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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर तेज गति से जारी है जांच

एसआईटी ने की अग्निकांड स्थल की पड़ताल, घायलों से भी मिला जांच दल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर तेज गति से जारी है जांच घायलों से मिली जानकारी व साक्ष्य के आधार पर कई लोगों से होगी पूछताछ: अमृत अभिजात एफएसएल की टीम ने मौके से जुटाए महत्वपूर्ण साक्ष्य, निर्धारित समय में आएगी जांच रिपोर्ट: प्रवीण कुमार लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देश पर अलीगंज अग्निकांड की समग्र जांच तेज गति से जारी है। मंगलवार को दो सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) घटनास्थल पर पहुंचा। टीम ने इसके बाद केजीएमयू में भर्ती घायलों से भी मुलाकात की और उनसे घटना के संबंध में जानकारी ली। उत्तर प्रदेश विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की टीम ने भी घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं। एसआईटी के सदस्य अपर मुख्य सचिव (पर्यटन एवं संस्कृति विभाग) अमृत अभिजात और एडीजी (लखनऊ जोन) प्रवीण कुमार सुबह घटनास्थल पर पहुंचे। यहां उन्होंने करीब एक घंटे से अधिक समय तक बारीकी से पूरी बिल्डिंग का निरीक्षण किया। अमृत अभिजात ने कहा कि घटनास्थल की विभिन्न प्रकार से फोटो ली गई हैं। साक्ष्य जुटाकर जांच को तेजी से अंजाम दिया जा रहा है। अग्निकांड से संबंधित व्यक्तियों व विभागों से भी पूछताछ होगी। उसके बाद जांच रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया जाएगा। एडीजी प्रवीण कुमार ने बताया कि हम लोगों ने घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण किया है। साथ में फॉरेंसिक की टीम ने सभी महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं, जिनके आधार पर कुछ लोगों से पूछताछ की जाएगी। घटना से संबंधित हर विभाग के दायित्व को जांच दायरे में शामिल किया गया है। अग्निकांड पीड़ितों से भी जानकारी ली जाएगी। इसके बाद निर्धारित समय सीमा में जांच रिपोर्ट शासन को सौंपी जाएगी। घटनास्थल से निकलने के बाद एसआईटी ने केजीएमयू में भर्ती घायलों से भी मुलाकात की। अयोध्या मामले में एसआईटी ने प्रारंभिक रिपोर्ट गृह विभाग को सौंपी  अयोध्या तीर्थ क्षेत्र में कथित दान प्रकरण की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट गृह विभाग को सौंप दी है। एसआईटी के प्रमुख सदस्य एवं लखनऊ मंडल के आयुक्त विजय विश्वास पंत ने मंगलवार को टीम के अन्य दो सदस्यों के साथ अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को यह प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी। मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने बताया कि यह प्रारंभिक प्रतिवेदन है। गौरतलब है कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर योगी सरकार ने एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी प्रकरण से संबंधित सभी पहलुओं की जांच कर रही है। एफएसएल ने जुटाए घटनास्थल से नमूने घटनास्थल पर एफएसएल डायरेक्टर आदर्श कुमार और विशेषज्ञों की टीम ने महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं। इसमें मलबा, जले हुए उपकरण और तार समेत अन्य नमूने शामिल हैं। गौरतलब है कि हादसे की सूचना मिलते ही सीएम योगी ने अलीगढ़ दौरा बीच में रद्द कर घटनास्थल का मुआयना किया था। उन्होंने केजीएमयू में पीड़ितों से भी मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए एसआईटी गठित करने का निर्देश दिया। एसआईटी को 7 दिन में अपनी जांच रिपोर्ट सौंपनी है। अब तक मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं चार अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है।

अलीगंज अग्निकांड पर सीएम योगी ने दौरा रद्द कर दिए राहत-बचाव के सख्त निर्देश

लखनऊ लखनऊ के अलीगंज की तीन मंजिला इमारत में भीषण आग की घटना से प्रदेश भर में हड़कंप मच गया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस घटना की सूचना मिलते ही अपना हाथरस और आगरा दौरा रद्द कर दिया है। अलीगढ़ का दौरा बीच में छोड़कर वह वापस लखनऊ के लिए रवाना हो गए हैं। सीएम योगी ने हादसे में मारे गए बच्चों और उनके परिवारीजनों के प्रति गहरा दुख जताया है। 23 जून यानी कल उन्हें हाथरस और फिर आगरा के दौरे पर जाना था। सीएम योगी को लखनऊ अग्निकांड सूचना आयोजित जनसभा के दौरान ही मिली। उन्होंने कहा कि मैं चाहता था कि अलीगढ़ में रुकूं लेकिन लखनऊ में एक हादसा हुआ है। वहां आग लगने से कुछ बच्चों की मौत हुई है। मैं यहां से वहीं जा रहा हूं। अलीगढ़ के दौरे के लिए आगे योजना बनाऊंगा। सीएम योगी ने बताया कि आग की घटना की सूचना मिलते ही उन्होंने तत्काल डीजीपी और अपर मुख्य सचिव गृह को वहां राहत और बचाव कार्यों को लेकर निर्देश दिए हैं। एक दर्जन से अधिक हो सकती हैं मौतें लखनऊ अग्निकांड में मौतों की संख्या को लेकर अभी तक स्थित स्पष्ट नहीं है लेकिन विभिन्न स्रोतों से मिल रही जानकारी के मुताबिक संख्या एक दर्जन से अधिक हो सकती है। अलीगंज के पुरनिया इलाके में मारे गए लोगों की उम्र 20 से 24 साल के बीच बताई जा रही है। इससे इलाके में लोगों के बीच शोक की स्थिति है। खुद डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक भी मीडिया के सवालों का जवाब देते वक्त रो पड़े। डिप्टी सीएम ने कहा कि हादसे में झुलसे लोगों को अस्पताल भेजा गया है। उनके इलाज की मॉनीटरिंग वह स्वयं कर रहे हैं। पेंट शॉप थी ग्राउंड फ्लोर पर अधिकारियों का कहना है कि इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर पेंट शॉप थी। जबकि ऊपरी मंजिल पर गेमिंग जोन था। वहां कर्मचारी गेमिंग साफ्टवेयर पर काम भी करते थे। आग लगते ही इमारत की ऊपरी मंजिल पर अफरा तफरी मच गई। कुछ लोग अंदर फंसे हुए थे। स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत और बचाव की कोशिश की लेकिन आग इतनी भयावह थी कि कई लोग उसमें फंसे रह गए। हर तरफ से चीख-पुकार ही सुनाई पड़ रही थी। पीएम मोदी ने जताया दुख पीएम नरेंद्र मोदी ने लखनऊ हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों और घायलों के परिवारीजनों के लिए मुआवजे का ऐलान किया है। सीएम योगी ने कहा कि इस घटना की उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी। घटना की तह तक जाया जाएगा।

अलीगंज के पुरनिया इलाके में आग से हड़कंप, कई लोगों के फंसे होने की आशंका

लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित पुरनिया इलाके में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक दुकान में अचानक भीषण आग लग गई. आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में पूरी इमारत धुएं और लपटों की चपेट में आ गई. दुकान के ऊपर एक कोचिंग सेंटर चल रहा था, जिसकी वजह से स्थिति काफी भयानक हो गई. आग लगते ही इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. कोचिंग सेंटर में मौजूद छात्र-छात्राओं और अन्य लोगों के बीच दहशत फैल गई. धुएं और आग की लपटों ने पूरी इमारत को घेर लिया, जिससे अंदर मौजूद लोगों के सामने बाहर निकलने की चुनौती खड़ी हो गई. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हालात इतने गंभीर हो गए कि कुछ लोगों को अपनी जान बचाने के लिए इमारत के छज्जों और छत से छलांग लगानी पड़ी. आग और धुएं के बीच फंसे लोगों को देखकर आसपास मौजूद लोगों में भी चिंता बढ़ गई. घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए और राहत एवं बचाव कार्य में जुट गए. स्थानीय लोगों ने फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इसी दौरान दमकल विभाग और पुलिस को भी घटना की सूचना दी गई. सूचना मिलते ही दमकल और पुलिस की टीमें तत्काल मौके पर पहुंच गईं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया. आग का धुआं बना खतरा, इमारत में मची चीख-पुकार दमकल कर्मी आग पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं. वहीं पुलिस और अन्य बचाव दल इमारत के भीतर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में जुटे हुए हैं. पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लिया है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने और सभी आवश्यक कदम उठाने को कहा है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घायलों को इलाज उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही प्रशासन को हर स्तर पर सतर्कता बरतने को कहा गया है ताकि राहत कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए. मुख्यमंत्री ने राहत एवं बचाव कार्यों की सतत मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए हैं. सीएम के निर्देश के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना में घायल हुए लोगों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है. प्रशासन और बचाव एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास जारी है. फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है. दमकल और पुलिस की टीमें मौके पर मौजूद हैं और राहत एवं बचाव अभियान जारी है. अलीगंज के पुरनिया इलाके में हुई इस घटना ने पूरे क्षेत्र में चिंता का माहौल

दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट परिसर में आग, कुछ दस्तावेज जलने की आशंका

नई दिल्ली  दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट परिसर में गेट नंबर 4 के पास रविवार सुबह एक 'स्कैनिंग रूम' में आग लग गई। दमकल विभाग की टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। फिलहाल, किसी के हताहत होने या घायल होने की कोई खबर नहीं है। जानकारी के अनुसार, कड़कड़डूमा कोर्ट परिसर में गेट नंबर 4 के पास दूसरी मंजिल पर बने 'स्कैनिंग रूम' में आग लगी थी। आग को लेकर दमकल विभाग ने क्या कहा दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि उन्हें आग लगने की सूचना सुबह करीब 5:22 बजे मिली, जिसके बाद दमकल की आठ गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। सुबह 6:05 बजे डिविजनल ऑफिसर मुकेश वर्मा ने 'स्टॉप मैसेज' जारी कर पुष्टि की कि आग पर काबू पा लिया गया है। हालांकि, पता चला है कि इस आग की घटना में कुछ दस्तावेज जलकर खाक हो गए हैं। ये दस्तावेज किस तरह के थे, इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई। मालवीय नगर अग्निकांड में 21 लोगों की गई थी जान दिल्ली के मालवीय नगर में भी बीते दिनों एक रेस्टोरेंट में आग लगी थी। इस घटना में कम से कम 21 लोगों की मौत हुई। मरने वालों में कई विदेशी नागरिक भी शामिल थे। 15 से अधिक लोग घटना में घायल हुए थे, जिनमें से कई का अस्पताल में अभी इलाज जारी है। शॉर्ट सर्किट से लगी थी आग: पुलिस सूत्र दिल्ली पुलिस से जुड़े सूत्रों ने बताया कि रेस्टोरेंट में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी थी, हालांकि जांच टीम को घटना के दौरान किसी भी एलपीजी सिलेंडर में धमाका होने का कोई सबूत नहीं मिला। दूसरी ओर इस अग्निकांड की जांच कर रही दिल्ली पुलिस ने शनिवार को रेस्टोरेंट के कुक को गिरफ्तार किया। मालवीय नगर अग्निकांड में जांच तेज दिल्ली पुलिस के अनुसार, शनिवार को गिरफ्तार आरोपी की पहचान कुक केशव नेगी के रूप में हुई है, जो दिलशाद गार्डन का रहने वाला है। दिल्ली पुलिस की जांच में सामने आया है कि आग लगने में कुक की लापरवाही थी। जांच के दौरान अधिकारियों को कथित तौर पर सुरक्षा नियमों के कई उल्लंघन और इमारत के फायर सेफ्टी इंफ्रास्ट्रक्चर में भी गंभीर कमियां मिली थीं।  

फायर NOC नहीं तो कार्रवाई तय! जबलपुर में सैकड़ों भवनों को भेजा गया नोटिस

जबलपुर   दिल्ली के होटल में लगी आग की वजह से पूरे देश में चिंता है. मध्य प्रदेश सरकार ने भी सभी बड़े नगर निगमों से फायर सेफ्टी से जुड़ी जानकारियां एकत्रित की है. जबलपुर नगर निगम के महापौर का दावा है कि हमने लगभग 350 ऊंची इमारत को फायर सेफ्टी का नोटिस जारी किया है. इसके साथ ही एक 3 सदस्य टीम रोज जबलपुर की अलग-अलग इमारत का जायजा ले रही है।  अग्नि दुर्घटनाओं से बचने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग दिल्ली के एक होटल में आग लगने से 21 लोगों की मौत के बाद पूरे देश में अग्नि दुर्घटनाओं को लेकर चिंता जताई जा रही है. जबलपुर नगर निगम के फायर सेफ्टी ऑफिसर कुशाग्र सिंह ने बताया कि "राज्य सरकार की ओर से इस विषय में एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रखी गई है. जिसमें अग्नि दुर्घटनाओं से बचने को लेकर सभी से चर्चा की जा रही है।  फायर सेफ्टी की जांच कर रही है टीम जबलपुर नगर निगम के महापौर जगत बहादुर सिंह का कहना है कि "जबलपुर में भी कई इमारतें ऐसी हैं, जो अग्नि दुर्घटनाओं को लेकर संवेदनशील हैं. हमने ऐसी लगभग 350 इमारतों के लिए नोटिस जारी किए हैं और जानकारी मांगी है कि आखिर उन्होंने अपनी इमारत में फायर सेफ्टी के इंतजाम क्यों नहीं किए हैं।  जगत बहादुर ने बताया कि "जबलपुर नगर निगम के फायर डिपार्टमेंट की 3 सदस्यों की एक टीम रोज शहर के अलग-अलग हिस्सों में फायर सेफ्टी की जांच कर रही है और जहां भी हमें ऐसा लगता है कि कोई लापरवाही बरती जा रही है, वहां तुरंत नोटिस जारी करके सुविधा बढ़ाने के लिए कहा जाता है।  किन फायर सेफ्टी एनओसी जरूरी? जबलपुर नगर निगम के फायर सेफ्टी ऑफिसर कुशाग्र सिंह का कहना है कि "नियम के अनुसार फायर सेफ्टी का नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) या तो उस इमारत को लेना है, जिसका निर्माण 5000 वर्ग फीट से ज्यादा का है या फिर उस इमारत को जिसकी ऊंचाई 15 मीटर से ज्यादा है. बाकी निर्माण कार्य फायर सेफ्टी एनओसी के दायरे में नहीं आते।  अवैध पार्किंग रास्ते हो जाते हैं जाम सबसे ज्यादा चिंताजनक बात यह है कि दिल्ली में जो घटना हुई, वह एक घनी बस्ती के भीतर बनी इमारत में लगी आग की वजह से बचाव कार्य नहीं किए जा सका. जबलपुर के फायर सेफ्टी अधिकारी कुशाग्र सिंह का कहना है कि "यह स्थिति जबलपुर में भी है. जबलपुर के कई इलाको में घनी बशाहट है. सड़के तो चौड़ी हैं, लेकिन सड़कों पर अवैध पार्किंग की वजह से जाने आने के रास्ते जाम हो जाते हैं. ऐसी हालत में दिन में अग्नि दुर्घटनाओं से बचाव कठिन हो जाता है।  'घना बस्तियों में आग पर कंट्रोल करना मुश्किल' जबलपुर में 2 माह पहले सतना बिल्डिंग के पीछे इसी तरह की एक इमारत में आग लग गई थी. गनीमत थी कि उस इमारत में कोई रह नहीं रहा था. इस बिल्डिंग में कपड़े का कारखाना था. बिल्डिंग तक पहुंचाने के लिए मात्र 10 फीट की रोड थी और बिल्डिंग में केवल एक ही तरफ से एंट्रेंस था. ऐसे हालात जबलपुर में हर साल बनते हैं और घनी बस्तियों में लगी आग को नियंत्रित कर पाना कठिन हो जाता है।  जबलपुर में कुछ साल पहले एक अस्पताल में भी आग लगी थी और इसमें कुछ बच्चों की जान चली गई थी. इस घटना के बाद से ही शहर में संवेदनशीलता बढ़ गई है और लोगों ने फायर एग्जिट को लेकर अच्छा काम किया है. इसलिए ज्यादातर नई इमारत में अग्नि दुर्घटनाओं को ध्यान में रखकर निर्माण कार्य किया जा रहे हैं। 

रस्सी और सीढ़ियों से रेस्क्यू: इंदौर में आग लगने से अपार्टमेंट में फंसे छह परिवार सुरक्षित निकाले गए

इंदौर इंदौर की स्कीम-136 के एक अपार्टमेंट की तल मंजिल के इलेक्ट्रिक वाहन के शोरूम में आग लग गई। अपार्टमेंट के ऊपर दो मंजिल पर छह परिवार रहते हैं। आग के कारण वे सीढ़ियों से नीचे नहीं आ पा रहे थे। इस कारण उन्हें आसपास के लोगों ने सीढ़ी और रस्सी की मदद से सुरक्षित निकाला। आग लगने की घटना सुबह सवा आठ बजे हुई। तब शोरूम नहीं खुला था। आग के कारण शोरूम में रखे सभी दोपहिया वाहन जलकर खाक हो गए। जानकारी मिलने के बाद मौके पर पुलिस जवान भी पहुंचे और उन्होंने भी आग में फंसे परिवारों को निकालने में मदद की।  धुआं फ्लैट में घुसा तो खुली नींद सुबह जब आग लगी, तब फ्लैट में परिवार के कई सदस्य सो रहे थे। जैसे ही फ्लैट में धुआं घुसा तो रहवासियों की नींद खुली और वे जाग गए। नीचे देखा तो शोरूम जल रहा था और नीचे उतरने की जगह भी नहीं थी। अपार्टमेंट से सटी एक अन्य मल्टी में रहने वाले रहवासी आग में फंसे परिवारों की मदद के लिए आए। बचाव के लिए आए रहवासियों ने बीस से ज्यादा लोगों को छत पर आने के लिए कहा। इस बीच उन्होंने अपने घरों से रस्सी और सीढ़ी लाकर मुंडेर पर लगा दी। एक-एक कर परिवारों को सुरक्षित निकाला, हालांकि आग फ्लैट वाले हिस्से तक नहीं पहुंच पाई। इस कारण परिवारों की गृहस्थी का सामान भी सुरक्षित रहा। रहवासी श्याम दुबे ने बताया कि हमने धुआं देखा तो तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचना दी। इस बीच रहवासी खुद बचाव कार्य में जुट गए और 20 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला। पुलिसकर्मी नरेंद्र मंडेलिया भी मौके पर आ गए थे और उन्होंने भी कई लोगों को आग से सुरक्षित निकाला। आग लगने की वजह पता नहीं चल पाई है। 

करोंद में आग का तांडव: बिल्डिंग से उठीं ऊंची लपटें, AC और फर्नीचर जलकर खाक

भोपाल भोपाल के करोंद इलाके में बुधवार को अचानक आग लग गई। जानकारी के अनुसार, आग चार मंजिला कमर्शियल बिल्डिंग में लगी, जहां KFC आउटलेट और इलेक्ट्रॉनिक शोरूम मौजूद हैं। आग की ऊंची लपटें और काला धुआं देखकर इलाके में हड़कंप मच गया। मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।  बताया जा रहा है कि, आग बिल्डिंग के फर्स्ट फ्लोर में लगी। इसके चलते फर्नीचर भी जल गया।  राहत की बात यह है कि कोई जनहानि नहीं हुई लेकिन इस आग के चलते आर्थिक नुकसान जरूर हुआ है। इसका आंकलन किया जाएगा। बड़ा हादसा टला आग लगते ही फायर ब्रिगेड को कॉल किया गया। पीपुल्स हॉस्पिटल की फायर ब्रिगेड टीम ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाई। नगर-निगम की दमकल गाड़ी भी मौके पर पहुंची थी। गनीमत रही कि, बिल्डिंग में ज्यादा लोग मौजूद नहीं थे। इस वजह से बड़ा हादसा टल गया। प्रशासन अब हादसे की जांच कर रहा है। आग की वजह से इलाके में हड़कंप मच गया। अफरा-तफरी के माहौल के बीच आग पर काबू पाया गया। इससे कोई जनहानि तो नहीं हुई, लेकिन लाखों रुपए का नुकसान हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग लगने के दौरान बिल्डिंग में भीड़ नहीं थी। इस वजह से बड़ा हादसा टल गया। प्रशासन नुकसान का आंकलन लगा रहा है। क्रोमा के इलेक्ट्रॉनिक शोरूम के जनरेटर से भड़की आग नगर निगम के फायर प्रभारी सौरभ पटेल ने बताया कि बिल्डिंग में क्रोमा का इलेक्ट्रॉनिक शोरूम है। इसके पास में रखे जनरेटर में आग लगी थी। इस वजह से कई एसी भी जल गए। जहां आग लगी थी, वहां पर केएफसी का आउटलेट भी है। हालांकि, उसे नुकसान नहीं पहुंचा। 20 मिनट में काबू में आई आग की वजह जनरेटर में शार्ट सर्किट होने को बताया जा रहा है। आग लगने की जानकारी मिलते ही पास में पीपुल्स हॉस्पिटल की फायर ब्रिगेड पहुंची और उसे बुझाने लगी। इसी दौरान नगर निगम की दमकल भी आ गई। दोनों ने मिलकर आग को काबू में लिया। इस वजह से आग ज्यादा नहीं फैली। बिल्डिंग के सामने लगी भीड़ करोंद में पीपुल्स हॉस्पिटल के सामने स्थित यह बिल्डिंग है। अचानक लगी आग से इलाके में हड़कंप मच गया। आग की ऊंची-ऊंची लपटें और दूर तक फैलता काला धुआं देखकर इलाके में दहशत फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग घरों और दुकानों से बाहर निकल आए। इससे मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। निशातपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। जनरेटर में लगी थी आग नगर निगम के फायर प्रभारी के अनुसार, बिल्डिंग में क्रोमा का इलेक्ट्रॉनिक शोरूम था। इसके पास रखे जनरेटर में आग लगी थी। इसके चलते कई एसी भी जल गए। जहां आग लगी वहीं केएफसी का आउटलेट है लेकिन इसे किसी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ है। करोंद इलाके में यह बिल्डिंग पीपुल्स हॉस्पिटल के बिलकुल सामने है। आग की ऊंची लपटें दूर से ही देखी जा सकती थीं। आग लगाने की सूचना मिलने पर आसपास के लोग भी पहुंचे। निशातपुरा थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को संभाला।

इंदौर में भयावह हादसा, 5 बसें जलकर खाक, 4 धमाकों से मचा हड़कंप, चश्मदीद बोले – गैस सिलेंडर फटा

इंदौर इंदौर के तीन इमली चौराहे पर सोमवार दोपहर को बड़ा हादसा हो गया। यहां खड़ी बसों में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते चार से पांच बसें उसकी चपेट में आ गईं। इस घटना से पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। काफी ऊंचाई तक उठी आग की लपटें प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग की लपटें काफी ऊंचाई तक उठती दिखाई दीं, जिससे आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया गया। शॉर्ट सर्किट की आशंका  प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शॉर्ट सर्किट के चलते आग लगने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि आग लगने की असली वजह का पता जांच के बाद ही चल सकेगा। घटना में फिलहाल किसी जनहानि की सूचना नहीं है। पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर मौजूद है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। पार्किंग में 20 से ज्यादा बसें खड़ी थीं प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, सोमवार सुबह एक बस में मरम्मत का काम किया जा रहा था। इसी दौरान वेल्डिंग के दौरान बस ने आग पकड़ ली। कुछ ही देर में लपटें एक के बाद एक पांच बसों तक पहुंच गई।स्थानीय नागरिकों ने बताया कि हादसे के वक्त मौके पर 20 से ज्यादा बसें खड़ी थीं। आनन-फानन में इन्हें यहां से हटाया गया। आसपास रिहायशी बस्ती होने की वजह से लोगों में घबराहट फैल गई। वे घरों से बाहर निकल आए। इंदौर के नवलखा की घटना  घटना इंदौर के नवलखा इलाके की बताई जा रही है. यहां पर बसों की पार्किंग होती है, साथ बसों की मरम्मत का काम भी किया जाता है. जानकारी के मुताबिक वेल्डिंग में एकदम से चिंगारी निकली थी, जिससे आग लग गई. आग एकदम से फैली और बसों को चपेट में लेना शुरू कर दिया. बताया जा रहा है कि गैस सिलेंडर फटने जैसी आवाजें भी आई हैं. जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई. क्योंकि आसपास बड़ी बस्ती बनी हुई है. ऐसे में लोग घरों से बाहर निकल आए थे. क्योंकि धमाका तेज हुआ था. जबकि आग लगने की वजह से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया था।  इंदौर में लोगों ने जताया गुस्सा  बताया जा रहा है कि यह रिहायशी इलाका है. यहां बसों की पार्किंग और मरम्मत का पहले विरोध हो चुका है. कई बार चेतावनी भी दी गई है. लेकिन लोगों का कहना है कि इस तरह के मामलों पर रोक नहीं लगाई जा रही है. जिससे परेशानियां हो रही हैं. वहीं इस घटना ने एक बार फिर से चुनौतियां खड़ी कर दी हैं. क्योंकि इस तरह की घटना से बड़ी जनहानि का डर बना रहता है. जबकि लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।  फिलहाल बसों में लगी आग पर काबू पाया जा रहा है. क्योंकि एक बाद एक लाइन से खड़ी कई बसों में आग लगी है. जिसे लपटे फैल रही हैं. दमकल की गाड़ियां आग बुझाने की कोशिश में जुटी हैं।  पार्षद बोले- कई बार शिकायत की स्थानीय पार्षद मनीष शर्मा ने कहा- रिहायशी इलाके में निजी बसों की पार्किंग और मरम्मत को लेकर पहले भी कई बार शिकायत की जा चुकी है। सुनवाई नहीं होने से हमेशा बड़े हादसे का खतरा बना रहता है। पार्षद शर्मा मौके पर ही धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा- जब तक बसें यहां से नहीं हटतीं और इसका समाधान नहीं निकलता, मैं धरने पर ही बैठा रहूंगा।

विवेक विहार में आग के कहर ने ली 9 जानें, चार मंजिला इमारत में लगी आग

 नई दिल्ली  पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार में रविवार तड़के एक आवासीय इमारत में आग लगने से कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि विवेक विहार फेज-1 में चार मंजिला इमारत में आग लगने की सूचना तड़के करीब तीन बजकर 48 मिनट पर मिली, जिसके बाद पुलिस, दमकल और आपदा प्रबंधन दल मौके पर पहुंचे। तुरंत ही बड़े पैमाने पर बचाव अभियान शुरू किया गया। विवेक विहार की बिल्डिंग में कैसे लगी आग? दिल्ली पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में पता चला है कि इस आग की घटना में 9 लोगों की मौत हो गई है। आग दूसरी, तीसरी और चौथी मंजिल पर बने फ्लैटों में लगी थी। बचाव और आग बुझाने के काम के दौरान, बिल्डिंग से 10-15 लोगों को बचाया गया, जिनमें से दो लोगों को मामूली चोटें आईं, जिन्हें इलाज के लिए गुरु तेग बहादुर हॉस्पिटल ले जाया गया। भीषण अग्निकांड में 9 लोगों की मौत पुलिस अधिकारी के मुताबिक, आग बुझाने के लिए दमकल की कुल 12 गाड़ियां भेजी गईं। दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए), यातायात पुलिस और स्थानीय पुलिस के दलों ने बचाव और निकासी प्रयासों में सहायता की। कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। पुलिस के अनुसार, मृतकों की पहचान हो गई है। जान गंवाने वालों में एक डेढ़ साल का मासूम भी है। भीषण अग्निकांड में इन लोगों ने गंवाई जान चार मंजिला इमारत में लगी आग पर काबू पा लिया गया है। हालांकि, रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान अलग-अलग मंजिल पर शव मिले हैं। पुलिस ने मृतकों के बारे में जानकारी दी है। जानिए भीषण अग्निकांड किन-किन लोगों ने गंवाई जान। दूसरी मंजिल (पीछे की तरफ) पर मृतक: 1. अरविंद, पिता – छोटे लाल, निवासी – B-13, दूसरी मंज़िल, विवेक विहार; उम्र – 60 वर्ष 2. अनीता जैन, पत्नी – अरविंद जैन; उम्र – 58 वर्ष 3. निशांत जैन, पिता – अरविंद जैन; उम्र – 35 वर्ष 4. आँचल जैन, पत्नी – निशांत जैन; उम्र – 33 वर्ष 5. मास्टर आकाश जैन, पिता – निशांत जैन; उम्र – 1.5 वर्ष पहली मंजिल पर मृतक: 1. शिखा जैन, पत्नी – नवीन; उम्र – 45 वर्ष तीसरी मंजिल पर मृतक – एक ही परिवार के सदस्य: 1. पति – नितिन जैन; उम्र – लगभग 50 वर्ष 2. पत्नी – शैले जैन; उम्र – लगभग 48 वर्ष 3. बेटा – सम्यक जैन; उम्र – लगभग 25 वर्ष घायल: नवीन जैन; उम्र – 48 वर्ष एसी ब्लास्ट से आग लगने की आशंका ऐसी आशंका जताई जा रही की एसी ब्लास्ट से घर में आग लगी है। हालांकि, अभी मामले की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि आग लगने की असल वजह क्या है। मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। फायर कंट्रोल रूम को इस हादसे की सूचना तड़के 3:48 बजे मिली थी, करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुबह 6:25 बजे आग पर काबू पा लिया गया। चार मंजिला बिल्डिंग में कैसे फैली आग? अधिकारियों ने बताया कि आग बुझाने के बाद भी काफी देर तक सर्च ऑपरेशन जारी रहा। खासकर ऊपरी मंजिलों पर, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई अंदर फंसा न रह जाए। पुलिस के अनुसार, आग ने इमारत की दूसरी, तीसरी और चौथी मंजिल पर स्थित कई फ्लैट को अपनी चपेट में ले लिया। कई लोगों को सुरक्षित निकाला गया फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीमों ने मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और करीब 14 से 20 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला. स्थानीय लोगों के मुताबिक, कुछ लोग पीछे के फ्लैट में फंसे होने की आशंका थी, हालांकि पुलिस ने फिलहाल किसी के अंदर फंसे होने से इनकार किया है।  AC ब्लास्ट से लगी आग की आशंका इस घटना के चश्मदीदों के अनुसार, आग लगने की वजह एसी में ब्लास्ट हो सकता है. हालांकि, आग लगने के सही कारणों का अभी आधिकारिक तौर पर पता नहीं चल पाया है और जांच जारी है।  बताया जा रहा है कि यह चार मंजिला इमारत थी, जिसमें कुल 8 फ्लैट बने हुए थे. आग लगने के समय ज्यादातर लोग सो रहे थे, जिससे कई लोग समय रहते बाहर नहीं निकल सके।  कूलिंग ऑपरेशन जारी दिल्ली फायर सर्विस और पुलिस के मुताबिक, फिलहाल आग पूरी तरह से काबू में है और कूलिंग ऑपरेशन जारी है. साथ ही, इमारत में सर्च ऑपरेशन चलाकर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई और अंदर फंसा न हो।  इस दर्दनाक हादसे ने इलाके में दहशत फैला दी है. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आग लगने के कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। 

मोहाली के रिलायंस गोदाम में आग से ग्रॉसरी और राशन जल गए, खड़े वाहन भी चपेट में; दमकल की गाड़ियां मौके पर

मोहाली बनूड़ के नजदीक स्थित खेड़ी गांव में रिलायंस के एक गोदाम में अचानक भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते गोदाम में रखा ग्रॉसरी का सामान, राशन और अन्य जरूरी वस्तुएं जलकर पूरी तरह खाक हो गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग लगने के बाद गोदाम से ऊंची-ऊंची लपटें उठती दिखीं, जिससे आसपास के इलाके में दहशत का माहौल बन गया। आग ने पास में खड़े एक वाहन को भी अपनी चपेट में ले लिया, जिससे वह भी बुरी तरह जल गया। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने की कोशिशें शुरू कर दी गईं। प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मौजूद हैं और राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। आग पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं। हालांकि आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है। गनीमत रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। फिलहाल प्रशासन द्वारा नुकसान का आंकलन किया जा रहा है और आग पूरी तरह बुझने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। आग पर काबू पाने के लिए प्रयास जारी घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने की कोशिशें शुरू कर दी गईं। प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मौजूद हैं और राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। आग पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं। शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका हालांकि आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है। गनीमत रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। फिलहाल प्रशासन द्वारा नुकसान का आंकलन किया जा रहा है और आग पूरी तरह बुझने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।