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करोंद में आग का तांडव: बिल्डिंग से उठीं ऊंची लपटें, AC और फर्नीचर जलकर खाक

भोपाल भोपाल के करोंद इलाके में बुधवार को अचानक आग लग गई। जानकारी के अनुसार, आग चार मंजिला कमर्शियल बिल्डिंग में लगी, जहां KFC आउटलेट और इलेक्ट्रॉनिक शोरूम मौजूद हैं। आग की ऊंची लपटें और काला धुआं देखकर इलाके में हड़कंप मच गया। मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।  बताया जा रहा है कि, आग बिल्डिंग के फर्स्ट फ्लोर में लगी। इसके चलते फर्नीचर भी जल गया।  राहत की बात यह है कि कोई जनहानि नहीं हुई लेकिन इस आग के चलते आर्थिक नुकसान जरूर हुआ है। इसका आंकलन किया जाएगा। बड़ा हादसा टला आग लगते ही फायर ब्रिगेड को कॉल किया गया। पीपुल्स हॉस्पिटल की फायर ब्रिगेड टीम ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाई। नगर-निगम की दमकल गाड़ी भी मौके पर पहुंची थी। गनीमत रही कि, बिल्डिंग में ज्यादा लोग मौजूद नहीं थे। इस वजह से बड़ा हादसा टल गया। प्रशासन अब हादसे की जांच कर रहा है। आग की वजह से इलाके में हड़कंप मच गया। अफरा-तफरी के माहौल के बीच आग पर काबू पाया गया। इससे कोई जनहानि तो नहीं हुई, लेकिन लाखों रुपए का नुकसान हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग लगने के दौरान बिल्डिंग में भीड़ नहीं थी। इस वजह से बड़ा हादसा टल गया। प्रशासन नुकसान का आंकलन लगा रहा है। क्रोमा के इलेक्ट्रॉनिक शोरूम के जनरेटर से भड़की आग नगर निगम के फायर प्रभारी सौरभ पटेल ने बताया कि बिल्डिंग में क्रोमा का इलेक्ट्रॉनिक शोरूम है। इसके पास में रखे जनरेटर में आग लगी थी। इस वजह से कई एसी भी जल गए। जहां आग लगी थी, वहां पर केएफसी का आउटलेट भी है। हालांकि, उसे नुकसान नहीं पहुंचा। 20 मिनट में काबू में आई आग की वजह जनरेटर में शार्ट सर्किट होने को बताया जा रहा है। आग लगने की जानकारी मिलते ही पास में पीपुल्स हॉस्पिटल की फायर ब्रिगेड पहुंची और उसे बुझाने लगी। इसी दौरान नगर निगम की दमकल भी आ गई। दोनों ने मिलकर आग को काबू में लिया। इस वजह से आग ज्यादा नहीं फैली। बिल्डिंग के सामने लगी भीड़ करोंद में पीपुल्स हॉस्पिटल के सामने स्थित यह बिल्डिंग है। अचानक लगी आग से इलाके में हड़कंप मच गया। आग की ऊंची-ऊंची लपटें और दूर तक फैलता काला धुआं देखकर इलाके में दहशत फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग घरों और दुकानों से बाहर निकल आए। इससे मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। निशातपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। जनरेटर में लगी थी आग नगर निगम के फायर प्रभारी के अनुसार, बिल्डिंग में क्रोमा का इलेक्ट्रॉनिक शोरूम था। इसके पास रखे जनरेटर में आग लगी थी। इसके चलते कई एसी भी जल गए। जहां आग लगी वहीं केएफसी का आउटलेट है लेकिन इसे किसी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ है। करोंद इलाके में यह बिल्डिंग पीपुल्स हॉस्पिटल के बिलकुल सामने है। आग की ऊंची लपटें दूर से ही देखी जा सकती थीं। आग लगाने की सूचना मिलने पर आसपास के लोग भी पहुंचे। निशातपुरा थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को संभाला।

इंदौर में भयावह हादसा, 5 बसें जलकर खाक, 4 धमाकों से मचा हड़कंप, चश्मदीद बोले – गैस सिलेंडर फटा

इंदौर इंदौर के तीन इमली चौराहे पर सोमवार दोपहर को बड़ा हादसा हो गया। यहां खड़ी बसों में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते चार से पांच बसें उसकी चपेट में आ गईं। इस घटना से पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। काफी ऊंचाई तक उठी आग की लपटें प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग की लपटें काफी ऊंचाई तक उठती दिखाई दीं, जिससे आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया गया। शॉर्ट सर्किट की आशंका  प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शॉर्ट सर्किट के चलते आग लगने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि आग लगने की असली वजह का पता जांच के बाद ही चल सकेगा। घटना में फिलहाल किसी जनहानि की सूचना नहीं है। पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर मौजूद है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। पार्किंग में 20 से ज्यादा बसें खड़ी थीं प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, सोमवार सुबह एक बस में मरम्मत का काम किया जा रहा था। इसी दौरान वेल्डिंग के दौरान बस ने आग पकड़ ली। कुछ ही देर में लपटें एक के बाद एक पांच बसों तक पहुंच गई।स्थानीय नागरिकों ने बताया कि हादसे के वक्त मौके पर 20 से ज्यादा बसें खड़ी थीं। आनन-फानन में इन्हें यहां से हटाया गया। आसपास रिहायशी बस्ती होने की वजह से लोगों में घबराहट फैल गई। वे घरों से बाहर निकल आए। इंदौर के नवलखा की घटना  घटना इंदौर के नवलखा इलाके की बताई जा रही है. यहां पर बसों की पार्किंग होती है, साथ बसों की मरम्मत का काम भी किया जाता है. जानकारी के मुताबिक वेल्डिंग में एकदम से चिंगारी निकली थी, जिससे आग लग गई. आग एकदम से फैली और बसों को चपेट में लेना शुरू कर दिया. बताया जा रहा है कि गैस सिलेंडर फटने जैसी आवाजें भी आई हैं. जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई. क्योंकि आसपास बड़ी बस्ती बनी हुई है. ऐसे में लोग घरों से बाहर निकल आए थे. क्योंकि धमाका तेज हुआ था. जबकि आग लगने की वजह से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया था।  इंदौर में लोगों ने जताया गुस्सा  बताया जा रहा है कि यह रिहायशी इलाका है. यहां बसों की पार्किंग और मरम्मत का पहले विरोध हो चुका है. कई बार चेतावनी भी दी गई है. लेकिन लोगों का कहना है कि इस तरह के मामलों पर रोक नहीं लगाई जा रही है. जिससे परेशानियां हो रही हैं. वहीं इस घटना ने एक बार फिर से चुनौतियां खड़ी कर दी हैं. क्योंकि इस तरह की घटना से बड़ी जनहानि का डर बना रहता है. जबकि लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।  फिलहाल बसों में लगी आग पर काबू पाया जा रहा है. क्योंकि एक बाद एक लाइन से खड़ी कई बसों में आग लगी है. जिसे लपटे फैल रही हैं. दमकल की गाड़ियां आग बुझाने की कोशिश में जुटी हैं।  पार्षद बोले- कई बार शिकायत की स्थानीय पार्षद मनीष शर्मा ने कहा- रिहायशी इलाके में निजी बसों की पार्किंग और मरम्मत को लेकर पहले भी कई बार शिकायत की जा चुकी है। सुनवाई नहीं होने से हमेशा बड़े हादसे का खतरा बना रहता है। पार्षद शर्मा मौके पर ही धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा- जब तक बसें यहां से नहीं हटतीं और इसका समाधान नहीं निकलता, मैं धरने पर ही बैठा रहूंगा।

विवेक विहार में आग के कहर ने ली 9 जानें, चार मंजिला इमारत में लगी आग

 नई दिल्ली  पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार में रविवार तड़के एक आवासीय इमारत में आग लगने से कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि विवेक विहार फेज-1 में चार मंजिला इमारत में आग लगने की सूचना तड़के करीब तीन बजकर 48 मिनट पर मिली, जिसके बाद पुलिस, दमकल और आपदा प्रबंधन दल मौके पर पहुंचे। तुरंत ही बड़े पैमाने पर बचाव अभियान शुरू किया गया। विवेक विहार की बिल्डिंग में कैसे लगी आग? दिल्ली पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में पता चला है कि इस आग की घटना में 9 लोगों की मौत हो गई है। आग दूसरी, तीसरी और चौथी मंजिल पर बने फ्लैटों में लगी थी। बचाव और आग बुझाने के काम के दौरान, बिल्डिंग से 10-15 लोगों को बचाया गया, जिनमें से दो लोगों को मामूली चोटें आईं, जिन्हें इलाज के लिए गुरु तेग बहादुर हॉस्पिटल ले जाया गया। भीषण अग्निकांड में 9 लोगों की मौत पुलिस अधिकारी के मुताबिक, आग बुझाने के लिए दमकल की कुल 12 गाड़ियां भेजी गईं। दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए), यातायात पुलिस और स्थानीय पुलिस के दलों ने बचाव और निकासी प्रयासों में सहायता की। कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। पुलिस के अनुसार, मृतकों की पहचान हो गई है। जान गंवाने वालों में एक डेढ़ साल का मासूम भी है। भीषण अग्निकांड में इन लोगों ने गंवाई जान चार मंजिला इमारत में लगी आग पर काबू पा लिया गया है। हालांकि, रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान अलग-अलग मंजिल पर शव मिले हैं। पुलिस ने मृतकों के बारे में जानकारी दी है। जानिए भीषण अग्निकांड किन-किन लोगों ने गंवाई जान। दूसरी मंजिल (पीछे की तरफ) पर मृतक: 1. अरविंद, पिता – छोटे लाल, निवासी – B-13, दूसरी मंज़िल, विवेक विहार; उम्र – 60 वर्ष 2. अनीता जैन, पत्नी – अरविंद जैन; उम्र – 58 वर्ष 3. निशांत जैन, पिता – अरविंद जैन; उम्र – 35 वर्ष 4. आँचल जैन, पत्नी – निशांत जैन; उम्र – 33 वर्ष 5. मास्टर आकाश जैन, पिता – निशांत जैन; उम्र – 1.5 वर्ष पहली मंजिल पर मृतक: 1. शिखा जैन, पत्नी – नवीन; उम्र – 45 वर्ष तीसरी मंजिल पर मृतक – एक ही परिवार के सदस्य: 1. पति – नितिन जैन; उम्र – लगभग 50 वर्ष 2. पत्नी – शैले जैन; उम्र – लगभग 48 वर्ष 3. बेटा – सम्यक जैन; उम्र – लगभग 25 वर्ष घायल: नवीन जैन; उम्र – 48 वर्ष एसी ब्लास्ट से आग लगने की आशंका ऐसी आशंका जताई जा रही की एसी ब्लास्ट से घर में आग लगी है। हालांकि, अभी मामले की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि आग लगने की असल वजह क्या है। मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। फायर कंट्रोल रूम को इस हादसे की सूचना तड़के 3:48 बजे मिली थी, करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुबह 6:25 बजे आग पर काबू पा लिया गया। चार मंजिला बिल्डिंग में कैसे फैली आग? अधिकारियों ने बताया कि आग बुझाने के बाद भी काफी देर तक सर्च ऑपरेशन जारी रहा। खासकर ऊपरी मंजिलों पर, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई अंदर फंसा न रह जाए। पुलिस के अनुसार, आग ने इमारत की दूसरी, तीसरी और चौथी मंजिल पर स्थित कई फ्लैट को अपनी चपेट में ले लिया। कई लोगों को सुरक्षित निकाला गया फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीमों ने मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और करीब 14 से 20 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला. स्थानीय लोगों के मुताबिक, कुछ लोग पीछे के फ्लैट में फंसे होने की आशंका थी, हालांकि पुलिस ने फिलहाल किसी के अंदर फंसे होने से इनकार किया है।  AC ब्लास्ट से लगी आग की आशंका इस घटना के चश्मदीदों के अनुसार, आग लगने की वजह एसी में ब्लास्ट हो सकता है. हालांकि, आग लगने के सही कारणों का अभी आधिकारिक तौर पर पता नहीं चल पाया है और जांच जारी है।  बताया जा रहा है कि यह चार मंजिला इमारत थी, जिसमें कुल 8 फ्लैट बने हुए थे. आग लगने के समय ज्यादातर लोग सो रहे थे, जिससे कई लोग समय रहते बाहर नहीं निकल सके।  कूलिंग ऑपरेशन जारी दिल्ली फायर सर्विस और पुलिस के मुताबिक, फिलहाल आग पूरी तरह से काबू में है और कूलिंग ऑपरेशन जारी है. साथ ही, इमारत में सर्च ऑपरेशन चलाकर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई और अंदर फंसा न हो।  इस दर्दनाक हादसे ने इलाके में दहशत फैला दी है. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आग लगने के कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। 

मोहाली के रिलायंस गोदाम में आग से ग्रॉसरी और राशन जल गए, खड़े वाहन भी चपेट में; दमकल की गाड़ियां मौके पर

मोहाली बनूड़ के नजदीक स्थित खेड़ी गांव में रिलायंस के एक गोदाम में अचानक भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते गोदाम में रखा ग्रॉसरी का सामान, राशन और अन्य जरूरी वस्तुएं जलकर पूरी तरह खाक हो गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग लगने के बाद गोदाम से ऊंची-ऊंची लपटें उठती दिखीं, जिससे आसपास के इलाके में दहशत का माहौल बन गया। आग ने पास में खड़े एक वाहन को भी अपनी चपेट में ले लिया, जिससे वह भी बुरी तरह जल गया। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने की कोशिशें शुरू कर दी गईं। प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मौजूद हैं और राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। आग पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं। हालांकि आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है। गनीमत रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। फिलहाल प्रशासन द्वारा नुकसान का आंकलन किया जा रहा है और आग पूरी तरह बुझने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। आग पर काबू पाने के लिए प्रयास जारी घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने की कोशिशें शुरू कर दी गईं। प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मौजूद हैं और राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। आग पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं। शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका हालांकि आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है। गनीमत रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। फिलहाल प्रशासन द्वारा नुकसान का आंकलन किया जा रहा है और आग पूरी तरह बुझने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

पचपदरा रिफाइनरी में आग से मची अफरातफरी, कल पीएम मोदी करने वाले थे उद्घाटन, सीएस पहुंचे मौके पर

बालोतरा  राजस्थान के बालोतरा जिले स्थित पचपदरा रिफाइनरी में सोमवार को अचानक भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब अगले ही दिन 21 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रिफाइनरी के उद्घाटन का कार्यक्रम निर्धारित है। आग लगने की सूचना मिलते ही प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियों और रिफाइनरी प्रबंधन में हलचल तेज हो गई।   प्रोसेसिंग यूनिट में लगी आग प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग रिफाइनरी की एक प्रोसेसिंग यूनिट में लगी है। घटना के बाद परिसर में अफरातफरी का माहौल बन गया। आग किस कारण से लगी, इसका अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल सका है। तकनीकी टीम और सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंचकर स्थिति का आकलन करने और कारणों की जांच में जुटी हुई हैं। दूर तक दिखाई दिया धुएं का गुबार प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग काफी तेज थी और उसका घना धुआं करीब एक किलोमीटर दूर से भी साफ दिखाई दे रहा था। आग की तीव्रता को देखते हुए आसपास के क्षेत्र में चिंता का माहौल बन गया। धुएं का बड़ा गुबार आसमान में उठता दिखाई दिया, जिससे घटना की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।   राहत और बचाव कार्य जारी घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की 20 से अधिक गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाने के लिए तुरंत मोर्चा संभाला। राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है और लगातार प्रयास किए जा रहे हैं ताकि आग को अन्य यूनिटों तक फैलने से रोका जा सके। 2013 में रखी गई थी रिफाइनरी की आधारशिला रिफाइनरी की आधारशिला सबसे पहले 22 सितंबर, 2013 को सोनिया गांधी ने राज्य में अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यकाल के दौरान रखी थी, जिसकी शुरुआती अनुमानित लागत 37,230 करोड़ रुपये थी। सरकार बदलने के बाद, PM मोदी ने 16 जनवरी, 2018 को इस प्रोजेक्ट को फिर से शुरू किया और इसकी लागत को संशोधित करके 43,129 करोड़ रुपये कर दिया। लोकार्पण की तैयारियों के बीच 'अग्निपरीक्षा' जानकारी के अनुसार, सोमवार दोपहर को रिफाइनरी की एक विशेष यूनिट में अचानक स्पार्किंग या अज्ञात कारणों से आग भड़क उठी। कल होने वाले प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर पूरी रिफाइनरी को छावनी में तब्दील किया गया है और चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल तैनात हैं। ऐसे में इस तरह की घटना ने तकनीकी टीम और प्रशासन के पसीने छुड़ा दिए हैं। फायर सेफ्टी सिस्टम सक्रिय, बुझाने के प्रयास तेज आग लगते ही रिफाइनरी का इन-हाउस फायर सेफ्टी सिस्टम तुरंत सक्रिय हो गया। मौके पर मौजूद दर्जनों दमकल गाड़ियां और हाइड्रेंट सिस्टम के जरिए आग पर काबू पाने का प्रयास किया जा रहा है। धुएं की तीव्रता इतनी अधिक है कि इसे कई किलोमीटर दूर से देखा जा सकता है। रिफाइनरी के उच्चाधिकारी और जिला प्रशासन के आला अफसर मौके पर पहुँच चुके हैं और स्थिति की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था और वीवीआईपी प्रोटोकॉल पर सवाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कल यहां भव्य कार्यक्रम प्रस्तावित है, जिसके लिए एसपीजी (SPG) और राजस्थान पुलिस ने सुरक्षा का कड़ा घेरा बना रखा है। लोकार्पण से ठीक पहले हुई इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं:     क्या यह कोई तकनीकी खामी है या सुरक्षा में चूक?     क्या कल के कार्यक्रम के समय में कोई बदलाव होगा? (हालांकि अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है)।     रिफाइनरी के संवेदनशील जोन में आग लगने का वास्तविक कारण क्या है? अधिकारियों में मचा हड़कंप, कारणों का खुलासा नहीं फिलहाल प्राथमिकता आग को पूरी तरह बुझाने और उसे अन्य यूनिट्स तक फैलने से रोकने की है। आग लगने के सटीक कारणों का अभी खुलासा नहीं हो पाया है। एचपीसीएल (HPCL) और राजस्थान रिफाइनरी के तकनीकी विशेषज्ञ मौके पर डैमेज कंट्रोल में जुटे हैं। गनीमत यह है कि अभी तक किसी जनहानि की सूचना नहीं मिली है, लेकिन करोड़ों की मशीनरी को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।   उद्घाटन कार्यक्रम पर पड़ सकता है असर बताया जा रहा है कि 21 अप्रैल को सुबह करीब 11:30 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस रिफाइनरी का औपचारिक उद्घाटन किया जाना था। ऐसे में आग लगने की इस घटना ने प्रशासन और प्रबंधन की चिंता बढ़ा दी है। माना जा रहा है कि इस हादसे का उद्घाटन कार्यक्रम पर भी असर पड़ सकता है।   अधिकारियों की नजर स्थिति पर फिलहाल प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता आग पर पूरी तरह काबू पाना और किसी भी तरह के बड़े नुकसान को टालना है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जल्द ही आग पर नियंत्रण पाने की उम्मीद है। सुरक्षा व्यवस्था और वीवीआईपी प्रोटोकॉल पर सवाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कल यहां भव्य कार्यक्रम प्रस्तावित है, जिसके लिए एसपीजी (SPG) और राजस्थान पुलिस ने सुरक्षा का कड़ा घेरा बना रखा है। लोकार्पण से ठीक पहले हुई इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं:     क्या यह कोई तकनीकी खामी है या सुरक्षा में चूक?     क्या कल के कार्यक्रम के समय में कोई बदलाव होगा? (हालांकि अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है)।     रिफाइनरी के संवेदनशील जोन में आग लगने का वास्तविक कारण क्या है? अधिकारियों में मचा हड़कंप, कारणों का खुलासा नहीं फिलहाल प्राथमिकता आग को पूरी तरह बुझाने और उसे अन्य यूनिट्स तक फैलने से रोकने की है। आग लगने के सटीक कारणों का अभी खुलासा नहीं हो पाया है। एचपीसीएल (HPCL) और राजस्थान रिफाइनरी के तकनीकी विशेषज्ञ मौके पर डैमेज कंट्रोल में जुटे हैं। गनीमत यह है कि अभी तक किसी जनहानि की सूचना नहीं मिली है, लेकिन करोड़ों की मशीनरी को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।

नेशनल फायर सर्विसेज वीक के 82वें संस्करण का समापन, अवॉर्ड सेरेमनी में सम्मानित किए गए कर्मी

बटाला लोकल फायर ब्रिगेड ने भारत सरकार, पंजाब सरकार और कमिश्नर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के डायरेक्शन में और स्टेशन इंचार्ज नीरज शर्मा की लीडरशिप में, 14 अप्रैल से 20 अप्रैल तक चले “82वें नेशनल फायर सर्विसेज वीक” के खत्म होने पर आज “फीस्ट ऑफ ऑनर” ऑर्गनाइज़ किया। इस मौके पर चीफ गेस्ट असिस्टेंट कमिश्नर राजिंदर शर्मा म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन, गेस्ट सुपरिंटेंडेंट राजू, सैनिटरी इंस्पेक्टर विकास, सुपरिंटेंडेंट पलविंदर मिंग, हेड ड्राफ्ट्समैन अजैब सिंह, बिल्डिंग इंचार्ज धीरज कुमार (सभी म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन से) के साथ फायर ऑफिसर राकेश शर्मा, हरबख्श सिंह, सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स और फायर ब्रिगेड और म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के सभी स्टाफ मौजूद थे। इस मौके पर फायर ऑफिसर राकेश शर्मा ने क्लोजिंग सेरेमनी में मौजूद सभी का स्वागत किया और बताया कि इस साल की थीम, “सेफ स्कूल, सेफ हॉस्पिटल और फायर सेफ्टी के प्रति जागरूक समाज, बुरी आग की घटनाओं को रोकना” के अनुसार, इसकी शुरुआत एक श्रद्धांजलि समारोह से हुई और बाद में स्कूलों, फैक्ट्रियों, प्लांट्स, घरों, प्रिंट मीडिया के जरिए इलाके के लोगों को जागरूक किया गया। बाद में असिस्टेंट कमिश्नर राजिंदर शर्मा और सुपरिंटेंडेंट पलविंदर सिंह ने तारीफ करते हुए कहा कि हर साल की तरह इस साल भी फायर ब्रिगेड बटाला पूरे पंजाब में नंबर वन रहा, जिसने पूरे हफ्ते जागरूकता फैलाई। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों बटाला शहर के आसपास आग लगने की घटनाएं हुई थीं, जिसमें फायर ब्रिगेड के जवानों ने बड़ी हिम्मत, मेहनत और समझदारी से जान-माल के नुकसान को कम किया। इस दौरान कई कीमती जानें बचाईं, और लोगों से अपनी सेफ्टी के प्रति जागरूक रहने की भी अपील की। ​​आए हुए मेहमानों को यादगार तोहफे दिए गए।  

गाजियाबाद के इंदिरापुरम में लगी भीषण आग, लखनऊ जैसी स्थिति, आसमान में काले धुएं का गुबार

 गाजियाबाद लखनऊ के बाद अब गाजियाबाद के इंदिरापुरम में भीषण आग की घटना सामने आई है. यहां के कनावनी इलाके में स्थित झुग्गियों में आज अचानक आग लग गई, जिसने कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया. आग इतनी तेजी से फैली कि कई झुग्गियां इसकी चपेट में आ गई हैं. आसमान पूरी तरह से काले धुएं के गुबार से भर गया है और तेजी से उठती लपटों को देख पूरे इलाके में अफरा-तफरी मची हुई है. अपनी जान बचाने के लिए लोग सुरक्षित ठिकानों की ओर भाग रहे हैं।  जैसे ही आग लगने की सूचना मिली, स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और फायर विभाग को इसकी जानकारी दी. मौके पर दमकल की कई गाड़ियां पहुंच चुकी हैं और आग पर काबू पाने का काम जारी है. दमकल कर्मी लगातार मशक्कत कर रहे हैं ताकि आग को और ज्यादा फैलने से रोका जा सके. फिलहाल मौके पर फायर ब्रिगेड की टीमें तैनात हैं और लपटों को बुझाने की कोशिश की जा रही है। 

कृषि विभाग ने किसानों से की अपील, खलिहानों को आग से बचाने के लिए ज्वलनशील पदार्थों से करें परहेज

ज्वलनशील पदार्थों से करें खलिहानों का बचाव आगजनी की घटनाओं के पश्चात कृषि विभाग ने किसानों से की अपील बेमौसम बरसात पर भी किसानों को किया जा रहा जागरूक, दाने भीग गए हैं तो उनमें मात्र 10 प्रतिशत तक नमी बचने के बाद ही करें भंडारित  लखनऊ प्रदेश के कुछ जनपदों में खेत-खलिहानों में आगजनी की घटनाओं पर कृषि विभाग किसानों को जागरूक कर रहा है। कृषि विभाग ने जनपदों में तैनात कृषि अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इस समय किसान बेमौसम बारिश से परेशान हैं। वहीं कुछ जनपदों में आगजनी की घटनाएं भी सामने आई हैं। ऐसे में किसानों के पास पहुंचकर उन्हें जागरूक करें कि वे खलिहानों का सिगरेट, बीड़ी व अन्य ज्वलनशील पदार्थों से बचाव करें।  कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि इन दिनों निरंतर किसानों से संपर्क में रहें। उन्हें किसी प्रकार की परेशानी हो, इसके लिए भी लगातार किसानों से संवाद स्थापित करें।  कृषि विभाग ने किसानों से अपील की कि वर्तमान में सरसों, चना, मसूर, मटर जैसी फसलों की कटाई एवं मड़ाई पूर्ण करते हुए भण्डारण इत्यादि किया जा रहा है। सर्वाधिक क्षेत्र में उगाई गई गेहूं की फसल को कुछ दिनों से विभिन्न क्षेत्रों में हो रही वर्षा से क्षति की आशंका है। ऐसे में किसान इस समय फसलों की कटाई एवं मड़ाई के समय सावधानी बरतें।  विभाग ने किसानों से कहा कि खेतों में यदि खड़ी फसल है और भीग गई है तो एक या दो दिन सूखने का मौका दें। यदि फसल की कटाई हो गई है और लांक खेत में पड़ी है तो खेत में पानी न रुकने दें अथवा बोझा बांधकर खड़ा कर दें। यदि फसल कटकर खलिहान में पड़ी है और भीग गई है तो उसे खोलकर हवा व धूप लगने दें जिससे जल्द ही सूख जाए, तत्पश्चात मड़ाई करें। यदि दाने भीग गए हैं तो उसे मात्र 10 प्रतिशत तक नमी बचने के बाद ही भंडारित करें। बीज उत्पादक कृषक हार्वेस्टर कंबाइन से कटाई कराते समय सफाई का विशेष ध्यान रखें। वर्तमान में नमी के दृष्टिगत भण्डारण के समय भण्डार स्थल अथवा बखारी, बोरा, दीवाल आदि को धूमरीकरण/फ्यूमिगेशन अवश्य कर लें, जिससे भण्डारगृह साफ सूखा एवं कीटमुक्त रहे। थोड़ी सी सावधानी व उचित प्रबंधन से वर्षा से होने वाले संभावित नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

आग का कहर किसान की फसल जलकर खाक

 राजनगर     राजनगर ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ग्राम राजामोटा ग्राम पंचायत सूरजपुर की किसान मेदा पाल पति मइयादीन पाल उम्र 45 साल निवासी राजामोटे थाना बमीठा की थाना उपस्थित आकर मौखिक रिपोर्ट किया कि में उक्त पते की रहने वाली हू । घरु एवं खेती किसानी का काम करती हू । मेरी राई की फसल मेरे खेत कुआ के पास मे गल्ले में इकट्ठी रखी थी। जो आज दिनाक 03/04/ 26 के शाम करीबन 4.30 बजे राई की कटी फसल में आग लग गई। जिसे मैने एवं परिवार के लोगों व गांव के लोगो द्वारा आग बुझाई गई। आग लगने से कटी राई की फसल पूरी तरह जल गई है जिससे करीबन 20 से 22 क्वटल राई कीमत करीब 1 लाख रुपये का नुकसान हो गया है। राइ के गल्ले में आग कैसे लगी मुझे कोई जानकारी  नही  लग पाई है  आग लगने के संबंध में किसी पर कोई शक सदेह नही है  थाना जाकर  रिपोर्ट दर्ज कर ली गईं हैं पुलिस जांच में जुटी.

जबलपुर के NICU वार्ड में लगी आग, डॉक्टर ने फायर एक्सटिंग्विशर से 27 बच्चों की जान बचाई

जबलपुर नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल में शिशु रोग विभाग में डॉक्टर ने ही फायर एक्सटिंग्विशर उठाकर शॉर्ट सर्किट लगी आग को काबू में पा लिया. जिस समय एनआईसीयू में आग लगी थी उस दौरान वार्ड में 27 नवजात भर्ती थे. हालांकि इस घटना के तुरंत पहले एक बच्चे की मौत हो गई थी. उनके परिजनो ने अस्पताल में भारी हंगामा भी मचाया था. आगजनी की घटना गुरुवार देर रात की है. एनआईसीयू वार्ड से निकलने लगा धुआं जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल अस्पताल में शिशु रोग विभाग में उसे समय अफरा तफरी फैल गई. जब एक पंख से धुआं निकलने लगा और देखते ही देखते आज बढ़ने लगी. यह पंखा मेडिकल कॉलेज अस्पताल के NICU वार्ड के बाहर वेटिंग एरिया में लगा हुआ था. देखते ही देखते वेटिंग एरिया के साथ ही NICU के भीतर भी धुआ पहुंच गया. वार्ड में भर्ती थे 27 बच्चे जिस समय मेडिकल कॉलेज अस्पताल के बच्चा वार्ड में आग फैली उस समय वार्ड में 27 बच्चे भर्ती थे, इसलिए परिजन भी घबरा गए और लोगों ने बार्ड के भीतर जाना शुरू कर दिया. समस्या को देखते हुए तुरंत बच्चा वार्ड की बिजली को बंद कर दिया गया ताकि आज आगे न फैल सके. हालांकि मौके पर पहुंचे सिक्योरिटी और अग्निशमन दल ने तुरंत ही आग पर काबू पा लिया. इस बीच में तुरंत बच्चों को दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया गया. हालांकि स्थिति सामान्य होने के बाद दोबारा उन्हें एनआईसीयू में भर्ती कर दिया गया. लेकिन शिफ्टिंग की वजह से नवजात बच्चों की माताएं परेशान नजर आए और अफरा तफरी में वह अपने बच्चों को ढूंढती हुई देखी गई. लेकिन इसी दौरान अस्पताल में इलाज करवा रहे एक बच्चे की मौत हो गई. पीड़ित परिजन ने अस्पताल में जमकर हंगामा मचाया. मौके पर पहुंची पुलिस ने परिवार को लोगों को समझाया दी. ड्यूटी डॉक्टर ने वक्त रहते बुझाई आग मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक डॉक्टर अरविंद शर्मा ने बताया कि, ''जैसे ही पंखे से धुआं निकला मौके पर मौजूद ड्यूटी डॉक्टर ने ही फायर एक्सटिंग्विशर उठाकर आग बुझा दी.'' मेडिकल कॉलेज अस्पताल की बिल्डिंग 70 साल पुरानी है कुछ दिनों पहले मेडिकल कॉलेज अस्पताल ने करोड़ों रुपया खर्च करके फायर सेफ्टी के समान लिए थे लेकिन अस्पताल की बिजली की वायरिंग अभी भी पुरानी है और उसमें ऐसी घटनाएं होने की संभावना बनी रहती है. काफी पुरानी हो चुकी है अस्पताल की बिल्डिंग जबलपुर का मेडिकल कॉलेज अस्पताल महाकौशल की सबसे बड़ी स्वास्थ्य इकाई है, इसमें केवल जबलपुर ही नहीं महाकौशल और विंध्य क्षेत्र के लोग इलाज करवाने के लिए पहुंचते हैं. इसलिए इस इमारत में हमेशा हजारों लोग मौजूद रहते हैं. लेकिन इमारत अब इतनी पुरानी हो गई है कि मरीज के बढ़ते दबाव को यहां महसूस किया जा सकता है. मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में पहले भी आग की घटनाएं हुई हैं, जहां बच्चों की जलने से मौत हो गई. हालांकि जबलपुर के ड्यूटी डॉक्टर्स की सूझबूझ की वजह से जबलपुर का हादसा टल गया. आग की स्थिति में यदि तुरंत काबू पा लिया जाए तो आग को फैलने से रोका जा सकता है.