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झरिया से आगे निकला खतरा: कतरास और निरसा में भी विकराल होती भू-धंसान की समस्या, दशकों पुराने खनन की विरासत ने बढ़ाई धनबाद की मुश्किलें

धनबाद धनबाद कोयलांचल में भू-धंसान अब छिटपुट घटनाओं की कहानी नहीं रह गयी है. बंद खदानों, भूमिगत खाली जगहों, कमजोर पिलरों, पुराने गोफ और भूमिगत आग की दशकों पुरानी विरासत का असर अब आबादी के बीच दिखाई दे रहा है. 13 सितंबर को बंद रामकनाली प्रोजेक्ट में अवैध खनन के दौरान खदान धंसने से तीन लोगों की मौत हुई. इससे पहले आठ सितंबर को सिजुआ की तीनपटिया बस्ती में जमीन धंसने से एक बच्चे की मौत हो गयी और कई लोग मलबे में दबकर घायल हुए. जुलाई-अगस्त में छाताबाद में मकानों के आसपास जमीन धंसने की घटनाएं सामने आयीं. केंदुआडीह में गैस रिसाव ने भी खतरे का संकेत दिया. आबादी के बीच बढ़ता भू-धंसान का खतरा इन घटनाओं ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर धनबाद में अगली बार जमीन कहां धंसेगी और खतरे वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को बचाने की तैयारी कितनी है. 100 वर्ग किमी से अधिक इलाका संवेदनशील होने का अनुमानधनबाद कोयलांचल में 100 वर्ग किमी से अधिक क्षेत्र को किसी न किसी स्तर पर भू-धंसान की संवेदनशीलता से जोड़कर देखा जा रहा है. क्षेत्रवार अनुमान के अनुसार धनबाद शहर से सटे इलाकों में करीब 10 वर्ग किमी, झरिया में 25 वर्ग किमी, कतरास में 40 वर्ग किमी और निरसा में करीब 40 वर्ग किमी क्षेत्र संवेदनशील माना जा रहा है.हालांकि ये क्षेत्रवार अनुमान हैं. इन्हें सरकारी रूप से चिह्नित प्रभावित क्षेत्र का अंतिम आंकड़ा नहीं माना जा सकता.धनबाद नगर निगम का क्षेत्रफल करीब 355.77 वर्ग किमी बताया जाता है. शहर से सटे हिस्से, झरिया और कतरास के उपलब्ध अनुमानों को जोड़ने पर करीब 75 वर्ग किमी क्षेत्र भू-धंसान की संवेदनशीलता से जुड़ता है. यह नगर निगम के कुल क्षेत्रफल का करीब 21 फीसदी बैठता है. वहीं निरसा का अनुमानित संवेदनशील क्षेत्र अलग है. 2.3 से 2.75 लाख लोग संभावित खतरे की जद में सबसे बड़ी चिंता यह है कि संवेदनशील जमीन के ऊपर सिर्फ खाली क्षेत्र नहीं हैं. यहां घर, सड़क, स्कूल, बाजार और पूरी बस्तियां बसी हुई हैं. अनुमानों के मुताबिक धनबाद शहर से सटे संवेदनशील इलाकों में 10 से 15 हजार, झरिया में 50 से 60 हजार, कतरास में 70 हजार से एक लाख और निरसा में करीब एक लाख की आबादी संभावित खतरे वाले क्षेत्रों में रह रही है. खनन क्षेत्र में जमीन की बदली तस्वीर क्षेत्रवार अनुमानों को जोड़ने पर करीब 2.3 से 2.75 लाख लोगों के संभावित रूप से भू-धंसान प्रभावित क्षेत्रों में रहने का अनुमान सामने आता है. यह आंकड़ा भी अनुमान आधारित है, इसलिए इसे प्रभावित आबादी का अंतिम सरकारी आंकड़ा नहीं माना जा सकता. खतरा सिर्फ झरिया तक सीमित नहींधनबाद में भू-धंसान की चर्चा अक्सर झरिया और भूमिगत आग से जोड़कर की जाती है, लेकिन हाल की घटनाओं ने तस्वीर बदल दी है. कतरास और निरसा में भी संवेदनशील क्षेत्र का दायरा बड़ा बताया जा रहा है.टंडाबाड़ी, छाताबाद और सिजुआ की हालिया घटनाओं ने दिखाया है कि खतरा आबादी के बीच अचानक सामने आ सकता है. ऐसे में सिर्फ पुराने चिन्हित इलाकों पर नजर रखना पर्याप्त नहीं होगा. दशकों पुराने खनन की विरासत धनबाद की जमीन के नीचे खनन का इतिहास काफी पुराना है. राष्ट्रीयकरण से पहले हुए अवैज्ञानिक खनन, भूमिगत खाली जगहों और पुराने खनन क्षेत्रों में समय के साथ होने वाले बदलाव का असर आज भी जमीन की स्थिरता पर पड़ रहा है. भूमिगत खनन के बाद छोड़ी गयी खाली जगहें और कमजोर पिलर समय के साथ प्रभावित हो सकते हैं. कई इलाकों में पुराने गोफ और भूमिगत आग इस जोखिम को और बढ़ाते हैं. वहीं कमजोर हिस्सों में अवैध और अनियंत्रित कोयला खनन जमीन की स्थिरता को प्रभावित कर सकता है. 2023 से लगातार सामने आ रही भू-धंसान की घटनाएं भू-धंसान की घटनाएं पिछले कुछ वर्षों में लगातार सामने आती रही हैं. जनवरी 2023 में गड़ेरिया, ईस्ट बसुरिया में जमीन धंसने से दहशत फैल गयी थी. सितंबर में गोंदूडीह कोलियरी में तीन महिलाएं गोफ में समा गयी थीं. इसी वर्ष कापासारा में अवैध खनन के दौरान खदान धंसने से दो लोगों की मौत हुई. मकानों के आसपास दिखते खतरे के निशान 2024 में लकड़का नंबर-9 और बांसजोड़ा में जमीन धंसने की घटनाएं सामने आयीं. 2025 में जोगता, केशलपुर और बांसजोड़ा में जमीन में दरार और धंसान ने चिंता बढ़ायी. सितंबर 2025 में रामकनाली में ओबी डंप धंसने से सर्विस वैन खाई में गिर गयी थी, जिसमें सात लोगों की मौत हुई. इसके बाद 31 मार्च 2026 को टंडाबाड़ी में मकान के नीचे जमीन धंसने से तीन लोगों की जान चली गयी. उसी इलाके में बाद में भी दरार और धंसान की घटनाएं सामने आयीं. जुलाई-अगस्त में छाताबाद में कई मकान प्रभावित हुए. आठ सितंबर को सिजुआ की तीनपटिया बस्ती में भू-धंसान में एक बच्चे की मौत हो गयी. 13 सितंबर को रामकनाली में बंद प्रोजेक्ट में अवैध खनन के दौरान खदान धंसने से तीन लोगों की मौत ने एक बार फिर खतरे की गंभीरता सामने ला दी. मार्च के बाद 17 घटनाएं, 11 अकेले कतरास में उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस साल मार्च के बाद धनबाद में भू-धंसान की 17 घटनाएं सामने आ चुकी हैं. इनमें 11 घटनाएं अकेले कतरास कोयलांचल में बतायी जा रही हैं. टंडाबाड़ी, छाताबाद और सिजुआ की घटनाओं ने साफ कर दिया है कि भू-धंसान का खतरा अब सिर्फ पुराने चर्चित क्षेत्रों तक सीमित नहीं है. आबादी वाले नये इलाकों में भी जमीन की स्थिरता पर सवाल उठ रहे हैं. खतरे के बीच कई परिवार खुद कर रहे पलायन भू-धंसान और आग से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान पर बसाना स्थायी समाधान माना जाता है. बेलगड़िया और करमाटांड़ में झरिया पुनर्वास योजना के तहत परिवारों को बसाने की प्रक्रिया चल रही है. दूसरी ओर खतरे के बीच झरिया के कई परिवार खुद भी सुरक्षित इलाकों की ओर जा रहे हैं. गोविंदपुर तथा धनबाद से सटे वनस्थली कॉलोनी, कोलाकुसमा और सीएमपीएफ को-ऑपरेटिव कॉलोनी जैसे गैर-कोयला बीयरिंग क्षेत्रों में लोग जमीन और मकान लेकर बस रहे हैं. भू-धंसान प्रभावित क्षेत्र में जमीन और मकानों की फोटो इससे संवेदनशील क्षेत्रों में आबादी का दबाव कम हो सकता है, लेकिन बिना समुचित योजना नयी बस्तियों के विस्तार से सड़क, पानी, सीवरेज और शहरी नियोजन की चुनौती बढ़ सकती है. … Read more

धनबाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल में आग से अफरा-तफरी, मरीजों ने छोड़ा अस्पताल

धनबाद धनबाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल (डीएमसीएच) में शनिवार शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के कार्यालय में अचानक आग लग गई। आग से कार्यालय में रखा जरूरी कागजात जल गए, हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा धनबाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के कार्यालय में शनिवार की शाम अचानक आग लग गई। कार्यालय से धुआं उठता देख सुरक्षा कर्मियों और अस्पताल कर्मचारियों में अफरातफरी मच गई। घटना के समय कार्यालय बंद था और बाहर ताला लगा हुआ था। धुआं निकलता देख तुरंत शोर मचाया गया और ताला तोड़कर दरवाजा खोला गया। अंदर घना धुआं फैला हुआ था। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए सुरक्षा कर्मियों और कर्मचारियों ने सबसे पहले बिजली का कनेक्शन काटा। इसके बाद कार्यालय में प्रवेश कर आग पर काबू पाया गया। समय रहते आग बुझा ली गई, लेकिन तब तक विभाग की कई महत्वपूर्ण फाइलें जलकर नष्ट हो चुकी थीं। प्रारंभिक तौर पर आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। धुएं के कारण अफरातफरी का माहौल घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल अधीक्षक डॉ. डी.के. गिंदोरिया, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. राजलक्ष्मी तुबिद, वरीय अस्पताल प्रबंधक डॉ. सुमन समेत अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। अधीक्षक ने बताया कि पूरे मामले की जांच कराई जा रही है और आग से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए बिजली सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी। आग का धुआं पास के वार्डों तक पहुंच गया, जिससे वहां भर्ती मरीजों और उनके परिजनों में दहशत फैल गई। धुएं के कारण कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया और कई लोग अपने मरीजों को लेकर बाहर निकल आए। हालांकि अस्पताल प्रबंधन और कर्मचारियों की तत्परता से जल्द ही स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया और हालात सामान्य होने के बाद मरीजों को दोबारा वार्डों में भेज दिया गया।  

धनबाद के डीसी-एसपी ने डिस्पैच और रिसीविंग सेंटर का किया निरीक्षण

धनबाद. नगर पालिका (आम) निर्वाचन 2026 को लेकर धनबाद जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है. चुनाव को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और त्रुटिरहित तरीके से संपन्न कराने के उद्देश्य से सोमवार 02 फरवरी 2026 को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन और वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने चुनावी केंद्रों का निरीक्षण किया. प्रशासन की ओर से यह निरीक्षण चुनावी तैयारियों की अंतिम समीक्षा के तौर पर किया गया. डिस्पैच सेंटर और रिसीविंग सेंटर का बारीकी से निरीक्षण उपायुक्त और एसएसपी ने बिरसा मुंडा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स स्थित डिस्पैच सेंटर का निरीक्षण किया. यहां मतदान कर्मियों के लिए तैयार की गई व्यवस्थाओं, सामग्री वितरण प्रणाली और सुरक्षा इंतजामों की गहन जांच की गई. इसके बाद धनबाद पॉलिटेक्निक स्थित रिसीविंग सेंटर पहुंचकर मतगणना के बाद ईवीएम और चुनाव सामग्री जमा कराने की प्रक्रिया की समीक्षा की गई. मटेरियल सेल में व्यवस्थाओं की जांच प्रशासनिक अधिकारियों ने टाउन हॉल के सामने विवाह भवन स्थित मटेरियल सेल का भी निरीक्षण किया. यहां चुनाव से जुड़ी सामग्री के भंडारण, आवंटन और रिकॉर्ड संधारण की व्यवस्था की जांच की गई. उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी सामग्री समय पर और सही तरीके से मतदान दलों तक पहुंचे, इसमें किसी तरह की लापरवाही न हो. हर स्तर पर निगरानी के निर्देश निरीक्षण के दौरान उपायुक्त आदित्य रंजन ने कार्य में लगे पदाधिकारियों और कर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्वाचन से संबंधित प्रत्येक गतिविधि की सतत और बारीकी से निगरानी की जाए. उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर छोटी सी भी चूक पूरे चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है, इसलिए जिम्मेदारी और सतर्कता के साथ काम करें. आयोग के निर्देशों का अक्षरशः पालन जरूरी उपायुक्त ने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग, झारखंड द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने सभी संबंधित कोषांगों को आपसी समन्वय बनाकर कार्य करने का निर्देश दिया. समयबद्ध तरीके से कार्य निष्पादन और स्पष्ट जिम्मेदारी तय करने पर विशेष जोर दिया गया. सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर भी फोकस वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने कहा कि मतदान और उससे जुड़े सभी चरणों में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखी जाएगी. संवेदनशील और अति संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर रखी जा रही है. पुलिस और प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल के साथ कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं. कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद निरीक्षण के दौरान सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव, उप विकास आयुक्त सन्नी राज, एसडीएम लोकेश बारंगे, निदेशक डीआरडीबी राजीव रंजन, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर हेमा प्रसाद, जिला पंचायती राज पदाधिकारी मुकेश बाउरी समेत कई अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे. सभी अधिकारियों ने अपने-अपने स्तर पर चुनावी तैयारियों की जानकारी साझा की और आवश्यक निर्देश प्राप्त किए.. 

धनबाद को मिली हाईटेक पुलिस कंट्रोल रूम की सौगात

धनबाद. 77वें रिपब्लिक डे के मौके पर झारखंड की कोयलानगरी धनबाद में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया. कोर्ट मोड़ स्थित हाईटेक पुलिस कंट्रोल रूम सह डिस्ट्रिक्ट कंट्रोल रूम का उद्घाटन डिप्टी कमिशनर आदित्य रंजन और सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (एसएसपी) प्रभात कुमार ने संयुक्त रूप से किया. इस अवसर पर डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन और पुलिस डिपार्टमेंट के कई सीनियर अफसर मौजूद रहे. रिनोवेशन के बाद हाईटेक रूप में तैयार हुई बिल्डिंग उद्घाटन के बाद एसएसपी प्रभात कुमार ने बताया कि पुलिस कंट्रोल रूम भवन का पूरी तरह रिनोवेशन किया गया है और इसे आधुनिक तकनीकी सुविधाओं से लैस किया जा रहा है. यह कंट्रोल रूम अब जिले की सुरक्षा व्यवस्था का मुख्य कमांड सेंटर बनेगा, जहां से सभी महत्वपूर्ण पुलिस गतिविधियों की मॉनिटरिंग की जाएगी. 24×7 मॉनिटरिंग और त्वरित पुलिस रिस्पॉन्स सिस्टम एसएसपी ने कहा कि यह कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे एक्टिव रहेगा. यहीं से जिले की विधि-व्यवस्था, सिटी हॉक्स बाइक पेट्रोलिंग, पीसीआर पेट्रोलिंग और डायल 112 इमरजेंसी सर्विस का संचालन किया जाएगा. कंट्रोल रूम में डीएसपी लेवल के अफसर की तैनाती की गई है, जिनकी निगरानी में सभी गतिविधियां संचालित होंगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच सके. 350 सेंसेटिव जगहों पर लगेंगे ऑडियो युक्त सीसीटीवी एसएसपी प्रभात कुमार ने जानकारी दी कि जिले के लगभग 350 प्रमुख और संवेदनशील स्थानों पर ऑडियो युक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे. इसकी प्रक्रिया जल्द शुरू होगी. इन कैमरों से अपराध नियंत्रण के साथ-साथ भीड़ प्रबंधन और ट्रैफिक मॉनिटरिंग में पुलिस को बड़ी मदद मिलेगी. एएनपीआर कैमरों से गाड़ियों की होगी पहचान इसके साथ ही कई मुख्य सड़कों और चौक-चौराहों पर एएनपीआर (ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरे भी लगाए जाएंगे. इससे संदिग्ध वाहनों की पहचान, ट्रैकिंग और अपराध में इस्तेमाल किए गए वाहनों को पकड़ने में पुलिस को तकनीकी बढ़त मिलेगी. मॉनिटरिंग हॉल में लगेगी बड़ी एलसीडी स्क्रीन पुलिस कंट्रोल रूम परिसर में एक विशेष मॉनिटरिंग हॉल का निर्माण कराया गया है. यहां बड़ी एलसीडी स्क्रीन लगाई जाएंगी, जिन पर जिले के अलग-अलग इलाकों में लगे कैमरों की लाइव फीड देखी जाएगी. इससे पूरे जिले की गतिविधियों पर एक ही जगह से नजर रखी जा सकेगी. आम लोगों को सुरक्षा का भरोसा देना हमारा उद्देश्य: एसएसपी एसएसपी प्रभात कुमार ने कहा कि इस हाईटेक कंट्रोल रूम का मुख्य उद्देश्य यह है कि जिले में कहीं भी कोई घटना होने पर पुलिस तुरंत रिस्पॉन्स करे और आम लोगों को सुरक्षा व सहायता का भरोसा मिल सके. तकनीक के बेहतर इस्तेमाल से अपराध पर नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा. सीनियर अफसरों की मौजूदगी में हुआ इनोग्रेशन उद्घाटन समारोह में उपायुक्त आदित्य रंजन और एसएसपी प्रभात कुमार के अलावा जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग के कई वरीय पदाधिकारी मौजूद रहे. सभी अधिकारियों ने कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया और यहां की व्यवस्थाओं की जानकारी ली.

कोयलांचल से भोपाल का सफर होगा आसान, धनबाद–भोपाल एक्सप्रेस ट्रेन को मिली मंजूरी

रांची झारखंड के कोयलांचल क्षेत्र, खासकर धनबाद के यात्रियों के लिए भारतीय रेलवे ने बड़ी सौगात दी है। रेलवे बोर्ड ने भोपाल और धनबाद के बीच नई एक्सप्रेस ट्रेन के संचालन को हरी झंडी दे दी है। जारी आदेश के अनुसार 11631/11632 भोपाल-धनबाद एक्सप्रेस ट्रेन का संचालन जल्द शुरू किया जाएगा। इस फैसले से झारखंड और मध्य प्रदेश के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी स्थापित होगी, जिससे हजारों यात्रियों को राहत मिलेगी। अब तक धनबाद से भोपाल की यात्रा करने वाले यात्रियों को कई ट्रेनों में बदलाव करना पड़ता था या फिर लंबा समय लगता था। नई एक्सप्रेस ट्रेन के शुरू होने से यह यात्रा सीधी, आरामदायक और समय की बचत वाली हो जाएगी। खासकर कोयला उद्योग से जुड़े कर्मचारी, अधिकारी, व्यापारी और छात्र इस ट्रेन से सीधे लाभान्वित होंगे। रेलवे द्वारा जारी जानकारी के अनुसार 11631 भोपाल-धनबाद एक्सप्रेस भोपाल से रात 8:55 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन सुबह 8:30 बजे धनबाद पहुंचेगी। यह ट्रेन सप्ताह में तीन दिन सोमवार, गुरुवार और शुक्रवार को चलेगी। वहीं, 11632 धनबाद-भोपाल एक्सप्रेस धनबाद से सुबह 7:20 बजे रवाना होकर शाम 7:00 बजे भोपाल पहुंचेगी। इसका संचालन रविवार, बुधवार और शनिवार को किया जाएगा। ट्रेन का रखरखाव भोपाल में किया जाएगा यह ट्रेन अपने मार्ग में सिंगरौली, चोपन, रेनुकूट, डाल्टनगंज, गढ़वा रोड, बरकाकाना, रांची रोड, बोकारो थर्मल, चंद्रपुरा और कतरासगढ़ जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों पर रुकेगी। इससे झारखंड, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई इलाकों का आपसी संपर्क और मजबूत होगा। स्थानीय लोगों का मानना है कि इससे न सिर्फ यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। भोपाल-धनबाद एक्सप्रेस आधुनिक आईसीएफ कोचों के साथ चलाई जाएगी, जिसमें स्लीपर और जनरल कोच शामिल होंगे। ट्रेन का रखरखाव भोपाल में किया जाएगा। रेलवे बोर्ड ने निर्देश दिए हैं कि इस ट्रेन को जल्द से जल्द सुविधाजनक तिथि से शुरू किया जाए। जरूरत पड़ने पर पहली यात्रा को विशेष ट्रेन के रूप में चलाकर बाद में इसे नियमित सेवा में बदला जा सकता है।  

धनबाद में तीन मंजिला बिल्डिंग में लगी आग, 2 लोगों की गई जान

धनबाद झारखंड के धनबाद जिले में एक तीन मंजिला इमारत में आग लगने से एक बुजुर्ग महिला समेत एक ही परिवार के दो सदस्यों की जलने से मौत हो गई जबकि दो अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना सोमवार रात सेराइढेला पुलिस थाना क्षेत्र के विकास नगर की है। दमकल कर्मियों ने बाद में आग पर काबू पा लिया और अन्य निवासियों को सुरक्षित निकाल लिया गया। सेराइढेला पुलिस थाना प्रभारी मंजीत कुमार ने बताया, "इमारत से दो जले हुए शव बरामद किए गए और दो अन्य घायल लोगों को शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया गया है।" पुलिस थाना प्रभारी मंजीत कुमार ने बताया कि मृतकों की पहचान चिंता देवी (70) और प्रशांत कुमार (22) के रूप में हुई है। एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि आग लगने का सटीक कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है लेकिन प्रथम दृष्टया शॉर्ट सर्किट इसका कारण प्रतीत होता है। उन्होंने कहा, "हालांकि, यह भी दावा किया गया है कि आग कमरे को गर्म रखने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे हीटर से लगी। मामले की आगे जांच चल रही है।"