूर्वोत्तर राज्यों पर विशेष फोकस करते हुए असम और त्रिपुरा के लिए 4,250 करोड़ रुपए का स्पेशल विकास पैकेज स्वीकृत किया गया है. वहीं, दक्षिण भारत में सड़क संपर्क को बेहतर बनाने के लिए मरक्कनम–पुडुचेरी फोर-लेन हाईवे के निर्माण और डेवलपमेंट के लिए 2,157 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. बैठक में तीन सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों- इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) को घरेलू एलपीजी बिक्री पर हुए घाटे की भरपाई के लिए 30000 करोड़ के मुआवजे को मंजूरी दी गई.ये मुआवजा पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा इन कंपनियों के बीच वितरित किया जाएगा और इसका भुगतान 12 किश्तों में किया जाएगा. घरेलू एलपीजी सिलेंडर सार्वजनिक क्षेत्र की इन कंपनियों द्वारा उपभोक्ताओं को नियंत्रित कीमतों पर उपलब्ध कराए जाते हैं. वर्ष 2024-25 के दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहीं, लेकिन उपभोक्ताओं पर कीमतों का बोझ नहीं डालने के लिए सरकार ने इन्हें स्थिर रखा. इस वजह से IOCL, BPCL और HPCL को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा. इसके बावजूद इन कंपनियों ने देशभर में घरेलू एलपीजी की आपूर्ति बिना रुकावट जारी रखी. सरकार का मानना है कि ये मुआवजा तेल विपणन कंपनियों को कच्चे तेल और एलपीजी की खरीद, कर्ज अदायगी और पूंजीगत व्यय जैसी आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगा. इससे देशभर के घरों तक सिलेंडर की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित होगी. रेल मंत्री में बताया कि मीटिंग में तय हुआ है कि घरेलू एलपीजी पर घाटे की भरपाई के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को ₹30,000 करोड़ का मुआवजा दिया जाएगा। वहीं, तकनीकी शिक्षा में सुधार के लिए MERITE योजना को ₹4,200 करोड़ की मदद दी जाएगी। इसके अलावा असम और त्रिपुरा के लिए विशेष विकास पैकेज की मौजूदा योजना के तहत 4 नए प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली है, जिन पर कुल ₹4,250 करोड़ खर्च होंगे। वहीं, तमिलनाडु में मरकानम–पुडुचेरी के बीच 46 किमी लंबा चार लेन हाईवे बनाया जाएगा, जिस पर ₹2,157 करोड़ की लागत आएगी। 31 जुलाई- बैठक में 6 अहम फैसले लिए गए इससे पहले 31 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई थी। इसके बाद केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया था, 'मोदी कैबिनेट की बैठक में 6 अहम फैसले लिए गए हैं। इनमें 2 किसानों और फूड सेक्टर से जुड़े हैं। वहीं चार फैसले नॉर्थ-ईस्टर्न सेक्टर में रेलवे नेटवर्क को मजबूत बनाने के लिए हैं। 16 जुलाई- प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना को मंजूरी दी केंद्रीय कैबिनेट ने 16 जुलाई को हुई बैठक में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना को मंजूरी दी है। 1 फरवरी 2025 को बजट के दौरान वत्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस योजना की घोषणा थी। योजना 2025-26 से शुरू होकर अगले 6 साल तक चलेगी। इसके तहत देश के 100 कम कृषि उत्पादन वाले जिलों के किसानों को विशेष सुविधाएं दी जाएंगी। इसमें 1.7 करोड़ किसानों को लाभ देने का लक्ष्य रखा गया है। इसका मकसद इन जिलों में ज्यादा उत्पादन, फसल विविधता, टिकाऊ खेती, आधुनिक भंडारण और हर किसान को किफायती कर्ज देना है। कैबिनेट ने 2 बड़े प्रोजेक्ट्स को भी मंजूरी दी     सरकार ने नेशनल इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड प्रोजेक्ट कॉर्पोरेशन (NIPC) को और ताकत देने के लिए 20,000 करोड़ रुपए का स्पेशल फंड दिया है। इस फंड का इस्तेमाल रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स जैसे सोलर, विंड, ग्रीन हाइड्रोजन में निवेश के लिए किया जाएगा।     नेशनल क्लीन इन्वेस्टमेंट लिमिटेड (NCIL) को क्लीन टेक्नोलॉजी और इनोवेटिव स्टोरेज के लिए 7,000 करोड़ रुपए की नई पूंजी मिलेगी। इससे नई तकनीक, इनोवेटिव एनर्जी स्टोरेज, बैटरी, स्मार्ट ग्रिड में इन्वेस्टमेंट किया जाएगा।

शौर्य फाउंडेशन द्वारा बीएसएफ जवानों को समर्पित “बहनों की राखी सरहद के रखवालों के नाम” समारोह सम्पन्न

भोपाल रक्षाबंधन के पावन अवसर पर शौर्य फाउंडेशन, भोपाल ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) के वीर जवानों को समर्पित एक विशेष कार्यक्रम “बहनों की राखी सरहद के रखवालों के नाम” का आयोजन बीएसएफ, भोपाल परिसर में बड़े उत्साह और गरिमामय वातावरण में किया। यह भावनाओं और देशभक्ति से ओतप्रोत आयोजन सभी के लिए अविस्मरणीय रहा। कार्यक्रम में 50 से अधिक बीएसएफ जवानों ने भाग लिया, जबकि 30 से अधिक बहनों ने इन वीर सपूतों की कलाई पर राखी बांधकर उन्हें मिठाई खिलाई। कार्यक्रम की शुरुआत में शौर्य फाउंडेशन के सचिव अभिषेक खरे ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बीएसएफ की शौर्यगाथाओं, सेना और बीएसएफ के कार्यों में अंतर, तथा वीरतापूर्ण किस्सों पर विस्तार से प्रकाश डाला। साथ ही, सीमा पर तैनात जवानों के त्याग, समर्पण और अनुशासन से जुड़े प्रेरक प्रसंग भी साझा किए, जिससे उपस्थित जनसमूह गर्व और भावुकता से भर गया। इसके पश्चात निनाद म्यूजिकल एवं सांस्कृतिक विकास समिति की प्रमुख गायिका अर्चना खरे और उनके समूह के कलाकारों ने देशभक्ति गीतों की मधुर प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम में बीएसएफ जवानों ने भी अपने सुरीले स्वर में गीत प्रस्तुत कर माहौल को और अधिक उत्साहपूर्ण बना दिया। पूरे वातावरण में देशप्रेम और जोश की गूंज छा गई। कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण वह था जब बहनों ने बीएसएफ जवानों की कलाई पर राखी बांधी और मिठाई खिलाकर अपने स्नेह व सम्मान को व्यक्त किया। यह दृश्य सभी के हृदय को गहराई से स्पर्श कर गया। बीएसएफ के कमांडेंट श्री प्रभात चतुर्वेदी ने अपने संबोधन में बीएसएफ के कार्यों, उनकी कार्यप्रणाली और “ऑपरेशन सिंदूर” में उनकी अहम भागीदारी का विस्तारपूर्वक वर्णन किया। उन्होंने जवानों की वीरता, अनुशासन और बलिदान की प्रेरक कहानियां सुनाकर सभी के मन में गर्व और सम्मान की भावना को और प्रगाढ़ कर दिया। शौर्य फाउंडेशन के अध्यक्ष अंशुमन खरे ने कहा कि यह आयोजन बहनों और सरहद के जवानों के बीच अटूट रिश्ते और गहरे भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक है। इस अवसर पर सैय्यद नसर, ललित खरे सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे और कार्यक्रम की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। कार्यक्रम के प्रायोजक रहे — तन-मन डिटर्जेंट, मानसरोवर ग्लोबल यूनिवर्सिटी, LNCT यूनिवर्सिटी और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया। रक्षाबंधन के इस अवसर पर शौर्य फाउंडेशन ने यह संदेश दिया कि देश की रक्षा करने वाले जवान केवल सीमाओं के प्रहरी ही नहीं, बल्कि हर बहन के सच्चे और निस्वार्थ भाई भी हैं।

बिलासपुर में दर्दनाक मामला: नगर निगम ले गई गाय, पेट में मिली 40 किलो पन्नी से मौत

बिलासपुर नगर निगम की कथित लापरवाही के चलते रुद्र विहार निवासी मनीष कुमार सिंह की एक गाय की मौत हो गई। गाय के शव का जब पोस्टमार्टम किया गया तो उसके पेट से 40 किलो पन्नी निकला, मवेशी मालिक का आरोप है कि नगर निगम के गोठान में मवेशियों को चारा नहीं दिया जा रहा, बल्कि कचरे में ही उन्हें छोड़ दिया जा रहा है। पीड़ित ने निश्पक्ष जांच की मांग की हैं। रूद्ध विहार निवासी मनीष कुमार सिंह ने बताया कि उन्होंने एसबीआई व्यापार विहार शाखा से 1 लाख 40 हजार रुपए का लोन लेकर दो गायें खरीदी थीं। कुछ समय पहले रवि रेसिडेंसी स्थित उनके प्लांट में बने शेड में बंधी गाय को नगर निगम के कर्मचारी पड़ोसियों की शिकायत पर ले गए और शेड को तोड़ दिया। उन्होंने बताया कि वे 22 दिनों तक गायों को छुड़ाने के लिए जोन-7 कार्यालय और मोपका चौकी के चक्कर लगाए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। आखिरकार 22वें दिन उन्हें मोपका थाने से पाटले नामक एक अधिकारी का फोन आया और बताया गया कि उनकी एक गाय की मृत्यु हो चुकी है, पहचान के लिए गोठान पहुंचें। मनीष जब वहां पहुंचे, तो उन्हें एक मृत गाय सौंपी गई, जबकि दूसरी गाय अब भी निगम के पास है। इस पूरे मामले में मनीष का आरोप है कि उन्हें गाय छोड़ने का झांसा देकर 22 दिन तक दौड़ाया गया और जब वे जवाब मांगने जोन कार्यालय पहुंचे तो वहां बैठे एक शास्त्री नामक व्यक्ति (जिनका पूरा नाम या पद ज्ञात नहीं) ने उन्हें रूपए और चेक में राशि देकर समझौता करने का प्रलोभन भी दिया। पीड़ित ने कलेक्टर संजय अग्रवाल से मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। कार्रवाई के नाम पर हो रही गायों की हत्या पीड़ित मनीष कुमार सिंह ने नगर निगम व गौठान प्रबंधन पर आरोप लगाया कि उनकी गाय की मौत उचित भोजन न मिलने की वजह से हुई है। गोठान में निगम कार्रवाई के नाम पर मवेशियों को ले जाती है। उनके खाने व पीने की वहां पर कोई व्यवस्था नहीं है। उन्होंने बताया कि नगर निगम के कर्मचारी गायों को कार्रवाई के नाम के लिए पकड़ते हैं। उचित भोजन न मिलने के आभाव में मवेशियों की मौत हो रही है। मनीष सिंह ने गाय की मौत के लिए जोन कमिश्नर सहित निगम के संबंधित अधिकारियों और गोठान कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराया है। गलती छुपाने के लिए किया एफआईआर मनीष सिंह का कहना है कि उनकी गायों को निजी जमीन पर बांधा गया था, तो उन्हें जब्त करने का क्या अधिकार था। अगर वे मवेशी सड़क पर छोड़ते तो समझ में आता। उन्होंने यह भी कहा कि नगर निगम के कर्मचारी अपनी गलती छुपाने के लिए उन पर जबिरया एफआईआर की कार्रवाई करवा दी। पीड़ित ने थाने व निगम में कहा कि चलान कोर्ट में पेश कर दे वे कोर्ट में जवाब देकर मवेशी छुड़ा लेंगे। लेकिन जब तक उनकी एक मवेशी की मौत हो गई, वहीं दूसरा अब भी निगम के कब्जे में है।

‘काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी महोत्सव महान क्रान्तिकारियों के स्मरण का एक महान दिवस, यह वर्तमान पीढ़ी के लिए एक नई प्रेरणा : मुख्यमंत्री

‘काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी महोत्सव का समापन समारोह एवं वीरों को नमन’ कार्यक्रम मुख्यमंत्री ने काकोरी शहीद स्मारक में स्थित शहीदों की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया ‘काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी महोत्सव महान क्रान्तिकारियों के स्मरण का एक महान दिवस, यह वर्तमान पीढ़ी के लिए एक नई प्रेरणा : मुख्यमंत्री 09 अगस्त, 1925 को महान क्रान्तिकारियों ने ब्रिटिश हुकूमत के खजाने को अपने कब्जे में लेकर क्रान्तिकारी गतिविधियों को आगे बढ़ाया महान क्रान्तिकारियों ने देश को ब्रिटिश हुकूमत से मुक्त कराने के लिए स्वयं को बलिदान किया, उनके जज्बे का ही परिणाम था कि देश वर्ष 1947 में आजाद हो गया ़ भारत के बहादुर जवानों ने ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से दुश्मन देश द्वारा भारत पर थोपे गए युद्ध का जवाब पूरी तत्परता से दिया प्रधानमंत्री जी ने हर भारतवासी से 13 से 15 अगस्त तक ‘हर घर तिरंगा’ अभियान से जुड़ने का आह्वान किया स्वदेशी हमारे जीवन का ध्येय और मंत्र बननी चाहिए, आजादी का यही संदेश कि हम जिएं तो स्वदेशी के लिए और मरें तो अपने देश के लिए  भले ही तात्कालिक रूप से कुछ महंगा हो, लेकिन हम स्वदेशी उपहार ही खरीदें  अमर क्रान्तिकारियों के प्रति सम्मान का भाव व्यक्त करते हुए सरकार ‘काकोरी ब्राण्ड’ का आम पूरी दुनिया में पहुंचा रही   प्रधानमंत्री जी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाए जाने के संकल्प को सफल बनाना ही अपने क्रान्तिकारियों के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि : उपमुख्यमंत्री  मुख्यमंत्री ने पुस्तक ‘काकोरी ट्रेन एक्शन-साहस, बलिदान एवं आजादी की कहानी’ का विमोचन तथा ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण किया  लखनऊ      मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि आज काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी महोत्सव का समापन कार्यक्रम है। आज से 100 वर्ष पहले 09 अगस्त, 1925 को काकोरी ट्रेन एक्शन के माध्यम से उस समय के महान क्रान्तिकारियों ने भारत की जनता के खून-पसीने की कमाई को इंग्लैंड ले जाने का कुत्सित प्रयास करने वाली ब्रिटिश हुकूमत के खजाने को अपने कब्जे में लेकर क्रान्तिकारी गतिविधियों को आगे बढ़ाया था।     मुख्यमंत्री जी आज यहां काकोरी शहीद स्मारक, लखनऊ में ‘काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी महोत्सव के समापन समारोह एवं वीरों को नमन’ कार्यक्रम के अवसर पर अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने काकोरी शहीद स्मारक में स्थित शहीदों की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री जी ने पुस्तक ‘काकोरी ट्रेन एक्शन-साहस, बलिदान एवं आजादी की कहानी’ का विमोचन भी किया।      मुख्यमंत्री जी ने उत्तर प्रदेश राज्य अभिलेखागार, उत्तर प्रदेश राज्य ललित कला अकादमी एवं सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा लगाई गयी काकोरी ट्रेन एक्शन पर आधारित चित्र एवं अभिलेख प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने शहीद स्मारक प्रांगण में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण किया। मुख्यमंत्री जी ने फोटो बूथ पर सेल्फी ली तथा बालिकाओं से राखी बंधवाई। समारोह में संस्कृति विभाग के तत्वावधान में 100 कलाकारों द्वारा ‘काकोरी की अमर गाथा’ नाट्य एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति की गयी। इस अवसर पर काकोरी ट्रेन एक्शन पर आधारित लघु फिल्म प्रदर्शित की गयी।       मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इस पूरे अभियान को नेतृत्व प्रदान करने वाले पं0 राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां, ठा0 रोशन सिंह, चन्द्रशेखर आजाद, राजेन्द्र नाथ लाहिड़ी सहित क्रान्तिकारियों की एक लम्बी श्रृंखला थी, जिन्हें ब्रिटिश हुकूमत ने अलग-अलग जेलों में बन्द करके, बिना सुनवाई का अवसर दिये ही फांसी के फंदे पर पहुंचाने का काम किया था। पं0 राम प्रसाद बिस्मिल को गोरखपुर जेल में फांसी दी गई। इसी प्रकार अन्य क्रान्तिकारियों को गोण्डा, फैजाबाद और नैनी जेल में फांसी दी गई। चन्द्रशेखर आजाद ब्रिटिश हुकूमत के हाथ नहीं पड़े, बल्कि उन्होंने मुकाबला करते हुए स्वयं वीरगति प्राप्त की। आज का यह शताब्दी महोत्सव उन महान क्रान्तिकारियों के स्मरण का एक महान दिवस है। यह वर्तमान पीढ़ी के लिए एक नई प्रेरणा भी है।          मुख्यमंत्री जी ने कहा कि क्रान्तिकारियों ने ब्रिटिश हुकूमत के मात्र 4,600 रुपए के खजाने को अपने कब्जे में लिया था, जबकि इन क्रान्तिकारियों को पकड़ने और बिना सुनवाई उन्हें फांसी देने के लिए ब्रिटिश हुकूमत ने 10 लाख रुपये से अधिक की धनराशि खर्च की थी। आज से 100 वर्ष पहले देश की आजादी के लिए बलिदान देने वाले क्रान्तिकारियों का स्मरण करने और उनके प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने के लिए हर भारतवासी को प्राणप्रण से जुटना चाहिए। आज का यह समारोह इसी संकल्प को आगे बढ़ाने वाला है।      मुख्यमंत्री जी ने कहा कि महान क्रान्तिकारियों ने देश को ब्रिटिश हुकूमत से मुक्त कराने के लिए स्वयं की परवाह किए बगैर राष्ट्रभक्ति के भाव से अपने आप को बलिदान किया। आजादी के लिए हर कीमत चुकाने के उनके जज्बे का ही परिणाम था कि यह देश वर्ष 1947 में आजाद हो गया। हमारा यह संकल्प होना चाहिए कि राष्ट्रभक्ति का यह ज्वार जन-जन के हृदय में प्रतिष्ठित हो। इसके लिए एकता और गर्व के प्रतीक तिरंगे को हर घर तक पहुंचाना है।      भारत की आन, बान और शान का प्रतीक तिरंगा झण्डा हमारा राष्ट्रीय प्रतीक है। हर घर तिरंगा फहराकर हमें उन महान स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करना है, जिनके बलिदान से हमारा देश आज स्वतन्त्र है तथा भारत की एकता और अखण्डता सुनिश्चित हुई है। जब हम इस संकल्प से कार्य करेंगे, तो जिन महान उद्देश्यों के लिए क्रान्तिकारियों ने अपने आप को बलिदान किया था, वह महान उद्देश्य आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के विकसित भारत के विजन के रूप में स्वतःस्फूर्त भाव से आगे बढ़ेगा।     मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हर भारतवासी ने भारत की सेना के शौर्य और पराक्रम का सदैव सम्मान किया है। हाल ही में भारत के बहादुर जवानों ने ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से दुश्मन देश द्वारा भारत पर थोपे गए युद्ध का जवाब पूरी तत्परता से दिया। पूरी दुनिया ने भारत के शौर्य और सामर्थ्य का लोहा एक बार फिर से माना है। अपने सैनिकों के प्रति सम्मान का भाव रखते हुए प्रधानमंत्री जी ने हर भारतवासी से आह्वान … Read more

जहां से वोट चोरी का दावा, वहीं कांग्रेस की जीत पर केंद्रीय मंत्री ने उठाए सवाल

नई दिल्ली  राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर वोट चोरी का गंभीर आरोप लगाया है। इसको लेकर केंद्र सरकार उन पर हमलावर है। इसी कड़ी में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने राहुल गांधी पर तंज किया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी कहते हैं कि वोट चोरी हुए हैं। लेकिन विडंबना यह है कि राहुल गांधी ने जिन जगहों पर वोट बढ़ने की कही है कांग्रेस वहीं पर ज्यादा सीटें जीती है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा में नेता विपक्ष चुनाव आयोग को लेकर गलत सूचना फैला रहे हैं और संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बना रहे हैं। राहुल गांधी के दावों पर सवाल गौरतलब है कि एक दिन पहले ही राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि कर्नाटक के महादेवपुरा में बड़ी संख्या में वोटों में हेर-फेर हुई है। राहुल गांधी के मुताबिक यह सबकुछ भाजपा को जिताने के लिए किया गया। भूपेंद्र यादव ने राहुल गांधी के दावों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का दावा है कि महाराष्ट्र में 1 करोड़ वोटर बढ़े। वहीं, चुनाव आयोग के मुताबिक केवल 40 लाख वोटर बढ़े। यह राहुल गांधी के दावे से 60 फीसदी कम है। ऐसी होती है नेता विपक्ष की भाषा? भूपेंद्र यादव ने आगे कुछ और बातों की तरफ इशारा किया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में कांग्रेस अधिकतर उन्हीं सीटों पर जीती है, जहां पर वोट बढ़ने की बात कर रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पिछले कई दिनों से राहुल गांधी एटम बम छोड़ने की बात कर रहे हैं। वह चुनाव आयोग कर्मचारियों के खिलाफ अशालीन भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। वह कह रहे हैं कि अगर हम सत्ता में आए तो चुनाव आयोग कर्मचारियों को सजा मिलेगी। क्या नेता विपक्ष सरकारी कर्मचारियों के लिए ऐसी भाषा इस्तेमाल कर सकते हैं? क्या था राहुल गांधी का आरोप गौरतलब है कि गुरुवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाए थे। राहुल गांधी ने 2024 के लोकसभा चुनाव के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि कर्नाटक के एक विधानसभा क्षेत्र में पांच तरह की हेराफेरी के जरिए एक लाख से अधिक वोट चुराए गए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ‘वोट चोरी’ हमारे लोकतंत्र पर एक ‘एटम बम’ की तरह है। गांधी ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उनकी पार्टी ने 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए बेंगलुरु मध्य लोकसभा सीट के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र के मतदाता आंकड़ों का विश्लेषण किया है।  

अल-अक्सा मस्जिद के मुफ्ती पर इजरायल का बैन, गाजा को लेकर की गई थी मुखर बात

तेल अवीव इजरायल ने अल-अक्सा मस्जिद परिसर के ग्रैंड मुफ्ती शेख मोहम्मद हुसैन की एंट्री पर ही पाबंदी लगा दी है। वे मस्जिद परिसर में नहीं घुस सकते। गाजा को लेकर उन्होंने एक तकरीर दी थी, जिसमें इजरायल की नीतियों की आलोचना की थी। इसी के चलते इजरायल ने उनके ऊपर पाबंदी लगाई है। शेख हुसैन के वकील का कहना है कि पहले 8 दिन की पाबंदी उन पर लगाई गई थी। इसके बाद मुफ्ती पर पाबंदी की मियाद 6 महीनों के लिए और बढ़ा दी गई है। जुलाई के आखिरी में जुमे के मौके पर नमाज अदा किए जाने के बाद शेख मोहम्मद हुसैन ने एक तकरीर की थी। इसमें उन्होंने इजरायल की उस नीति का विरोध किया था, जिसके तहत गाजा में जरूरी चीजों, भोजन और दवा की सप्लाई नहीं हो पा रही थी। इसके चलते 20 लाख फिलिस्तीनियों के आगे भुखमरी तक का संकट पैदा हो गया था। अब इसी मामले में खबर के अनुसार इजरायल ने ऐक्शन लिया है। इजरायली अथॉरिटीज ने मुफ्ती को 27 जुलाई को समन जारी किया था। उन्हें कहा गया था कि वे अगले 8 दिनों तक यहां ना आएं। इस दौरान मस्जिद में कुछ काम भी हो सकता है। बुधवार को 8 दिन की लिमिट खत्म हुई तो अब इसे 6 महीने के लिए और बढ़ा दिया गया है। फिलिस्तीन ने इजरायल सरकार के इस फैसले की निंदा की है। फिलिस्तीन का कहना है कि इजरायल की तरफ से लगाया गया यह बैन अल-अक्सा मस्जिद पर नियंत्रण का प्रयास है। फिलिस्तीनी अथॉरिटी ने कहा कि इस तरह से अल-अक्सा मस्जिद से जुड़ी मजहबी अथॉरिटीज को किनारे लगाने की तैयारी हो रही है, जो इजरायल की नीतियों का विरोध करती रहती है। बता दें अल-अक्सा मस्जिद को लेकर सदियों से विवाद रहा है। इसके एक हिस्से पर इस्लाम के लोगों का दावा है तो वहीं यहूदी भी इसे पवित्र स्थल मानते हैं और एक हिस्से माउंट टेंपल कहते हैं।  

कांवड़ यात्रा में भारी भीड़, भोपाल रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का विशेष इंतजाम, चलाई स्पेशल ट्रेन

भोपाल  गुरुवार को कुबेरेश्वर धाम कावड़ यात्रा से लौट रहे श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या के चलते भोपाल रेलवे स्टेशन पर आम दिनों की तुलना में चार गुना अधिक यात्रियों की भीड़ देखने को मिली। स्टेशन के सभी प्लेटफॉर्म, वेटिंग रूम और टिकट काउंटर यात्रियों से भरे नजर आए। ऐसी स्थिति में भोपाल रेल मंडल के अधिकारियों ने तत्काल एक्शन लेते हुए भीड़ को नियंत्रित करने के लिए चौकस व्यवस्था की। गुरुवार को करीब दो से ढाई लाख यात्री भोपाल पहुंचे रेलवे अधिकारियों के अनुसार बुधवार दोपहर से गुरुवार शाम तक करीब दो से ढाई लाख यात्री भोपाल पहुंचे। यात्रियों की इस अप्रत्याशित भीड़ को सुरक्षित ट्रेनों में बैठाने और स्टेशन से बाहर निकालने की प्रक्रिया को सुचारु बनाए रखने के लिए रेलवे प्रशासन ने दिन-रात एक कर दिया। एडीआरएम अभिराम खरे और वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त डॉ. अभिषेक के नेतृत्व में एक विशेष टीम स्टेशन पहुंची। टीम ने स्टेशन पर मौजूद सीसीटीवी कंट्रोल रूम से निगरानी करते हुए अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए और स्टेशन की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी। स्पेशल ट्रेन और अतिरिक्त स्टाफ की तैनाती भोपाल से झांसी तक श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एक स्पेशल ट्रेन चलाई गई। इसके अलावा 25 अतिरिक्त टीटीई की ड्यूटी स्टेशन पर लगाई गई। सुरक्षा के मद्देनजर आरपीएफ के अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई, जिसमें कुछ जवानों को निशातपुरा से बुलाया गया। स्टेशन के हर कोने में श्रद्धालुओं की मौजूदगी दिखाई दी। भीड़ को नियंत्रित करने और व्यवस्था बनाए रखने में आरपीएफ के जवानों ने प्रमुख भूमिका निभाई। यात्रियों की संख्या को देखते हुए स्टेशन परिसर में विशेष सतर्कता बरती गई।

सनातनी भाई को राखी बांधने की सलाह, भोपाल संस्कृति बचाओ मंच ने दी सख्त अपील

भोपाल  राजधानी भोपाल में संस्कृति बचाओ मंच रक्षाबंधन से पहले शुक्रवार को अभियान चलाकर राखी की दुकानों पर पहुंचने वाली महिलाओं और युवतियों से अपील की है कि राखी केवल सनातन धर्म के अनुयायी भाइयों को ही बांधें, ताकि किसी प्रकार की आपराधिक या जिहादी घटना की आशंका से बचा जा सके। मंच के पदाधिकारियों ने इस दौरान सनातनी संस्कृति के प्रति जागरूक किया। इस दौरान महिलाओं को   कहा गया कि सनातनी भाइयों की कलाई पर ही राखी बांधने से पवित्रता भी बनी रहेगी और सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। दिल्ली की घटना से सतर्क रहने की जरूरत  संस्कृति बचाओ मंच के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि दिल्ली की एक घटना में एक युवती ने मुस्लिम युवक को राखी बांधी, जिसे उसने भाई माना, लेकिन बाद में उसी युवक ने उसकी हत्या कर दी। ऐसी घटनाएं यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि हमें रक्षाबंधन जैसे पवित्र पर्व पर भी सतर्क रहने की आवश्यकता है। आपका अब्दुल भी वैसा ही निकलेगा जैसा दूसरों का इस दैरान तिवारी ने कहा कि महिलाएं और बहनें राखी वहीं से खरीदें जहां सनातन धर्म के प्रतीक मौजूद हों, जैसे दुकान पर भगवान की फोटो लगी हो या दुकानदार ने तिलक लगाया हो। चंद्रशेखर तिवारी ने कहा आपका अब्दुल भी वैसा ही निकलेगा जैसा दूसरों का निकला है, इसलिए केवल सनातनी भाइयों की कलाई पर ही रक्षा सूत्र बांधें। मुस्लिम युवक को भाई बनाकर राखी बांधने से जान का खतरा तिवारी ने महिलाओं को आगाह किया कि किसी मुस्लिम युवक को भाई बनाकर राखी बांधने से जान का खतरा हो सकता है। उन्होंने दिल्ली की उस घटना का उल्लेख किया जिसमें एक युवती ने मुस्लिम युवक को राखी बांधी थी और बाद में उसी युवक ने उसे छह मंजिला इमारत से नीचे फेंक कर हत्या कर दी थी।  चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि लव जिहाद की घटनाएं देशभर में तेजी से बढ़ रही हैं, जहां कुछ लोग हिंदू नाम रखकर लड़कियों को फंसा रहे हैं और फिर उनके साथ गंभीर अपराध कर रहे हैं। ऐसे में रक्षाबंधन के दिन किसी अब्दुल को भाई बना लेना आपके जीवन के लिए खतरा हो सकता है।  

2000 रुपए जुर्माना मजाक, रील्स विवाद पर हाई कोर्ट ने मुख्य सचिव से तलब की रिपोर्ट

बिलासपुर  छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने हाल ही में वायरल हुई तीन घटनाओं पर सख्त रुख अपनाते हुए छत्तीसगढ़ सरकार के मुख्य सचिव से विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब की है। मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा और न्यायमूर्ति बी. डी. गुरु की युगलपीठ ने इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए गुरुवार को हुई सुनवाई में पूछा कि इन तीनों मामलों में अब तक क्या कार्रवाई की गई है। कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में हल्की कार्रवाई से कानून व्यवस्था पर गलत असर पड़ता है और यह समाज के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। कोर्ट ने की सख्त टिप्पणी हाई कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा कि, सड़कें किसी की निजी संपत्ति नहीं हैं। इस तरह की हरकतें न सिर्फ इन युवाओं की बल्कि आम नागरिकों की जान के लिए खतरा हैं। पुलिस की ढुलमुल कार्रवाई ऐसे अमीरजादों को कानून से ऊपर मानने की छूट देती है। 2000 रुपये का जुर्माना कोई सजा नहीं, यह तो एक मजाक है। कोर्ट ने आगे कहा कि, जब कानून का भय खत्म हो जाता है और पुलिस सिर्फ जुर्माने से काम चलाती है, तो राज्य में अराजकता फैलने का खतरा रहता है। यह अदालत इसे सहन नहीं करेगी। संतोषजनक रिपोर्ट नहीं होने पर होगी अधिकारियों पर कार्रवाई इस मामले में पहले ही हाई कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सरकार के मुख्य सचिव को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया था, जो गुरुवार को पेश किया गया। अब पूछा है कि एफआइआर दर्ज होने के बाद जांच में क्या-क्या सामने आया और क्या कदम उठाए गए। ये हैं तीनों मामले राष्ट्रीय राजमार्ग पर रील बनाने का मामला 20 जुलाई 2025 को रील्स बनाने नेशनल हाईवे किया जाम शीर्षक से प्रकाशित खबर में सामने आया था कि छह लग्जरी कार सवार युवक रतनपुर के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्टंट कर रहे थे। इस वजह से राष्ट्रीय राजमार्ग पर लंबा जाम लग गया। बाद में इन युवकों में से एक वेदांत शर्मा ने यह वीडियो अपनी इंस्टाग्राम आइडी पर पोस्ट कर दिया, जो तेजी से वायरल हुआ। पुलिस ने पहले तो केवल दो-दो हजार रुपये का जुर्माना लगाकर मामला रफा-दफा करने की कोशिश की, लेकिन मामला अदालत तक पहुंचा, तब एफआइआर दर्ज की गई। कार का सनरूफ खोलकर सेल्फी रायपुर के रिवर व्यू क्षेत्र का है, जहां युवक चलती कार के सनरूफ से बाहर निकलकर सेल्फी और वीडियो बनाते नजर आए। यह दृश्य भी इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुआ। कोर्ट ने इस पर भी नाराजगी जताते हुए पूछा कि इस गैरजिम्मेदाराना हरकत पर पुलिस ने क्या कदम उठाए हैं। बीच सड़क पर अभिनेता का जन्मदिन तीसरे मामले में एक स्थानीय व्यक्ति द्वारा एक अभिनेता का जन्मदिन मनाने सड़क के बीचों-बीच दोस्तों के साथ केक काटा और डीजे की तेज आवाज में डांस किया। यह भीड़भाड़ वाला इलाका था और कई मिनटों तक यातायात बाधित रहा। यह पूरा वाकया भी इंटरनेट मीडिया पर ट्रेंड करता रहा।