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तत्काल ट्रेन टिकट बुकिंग में बदलाव, राजधानी-दुरंतो-वंदे भारत में 6 दिसंबर से OTP जरूरी

नई दिल्ली अगर आप तत्काल टिकट लेने जाते हैं और टिकट दलालों के कारण हाथ खाली रह जाता है तो अब ऐसा नहीं होगा. भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और टिकट बुकिंग में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए तत्काल टिकट बुकिंग के लिए वन टाइम पासवर्ड(OTP) आधारित नया सिस्टम लागू किया है. सेंट्रल रेलवे की चुनिंदा ट्रेनों में 6 दिंसबर से तत्काल टिकट लेने के लिए मोबाइल पर आने वाला OTP डालना जरूरी होगा.  बिना OTP के टिकट ही नहीं मिलेगा. इससे तत्काल टिकटों का दुरुपयोग रुकेगा और दलालों पर लगाम लगेगी. साथ ही यात्रियों को टिकट मिलने में सुविधा होगी. रेलवे का नया नियम कहां-कहां लागू होगा? कंप्यूटरीकृत पैसेंजर रिजर्वेंशन सिस्टम (PRS) काउंटर, अधिकृत एजेंट और IRCTC की वेबसाइट या मोबाइल ऐप के माध्यम से बुक किए जाने वाले तत्काल टिकट पर रेलवे का OTP आधारित नियम लागू होगा. तत्काल बुकिंग करते समय जो मोबाइल नंबर डालेंगे, उसी पर एक OTP आएगा. OTP डालने के बाद ही टिकट कन्फर्म होगा. किन ट्रेनों में सबसे पहले शुरू होगा ये नियम? रेलवे के मुताबिक, 6 दिसंबर से 13 ट्रेन में यह लागू किया जाएगा. जिसमें दुरंतो और वंदे भारत ट्रेनें भी शामिल हैं. वहीं, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT)-हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस के लिए 5 दिसंबर से प्रभावी होगा. इसके अलावा पुणे-हैदराबाद शताब्दी एक्सप्रेस में यह सिस्टम 1 दिसंबर से चल रहा है. आने वाले दिनों में यह OTP आधारित तत्काल रिजर्वेशन सिस्टम सभी ट्रेनों पर लागू किया जा सकता है. इससे रेलवे टिकटिंग में पारदर्शिता आएगी. यात्रियों के लिए जरूरी सलाह     तत्काल टिकट लेते समय अपना सही मोबाइल नंबर डालें.     OTP जल्दी डालें, वरना बुकिंग कैंसिल हो जाएगी.        

ट्रैक पार करते समय हादसे पर रेलवे प्रशासन को जवाबदेह ठहराया, हाई कोर्ट ने रेलवे का दावा खारिज किया

जबलपुर  मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा है "यदि रेलवे ने पटरियों तक अनधिकृत पहुंच को रोकने के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए तो क्रॉसिंग करते समय हुई मौत के लिए भी मुआवजा भी देना पड़ेगा." इस प्रकार जस्टिस हिमांशु जोशी की एकलपीठ ने रेलवे दावा अधिकरण भोपाल के फैसले को निरस्त कर दिया. रेलवे दावा अधिकरण के फैसले को चुनौती एकलपीठ ने अपने आदेश कहा "बच्चे सहित दो महिलाओं की मौत एक अप्रिय घटना के कारण हुई थी और रेलवे प्रशासन पटरियों तक अनधिकृत पहुंच रोकने तथा सुरक्षा सुनिश्चित करने के अपने वैधानिक कर्तव्य में विफल रहा. लापरवाही या अनधिकृत प्रवेश से रेलवे प्रशासन स्वतः ही दायित्व से मुक्त नहीं हो जाता है." मामले के अनुसार सिंगरौली निवासी राम अवतार सहित दो अन्य की तरफ से दायर अपील में रेलवे दावा अधिकरण के फैसले को चुनौती दी थी. रेलवे ट्रैक पर 3 लोगों की मौत का मामला याचिका में कहा गया "रेलवे ही हादसे के लिए जिम्मेदार है." रेलवे दावा अधिकरण ने माना था "रेलवे मुआवजा देने के लिए उत्तरदायी नहीं है, क्योंकि मृतक ट्रेन में नहीं चढ़े थे. ट्रेन की पटरी में आने के कारण उनकी मौत हुई थी." राम अवतार अपने बेटे राजेश (उम्र 3 साल) का मुंडन कराने 16 अप्रैल 2011 में मैहर ले गए थे. इस दौरान 8-10 लोगों का समूह मैहर गया था. लौटते समय रेलवे स्टेशन में बालक राजेश रेलवे की पटरियों पर आ गया था और उसे बचाने के लिए दो महिलाएं भी पटरी पर आ गईं और तीनों ट्रेन की चपेट में आ गई थीं. रेलवे दावा प्राधिकरण को मुआवजा के निर्देश प्राधिकरण ने सुनवाई के दौरान पाया था "समूह के लोग ट्रेन संख्या 51672 सतना-इटारसी पैसेंजर में नहीं चढे़ थे. लोली बाई, इंद्रमती और राजेश (बालक) की दूसरी पटरी से गुजरती हुई गुजरती ट्रेन की चपेट में आने से हुई." रेलवे ने लिखित बयान के माध्यम से दुर्घटना से इनकार किया और कहा "मृतक रेलवे लाइन पार कर रहे थे, तभी गुजरती ट्रेन की चपेट में आ गये." एकलपीठ ने रेलवे दावा अधिकरण को निर्धारित मुआवआ देने के निर्देश जारी किये हैं. जबलपुर में घोड़ों की मौत के मामले में सुनवाई एक अन्य मामले में हैदराबाद से जबलपुर लाए गए घोड़ों की मौत के मामले की सुनवाई हाई कोर्ट में हुई. याचिकाकर्ता की तरफ से कहा गया "पिछले माह में कुछ और घोड़ों की मौत हुई, जिसे छुपाया जा रहा है." हाई कोर्ट की चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा तथा जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने आरोप को गंभीरता से लेते हुए केयरटेकर सचिन तिवारी को शपथ पत्र पर यह बताने कहा है "वर्तमान में कितने घोड़े बचे हैं और उनका मानसिक व शारीरिक स्टेटस क्या है." युगलपीठ ने यह भी बताने कहा है "घोड़ों को स्वस्थ रखने के लिए क्या उपाय किए जा रहे हैं." युगलपीठ ने मामले की अगली सुनवाई 3 दिसंबर को नियत की है. जबलपुर निवासी पशु प्रेमी सिमरन इस्सर की ओर से याचिका दायर की गई थी. 

66 दिन के लिए रद्द हुई सारनाथ एक्सप्रेस, यात्रियों के लिए अलर्ट

रायपुर रेलवे ने कोहरे की आशंका के कारण सारनाथ एक्सप्रेस को तीन माह में 66 दिन रद्द करने की घोषणा की है. ठंड के दौरान कोहरे की आशंका को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है. सारनाथ एक्सप्रेस 1 दिसंबर से 15 फरवरी के बीच विभिन्न तिथियों में दोनों दिशाओं की ट्रेन रद्द रहेंगी. इससे प्रयागराज जाने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ जाएगी. प्रयागराज, बनारस और छपरा जाने वाली प्रमुख ट्रेन दुर्ग-छपरा-दुर्ग सारनाथ एक्सप्रेस के यात्री आने वाले दिनों में परेशान होंगे. रेलवे ने उत्तर भारत में पड़ने वाली कोहरे की आशंका को ध्यान में रखते हुए सारनाथ एक्सप्रेस को 1 दिसबंर से 15 फरवरी तक विभिन्न तिथियों में 66 दिनों के लिए रद्द करने का निर्णय लिया है. उत्तर पूर्व रेलवे द्वारा 15159/15160 छपरा-दुर्ग-छपरा सारनाथ एक्सप्रेस को घने कोहरे की अग्रिम आशंका को ध्यान में रखते हुए 1 दिसंबर से 15 फरवरी के बीच विभिन्न तिथियों में ट्रेन का परिचालन स्थगित करने का निर्णय लिया है. रेलवे द्वारा निर्धारित तिथियों के अलावा अन्य दिनों में भी यह ट्रेन अपने पूर्व निर्धारित समय सारिणी अनुसार यथावत चलेगी. छपरा-दुर्ग सारनाथ एक्सप्रेस इस डेट पर रहेगी रद्द दिसंबर 1, 3, 6, 8, 10, 13, 15, 17, 20, 22, 24, 27, 29, 31 जनवरी- 3, 5, 7, 10, 12, 14, 17, 19, 21, 24, 26, 28, 31 फरवरी 2, 4, 7, 9, 11,14 दुर्ग-छपरा सारनाथ एक्सप्रेस इस दिन रहेगी स्थगित दिसंबर 2, 4, 7, 9, 11, 14, 16, 18, 21, 23, 25, 28, 30 जनवरी 1, 4, 6, 8, 11, 13, 15, 18, 20, 22, 25, 27, 29 फरवरी 1, 3, 5, 8, 10, 12, 15

यात्रियों के लिए खुशखबरी: त्योहारों पर चलेंगी 5 पूजा स्पेशल ट्रेनें, जानिए कैसे करें आरामदायक सफर की बुकिंग

बिलासपुर दीपावली, छठ पूजा और अन्य प्रमुख त्योहारों के दौरान यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) ने यात्रियों की सुविधा के लिए कई फेस्टिवल/पूजा स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू किया है. रेलवे का उद्देश्य है कि लोग त्योहारों में घर तक आसानी से और आराम से पहुंच सकें, टिकट को लेकर परेशान हुए बिना. रेलवे प्रशासन ने बताया कि इन ट्रेनों में यात्रियों को “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर कंफर्म सीटें उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे यात्रा के दौरान सीट की अनिश्चितता खत्म होगी और लोगों को एक सुरक्षित, सुविधाजनक और सुखद यात्रा अनुभव मिलेगा. प्रमुख फेस्टिवल/पूजा स्पेशल ट्रेनों का विस्तृत विवरण 1. बिलासपुर–यलहंका (बेंगलुरु) पूजा स्पेशल (गाड़ी संख्या 08261/08262) : यह ट्रेन 9 सितंबर से 18 नवंबर 2025 तक कुल 22 फेरे लगाएगी.     गाड़ी संख्या 08261 (बिलासपुर–यलहंका): हर मंगलवार को चलेगी.     गाड़ी संख्या 08262 (यलहंका–बिलासपुर): हर बुधवार को चलेगी. इस ट्रेन में एसी-III, एसी-III इकॉनमी और स्लीपर कोच में पर्याप्त बर्थ उपलब्ध हैं. और मुख्य ठहराव बिलासपुर, भाटापारा, रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, डोंगरगढ़ और गोंदिया हैं. 2. दुर्ग–सुल्तानपुर पूजा स्पेशल (गाड़ी संख्या 08763/08764) यह ट्रेन 13 सितंबर से 30 नवंबर 2025 तक कुल 12 फेरे लगाएगी.     गाड़ी संख्या 08763 (दुर्ग–सुल्तानपुर): हर शनिवार को चलेगी.     गाड़ी संख्या 08764 (सुल्तानपुर–दुर्ग): हर रविवार को चलेगी. यात्रियों के लिए एसी-II, एसी-III, एसी-III इकॉनमी और स्लीपर कोच में सीटें उपलब्ध हैं. साथ ही इसके मुख्य ठहराव दुर्ग, रायपुर, उस्लापुर, पेंड्रारोड, अनूपपुर, शहडोल और उमरिया हैं. 3. दुर्ग–हजरत निजामुद्दीन पूजा स्पेशल (गाड़ी संख्या 08760/08761) दिल्ली की ओर यात्रा करने वालों के लिए यह विशेष ट्रेन 5 अक्टूबर से 24 नवंबर 2025 तक 8 फेरे लगाएगी.     गाड़ी संख्या 08760 (दुर्ग–हजरत निजामुद्दीन): हर रविवार को चलेगी.     गाड़ी संख्या 08761 (हजरत निजामुद्दीन–दुर्ग): हर सोमवार को चलेगी. इसमें एसी-II, एसी-III, एसी-III इकॉनमी और स्लीपर श्रेणियों में पर्याप्त बर्थ उपलब्ध हैं. साथ ही इसके मुख्य ठहराव दुर्ग, रायपुर, उस्लापुर, पेंड्रारोड, अनूपपुर, शहडोल और उमरिया हैं. 4. नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी)–जयनगर पूजा स्पेशल (गाड़ी संख्या 08869/08870) यह ट्रेन 16 अक्टूबर से 8 नवंबर 2025 तक बिहार और झारखंड की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए विशेष रूप से चलाई जा रही है.     गाड़ी संख्या 08869 (इतवारी–जयनगर): हर गुरुवार को चलेगी.     गाड़ी संख्या 08870 (जयनगर–इतवारी): हर शनिवार को चलेगी. इसके मुख्य ठहराव गोंदिया, डोंगरगढ़, राजनांदगांव, दुर्ग, रायपुर, भाटापारा, बिलासपुर, चांपा और रायगढ़ हैं. 5. नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी)–शालीमार पूजा स्पेशल (गाड़ी संख्या 08865/08866) यह ट्रेन यात्रियों को कोलकाता और आसपास के क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए अतिरिक्त फेरे में चलाई जा रही है.     गाड़ी संख्या 08865 (इतवारी–शालीमार): 13 और 20 अक्टूबर (सोमवार).     गाड़ी संख्या 08866 (शालीमार–इतवारी): 14 और 21 अक्टूबर (मंगलवार). इस ट्रेन के मुख्य ठहराव गोंदिया, डोंगरगढ़, राजनांदगांव, दुर्ग, रायपुर, भाटापारा, बिलासपुर, चांपा और रायगढ़ हैं.

केन्द्रीय मंत्रि-मंडल ने मध्यप्रदेश सहित 4 राज्यों की रेलवे मल्टी-ट्रेकिंग परियोजनाओं को दी मंजूरी

प्रधानमंत्री मोदी का मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माना आभार भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार को नई दिल्ली में केन्द्रीय मंत्रि-मंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने मध्यप्रदेश सहित 4 राज्यों के 18 जिलों में रेलवे की 4 मल्टी-ट्रेकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी है। मध्यप्रदेश को मिली इस सौगात के लिये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार मानते हुए धन्यवाद किया है। पीएम-गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत तैयार इन परियोजनाओं का उद्देश्य एकीकृत योजना और हितधारक परामर्श द्वारा मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक दक्षता बढ़ाना है। ये परियोजनाएं नागरिकों, वस्तुओं और सेवाओं को निर्बाध संपर्क प्रदान करेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रेलवे लाइन क्षमता में बढ़ोत्‍तरी से गतिशीलता बढ़ेगी जिससे भारतीय रेलवे की परिचालन दक्षता और सेवा विश्वसनीयता में सुधार होगा। मल्टी-ट्रेकिंग (पटरियों की संख्या बढ़ाना) से रेल परिचालन सुगम होगा और यात्रियों को सुविधा होगी। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नए भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप इन परियोजनाओं से क्षेत्र के लोगों का व्यापक विकास होगा, वे आत्मनिर्भर बनेंगे और उनके लिए रोज़गार/स्वरोज़गार के अवसर बढ़ेंगे। केन्द्रीय मंत्रि-मंडल समिति ने मध्यप्रदेश में 237 किलोमीटर लंबी इटारसी-भोपाल-बीना चौथी लाइन को और गुजरात एवं मध्यप्रदेश के बीच 259 किलोमीटर लंबी बढ़ोदरा-रतलाम, तीसरी और चौथी लाइन को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही महाराष्ट्र में वर्धा-भुसावल के बीच 314 किलोमीटर लंबी तीसरी और चौथी लाइन को तथा महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में 84 किलोमीटर लंबी गोंदिया-डोंगरगढ़ चौथी लाइन को मंजूरी दी गई है। कुल 24 हजार 634 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली ये परियोजनाएं 2030-31 तक पूरी होंगी। स्वीकृत मल्टी-ट्रेकिंग परियोजनाओं से लगभग 3 हजार 633 गांवों, जिनकी जनसंख्या लगभग 85 लाख 84 हजार है तथा 2 आकांक्षी जिलों विदिशा और राजनांदगांव तक संपर्क बढ़ेगा। मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और छत्तीसगढ़ राज्यों के 18 जिलों में व्‍याप्‍त इन चार परियोजनाओं से भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में लगभग 894 किलोमीटर की वृद्धि होगी। मध्यप्रदेश में परियोजना खंड सांची, सतपुड़ा बाघ अभयारण्य, प्रागैतिहासिक मानव जीवन के प्रमाणों और प्राचीन शैल चित्रकला के लिए प्रसिद्ध भीमबेटका शैलाश्रय, हज़ारा जलप्रपात, नवेगांव राष्ट्रीय उद्यान आदि प्रमुख स्थलों को भी रेल संपर्क प्रदान करेगा, जो देश भर के पर्यटकों को आकर्षित करेगा। यह कोयला, कंटेनर, सीमेंट, फ्लाई ऐश, खाद्यान्न, इस्पात आदि वस्तुओं के परिवहन के लिए भी आवश्यक मार्ग है। पटरियों की संख्या बढ़ाए जाने से प्रति वर्ष 78 मिलियन टन की अतिरिक्त माल ढुलाई होगी। रेलवे के पर्यावरण अनुकूल और ऊर्जा कुशल परिवहन देश के जलवायु लक्ष्यों और परिचालन लागत को कम करने, तेल आयात (28 करोड़ लीटर) में कमी लाने और कार्बन उत्सर्जन 139 करोड़ किलोग्राम कम करने में मदद करेगा जो 6 करोड़ वृक्षारोपण के बराबर है।

यात्रियों के लिए खुशखबरी: बिलासपुर-पटना सुपरफास्ट एक्सप्रेस के स्टॉपेज और रूट में बड़ा बदलाव

पटना बिलासपुर-पटना सुपरफास्ट एक्सप्रेस (22843/22844) का विस्तार कर दिया गया है। अब यह ट्रेन बक्सर स्टेशन तक जाएगी। 10 अक्टूबर से बिलासपुर से रवाना होने वाली 22843 बिलासपुर-पटना सुपरफास्ट एक्सप्रेस बक्सर तक जाएगी। वहीं, 11 अक्टूबर से पटना से रवाना होने वाली 22844 पटना-बिलासपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस बक्सर रेलवे स्टेशन से चलेगी। इन स्टेशनों पर होगा स्टॉपेज पटना-बक्सर के बीच छह स्टेशनों के यात्रियों को भी इस ट्रेन का लाभ मिलेगा। रेलवे ने दानापुर, बिहटा, आरा, बिहिया, रघुनाथपुर और डुमरांव स्टेशनों पर ट्रेन को वाणिज्यक ठहराव देने का निर्णय लिया है। रेलवे ने इन स्टेशनों पर ट्रेन के आगमन और प्रस्थान का समय भी जारी कर दिया है। इसके तहत बिलासपुर से यह ट्रेन 20:30 बजे छूटेगी। पटना 13:48 बजे, दानापुर 14:11 बजे, बिहटा 14:29 बजे, आरा 14:50 बजे, बिहिया 15:09 बजे, रघुनाथपुर 15:23 बजे, डुमरांव 15:38 बजे पहुंचेगी। इसके बाद बक्सर स्टेशन पर यह ट्रेन 16:10 बजे पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन बक्सर से 21:35 बजे रवाना होगी और पटना रात 12:03 बजे पहुंचेगी।  

पंडाल घूमने वालों के लिए खुशखबरी! रेलवे ने चलाईं पूजा स्पेशल ट्रेनें

पटना आगामी पर्व-त्यौहार के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ के मद्देनजर उनकी सुविधा के लिए रेलवे द्वारा कई स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है। इसी कड़ी में रांची से आरा, जयनगर, पूर्णिया कोर्ट एवं कामाख्या के लिए एक-एक जोड़ी तथा टाटा से बक्सर के लिए एक जोड़ी स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जा रहा है। रांची-आरा-रांची पूजा स्पेशल बोकारो, गोमो, कोडरमा, गया, सासाराम के रास्ते रांची और आरा के मध्य रांची-आरा-रांची पूजा स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जाएगा। इस स्पेशल का परिचालन रांची से 28 सितंबर से 2 नवंबर तक प्रत्येक रविवार को तथा आरा से 29 सितंबर से 3 नवंबर तक प्रत्येक सोमवार को किया जाएगा। रांची-जयनगर-रांची दीपावली छठ स्पेशल बोकारो, धनबाद, झाझा, किउल, बरौनी, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी के रास्ते रांची और जयनगर के मध्य रांची-जयनगर-रांची दीपावली छठ स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जाएगा। इस स्पेशल का परिचालन रांची से 18 अक्टूबर से एक नवंबर तक प्रत्येक शनिवार को तथा जयनगर से 19 अक्टूबर से दो नवंबर तक प्रत्येक रविवार को किया जायेगा। रांची-पूर्णिया कोर्ट-रांची दीपावली छठ स्पेशल बोकारो, धनबाद, आसनसोल, रामपुर हाट, मालदा टाउन, कटिहार के रास्ते रांची और पूर्णिया कोर्ट के मध्य रांची-पूर्णिया कोर्ट-रांची दीपावली छठ स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जाएगा। इस स्पेशल का परिचालन रांची से 17 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक प्रत्येक शुक्रवार को तथा पूर्णिया कोर्ट से 18 अक्टूबर से एक नवंबर तक प्रत्येक शनिवार को किया जाएगा। रांची-कामाख्या-रांची पूजा स्पेशल बोकारो, धनबाद, झाझा, किउल, न्युू बरौनी, खगड़िया, कटिहार के रास्ते रांची और कामाख्या के मध्य रांची-कामाख्या-रांची पूजा स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जाएगा। इस स्पेशल का परिचालन रांची से 27 सितंबर से एक नवंबर तक प्रत्येक शनिवार को तथा कामाख्या से 29 सितंबर से तीन नवंबर तक प्रत्येक सोमवार को किया जाएगा। टाटा-बक्सर-टाटा दीपावली छठ स्पेशल आसनसोल, झाझा, किउल, पटना के रास्ते टाटा और बक्सर के मध्य गाड़ी टाटा-बक्सर-टाटा दीपावली छठ स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जाएगा। इस स्पेशल का परिचालन टाटा से 17 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक प्रत्येक शुक्रवार को तथा बक्सर से 18 अक्टूबर से एक नवंबर तक प्रत्येक शनिवार को किया जाएगा।

मोदी सरकार ने बिहार के लिए रेलवे और हाईवे विकास परियोजनाओं को दी मंजूरी

पटना  चुनावी साल में बिहार को केंद्र सरकार से एक और बड़ा तोहफा मिला है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में बुधवार को कुल 6 अहम फैसलों पर मुहर लगी. इन फैसलों पर करीब 94,916 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. रेलवे, सड़क, शिक्षा, जहाजरानी और रिसर्च जैसे अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़ी इन योजनाओं का सीधा फायदा बिहार और देश के बाकी हिस्सों को मिलेगा. रेलवे कर्मचारियों के लिए भी सरकार ने खुशी की सौगात दी है. उन्हें प्रोडक्टिविटी-लिंक्ड बोनस देने का फैसला हुआ है, जिस पर 1,866 करोड़ रुपये खर्च होंगे. बिहार में बख्तियारपुर-राजगीर-तिलैया रेल लाइन डबलिंग परियोजना को मंजूरी दी गई है. इस पर 2,192 करोड़ रुपये खर्च होंगे. रेलवे का यह कदम न सिर्फ यात्रियों की सुविधा बढ़ाएगा बल्कि मालगाड़ियों की आवाजाही को भी दोगुना कर देगा. इसके अलावा साहेबगंज-बेतिया एनएच-139W को चार लेन बनाने पर 3,822 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं. माना जा रहा है कि इस प्रोजेक्ट से सीमांचल और उत्तर बिहार के लोगों को तेज रफ्तार कनेक्टिविटी मिलेगी. चार-लेन ग्रीनफील्ड प्रोजेक्‍ट से पटना और बेतिया के बीच संपर्क को बेहतर बनाया जाएगा. इससे उत्तर बिहार के वैशाली, सारण, सीवान, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण जिले भारत-नेपाल सीमा से लगे क्षेत्रों तक जुड़ जाएंगे. मेड‍िकल, स्‍वास्‍थ्‍य से लेकर शिपबिल्डिंग प्रोजेक्‍ट पास     केंद्र ने मेडिकल कॉलेज और मेडिकल शिक्षा विस्तार पर 15,034 करोड़ रुपये खर्च करने की मंजूरी दी है. इससे बिहार सहित देशभर में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर और बेहतर होने की उम्मीद है.     इसके साथ ही सीएसआईआर की क्षमता निर्माण और मानव संसाधन विकास योजना पर 2,277 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है, जिससे देश में रिसर्च और इनोवेशन को नई उड़ान मिलेगी.     कैबिनेट ने शिपबिल्डिंग और समुद्री विकास सुधारों के लिए सबसे बड़ा पैकेज द‍िया है. इस पर 69,725 करोड़ रुपये खर्च क‍िए जाएंगे. विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत की समुद्री ताकत और वैश्विक व्यापार में पकड़ मजबूत होगी. मरीन सिक्‍योरिटी नेशनल सिक्‍योरिटी का एक बहुत बड़ा ह‍िस्‍सा है और सरकार लगातार इसे बेहतर करने की कोश‍िश कर रही है. बिहार को एक साल में कई सौगात बीते एक साल में केंद्र सरकार ने बिहार के लिए कई योजनाओं पर मुहर लगाई है. रेलवे लाइन अपग्रेडेशन, नई सड़कों और पुलों के निर्माण, बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर लगातार निवेश हो रहा है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, सिर्फ 12 महीनों में बिहार के लिए करीब 1.5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की योजनाओं को मंजूरी मिली है. इनमें सड़क, रेलवे, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े प्रोजेक्ट प्रमुख हैं. क्यों अहम है बिहार? बिहार में अगले कुछ महीनों में चुनाव होने वाले हैं. इसल‍िए सरकार का फोकस बिहार पर ज्‍यादा है. बिहार की राजनीति हमेशा से दिल्ली की राजनीति को प्रभावित करती रही है. राज्य में विधानसभा की 243 सीटें हैं और यहां का चुनाव सीधा-सीधा राष्ट्रीय राजनीति का रुख तय करता है. यही वजह है कि केंद्र सरकार चाहती है कि 2025 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले विकास की बड़ी तस्वीर जनता के सामने रखी जाए.  2024–25 में जिन योजनाओं को मंजूरी मिली है, जैसे रेलवे लाइन डबलिंग, हाईवे चौड़ीकरण, मेडिकल कॉलेज विस्तार, बिजली और शिक्षा योजनाएं—इनका फायदा सरकार चुनाव प्रचार में सीधे तौर पर दिखा सकती है. लोग जब नई सड़क, बेहतर अस्पताल या कॉलेज बनते देखते हैं तो यह सरकार की छवि पर असर डालता है.

रेल उपभोक्ता सलाहकार समिति की बैठक शीघ्र आयोजित करने की मांग

रेल उपभोक्ता सलाहकार समिति की बैठक शीघ्र आयोजित करने की मांग रेलवे सलाहकार समिति सदस्य निलेश श्रीवास्तव ने लिखा बैठक को लेकर पत्र भोपाल  रेलवे उपभोक्ता सलाहकार समिति के सदस्य निलेश श्रीवास्तव ने रेल विभाग को पत्र लिखकर समिति की बैठक शीघ्र आयोजित करने की मांग की है। निलेश कुमार ने वरिष्ठ मंडल प्रबंधक सौरव कटारिया एवं रेल उपभोक्ता सलाहकार समिति मंडल भोपाल के सचिव को भेजे पत्र में उल्लेखित किया है कि मार्च माह में समिति की केवल एक बैठक 21 मार्च 2025 भोपाल में आयोजित की गई थी, जबकि नियम अनुसार वर्ष में कम से कम तीन बैठके होना आवश्यक है। पत्र में उन्होंने लिखा है कि रेल विभाग की इस उदासीनता से उपभोक्ताओं से जुड़े मुद्दे उठाए जाने में कठिनाई होती है। साथ उन्होंने मांग की है कि समिति की अगली बैठक कब और कहां आयोजित की जा रही है, इसकी जानकारी जल्दी दी जाए, ताकि रेलवे से जुड़ी जन समस्याओं का निराकरण जल्द से जल्द हो सके। रेल जनता के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है, जिसका उपयोग आमजन लगातार अपने जीवन में करते हैं। रेल यात्रा करते समय यात्रियों को हो रही असुविधाओं को ध्यान में रखकर पूर्ण सुविधाओं में परिवर्तित करने का कार्य रेल विभाग द्वारा लगातार किया जा रहा है। समिति की बैठक यदि निरंतर समय पर होती रहे तो आमजन की रेल समस्याओं का निपटान समय से होता रहेगा। रेलवे सलाहकार समिति सदस्य निलेश श्रीवास्तव ने मांग की है की रेल उपभोक्ता सलाहकार समिति बैठक का निर्णय जल्द से जल्द कर समिति के सभी सदस्यों को सूचित किया जाए।

यात्रियों के लिए खुशखबरी: रेलवे ने शुरू किया रिटर्न टिकट पर 20% छूट ऑफर

 नई दिल्ली रेलवे ने यात्रियों के लिए राउंड ट्रिप पैकेज स्कीम का ऐलान किया है, जिसके तहत रिटर्न जर्नी पर 20% की छूट मिलेगी. यह योजना फिलहाल एक्सपेरिमेंटल बेसिस पर लागू की जाएगी, ताकि इसके असर और यात्रियों की प्रतिक्रिया का आकलन किया जा सके. रेलवे ने त्योहारों के सीजन में भीड़ को मैनेज करने और यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए 'राउंड ट्रिप पैकेज' स्कीम की घोषणा की है. इस स्कीम के तहत जो यात्री अपनी रिटर्न जर्नी तय समय सीमा के भीतर बुक करेंगे, उन्हें रिटर्न टिकट के बेस किराए पर 20% की छूट मिलेगी. ‘कनेक्टिंग जर्नी फीचर’ के जरिए बुक होगा टिकट यह योजना 14 अगस्त 2025 से शुरू होगी. इसके तहत पहले यात्रा (Onward Journey) का टिकट 13 अक्टूबर 2025 से 26 अक्टूबर 2025 के बीच की तारीख के लिए बुक करना होगा. इसके बाद वापसी (Return Journey) का टिकट 17 नवंबर 2025 से 1 दिसंबर 2025 के बीच की तारीख के लिए ‘कनेक्टिंग जर्नी फीचर’ के जरिए बुक किया जा सकेगा. बेस किराए पर मिलेगी छूट इस स्कीम में छूट तभी मिलेगी जब दोनों तरफ का टिकट एक ही यात्रियों के नाम से और कन्फर्म हो. रिटर्न टिकट की बुकिंग के लिए एडवांस रिजर्वेशन पीरियड लागू नहीं होगा. छूट केवल रिटर्न जर्नी के बेस किराए पर दी जाएगी. रेलवे ने बताया कि यह योजना फिलहाल एक्सपेरिमेंटल बेसिस पर लागू की गई है, ताकि त्योहारों के समय ट्रेनों का दोनों तरफ से बेहतर इस्तेमाल हो सके.