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त्योहारी सीजन में रेल यात्रियों को राहत, दुर्गा पूजा से छठ तक चलेंगी स्पेशल ट्रेनें

झाँसी  रेल प्रशासन द्वारा सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि रेलवे द्वारा दुर्गा पूजा, दीपावली एवं छठ पूजा के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। इन विशेष ट्रेनों में झाँसी मंडल के प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव दिया गया है। यात्रियों की सुविधा के लिए संबंधित विवरण निम्नानुसार है। 1. गाड़ी संख्या 01703/01704 जबलपुर–हरिद्वार–जबलपुर साप्ताहिक विशेष ट्रेन यह विशेष ट्रेन जबलपुर से प्रत्येक गुरुवार तथा हरिद्वार से प्रत्येक शुक्रवार चलेगी। संचालन अवधि: 01703 जबलपुर से 22 अक्टूबर 2026 से 19 नवम्बर 2026 तक 5 फेरे तथा 01704 हरिद्वार से 23 अक्टूबर 2026 से 20 नवम्बर 2026 तक 5 फेरे। 2. गाड़ी संख्या 01707/01708 जबलपुर–नई दिल्ली/हज़रत निजामुद्दीन–जबलपुर साप्ताहिक विशेष ट्रेन यह विशेष ट्रेन जबलपुर से प्रत्येक शनिवार तथा हज़रत निजामुद्दीन से प्रत्येक रविवार चलेगी। संचालन अवधि: 01707 जबलपुर से 17 अक्टूबर 2026 से 14 नवम्बर 2026 तक 5 फेरे तथा 01708 हज़रत निजामुद्दीन से 18 अक्टूबर 2026 से 15 नवम्बर 2026 तक 5 फेरे। यात्रियों के लिए अपील: यात्रा से पहले अपनी गाड़ी, तिथि एवं समय की पुष्टि कर लें तथा निर्धारित समय से पर्याप्त पहले स्टेशन पहुँचें। ट्रेन संख्या 01703/01704 – जबलपुर–हरिद्वार विशेष ट्रेन स्टेशन    01703 जबलपुर–हरिद्वार    01704 हरिद्वार–जबलपुर     आगमन    प्रस्थान    आगमन    प्रस्थान जबलपुर    17.10    15.30    16.20    — कटनी मुरवारा    17.17    17.15    14.20    14.30 दमोह    18.40    18.42    12.20    12.22 सागर    19.50    19.55    11.15    11.20 बीना मालखेड़ी    21.00    21.02    10.00    10.02 अगासोद    —    21.45    —    08.30 वीरांगना लक्ष्मीबाई झाँसी    00.05    00.10    05.55    06.00 ग्वालियर जंक्शन    02.15    02.20    04.20    04.25 आगरा कैंट    04.20    04.25    01.40    01.45 मितावली    —    05.40    —    00.30 अलीगढ़ जंक्शन    07.03    07.05    23.15    23.17 खुर्जा जंक्शन    08.00    08.02    22.05    22.07 हापुड़    09.30    09.35    20.10    20.15 मेरठ सिटी    10.30    10.35    19.30    19.35 टपरी    —    12.10    —    17.15 रुड़की    13.15    13.17    16.20    16.22 हरिद्वार    14.20    —    —    15.10 ट्रेन संख्या 01707/01708 – जबलपुर–नई दिल्ली साप्ताहिक विशेष ट्रेन स्टेशन    01707 जबलपुर–नई दिल्ली    01708 नई दिल्ली–जबलपुर     आगमन    प्रस्थान    आगमन    प्रस्थान जबलपुर    —    20.20    09.30    — कटनी मुरवारा    21.35    21.40    06.10    06.15 दमोह    22.55    22.57    04.40    04.42 सागर    00.15    00.20    03.30    03.35 अगासोद    —    03.00    —    02.30 वीरांगना लक्ष्मीबाई झाँसी    05.55    06.00    00.05    00.10 ग्वालियर जंक्शन    07.30    07.35    22.40    22.45 धौलपुर जंक्शन    08.50    08.52    21.45    21.47 आगरा कैंट    09.35    09.40    20.30    20.35 मथुरा जंक्शन    10.35    10.40    19.35    19.40 कोसी कलां    11.10    11.12    17.15    17.17 पलवल    —    13.20    —    16.42 नई दिल्ली    14.25    —    —    15.45 यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण अपील पटाखे साथ न लाएँ — सुरक्षित यात्रा अपनाएँ। ज्वलनशील वस्तुओं से दूरी रखें — स्वयं और दूसरों की सुरक्षा करें। कम सामान, सुखद सफर — आवश्यक सामान के साथ ही यात्रा करें  

रेल कर्मचारियों के लिए मल्टीस्टोरी आवास का प्लान, 2BHK-3BHK फ्लैट के साथ लिफ्ट-पार्किंग और पावर बैकअप

नई दिल्ली रेलवे में काम करनेवाले लाखों कर्मचारियों के लिए अच्‍छी खबर है. खासकर उन रेलकर्मियों के लिए, जो रेलवे के बेहद पुराने मकानों में रह रहे हैं. जिन रेलवे कॉलोनी में मकान 50 साल पुराने हो गए हैं या असुरक्षित घोषित किए जा चुके हैं, उन कॉलोनी का कायाकल्‍प होने वाला है। दरअसल, रेलवे बोर्ड की योजना, 50 साल से ज्‍यादा पुराने और असुरक्षित रेलवे क्‍वार्टर्स को हटाकर आधुनिक बहुमंजिला इमारतें तैयार करने की है. जमीन का बेहतर इस्‍तेमाल करते हुए G-4 यानी 4 मंजिली या उससे ज्‍यादा ऊंची इमारतें बनाई जाएंगी और इन भवनों में रेलकर्मियों को रहने के लिए पहले की तुलना में ज्यादा बड़े कमरों वाले फ्लैट मिलेंगे।  दरअसल, इस संबंध में रेलवे बोर्ड का निर्देश पत्र फिर से चर्चा में है, जिसमें पुराने जर्जर मकानों को चरणबद्ध तरीके से ध्‍वस्‍त करने और उनकी जगह बहुमंजिला बिल्डिंग बनवाने के संबंध में सभी जोनल रेलवे, मैन्‍युफैक्‍चरिंग यूनिट्स और केंद्रीय संगठनों को निर्देश दिए गए थे। रेलवे बोर्ड के सूत्र ने बताया कि पूर्व में ही सभी जोन को ऐसा एक पत्र जारी किया गया था. इस पत्र में असुरक्षित रेलवे कॉलोनियों की प्राथमिकता सूची तैयार कर वर्क-प्‍लान भेजने को कहा गया है. कुछ जगहों पर काम प्रगति में होने की भी खबरें हैं।  बड़े फ्लैट, लिफ्ट, पार्किंग, पावर बैकअप भी रेलवे बोर्ड का प्‍लान जमीन पर उतारा गया तो रेलकर्मियों को पुराने ढर्रे वाली कॉलोनी के जर्जर मकानों में नहीं, बल्कि 4-5 या ज्‍यादा मंजिल वाली बिल्डिंग में बड़े कमरों वाले फ्लैट मिलेंगे. जिन रेलकर्मियों को ऊंची बिल्डिंग में फ्लैट मिलेंगे, उन्‍हें बिल्डिंग में लिफ्ट की भी सुविधा मिलेगी। . संभव हो तो बिजली के लिए छतों पर सोलर एनर्जी प्‍लांट भी इंस्‍टॉल किए जाएंगे, ताकि पावर-कट होने पर भी बिजली मिलती रहे. यही नहीं, फ्लैट में आधुनिक रसोई की फिटिंग और वाहनों के लिए अलग पार्किंग की व्‍यवस्‍था देने का भी प्‍लान है।       ऊंची बिल्डिंग्‍स बनने पर टाइप-2 और टाइप-3 रेलवे क्वार्टरों का कवर्ड एरिया बढ़ जाएगा।      कम जगह होने के बावजूद ज्‍यादा से ज्‍यादा रेलकर्मियों को सुरक्षित आवास मुहैया कराया जा सकेगा।      रेलकर्मियों को 2BHK और 3BHK वाले आवास के स्‍टैंडर्ड  के मुताबिक डेवलप किया जाएगा।      कर्मचारियों को पुराने और छोटे कमरों की बजाय पहले से ज्‍यादा जगह वाले आधुनिक आवास मिलेंगे।      कोई बिल्डिंग अगर तीन से ज्‍यादा मंजिल वाली हुई तो उनमें लिफ्ट की व्यवस्था रहेगी ही रहेगी।       छत पर सोलर एनर्जी सिस्‍टम, मॉड्युलर किचन फिटिंग और बिल्डिंग के नीचे अलग पार्किंग की व्यवस्था रहेगी।   रेलवे बोर्ड के निर्देशों के अनुसार इन रेलकर्मियों के लिए आवासीय बिल्डिंग के पुनर्निर्माण प्रोजेक्‍ट के लिए पैसे वर्क्स प्रोग्राम के प्लान हेड-51 यानी कर्मचारी सुविधाओं के तहत उपलब्ध कराई जाएगी. बताया ये भी जा रहा है कि जहां भी संभावना बनेगी, इन परियोजनाओं को स्टेशन पुनर्विकास और अमृत भारत योजना से भी जोड़ा जा सकेगा। 

19 सितंबर से रेलवे रूट पर बड़ा असर, 42 ट्रेनें रहेंगी कैंसिल; 25 के बदले जाएंगे रास्ते

पुणे पुणे से ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों के लिए जरूरी खबर है. सेंट्रल रेलवे 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक पुणे इलाके में बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर ब्लॉक लेने जा रहा है. इस दौरान 42 ट्रेनें रद्द रहेंगी, 25 ट्रेनों का रूट बदला जाएगा, जबकि कई ट्रेनों को बीच के स्टेशनों से शुरू या खत्म किया जाएगा. इसका असर लंबी दूरी की ट्रेनों के साथ पुणे की लोकल और डीईएमयू सेवाओं पर भी पड़ेगा।  रेलवे के मुताबिक, हडपसर और घोरपड़ी के बीच तीसरी रेल लाइन को चालू करने के लिए यह मेगा ब्लॉक लिया जा रहा है. इस दौरान पुणे और हडपसर यार्ड में इंजीनियरिंग, सिग्नलिंग, टेलीकम्युनिकेशन और ओवरहेड इक्विपमेंट से जुड़े काम किए जाएंगे। काम के चलते कुछ रेल लाइनें उपलब्ध नहीं रहेंगी, इसलिए कई ट्रेनों को रद्द, डायवर्ट या रीशेड्यूल किया जाएगा। ये 42 ट्रेनें रहेंगी रद्द इस मेगा ब्लॉक के दौरान 42 ट्रेनें अलग-अलग तारीखों पर नहीं चलेंगी. इनमें 12169 पुणे-सोलापुर और 12170 सोलापुर-पुणे ट्रेनें 19 से 23 सितंबर और 3-4 अक्टूबर को रद्द रहेंगी।  इसके अलावा 12116, 12115, 12114, 12113, 11041 और 11042 भी तय तारीखों पर रद्द रहेंगी. 4 अक्टूबर को 22105, 22106, 11007, 11008, 11029, 11030, 12127, 12128, 12157, 12158, 11423 और 11424 समेत कई ट्रेनें नहीं चलेंगी।  लोकल और DEMU पर भी असर मेगा ब्लॉक का असर पुणे-दौंड और पुणे-लोनावला के यात्रियों पर भी पड़ेगा. 71407 और 71408 पुणे-दौंड डीईएमयू 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक रद्द रहेंगी. इसके अलावा 71411, 71412, 71404, 71405, 71401, 71402, 71413, 71419 और 71420 अलग-अलग तारीखों पर रद्द रहेंगी. पुणे-लोनावला की 99812, 99818, 99813, 99820 और 99821 सबअर्बन सेवाएं 4 अक्टूबर को रद्द रहेंगी. वहीं 71441 और 71442 अहमदनगर-बीड़ डीईएमयू 5 अक्टूबर को नहीं चलेंगी।  25 ट्रेनों का बदला जाएगा रूट मेगा ब्लॉक के दौरान 25 ट्रेनों को उनके सामान्य रास्ते के बजाय दूसरे रूट से चलाया जाएगा. 12221 पुणे-हावड़ा 19 सितंबर और 3 अक्टूबर को डायवर्ट रूट से चलेगी. वहीं 12222 हावड़ा-पुणे 3 अक्टूबर को मनमाड-इगतपुरी-कल्याण-पनवेल-कर्जत-लोनावला होते हुए पुणे पहुंचेगी. 22159 छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस-एमजीआर चेन्नई सेंट्रल 19 से 23 सितंबर और 4 अक्टूबर को कल्याण-इगतपुरी-मनमाड-दौंड रूट से चलेगी. 11028 सतारा-दादर 3 अक्टूबर को सतारा-जेजुरी-पुणे-लोणावला रूट से जाएगी. यह ट्रेन सतारा से रात 10.30 बजे रवाना होगी।  कई ट्रेनें रास्ते में होंगी टर्मिनेट कुछ ट्रेनों को उनके तय गंतव्य तक नहीं ले जाकर रास्ते के स्टेशनों पर ही टर्मिनेट किया जाएगा. इसी तरह कुछ ट्रेनें अपने सामान्य शुरुआती स्टेशन की जगह दूसरे स्टेशन से चलेंगी. 22944 इंदौर-दौंड 18 सितंबर से 3 अक्टूबर तक खड़की में टर्मिनेट होगी, जबकि 22943 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक खड़की से दोपहर 3.40 बजे चलेगी. 20495 जोधपुर-हडपसर तय तारीखों पर खड़की में खत्म होगी और 20496 खड़की से शाम 7.40 बजे रवाना होगी।  17014 काजीपेट-हडपसर कुछ तारीखों पर दौंड तक जाएगी, जबकि 3 अक्टूबर को इसका सफर कुर्डुवाडी तक सीमित रहेगा. इसकी वापसी ट्रेन 17013 4 अक्टूबर को कुर्डुवाडी से चलेगी।  इसके अलावा 12158, 11026, 22846, 22172 और 20162 जैसी कुछ ट्रेनें अलग-अलग तारीखों पर दौंड में ही खत्म होंगी. वहीं 12157, 11025, 22845 और 22171 दौंड से शुरू होंगी. इनमें 22845 के दौंड से चलने का समय सुबह 11.52 बजे और 22171 का शाम 4.15 बजे है।  कुछ अन्य सेवाएं भी अपने सामान्य स्टेशन की जगह बदले हुए स्टेशन से शुरू होंगी. इनमें 12939 खड़की से शाम 5.35 बजे, 12493 खड़की से सुबह 11.10 बजे, 11425 जेजुरी से, 20674 सतारा से और 99814 व 99824 शिवाजीनगर से शुरू होने वाली सेवाएं शामिल हैं।  यात्रा से पहले ट्रेन का स्टेटस करें चेक अगर आप पुणे, हडपसर, दौंड, लोणावला या आसपास के इलाकों से ट्रेन पकड़ने वाले हैं, तो इस दौरान स्टेशन पहुंचने से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस जरूर चेक करें. सिर्फ ट्रेन नंबर देखकर स्टेशन के लिए न निकलें, क्योंकि आपकी ट्रेन रद्द हो सकती है, उसका रूट बदला हो सकता है या वह किसी दूसरे स्टेशन से चल सकती है. रेलवे ने यात्रियों से Indian Railway Enquiry Portal या NTES ऐप पर अपनी ट्रेन का लेटेस्ट रनिंग स्टेटस और बदली हुई टाइमिंग चेक करने की सलाह दी है। 

रेल यात्रियों के लिए जरूरी खबर! ऑनलाइन टिकट के बाद ये गलती पड़ी भारी, देना पड़ सकता है जुर्माना

 नई दिल्‍ली भारतीय रेलवे ने अनरिजर्व टिकट (जनरल टिकट) को लेकर एक बड़ा कंफ्यूजन दूर कर दिया है और कहा है कि अगर कोई यात्री जनरल टिकट के स्‍कीनशॉट या व्‍हाट्सऐप पर टिकट दिखाता है तो उसे भारी जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।   दरअलस, वेस्‍ट रेलवे कोटा डिविजन के सीनियर डिविजनल कमर्शियल मैनेजर सौरभ जैन का कहना है कि RailOne ऐप के जरिए बुक किया गया जनरल टिकट ही मान्‍य होगा, लेकिन सिर्फ उसी स्‍पैसिफिक फोन में, जिसमें यह ऐप रजिस्‍टर्ड हो और ऐप में जाकर ही टिकट दिखाना होगा।  उन्‍होंने आगे कहा कि अगर किसी और फोन में किसी दूसरे व्‍यक्ति द्वारा जनरल टिकट की बुकिंग की गई है और वह टिकट व्‍हाट्सऐप या किसी अन्‍य तरह से शेयर किया गया है तो वह मान्‍य नहीं होगा. साथ ही अगर कोई उस टिकट का स्‍कीनशॉट भी दिखाता है तो भी ये वैलिड नहीं माना जाएगा।   रिपोर्ट में जैन ने कहा कि अगर कोई यात्री जनरल टिकट पर सफर कर रहा है, तो जर्नी के दौरान उसे टिकट बुक करने वाले फोन को साथ लेकर चलना चाहिए. साथ ही रजिस्‍टर्ड नंबर से ही बुकिंग करनी चाहिए. इससे वह भारी पेनल्‍टी से बच सकता है।  बोर्डिंग से पहले बुक होना चाहिए टिकट रेलवे की ओर से यह भी कहा गया है कि बोर्डिंग स्‍टेशन पर पहुंचने से पहले ही ट्रेन की बुकिंग हो जानी चाहिए, वरना बाद में टिकट को वैलिड नहीं माना जाएगा. उन्होंने आगे कहा कि कोई भी यात्री बिना टिकट के ट्रेन में नहीं चढ़ सकता और टिकट चेकिंग स्टाफ को देखकर मोबाइल फोन से अनरिजर्व टिकट नहीं बना सकता है।  जैन ने कहा कि इसी तरह, किसी अन्य व्यक्ति के मोबाइल फोन से टिकट प्राप्त करना और उसका स्क्रीनशॉट साथ रखना निर्धारित डिजिटल टिकटिंग आवश्यकताओं को पूरा नहीं करता है. अधिकारी ने कहा कि डिजिटल टिकट दिखाने के लिए, मोबाइल फोन चालू होना चाहिए और उसमें पर्याप्त चार्ज होना चाहिए।  ये सभी बातें जान लेनी चाहिए     यात्रा शुरू करने से पहले वैलिड टिकट लें.      अपने रजिस्‍टर्ड मोबाइल फोन का उपयोग करके RailOne ऐप के माध्यम से जनरल टिकट बुक कर सकते हैं.      टिकट उसी मोबाइल फोन पर उपलब्ध होना चाहिए जिसका उपयोग इसे बुक करने के लिए किया गया था.      व्हाट्सऐप के माध्यम से प्राप्त टिकट या स्क्रीनशॉट वैलिड नहीं माना जाएगा.      रजिस्‍टर्ड मोबाइल से बुक किया गया टिकट केवल उस मोबाइल के धारक के लिए ही मान्य है.      यात्रा के दौरान अपने साथ संबंधित मोबाइल फोन रखें और सुनिश्चित करें कि वह चार्ज हो.  रेलवे ने बढ़ाया जुर्माना रेलवे अधिकारी ने आगे कहा कि उचित टिकट के बिना या अनियमित टिकट के साथ यात्रा करने पर न्यूनतम जुर्माना 19 जून, 2026 से 250 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है। 

ग्वालियर रेल यात्रियों के लिए जरूरी खबर, 7 ट्रेनों के बदले रूट; तीसरी रेल लाइन का काम शुरू

ग्वालियर  आने वाले दिनों में अगर आप ट्रेन से यात्रा करने का प्लान बना रहे है तो ये खबर आपके काम की है। मध्य रेलवे के पुणे एवं हडपसर यार्ड में हडपसर-पुणे-जीसीएमसी तीसरी रेल लाइन की कमीशनिंग के लिए प्री-नॉन इंटरलॉकिंग और नॉन इंटरलॉकिंग कार्य किया जाएगा। इस कारण सितंबर और अक्टूबर में कई ट्रेनों के परिचालन में बदलाव किया है। इसका सीधा असर एमपी में ग्वालियर से चलने वाली ग्वालियर-दौंड एक्सप्रेस (22194) और दौंड-ग्वालियर एक्सप्रेस (22193) पर पड़ेगा। ग्वालियर होकर चलने वाली हजरत निजामुद्दीन मिरज एक्सप्रेस (12494) और वापसी में मिरज-हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस (12493) भी प्रभावित रहेंगी। वहीं ट्रेन संख्या 22194 ग्वालियर-दौंड एक्सप्रेस 19 सितंबर को पुणे के बजाय खडकी स्टेशन पर आंशिक रूप से समाप्त होगी। इसके अगले दिन ट्रेन संख्या 22193 दौड-ग्वालियर एक्सप्रेस 20 सितंबर को पुणे के बजाय खडकी स्टेशन से रात 12.30 बजे दौंड के लिए रवाना होगी। इन ट्रेनों के मार्ग भी बदले 11078 जम्मू तवी-पुणे एक्सप्रेस 21 सितंबर को मनमाड-इगतपुरी-कल्याण-पनवेल-करजत-लोनावला होते हुए पुणे पहुंचेगी। 12780 हजरत निजामुद्दीन-वास्को-द-गामा एक्सप्रेस 22 सितंबर और 3 अक्टूबर को मनमाड-काष्टी-दौंड-कुईवाडी पंढरपुर-मिरज होकर चलेगी। 11077 पुणे-जम्मू तवी एक्सप्रेस 20 सितंबर को पुणे-लोनावला करजत-पनवेल-कल्याण-इगतपुरी-मनमाड होकर चलेगी। 12147 कोल्हापुर-हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस 22 सितंबर को कोल्हापुर-मिरज-कुडूवाडी-दौंड-अहिल्यानगर-मनमाड होकर चलेगी। 18519 विशाखापत्तनम–लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस : 2 अक्टूबर को दौंड–अहिल्यानगर–मनमाड–इगतपुरी–कल्याण होकर चलेगी 22686 चंडीगढ़–यशवंतपुर एक्सप्रेस: 3 अक्टूबर को मनमाड–काष्टी–दौंड–कुर्डूवाडी–पंढरपुर–मिरज मार्ग से चलेगी। झेलम पुणे से देरी से होगी रवाना ट्रेन 11077 पुणे-जम्मू तवी के पुणे से रवाना होने के समय में भी कुछ तिथियों पर बदलाव किया गया है। 19 सितंबर-शाम 5.50 बजे रवाना होगी, निर्धारित समय से 30 मिनट देरी। 23 सितंबर-शाम 5.50 बजे रवाना होगी, 30 मिनट देरी से। 3 अक्टूबर-शाम 6.45 बजे रवाना होगी, 1.25 घंटे देरी से। 4 अक्टूबर-शाम 7.30 बजे रवाना होगी, 2.10 घंटे देरी से 1 सितंबर से नहीं होगा 20 ट्रेनें का स्टॉपेज यात्रियों को जानकारी के लिए बता दें कि 12138 पंजाब मेल, 20986 श्री माता वैष्णो देवी कटरा-कोटा साप्ताहिक एक्सप्रेस, 11450 श्री माता वैष्णो देवी कटरा-जबलपुर एक्सप्रेस, 16032 अंडमान एक्सप्रेस और 16318 हिमसागर एक्सप्रेस 31 अगस्त से 14 अक्टूबर तक फरीदाबाद नहीं रुकेंगी। वहीं 19326 अमृतसर इंदौर एक्सप्रेस, 11842 कुरुक्षेत्र-खजुराहो एक्सप्रेस, 19020 हरिद्वार-बांद्रा टर्मिनस एक्सप्रेस, 12920 मालवा एक्सप्रेस, 14622 फिरोजपुर-नांदेड एक्सप्रेस, 22918 हरिद्वार-बांद्रा टर्मिनस एक्सप्रेस और 19308 ऊना हिमाचल-इंदौर एक्सप्रेस का ठहराव 1 सितंबर से 15 अक्टूबर तक नहीं होगा।

चंडीगढ़ स्टेशन के पुनर्निर्माण से रेल यातायात प्रभावित, 12 ट्रेनें कैंसिल; कई का संचालन मोहाली से

चंडीगढ़ चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के पुनर्निर्माण के कारण यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है। रेलवे ने निर्माण कार्य के लिए 36 दिन का ब्लॉक मंजूर किया है। यह काम तीन चरणों में होगा। इस दौरान स्टेशन पर पिलर मजबूत करने और फुट ओवरब्रिज पर छत डालने का काम किया जाएगा। निर्माण कार्य के चलते चंडीगढ़ और कालका से चलने वाली 12 ट्रेनों को रद्द किया गया है, जबकि कई ट्रेनों को चंडीगढ़ के बजाय अंबाला और साहिबजादा अजीत सिंह नगर (मोहाली) से चलाया जाएगा। कुछ ट्रेनों को चंडीगढ़-अंबाला के बीच आंशिक रूप से रद्द कर शॉर्ट टर्मिनेट किया जाएगा। इसके अलावा, कई ट्रेनों के प्लेटफॉर्म भी बदले गए हैं। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, निर्माण एजेंसी अहलूवालिया कॉन्ट्रैक्ट्स को एक महीने के भीतर दूसरी बार अंबाला मंडल से ब्लॉक की मंजूरी मिली है। इस बार 36 दिन का ब्लॉक तीन हिस्सों में लगाया जा रहा है। प्रत्येक चरण 12 दिन का होगा। रेलवे की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, पहला ब्लॉक 10 से 21 सितंबर तक रहेगा। इसके बाद दूसरा चरण 22 सितंबर से 3 अक्टूबर तक और तीसरा चरण 4 से 15 अक्टूबर तक चलेगा। इन 36 दिनों के दौरान अलग-अलग चरणों में निर्माण कार्य किया जाएगा। काम की वजह से स्टेशन के प्लेटफार्म और ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ेगा। 6 ट्रेनें अंबाला से चलेंगी ब्लॉक के दौरान रेलवे ने 6 ट्रेनों को अंबाला से संचालित करने का फैसला किया है। वहीं, 8 ट्रेनों को साहिबजादा अजीत सिंह नगर (मोहाली) रेलवे स्टेशन से चलाया जाएगा। इससे चंडीगढ़ से यात्रा करने वाले यात्रियों को अपनी ट्रेन पकड़ने के लिए मोहाली या अंबाला तक पहुंचना पड़ सकता है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि यात्रा से पहले अपनी ट्रेन के संचालन स्टेशन और समय की जानकारी रेलवे से जरूर जांच लें। 20 ट्रेनों के प्लेटफार्म बदले ब्लॉक के दौरान चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों की साफ-सफाई और धुलाई के लिए भी प्लेटफार्म में बदलाव किया गया है। 10 से 21 सितंबर तक करीब 20 ट्रेनों के प्लेटफार्म बदले गए हैं। रेलवे के अनुसार, प्लेटफार्म नंबर 1 और 2 से चलने वाली कुछ ट्रेनों को दूसरे प्लेटफार्म से रवाना किया जाएगा। प्लेटफार्म की जानकारी दोबारा जांचनी होगी 4 से 15 अक्टूबर तक इन ट्रेनों के लिए प्लेटफार्म नंबर 3, 4 और 6 का इस्तेमाल किया जाएगा। बदलाव के कारण यात्रियों को स्टेशन पहुंचने के बाद ट्रेन के प्लेटफार्म की जानकारी दोबारा जांचनी होगी। ब्लॉक के अलग-अलग चरणों में अन्य ट्रेनों के संचालन में भी बदलाव किया जाएगा। कुछ ट्रेनों को चंडीगढ़ की बजाय मोहाली या अंबाला से चलाया जाएगा। यात्रियों के लिए सितंबर-अक्टूबर रहेगा परेशानी वाला चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के पुनर्निर्माण का काम लंबे समय से चल रहा है। स्टेशन को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करने के लिए अलग-अलग हिस्सों में निर्माण कार्य किया जा रहा है। अब पिलर की फिलिंग और कॉनकोर्स से जुड़े फुट ओवरब्रिज पर रूफ डालने के काम के कारण रेलवे को बड़े स्तर पर परिचालन में बदलाव करना पड़ रहा है। 36 दिन के इस ब्लॉक के कारण सितंबर से अक्टूबर के बीच चंडीगढ़ से ट्रेन पकड़ने वाले यात्रियों को अतिरिक्त समय लेकर स्टेशन पहुंचना होगा। जिन यात्रियों की ट्रेन मोहाली या अंबाला से चलेगी, उन्हें वहां तक पहुंचने के लिए भी अतिरिक्त समय रखना पड़ेगा।

भोपाल स्टेशन बनेगा नए दौर की पहचान, 350 करोड़ की लागत से मिलेगा मंदिर जैसा स्वरूप

भोपाल राजधानी के मुख्य रेल द्वार भोपाल जंक्शन रेलवे स्टेशन को जल्द ही एक नया और भव्य स्वरूप मिलने जा रहा है। रेलवे ने इस स्टेशन के कायाकल्प के लिए करीब 350 करोड़ रुपये के पुनर्विकास प्रोजेक्ट का प्रस्ताव तैयार किया है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत भोपाल जंक्शन को एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान देते हुए भव्य मंदिर शैली के अग्रभाग के साथ अत्याधुनिक यात्री सुविधाओं से लैस किया जाएगा। पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर आधारित इस परियोजना के लिए टेंडर और बिड से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज फाइनल कर अंतिम मंजूरी के लिए रेलवे बोर्ड को भेज दिए गए हैं, जहां से हरी झंडी मिलते ही धरातल पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। रानी कमलापति के बाद दूसरा पीपीपी स्टेशन इस बड़े बदलाव के बाद भोपाल जंक्शन शहर का ऐसा दूसरा रेलवे स्टेशन बन जाएगा, जिसे पीपीपी मॉडल के तहत पुनर्विकसित किया जा रहा है। इससे पहले भोपाल के ही रानी कमलापति रेलवे स्टेशन को इसी मॉडल पर विश्वस्तरीय बनाया जा चुका है। अधिकारियों के मुताबिक, इस नए प्रोजेक्ट के जरिए स्टेशन के मौजूदा बिल्ट-अप एरिया को 4,238 वर्ग मीटर से बढ़ाकर 6,532 वर्ग मीटर किया जाएगा। इस बढ़े हुए दायरे से स्टेशन परिसर के भीतर यात्रियों को मिलने वाली सेवाओं और खाली स्पेस को बड़े पैमाने पर विस्तार देने में मदद मिलेगी। यात्रियों को मिलेंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं स्टेशन के भीतर आधुनिक सुविधाओं को बढ़ाने के लिए व्यापक स्तर पर खाका तैयार किया गया है, जिससे यात्रियों का सफर और सुगम हो सके। परियोजना के प्रमुख बिंदुओं को इस प्रकार समझा जा सकता है:     स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार को पारंपरिक और भव्य मंदिर कला की थीम पर डिजाइन किया जाएगा।     यात्रियों की सुविधा के लिए पूरी तरह से वातानुकूलित (AC) प्रतीक्षालय और बेहतर बैठने की व्यवस्था होगी।     परिसर के भीतर आवागमन को आसान बनाने के लिए नए लिफ्ट और फुट ओवरब्रिज बनाए जाएंगे।     स्टेशन पर मौजूद प्रसाधनों को अपग्रेड कर विश्वस्तरीय और स्वच्छ बनाया जाएगा।     बढ़े हुए निर्मित क्षेत्र के कारण यात्रियों को विभिन्न प्रकार की कमर्शियल सेवाएं भी स्टेशन के भीतर मिल सकेंगी। मंजूरी मिलते ही शुरू होगा निर्माण रेलवे प्रशासन का कहना है कि जैसे ही रेलवे बोर्ड से इस 350 करोड़ रुपये के बजट वाले प्रोजेक्ट को क्लीयरेंस मिल जाएगा, निर्माण एजेंसियां जमीन पर काम शुरू कर देंगी। इस पुनर्विकास से न केवल भोपाल जंक्शन पर यात्रियों का दबाव कम करने में मदद मिलेगी, बल्कि भोपाल आने वाले पर्यटकों को स्टेशन से बाहर निकलते ही शहर की ऐतिहासिक और हेरिटेज पहचान की पहली झलक देखने को मिलेगी।

भोपाल मंडल के 15 स्टेशनों की बदलेगी तस्वीर, यात्रियों को मिलेंगे सिनेमाघर और गेमिंग जोन

भोपाल  यदि आप एक व्यापारी हैं, स्टार्टअप चलाते हैं या निवेश के लिए किसी बड़े और गारंटीड फुटफॉल (ग्राहकों की भारी मौजूदगी) वाले स्थान की तलाश में हैं, तो भारतीय रेलवे आपके लिए एक बेहतरीन मौका लेकर आया है। पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल ने 'अमृत भारत स्टेशन योजना' के तहत पुनर्विकसित हो रहे 15 रेलवे स्टेशनों पर उपलब्ध वाणिज्यिक स्थानों (कमर्शियल स्पेस) के उपयोग के लिए बिज़नेस प्रपोजल मांगे हैं। यानी अब रेलवे स्टेशन सिर्फ ट्रेनों के आने-जाने का जरिया नहीं, बल्कि शहर के बड़े आर्थिक और व्यापारिक केंद्र (सिटी सेंटर) बनने जा रहे हैं। ड्राइव-इन सिनेमा से लेकर गेमिंग जोन तक रेल प्रशासन पारंपरिक दुकानों के ढर्रे से अलग हटकर ऐसे आधुनिक और यात्री-केंद्रित व्यावसायिक प्रस्तावों को बढ़ावा दे रहा है, जो स्टेशन परिसर को हाई-टेक लुक दे सकें। उद्यमी नीचे दी गई श्रेणियों या किसी अन्य नए आइडिया पर अपने प्रस्ताव दे सकते हैं। मनोरंजन और गैजेट्स: ड्राइव-इन सिनेमा, गेमिंग जोन, बाल मनोरंजन केंद्र और डिजिटल एक्सपीरियंस सेंटर। सुविधाएं और आतिथ्य: आधुनिक प्रतीक्षालय/लाउंज, पर्यटन एवं आतिथ्य सेवाएं और मल्टीफंक्शनल कॉम्प्लेक्स। बैंकिंग और टेक: डिजिटल बैंकिंग यूनिट, ई-लॉबी और हाई-टेक एटीएम। भोपाल मंडल के ये 15 स्टेशन बनेंगे 'बिजनेस हब' अमृत भारत योजना के तहत जहां नर्मदापुरम और शाजापुर स्टेशनों का पुनर्विकास पूरा कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका लोकार्पण कर चुके हैं, वहीं 13 अन्य स्टेशनों पर काम तेजी से जारी है। इनमें शामिल हैं। हरदा, खिरकिया, बनापुरा, इटारसी, साँची, विदिशा, गंजबासौदा, अशोकनगर, गुना, रुठियाई, शिवपुरी, ब्यावरा-राजगढ़ और संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) स्टेशन पर बिजनेस सेंटर विकसित किए जाएंगे। टेंडर और ई-नीलामी से अलॉट होगी जगह, ऐसे करें शुरुआत पारदर्शी प्रक्रिया : इच्छुक कारोबारी संबंधित स्टेशन के मंडल वाणिज्य निरीक्षक से सीधे संपर्क कर सकते हैं। वे वहां उपलब्ध खाली स्थानों का निरीक्षण और सर्वेक्षण कर अपनी व्यावसायिक आवश्यकताओं के अनुसार प्रस्ताव तैयार कर सकते हैं। ऐसे होगा चयन : प्राप्त सभी प्रस्तावों का रेलवे बोर्ड की नीतियों के अनुसार परीक्षण किया जाएगा। जो प्रस्ताव व्यवहार्य पाए जाएंगे, उन्हें ई-नीलामी या टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से आगे बढ़ाया जाएगा।     अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत स्टेशन केवल यात्री सुविधाओं के केंद्र ही नहीं, बल्कि व्यापार, निवेश एवं आर्थिक विकास के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित किए जा रहे। रेलवे पारंपरिक व्यावसायिक गतिविधियों के साथ-साथ नवाचारी व्यावसायिक अवधारणाओं का स्वागत ही नहीं बल्कि बढ़ावा दे रहा है जिससे शहर के विकास में रेलवे और अधिक योगदान दे सके। – सौरभ कटारिया, वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक, भोपाल मंडल  

भुसावल-इटारसी रेल रूट पर बढ़ेगी रफ्तार, नई लाइनों से ट्रेनों की लेटलतीफी होगी कम

बुरहानपुर   मध्य प्रदेश से मुंबई जाने वाली ट्रेनें अब इटारसी रूट पर नहीं पिटेंगी, साथ ही साथ अब इस रूट की ट्रेनों की रफ्तार भी बढ़ेगी. दरअसल, भुसावल-इटारसी मुबंई रूट की तीसरी और चौथी लाइन का काम शुरू हो गया है. इस लाइन के बनने से इटारसी जंक्शन पर भी दबाव कम होगा और ट्रेनें तेज रफ्तार से मुंबई रूट पर दौड़ेंगी. मुंबई जाने वाले मध्य प्रदेश के यात्रियों को इससे बड़ी राहत मिलेगी।  देश के सबसे व्यस्त रेल रूटों में से एक है भुसावल-इटारसी रूट मध्य प्रदेश से होकर गुजरा इटारसी-भुसावल रूट देश के सबसे व्यस्ततम रेल रूटों में से एक है. इस रेल रूट से रोजाना 50 नियमित और एक्सप्रेस ट्रेनें गुजरती हैं, जबकि 100 से ज्यादा लंबी दूरी की ट्रेनें गुजरती हैं. वर्तमान में दो लाइनें होने के बावजूद इस रूट पर भारी दबाव होता है. यही वजह है कि केंद्र सरकार द्वारा भुसावल-इटारसी के बीच तीसरी व चौथी लाइन बनाने के कार्य को प्राथमिकता दी गई है।  मुंबई जाने वाली यात्रियों को होगा फायदा मध्य प्रदेश के इटारसी जंक्शन से होते हुए महाराष्ट्र के मुंबई व अन्य शहरों को जाने वाले यात्रियों को इससे फायदा होगा. तीसरी व चौथी लाइन तैयार होने से ट्रेनों का वेटिंग टाइम कम होगा और तकनीकी समस्या आने या किसी अन्य ट्रेन की देरी की वजह से सारी ट्रेनें प्रभावित नहीं होंगी. इससे सीधे तौर पर यात्रियों को फायदा होगा।  तीसरी और चौथी लाइन के लिए काम तेज बुरहानपुर से लगे लालबाग रेलवे स्टेशन से भुसावल-इटारसी रेलखंड पर तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने की तैयारी शुरू हो गई है. इस रेलवे लाइन में अड़ंगा बन रहे अतिक्रमणों को भी तोड़ने की कार्रवाई शुरू हुो गई है. शनिवार को चिंचाला क्षेत्र में हुए अतिक्रमण को रेलवे, जीआरपी, आरपीएफ सहित जिला प्रशासन ने संयुक्त कार्रवाई को अंजाम देकर तोड़ दिया ह., एसडीएम अजमेर सिंह गौड़, सीएसपी गौरव पाटिल और लालबाग पुलिस, जीआरपी सहित आरपीएफ ने व्यवस्थाओ को संभाला, इस दौरान रेल भूमि की जद में आ रहे मकानों को हटाया गया है।  बुरहानपुर के रेलवे स्टेशन के पास ग्राम चिंचाला में भी रेलवे और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने रेल भूमि पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की. इस दौरान अतिक्रमण करने वाले करीब 17 मकानों को तोड़ा गया. रेलवे प्रशासन ने करीब दो महीने पहले ही प्रभावित लोगों को अतिक्रमण हटाने के नोटिस जारी किए थे।  एसडीएम अजमेर सिंह के मुताबिक, '' रेलवे अधिकारियों ने कहा है कि अतिक्रमण की जद में आ रही भूमि खाली होने के बाद जल्द ही तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने का कार्य शुरू किया जाएगा, इससे रेलवे यातायात को गति मिलेगी, जिन-जिन स्थानों पर अतिक्रमण हुआ है, वहां अतिक्रमण हटाओ मुहीम शुरू हो चुकी है। 

छात्रा के सुझाव पर बड़ा बदलाव! IRCTC की नई वेबसाइट से टिकट बुकिंग होगी और तेज व आसान

मुंबई  IRCTC वेबसाइट पर ट्रेन टिकट बुकिंग आसान होने वाली है. रेलवे के डिजिटल प्लेटफॉर्म में जल्द ही बड़ा बदलाव होगा. लॉगिन और तकनीकी खामियां दूर होंगी, जिसका फायदा करोड़ों रेल यात्रियों को मिलेगा. केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की है कि 15 जुलाई तक आईआरसीटीसी वेबसाइट का पूरी तरह से कायाकल्प कर दिया जाएगा. पीक ऑवर्स और सुबह के समय तत्काल टिकट बुकिंग भी आसान होगी. इससे सर्वर पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ेगा. और यह सब कुछ आसान हुआ है, जयपुर की लाभिषा मीणा के सुझावों की वजह से. छात्रा ने खुद ही रेल मंत्री के सामने टिकट बुकिंग में आने वाली परेशानियों को रखा था. इसके बाद रेलवे ने वेबसाइट में बदलाव की तैयारी शुरू कर दी है।  यूजर फ्रेंडली होगी रेलवे की वेबसाइट रेलवे मंत्रालय के अनुसार, 15 जुलाई को लॉन्च होने वाली इस नई वेबसाइट का मुख्य उद्देश्य टिकट बुकिंग की पूरी प्रक्रिया को पहले से कहीं अधिक तेज, सरल और भरोसेमंद बनाना है. सबसे बड़ा बदलाव यूजर इंटरफ़ेस में किया जा रहा है, जिसे बेहद यूजर-फ्रेंडली बनाया जाएगा. इसके अलावा, वेबसाइट की कुल प्रतिक्रिया क्षमता को कई गुना बढ़ाया जा रहा है।  इस बदलाव की कहानी हाल ही में जयपुर से शुरू हुई. जयपुर स्थित मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MNIT Jaipur) में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और छात्रों के बीच सीधा संवाद कार्यक्रम हुआ. तभी इंजीनियरिंग छात्रा लाभिषा मीणा ने आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर टिकट बुकिंग की परेशानियों के बारे में बताया. छात्रा ने बताया कि वेबसाइट की धीमी गति और बार-बार आने वाले जटिल कैप्चा के कारण आम यात्रियों को कितनी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है. विशेष रूप से पीक ऑवर्स और तत्काल बुकिंग के दौरान वेबसाइट का सर्वर ठप हो जाता है, जिससे आम नागरिक टिकट बुक करने से वंचित रह जाते हैं।  नई वेबसाइट के लिए छात्रा से मांगे थे सुझाव शिकायत को सुनने के बाद रेल मंत्री ने तुरंत निर्देश दिए कि 30 दिनों के भीतर ही IRCTC के डिजिटल प्लेटफॉर्म को बेहतर बनाया जाए. रेल मंत्री के इस त्वरित संज्ञान और कड़े निर्देशों के बाद रेलवे प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया. नतीजा यह हुआ कि अगले ही दिन रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने छात्रा लाभिषा मीणा के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की. उच्च स्तरीय बैठक में अधिकारियों ने न केवल छात्रा की चिंताओं को गहराई से समझा, बल्कि प्रस्तावित नई वेबसाइट के प्रोटोटाइप को साझाकर उस पर छात्रा से सुझाव भी मांगे।  PNR स्टेटस से रिफंड तक यात्रियों को मिलेगा फायदा  प्रशासन की प्रतिक्रिया का स्वागत करते हुए छात्रा लाभिषा मीणा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर लिखा कि मेरी शिकायत पर अगले ही दिन अधिकारियों ने संपर्क कर नई वेबसाइट के प्रोटोटाइप पर सुझाव मांगे. मैं इसके लिए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और रेलवे बोर्ड का आभार जताती हूं. यह देखकर अच्छा लगा कि नागरिकों की प्रतिक्रिया को इतनी गंभीरता से लिया जा रहा है. नए डिजिटल प्लेटफॉर्म में जटिल कैप्चा के जाल को आसान या समाप्त किया जाएगा, जिससे यात्रियों का बहुमूल्य समय बचेगा. साथ ही, पीएनआर स्टेटस जांचने, रिफंड की स्थिति देखने और अन्य यात्री सेवाओं तक पहुंच को बेहद सुगम और त्वरित बनाया जा रहा है।