samacharsecretary.com

होली पर ट्रेनों में सीटें फुल, दिल्ली, मुंबई और गुजरात से यूपी-बिहार जाने वाली ट्रेनों में कंफर्म टिकट मिलना मुश्किल

लखनऊ  भारतीय रेलवे त्योहारी सीजन में लगातार स्पेशल ट्रेनों का परिचालन करता है. अपने घरों से दूर रहकर रोजी-रोटी कमाने वाले लोग होली, दिवाली, दशहरा और छठ पूजा जैसे त्योहारों पर अपने घर तक पहुंच सकें, इसके लिए खास इंतजाम किए जाते हैं. लेकिन तमाम स्पेशल ट्रेनों के परिचालन के बावजूद रेगुलर ट्रेनों में इन सभी त्योहारों के दौरान जबरदस्त भीड़ दिखाई देती है और कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल होता है. इस बार होली में भी यही हालत नजर आ रहे हैं. रंगों का त्योहार होली इस साल 4 मार्च को मनाया जाएगा लेकिन 2 महीने पहले ही दिल्ली, मुंबई और गुजरात की तरफ से चलकर यूपी-बिहार आने वाली ट्रेनों में सीटें अभी से फुल हो चुकी हैं. कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल लग रहा है. गौरतलब है कि छठ महापर्व की तरह होली भी एक ऐसा त्योहार है, जब दिल्ली, मुंबई और गुजरात जैसे शहरों में रहकर नौकरी व्यवसाय करने वाले यूपी, बिहार, झारखंड और बंगाल के तमाम लोग अपने घरों को लौटते हैं. लंबी दूरी के लिए अपने घर तक पहुंचाने का सबसे सुविधाजनक साधन ट्रेन ही होता है लेकिन इस बार होली के दौरान ट्रेनों में कंफर्म टिकट की जबरदस्त मारामारी दिखाई दे रही है. दिल्ली-यूपी होते हुए बिहार पहुंचने वाली ट्रेनों का हाल अगर हम दिल्ली से यूपी होते हुए बिहार पहुंचने वाली ट्रेनों की बात करें तो फरक्का एक्सप्रेस, पुरुषोत्तम एक्सप्रेस, मगध एक्सप्रेस, पूर्वा एक्सप्रेस, संपर्क क्रांति एक्सप्रेस, श्रमजीवी एक्सप्रेस, नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस, ब्रह्मपुत्र मेल, दुरंतो एक्सप्रेस, सीमांचल एक्सप्रेस सहित तमाम ट्रेनों में स्लीपर क्लास के सभी टिकट बुक हो चुके हैं. इन सभी ट्रेनों में लंबी वेटिंग दिखाई दे रही है. यही हाल थर्ड और सेकंड एसी का भी है. कई ट्रेनों में वेटिंग टिकट भी उपलब्ध नहीं अगर हम मुंबई से यूपी, बिहार की तरफ जाने वाली ट्रेनों की बात करें तो इन ट्रेनों में भी होली के दौरान कंफर्म टिकट मिलना मुश्किल दिखाई दे रहा है. लोकमान्य तिलक पाटलिपुत्र एक्सप्रेस, एलटीटी गोड्डा एक्सप्रेस, एलटीटी गुवाहाटी एक्सप्रेस, एलटीटी डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस भागलपुर एक्सप्रेस, एलटीटी राजगीर एक्सप्रेस, बांद्रा टर्मिनस पटना एक्सप्रेस, वास्कोडिगामा पटना एक्सप्रेस और एलटीटी अगरतला एक्सप्रेस सहित तमाम ट्रेनों में सभी सीटें फुल दिखाई दे रही हैं. यही नहीं कई ट्रेनों में तो वेटिंग टिकट भी उपलब्ध नहीं है, यानी नो रूम दिखाई दे रहा है. फरवरी के आखिरी हफ्ते से होली तक बुकिंग फुल इसी तरह अगर हम गुजरात से यूपी बिहार पहुंचने वाली ट्रेनों की बात करें, तो अहमदाबाद सिलचर एक्सप्रेस, अजीमाबाद एक्सप्रेस, अहमदाबाद आसनसोल एक्सप्रेस, अहमदाबाद पटना एक्सप्रेस, उधना दानापुर एक्सप्रेस और सूरत भागलपुर एक्सप्रेस देसी ट्रेनों में सभी फरवरी के आखिरी सप्ताह से 4 मार्च होली तक सभी सीटें फुल हैं. इस रूट की भी कई ट्रेनों में वेटिंग टिकट तक उपलब्ध नहीं है. यही हाल दिल्ली से मुंबई, लखनऊ और वाराणसी की तरफ जाने वाली ट्रेनों का भी है. इन रेल रूट पर चलने वाली तमाम ट्रेनों में स्लीपर और एसी क्लास की सभी टिकट अभी से बुक हो चुके हैं. हालांकि, इन रूट की ट्रेनों में राहत की बात यह है कि वेटिंग बहुत लंबी दिखाई नहीं दे रही है. फिलहाल होली के दौरान यूपी, बिहार की तरफ जाने वाली ट्रेनों में लंबी वेटिंग दिखाई दे रही है. ऐसे में अब लोगों की नजरें रेलवे की तरफ टिक गई हैं कि भारतीय रेलवे कब इन रेल रूट्स पर होली स्पेशल ट्रेनें चलाने की घोषणा करता है.

केंद्र का फैसला: अगले 5 सालों में लुधियाना, अमृतसर, चंडीगढ़ समेत 10 रेलवे स्टेशनों की क्षमता दोगुना की जाएगी

फिरोजपुर  फिरोजपुर रेलवे डिवीजन की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया है कि अगले 5 सालों में नई ट्रेनें शुरू करने के लिए बड़े शहरों की क्षमता को मौजूदा लैवल से दौगुना करने की जरूरत है। साल 2030 तक बेसिक क्षमता को दोगुना करने के कामों में ये काम शामिल होंगे। मौजूदा टर्मिनलों को एक्स्ट्रा प्लेटफॉर्म के साथ बढ़ाना, लाइनों, पिट लाइनों और सही शंटिंग सुविधाओं को ठीक करना, शहरी इलाकों में और उसके आसपास नए टर्मिनलों की पहचान और कंस्ट्रक्शन आदि। उत्तर रेलवे के 10 स्टेशनों के बुनियादी ढांचे के उन्नयन की भी योजना बनाई गई है जिसमें दिल्ली, लखनऊ, वाराणसी, अयोध्या, चंडीगढ़, लुधियाना, अमृतसर, जम्मू, हरिद्वार और बरेली शामिल हैं। यह उम्मीद की जाती है कि अगले 5 वर्षों में क्षमता को धीरे-धीरे बढ़ाया जाएगा ताकि क्षमता वृद्धि के लाभों को तुरंत महसूस किया जा सके। इससे वर्षों में धीरे-धीरे यातायात की आवश्यकता को पूरा करने में मदद मिलेगी। उत्तर रेलवे ने जिन 10 रेलवे स्टेशनों का इंफ्रॉस्ट्रक्चर अपग्रेड करने के लिए चुना है। लुधियाना समेत तीनों रेलवे स्टेशनों को अपग्रेड करने का काम चल रहा है। हर रेलवे स्टेशन पर अभी जितने प्लेटफार्म हैं, उन्हें बढ़ाकर डबल कर दिया जाएगा। रेलवे स्टेशनों पर मॉडर्न स्टेशन बिल्डिंग तैयार की जा ताकि यात्रियों को किसी तरह की असुविधा न हो। रेल मंत्रालय ने जारी की स्टेशनों की सूची रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव ने एक दिन पहले देश के रेलवे स्टेशनों की क्षमता को डबल करने की घोषणा करते हुए स्टेशनों की सूची जारी की है। उत्तर रेलवे के दस स्टेशनों को उसमें शामिल किया गया है। इस सूची में अमृतसर, लुधियाना व चंडीगढ़ के अलावा जम्मू, दिल्ली, लखनऊ, वाराणसी, अयोध्या, हरिद्वार और बरेली के नाम शामिल हैं। एयरपोर्ट टर्मिनल की तर्ज पर मिलेंगी सुविधाएं लुधियाना, अमृतसर व चंडीगढ़ के रेलवे स्टेशनों का काम पूरा होते ही वहां पर यात्रियों को एयरपोर्ट टर्मिनल की तर्ज पर सुविधाएं मिलेंगी। रेलवे परिसर में मल्टी-लेवल पार्किंग, एलिवेटेड कॉनकोर्स, नए एंट्री-एग्जिट पॉइंट, फूड कोर्ट, एस्केलेटर और लिफ्ट शामिल हैं, ताकि यात्रियों को बेहतर अनुभव मिले और ट्रैफिक सुगम हो सके, जिससे ये स्टेशन पंजाब में प्रमुख ट्रांसपोर्ट हब बन सके। रेल गाड़ियों के संचालन का मैकेनिज्म भी होगा अपग्रेड उत्तर रेलवे के मुताबिक रेल गाड़ियों की संख्या लगातार बढ़ाई जा रही है। इसलिए रेलवे स्टेशनों पर संचालन का मैकेनिज्म भी अपग्रेड किया जाएगा। रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, सिग्नल सिस्टम, मल्टीट्रैकिंग सिस्टम को भी 2030 तक डबल करने की योजना है। रेल मंत्री का अश्वनी वैष्णव का दावा है कि 2030 तक रेल नेटवर्क दुनिया के बेहतरीन नेटवर्क में से एक हो जाएगा। पंजाब को मिलेगा विशेष फायदा केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्‌टू का कहना है कि पंजाब में रेलवे स्टेशनों की क्षमता डबल होने से रेल गाड़ियों की संख्या में भी बढ़ोत्तरी की जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे पंजाब के लोगों को देश के अलग-अलग कोनों तक पहुंचने के लिए रेल की उपलब्धता बढ़ जाएगी। उन्होंने कहा कि लुधियाना में मुख्य रेलवे स्टेशन के अलावा ढंडारी रेलवे स्टेशन को भी डेवलप किया जा रहा है। मुख्य विशेषताएं और कार्य:     आधुनिक इंफ्रॉस्ट्रक्चर: स्टेशन को एयरपोर्ट जैसा लुक देने के लिए नया डिज़ाइन, AC कॉनकोर्स (प्रतीक्षालय) और फुट ओवरब्रिज बनाए जा रहे हैं।     बेहतर पार्किंग: मल्टी-लेवल पार्किंग की सुविधा, जिसमें 1,30,000 वर्ग फीट का पार्किंग क्षेत्र भी शामिल है।     ट्रैफिक मैनेजमेंट: एंट्री व एग्जिट के लिए अलग-अलग रास्ते, एक नया प्रवेश द्वार और एलिवेटेड रोड्स से सीधा जुड़ाव, जिससे यातायात सुगम हो सके।     यात्री सुविधाएं: लिफ्ट, एस्केलेटर, फूड कोर्ट, वीआईपी लाउंज और स्वच्छ पेयजल जैसी सुविधाएँ जोड़ी जा रही हैं.     पर्यावरण अनुकूल: स्टेशन को ग्रीन बिल्डिंग सर्टिफिकेशन दिलाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

कोयलांचल से भोपाल का सफर होगा आसान, धनबाद–भोपाल एक्सप्रेस ट्रेन को मिली मंजूरी

रांची झारखंड के कोयलांचल क्षेत्र, खासकर धनबाद के यात्रियों के लिए भारतीय रेलवे ने बड़ी सौगात दी है। रेलवे बोर्ड ने भोपाल और धनबाद के बीच नई एक्सप्रेस ट्रेन के संचालन को हरी झंडी दे दी है। जारी आदेश के अनुसार 11631/11632 भोपाल-धनबाद एक्सप्रेस ट्रेन का संचालन जल्द शुरू किया जाएगा। इस फैसले से झारखंड और मध्य प्रदेश के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी स्थापित होगी, जिससे हजारों यात्रियों को राहत मिलेगी। अब तक धनबाद से भोपाल की यात्रा करने वाले यात्रियों को कई ट्रेनों में बदलाव करना पड़ता था या फिर लंबा समय लगता था। नई एक्सप्रेस ट्रेन के शुरू होने से यह यात्रा सीधी, आरामदायक और समय की बचत वाली हो जाएगी। खासकर कोयला उद्योग से जुड़े कर्मचारी, अधिकारी, व्यापारी और छात्र इस ट्रेन से सीधे लाभान्वित होंगे। रेलवे द्वारा जारी जानकारी के अनुसार 11631 भोपाल-धनबाद एक्सप्रेस भोपाल से रात 8:55 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन सुबह 8:30 बजे धनबाद पहुंचेगी। यह ट्रेन सप्ताह में तीन दिन सोमवार, गुरुवार और शुक्रवार को चलेगी। वहीं, 11632 धनबाद-भोपाल एक्सप्रेस धनबाद से सुबह 7:20 बजे रवाना होकर शाम 7:00 बजे भोपाल पहुंचेगी। इसका संचालन रविवार, बुधवार और शनिवार को किया जाएगा। ट्रेन का रखरखाव भोपाल में किया जाएगा यह ट्रेन अपने मार्ग में सिंगरौली, चोपन, रेनुकूट, डाल्टनगंज, गढ़वा रोड, बरकाकाना, रांची रोड, बोकारो थर्मल, चंद्रपुरा और कतरासगढ़ जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों पर रुकेगी। इससे झारखंड, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई इलाकों का आपसी संपर्क और मजबूत होगा। स्थानीय लोगों का मानना है कि इससे न सिर्फ यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। भोपाल-धनबाद एक्सप्रेस आधुनिक आईसीएफ कोचों के साथ चलाई जाएगी, जिसमें स्लीपर और जनरल कोच शामिल होंगे। ट्रेन का रखरखाव भोपाल में किया जाएगा। रेलवे बोर्ड ने निर्देश दिए हैं कि इस ट्रेन को जल्द से जल्द सुविधाजनक तिथि से शुरू किया जाए। जरूरत पड़ने पर पहली यात्रा को विशेष ट्रेन के रूप में चलाकर बाद में इसे नियमित सेवा में बदला जा सकता है।  

ट्रेन से सफर हुआ महंगा: लंबी दूरी का किराया बढ़ा, ज्यादा सामान ले जाना पड़ेगा भारी

नई दिल्‍ली.  भारतीय रेलवे ने यात्रियों को दोहरा झटका दिया है. एक तरफ लंबी दूरी की ट्रेनों में किराया बढ़ाया जा रहा है, तो दूसरी तरफ तय वजन से ज्यादा सामान ले जाने पर एक्‍शन की तैयारी कर ली गयी है. यानी इस साल के अंत में सफर करना और तय वजन से ज्‍यादा सामान ले जाना दोनों भारी पड़ने जा रहा है. हालांकि 215 किमी. से कम दूरी की जनरल टिकट से यात्रा और एमएसटी में कोई बढ़ोत्‍तरी नहीं हुई है. दोनों ही तरह से भारतीय रेलवे को राजस्‍व में इजाफा होगा. भारतीय रेलवे ने 26 दिसंबर से किराए में बढ़ोतरी का फैसला किया है. जनरल क्लास में 215 किलोमीटर से ज्यादा दूरी पर 1 पैसा प्रति किलोमीटर अतिरिक्त लगेगा, जबकि मेल या एक्सप्रेस की स्लीपर और सभी एसी क्लास में 2 पैसे प्रति किलोमीटर इजाफा होगा. उदाहरण के लिए, 500 किमी की स्लीपर यात्रा पर करीब 10 रुपये ज्यादा देने होंगे. रेलवे अतिरिक्‍त राजस्‍व से क्‍या करेगा रेल मंत्रालय के कार्यकारी निदेशक (सूचना एवं प्रसार) दिलीप कुमार ने कहा कि 215 किमी से कम दूरी की जनरल क्लास, सबअर्बन ट्रेनें और मासिक सीजन टिकट पर कोई असर नहीं पड़ेगा. इस बढ़ोतरी से रेलवे को करीब 600 करोड़ रुपये अतिरिक्त आएंगे, जो स्टेशनों और ट्रेनों में सुविधाएं और सुरक्षा बढ़ाने पर खर्च होंगे. रेलवे का मकसद है कि रोजाना सफर करने वाले यात्रियों और कम व मध्यम आय वाले परिवारों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े और उनकी यात्रा सस्ती बनी रहे. तय सामान से ज्‍यादा ले जाने पर छह गुना अधिक जुर्माना देना होगा. क्यों करनी पड़ी बढ़ोत्‍तरी रेल मंत्रालय के अनुसार पिछले दस वर्षों में रेलवे नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ है और अब सेवाएं दूर-दराज इलाकों तक पहुंच रही हैं. यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई गई है. इससे कर्मचारियों पर खर्च बढ़कर 1.15 लाख करोड़ रुपये और पेंशन पर खर्च करीब 60 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. वित्त वर्ष 2024-25 में रेलवे का कुल खर्च 2.63 लाख करोड़ रुपये हो गया है. ज्‍यादा लगेज में क्‍या होगी सख्‍ती ट्रेनों में तय लगेज से ज्‍यादा सामान ले जाने पर एक्‍शन की तैयारी की रही है. यहां पर फ्लाइट जैसा एक्‍स्‍ट्रा सामान ले जाने पर ज्‍यादा चार्ज देना पड़ेगा. रेलवे के अनुसार अभी ट्रेन में तय वजन से ज्‍यादा सामान ले जाने पर आपके सहयात्री को परेशानी हो सकती है. इसी को ध्‍यान में रखते हुए ऐसे यात्रियों पर एक्‍शन लिया जा सकता है, जो तय वजन से ज्‍यादा सामान लेकर सफर कर रहे हैं. इस तरह यह फैसला यात्रियों की सुविधाजनक सफर के लिए लिया जा रहा है. रेल मंत्रालय के एडीजी धर्मेन्‍द्र तिवारी के अनुसार रेलवे के अनुसार एक्‍स्‍ट्रा चार्ज को लेकर कोई नया आदेश नहीं है, पुराना आदेश ही है. इसी को ओर प्रभावी बनाया जा रहा है. हर क्‍लास के लिए क्‍या है नियम ट्रेनों हर क्‍लास के लिए अलग वजह का नियम है, जनरल, स्‍लीपर और एसी के लिए वजन तय है. अगर आप ऐसी फर्स्‍ट क्‍लास से सफर कर रहे हैं तो एक यात्री 70 किलो तक वजह ले जा सकता है. इसके साथ ही 15 किलो अतिरिक्‍त सामान की छूट होती है. इसके अलावा अधिकतम बुकिंग कराकर 65 किलो लगेज पार्सल वैन में ले जा सकता है. इसी तरह सेंकेड ऐसी में 50 किलो के साथ 10 किलो की एक्‍स्‍ट्रा की छूट रहती है और 30 किलो बुक कराकर पार्सल वैन से ले जाया जा सकता है. थर्ड ऐसी या एसी चेयरकार में 40 किलो लगेज के साथ 10 किलो की छूट रहती है. पार्सल वैन में 30 किग्रा. बुकिंग कराकर साथ ले जा सकते हैं. स्‍लीपर क्‍लास के लिए क्‍या है नियम स्‍लीपर क्‍लास में 40 किग्रा. के साथ 10 किलो और लगेज ले जाने की छूट होती है. बुकिंग कराकर अतिरिक्‍त 70 किलो वजन तक ले जा सकते हैं. वहीं सेकेंड क्‍लास में 35 किग्रा. के साथ 10 किग्रा तक ले जा सकते हैं. वहीं बुक कराकर 60 किग्रा. अतिरिक्‍त लगेज पार्सल वैन से ले जा सकते हैं. रेलवे की नई गाइडलाइंस के अनुसार यात्री तय सीमा से अधिक और बिना बुक किया गया सामान ले जाते हुए कोई पकड़ा जाता है तो उसे सामान की बुकिंग का छह गुना भुगतान करना होगा.

रेल नेटवर्क का बड़ा विस्तार: महाराष्ट्र में 38 परियोजनाओं के लिए ₹89,780 करोड़ मंजूर

नई दिल्ली केंद्र ने महाराष्ट्र में रेल नेटवर्क बढ़ाने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने राज्य में 89,780 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली 38 प्रमुख रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी दी है। रेल मंत्रालय के अनुसार, इन परियोजनाओं के तहत कुल 5,098 किलोमीटर लंबी पटरियों का निर्माण, गेज परिवर्तन और दोहरीकरण का कार्य किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में रेल नेटवर्क की क्षमता को बढ़ाना और ट्रेनों के परिचालन को सुगम बनाना है। स्वीकृत योजना में 11 नई रेलवे लाइनें, 2 गेज परिवर्तन और 25 दोहरीकरण या मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाएं शामिल हैं। रेल मंत्रालय के आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले कुछ वर्षों में रेलवे के बुनियादी ढांचे के लिए आवंटित धन में भारी वृद्धि हुई है। वर्ष 2009 से 2014 के बीच, औसत वार्षिक व्यय लगभग 1,171 करोड़ रुपये था। इसकी तुलना में, वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बजट आवंटन बढ़कर 23,778 करोड़ रुपये हो गया है, जो पिछली राशि से "20 गुना से अधिक" है। फंडिंग में इस वृद्धि का सीधा असर निर्माण कार्यों की गति पर पड़ा है। नई पटरियों को बिछाने की औसत गति, जो पहले 58.4 किलोमीटर प्रति वर्ष थी, अब बढ़कर 208.36 किलोमीटर प्रति वर्ष हो गई है। मुंबई लोकल और उपनगरीय नेटवर्क का कायाकल्प मुंबई के व्यस्त उपनगरीय नेटवर्क, जहां प्रतिदिन 3,200 लोकल ट्रेनों और 120 एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन होता है, के लिए भी विशेष अपग्रेड की घोषणा की गई है। क्षमता और सुरक्षा बढ़ाने के लिए मुंबई शहरी परिवहन परियोजना के चरण II, III और IIIA को मंजूरी दी गई है। मुख्य विशेषताएं     सीएसएमटी और कुर्ला के बीच 5वीं और 6ठी लाइन का निर्माण।     हार्बर लाइन का गोरेगांव से बोरीवली तक विस्तार।     यात्री क्षमता बढ़ाने के लिए सरकार ने 12 डिब्बों वाली 238 नई ट्रेन रेक को मंजूरी दी है। 19,293 करोड़ रुपये की लागत वाली इन नई ट्रेनों में स्वचालित दरवाजे होंगे। बुलेट ट्रेन और फ्रेट कॉरिडोर पर अपडेट बहुप्रतीक्षित हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन परियोजना पर भी प्रगति हुई है। रेल मंत्रालय ने पुष्टि की है कि महाराष्ट्र में इस परियोजना के लिए "100% भूमि अधिग्रहण" पूरा हो चुका है, और वर्तमान में पुलों तथा अन्य संरचनाओं का निर्माण कार्य चल रहा है। इसके अतिरिक्त, माल ढुलाई को सुगम बनाने के लिए वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (WDFC), जो जेएनपीटी (JNPT) पोर्ट को दिल्ली क्षेत्र से जोड़ता है, पर भी काम जारी है। इस कॉरिडोर का 76 किलोमीटर लंबा हिस्सा (न्यू घोलवड से न्यू वैतरणा तक) पूरा हो चुका है और उपयोग में है। भविष्य की योजनाएं और सर्वेक्षण भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए, रेलवे विभाग ने 2022 से 2026 के बीच 98 नए सर्वेक्षण शुरू किए हैं। ये सर्वेक्षण 8,603 किलोमीटर की दूरी को कवर करते हैं, जिनका उद्देश्य महाराष्ट्र में नई रेलवे लाइनों और दोहरीकरण कार्यों की संभावनाओं को तलाशना है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि नई परियोजनाओं का चयन ट्रैफिक की मांग, राज्य सरकार के अनुरोध और उपलब्ध धन जैसे कारकों पर निर्भर करता है। वहीं, परियोजनाओं के पूरा होने की समय सीमा भूमि अधिग्रहण, वन मंजूरी और यूटिलिटी शिफ्टिंग जैसी प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगी।

रेलवे का तोहफा: 8 राज्यों के लिए 2 सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेनें शुरू, जानें रूट, स्टॉपेज और टाइमिंग

वडोदरा रेल यात्रियों के लिए गुड न्यूज है। रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए दो जोड़ी सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया है। इन ट्रेनों से एक दो नहीं बल्कि गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान समेत कई राज्यों के यात्रियों का सफर और आसान हो जाएगा। इनके लिए आज से बुकिंग भी शुरू हो गई है।   पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) विनीत अभिषेक ने बताया कि यात्रियों की सुविधा तथा उनकी बढ़ती यात्रा मांग को पूरा करने के उद्देश्य से मुंबई सेंट्रल – नई दिल्ली और बांद्रा टर्मिनस – अमृतसर स्टेशनों के बीच विशेष किराये पर दो सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी। सीपीआरओ द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, ट्रेन संख्या 04001/04002 मुंबई सेंट्रल – नई दिल्ली सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन 8 फेरे लगाएगी। ट्रेन संख्या 04001 मुंबई सेंट्रल – नई दिल्ली सुपरफास्ट विशेष मुंबई सेंट्रल से रात में 11.30 बजे प्रस्थान करेगी तथा अगले दिन रात 08.50 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। यह ट्रेन 21, 24, 27 और 30 दिसंबर को चलेगी। इसी प्रकार, ट्रेन संख्या 04002 नई दिल्ली – मुंबई सेंट्रल सुपरफास्ट स्पेशल नई दिल्ली से रात 10.40 बजे प्रस्थान करेगी तथा अगले दिन रात 09.00 बजे मुंबई सेंट्रल पहुंचेगी। यह ट्रेन 20, 23, 26 और 29 दिसंबर को चलेगी। ट्रेन इन स्टेशनों पर रुकेगी यह ट्रेन दोनों दिशाओं में बोरीवली, सूरत, वडोदरा, रतलाम, कोटा, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी एवं मथुरा स्टेशनों पर ठहरेगी। इस ट्रेन में फर्स्ट एसी, एसी-2 टियर, एसी-3 टियर, एसी-3 टियर (इकोनॉमी), स्लीपर क्लास एवं जनरल सेकेंड क्लास कोच होंगे। ट्रेन संख्या 04695/04696 बांद्रा टर्मिनस – अमृतसर सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन 4 फेरे लगाएगी। ट्रेन संख्या 04695 बांद्रा टर्मिनस – अमृतसर सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन बांद्रा टर्मिनस से दोपहर 02.00 बजे चलेगी तथा अगले दिन रात 08.30 बजे अमृतसर पहुंचेगी। यह ट्रेन 24 और 28 दिसंबर को चलेगी। इसी प्रकार ट्रेन संख्या 04696 अमृतसर – बांद्रा टर्मिनस सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन अमृतसर से सुबह 04.20 बजे चलेगी तथा अगले दिन सुबह 11.00 बजे बांद्रा टर्मिनस पहुंचेगी। यह ट्रेन 23 और 27 दिसंबर 2025 को चलेगी। इन स्टेशनों पर होंगे स्टॉप यह ट्रेन दोनों दिशाओं में बोरीवली, वापी, वलसाड, सूरत, भरूच, वडोदरा, गोधरा, दाहोद, रतलाम, कोटा, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी, मथुरा, दिल्ली सफदरजंग, पानीपत, अंबाला कैंट, लुधियाना, जालंधर सिटी एवं ब्यास स्टेशनों पर ठहरेगी। इस ट्रेन में फर्स्ट एसी, एसी-2 टियर, एसी-3 टियर, स्लीपर क्लास एवं जनरल सेकेंड क्लास कोच होंगे। ट्रेन संख्या 04001और 04695 की बुकिंग 20 दिसंबर से सभी पीआरएस काउंटरों एवं आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर शुरू हो गई है।  

रेलवे बोर्ड का नया बदलाव: रिजर्वेशन चार्ट से पहले वेटिंग और RAC की जानकारी मिलेगी

नई दिल्ली  रेलवे यात्रियों के लिए एक बड़ी और राहत देने वाली खबर सामने आई है। अब ट्रेन का रिजर्वेशन चार्ट पहले से ज्यादा जल्दी तैयार किया जाएगा। यानी कन्फर्म और वेटिंग टिकट को लेकर जो आखिरी वक्त तक असमंजस बना रहता था, वह अब काफी हद तक खत्म हो जाएगा। रेलवे बोर्ड ने 16 दिसंबर को इस संबंध में नया आदेश जारी किया है, जिसके तहत अब ट्रेनों का पहला रिजर्वेशन चार्ट करीब 10 घंटे पहले तैयार किया जाएगा। यह बदलाव खास तौर पर उन यात्रियों के लिए फायदेमंद माना जा रहा है, जो वेटिंग लिस्ट में रहते हुए आखिरी समय तक टिकट कन्फर्म होने का इंतजार करते हैं। रेलवे ने रिजर्वेशन चार्ट का समय क्यों बदला? अक्सर देखा गया है कि ट्रेन छूटने से कुछ घंटे पहले तक यात्रियों को यह साफ नहीं हो पाता कि उनका टिकट कन्फर्म होगा या नहीं। इसी परेशानी को देखते हुए रेलवे ने पहले इस साल जून में 8 घंटे पहले चार्ट बनाने की व्यवस्था शुरू की थी। अब यात्रियों की सुविधा को और बेहतर बनाने के लिए इस समय को बढ़ाकर 10 घंटे कर दिया गया है। रेलवे का मानना है कि चार्ट पहले बनने से यात्रियों को समय रहते दूसरा विकल्प चुनने का मौका मिलेगा। किस समय चलने वाली ट्रेनों का चार्ट कब बनेगा? रेलवे बोर्ड के नए आदेश के अनुसार ट्रेनों के समय के हिसाब से चार्ट बनाने का नियम तय किया गया है:-     सुबह 5:01 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक रवाना होने वाली ट्रेनों का पहला रिजर्वेशन चार्ट एक दिन पहले रात 8 बजे तक तैयार कर लिया जाएगा।     दोपहर 2:01 बजे से रात 11:59 बजे तक चलने वाली ट्रेनों के लिए पहला चार्ट कम से कम 10 घंटे पहले तैयार होगा।     रात 12:00 बजे से सुबह 5:00 बजे तक रवाना होने वाली ट्रेनों का चार्ट भी 10 घंटे पहले तैयार किया जाएगा। वेटिंग टिकट वालों के लिए यह फैसला कितना राहत भरा है? अब वेटिंग टिकट वालों को आखिरी पल तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। पहले कई यात्री स्टेशन पहुंचने के बाद ही यह जान पाते थे कि टिकट कन्फर्म हुआ या नहीं। नए नियम से यात्रियों को पहले ही स्थिति साफ हो जाएगी, जिससे वे अपनी यात्रा की योजना बदल सकते हैं या रिफंड ले सकते हैं। पहली बार रिजर्वेशन चार्ट तैयार करने के समय में बदलाव रेलवे ने यात्रियों को उनकी यात्रा और रिजर्वेशन की स्थिति के बारे में पहले से जानकारी देने और खासकर दूर-दराज से आने वाले यात्रियों की चिंता कम करने के लिए पहली बार रिजर्वेशन चार्ट तैयार करने के समय में बदलाव किया है. इंडिया टुडे से बात करते हुए रेल मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा, 'यात्रियों की सुविधा के लिए चार्ट पहले तैयार किया जाएगा ताकि वे अपनी यात्रा की योजना आसानी से बना सकें.' इस संबंध में सभी जोनल रेलवे डिवीजनों को जरूरी निर्देश जारी कर दिए गए हैं. अब तक 4 घंटे पहले तैयार होता था चार्ट अब तक रेलवे में रिजर्वेशन चार्ट तैयार करने का नियम यह था कि ट्रेन के प्रस्थान से करीब 4 घंटे पहले पहला रिजर्वेशन चार्ट तैयार किया जाता था. इसका मतलब यह होता था कि वेटिंग लिस्ट या आरएसी में चल रहे यात्रियों को कन्फर्म सीट मिली है या नहीं, इसकी जानकारी बहुत आखिरी समय में मिलती थी. यात्रियों को होती थी असुविधा इस पुराने सिस्टम की वजह से खासकर दूर-दराज से स्टेशन आने वाले यात्रियों को काफी परेशानी होती थी. कई बार यात्री चार्ट बनने से पहले ही स्टेशन पहुंच जाते थे और बाद में पता चलता था कि उनका टिकट कन्फर्म नहीं हुआ है. इससे न सिर्फ समय और पैसे की बर्बादी होती थी, बल्कि यात्रा को लेकर असमंजस और तनाव भी बढ़ जाता था. रेलवे को लंबे समय से यात्रियों की ओर से शिकायतें मिल रही थीं कि चार्ट देर से बनने के कारण यात्रा की सही योजना नहीं बन पाती, इसी वजह से अब चार्ट प्रिपरेशन के समय में बदलाव किया गया है. क्या कन्फर्म टिकट वालों को भी फायदा मिलेगा? बिल्कुल। कन्फर्म टिकट वाले यात्रियों को भी सीट और कोच की जानकारी पहले मिल जाएगी। इससे वे समय पर स्टेशन पहुंचने, सामान पैक करने और यात्रा की तैयारी बेहतर तरीके से कर सकेंगे। यात्रियों को अब क्या सावधानी रखनी चाहिए? रेलवे यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे ट्रेन यात्रा से पहले चार्ट स्टेटस जरूर चेक करें। IRCTC ऐप या वेबसाइट के जरिए कन्फर्म और वेटिंग स्थिति आसानी से देखी जा सकती है। इससे आखिरी समय की परेशानी से बचा जा सकेगा। रेलवे का यह फैसला क्या संकेत देता है? रेलवे का यह कदम साफ दिखाता है कि वह यात्रियों की सुविधाओं को प्राथमिकता दे रहा है। चार्ट जल्दी बनने से न सिर्फ भ्रम कम होगा, बल्कि यात्रा भी ज्यादा सुविधाजनक बनेगी।

रेलवे ने गंदगी फैलाने वालों पर लगाया भारी जुर्माना, आठ माह में वसूली 24.82 लाख रुपये से अधिक

  जबलपुर  पश्चिम मध्य रेलवे जबलपुर, भोपाल एवं कोटा तीनों मण्डलों के सभी स्टेशनों पर स्टेशन परिसर एवं गाड़ियों में स्वच्छ, सुखद एवं पर्यावरण अनुकूल वातावरण मुहैया कराने के प्रति लगातार प्रयासरत है। मण्डलों के रेलवे स्टेशनों एवं रेलगाड़ियों में नियमित साफ सफाई सुनिश्चित की जाती है, साथ ही नियमित उद्घोषणा के माध्यम से यात्रियों को जागरुक भी किया जाता है। इसके अंतर्गत यात्रियों से स्टेशन परिसर को साफ सुथरा रखने, धूम्रपान नहीं करने तथा यहां वहां गंदगी नहीं करने के लिए जागरूक किया जाता है। बार-बार समझाइश के बावजूद कुछ लोग लापरवाही बरतते हैं, ऐसे लोगों के खिलाफ रेल प्रशासन द्वारा समय-समय पर रेलवे अधिनियम के अंतर्गत जुर्माने की कार्यवाही की जाती है। पश्चिम मध्य रेलवे द्वारा चालू वित्तीय वर्ष के अप्रैल से  नवम्बर कुल आठ माह में गन्दगी फैलाने वालों के विरुद्ध चलाये गए अभियान में कुल 12,550 व्यक्तियों के मामले पकडे गए, जिनसे कुल 24 लाख 82 हजार 940 रूपये जुर्माना वसूला गया।         अकेले नवम्बर माह में गन्दगी फैलाने वालों के विरुद्ध चलाये गए अभियान में कुल 1331 व्यक्तियों के मामले पकडे गए, जिनसे कुल 02 लाख 70 हजार 850 रूपये जुर्माना वसूला गया। इसके अलावा जुर्माने के साथ साथ ऐसे लोगों को समझाईश भी दी जाती है। साथ ही गंदगी से होने वाले नुकसान की जानकारी देते हुए स्टेशन परिसर स्वच्छ रखने के लिए अनुरोध भी किया जाता है।         रेल प्रशासन यात्रियों से अनुरोध करता है कि रेलवे आपकी अपनी संपत्ति है, रेल परिसर में कृपया गंदगी न फैलाएं। स्टेशन का वातावरण स्वच्छ, सुंदर रखने में रेल प्रशासन द्वारा किये जा रहे प्रयासों में सहभागी बनें। गंदगी करने वालों के विरुद्ध आगे भी ऐसे अभियान निरंतर जारी रहेंगे।   

रेलवे की नई योजना: MP-दक्षिण भारत रूट की ट्रेनों की गति होगी दोगुनी, शिकायतें होंगी कम

नई दिल्‍ली  ट्रेन से झांसी होकर जाने वाले यात्रियों के लिए खुशखबरी है. अब सफर में समय कम लगेगा, पहले की तुलना में अब आधा समय बचेगा. भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए बड़ा कदम उठाया है. लूप लाइन की स्‍पीड दोगुनी कर दी गयी है. इसका फायदा झांसी डिवीजन से गुजरने वाली तमाम ट्रेनों को होगा. यानी अब सफर सुविधाजनक, पहले से और सुरक्षित होने के साथ ही समय बचाने वाला होगा. भारतीय रेलवे यात्रियों की सुविधा और संरक्षा को लेकर लगातार प्रयास कर रहा है. उत्‍तर मध्‍य रेलवे के झांसी डिवीजन में भी लगातार यही कवायद की जा रही है. डीआरएम अनिरुद्ध कुमार के अनुसार यात्रा में समय बचाने के लिए डिवीजन में लगातार कदम उठाए जा रहे हैं. इसी कड़ी में लूप लाइन की गति 15 किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़ाकर 30 किलोमीटर प्रति घंटे की गई है, जिससे ट्रेनों का ऑपरेशंस तेज और चुस्त-दुरुस्त हो रहा है. किन स्‍टेशनों में बढ़ेगी स्‍पीड झांसी डिवीजन के अनुसार पिछले माह झांसी डिवीजन के कुलपहाड़ स्टेशन के डाउन लूप लाइन पर गति 15 किमी/घंटा से बढ़ाकर 30 किमी/घंटा की गई (वीरांगन लक्ष्मीबाई झाँसी – महोबा खंड के बीच). इसी प्रकार चरखारी रोड स्टेशन के अप और डाउन दोनों लूप लाइनों की गति 15 से 30 किमी/घंटा की गई. टेहरका स्टेशन के डाउन लूप लाइन पर गति 15 से 30 किमी/घंटा की गई. वहीं रानीपुर रोड स्टेशन के डाउन लूप लाइन पर गति 15 से 30 किमी/घंटा की गई. इससे वीरांगन लक्ष्मीबाई झांसी – महोबा खंड के बीच रेल यातायात और भी बेहतर होगा. इससे कैसे होगा फायदा जिन ट्रेनों को संबंधित स्‍टेशनों से होकर जाना होता था, लूप लाइन पर जाते ही उनकी स्‍पीड कम हो जाती है. 15 की स्‍पीड से चलती हैं. इससे स्‍टेशन पहुंचने और छूटने के बाद निकलने में समय लगता था. लेकिन अब तेज स्‍पीड से निकलेंगी. इससे ट्रेन कम समय में पहुंच सकेंगी. और क्‍या होगा फायदा कई बार वंदेभारत, राजधानी समेत तमाम मेल-एक्‍सप्रेस ट्रेनें कई स्‍टेशनों से थ्रू यानी बगैर रुके निकलती हैं. ऐसे ट्रेनें मेल लाइन से गुजरती हैं. इस दौरान अगर कोई साधारण ट्रेन होती है तो उसे लूप लाइन में डाल दिया जाता है. जो अभी तक 15 किमी. की स्‍पीड से लूप लाइन में गुजरती थी. लेकिन अब ये ट्रेनें भी दोगुनी स्‍पीड से दौड़ सकेंगी. तीसरा फायदा भी लूप लाइन में ट्रेन की स्‍पीड धीमी होने की वजह से ट्रेन को गुजरने में समय लगता था. ऐसे में अगर कोई दूसरी लूप लाइन में आने वाली ट्रेन होती थी, तो उसे कई बार मेन लाइन में इंतजार करना पड़ता था. लेकिन अब लूप लाइन भी जल्‍दी खाली होगी, जिससे ट्रेन लूप लाइन में आएगी और मेन लाइन भी जल्‍दी खाली होगी. देशभर में हो रहा है यह काम भारतीय रेलवे के अनुसार ट्रेनों की स्‍पीड बढ़ाने के लिए देशभर के तमाम स्‍टेशनों में लूप लाइन के ट्रैकों को दुरुस्‍त करके स्‍पीड बढ़ाने का काम किया जा रहा है. इस तरह दूसरे स्‍टेशनों पर लूप लाइन की स्‍पीड जल्‍द ही बढ़ जाएगी.

यात्रियों की सुविधा के लिए 05587/05588 गोरखपुर-एलटीटी-गोरखपुर विशेष ट्रेन का संचालन तय

यात्रियों की सुविधा के लिये रेलवे का बड़ा फैसला रेलवे का बड़ा फैसला: गोरखपुर-लोकमान्य तिलक टर्मिनस विशेष ट्रेन का संचालन 7 और 9 दिसंबर से यात्रियों की सुविधा के लिए 05587/05588 गोरखपुर-एलटीटी-गोरखपुर विशेष ट्रेन का संचालन तय जबलपुर रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की मांग पर गोरखपुर-लोकमान्य तिलक टर्मिनस विशेष ट्रेन शुरू करने का निर्णय लिया जबलपुर   रेलवे प्रशासन द्वारा यात्रियों की मांग पर 05587/05588 गोरखपुर- लोकमान्य तिलक टर्मिनस-गोरखपुर विशेष गाड़ी का संचालन गोरखपुर से 07 दिसम्बर, 2025 को तथा लोकमान्य तिलक टर्मिनस से 09 दिसम्बर, 2025 को चलाने का निर्णय लिया गया है। यह स्पेशल ट्रेन पश्चिम मध्य रेल के बीना, रानी कमलापति एवं इटारसी स्टेशनों से होकर गंतव्य को जाएगी। स्पेशल ट्रेन का विवरण इस प्रकार है:-  गाड़ी संख्या 05587 गोरखपुर-लोकमान्य तिलक टर्मिनस विशेष गाड़ी 07 दिसम्बर, 2025 को गोरखपुर से 23.25 बजे प्रस्थान कर दूसरे दिन बस्ती से 00.32 बजे, गोंडा से 02.00 बजे, गोमती नगर से 04.35 बजे, बादशाहनगर से 05.10 बजे, ऐशबाग से 05.55 बजे, कानपुर सेंट्रल से 07.55 बजे, उरई 10.20 बजे, वीरांगना लक्ष्मीबाई जं. (झाँसी) से 13.20 बजे, बीना से 16.40 बजे, रानी कमलापति से 19.25 बजे, इटारसी से 21.12 बजे, खंडवा से 23.42 बजे तीसरे दिन भुसावल से 01.45 बजे, नासिक रोड से 05.15 बजे, इगतपुरी से 06.35 बजे तथा कल्याण से 08.08 बजे छूटकर लोकमान्य तिलक टर्मिनस 09.00 बजे पहुँचेगी। वापसी यात्रा में, गाड़ी संख्या 05588 लोकमान्य तिलक टर्मिनस-गोरखपुर विशेष गाड़ी 09 नवम्बर, 2025 को लोकमान्य तिलक टर्मिनस से 11.00 बजे प्रस्थान कर कल्याण से 11.45 बजे, ईगतपुरी से 14.10 बजे, नासिक रोड से 14.42 बजे, भुसावल से 18.50 बजे, खंडवा से 21.40 बजे दूसरे दिन इटारसी से 00.25 बजे, रानी कमलापति से 02.40 बजे, बीना से 04.50 बजे, वीरांगना लक्ष्मीबाई जं. (झाँसी) से 06.55 बजे, उरई 08.07 बजे, कानपुर सेंट्रल से 12.05 बजे, ऐशबाग से 13.45 बजे, बादशाहनगर से 14.12 बजे, गोमती नगर से 14.55 बजे, गोंडा से 17.25 बजे तथा बस्ती से 19.02 बजे छूटकर गोरखपुर से 20.15 बजे पहुँचेगी।   इस गाड़ी में जनरेटर सह लगेज यान का 01, शयनयान श्रेणी के 04, वातानुकूलित तृतीय श्रेणी के 08, वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी के 02, वातानुकूलित प्रथम श्रेणी का 01, साधारण द्वितीय श्रेणी के 04, तथा एल.एस.एल.आर.डी. के 01 कोच सहित कुल 21 कोच लगाये जायेंगे।  इस स्पेशल ट्रेन के ठहराव, समय एवं संरचना के संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए यात्री कृपया www.enquiry.indianrail.gov.in पर जाकर अवलोकन कर सकते हैं।