samacharsecretary.com

पूर्वोत्तर क्षेत्र के इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार में एकजुट रणनीति का महत्व: ज्योतिरादित्य सिंधिया की टिप्पणी

नई दिल्ली केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शुक्रवार को कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र (एनईआर) में इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास में तेजी लाने के लिए यूनिफाइड एप्रोच की आवश्यकता है। केंद्रीय मंत्री ने इन्फ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी के गैप को भरने के लिए पांच सुझाव दिए, जिसमें एक क्षेत्रीय मास्टर प्लान तैयार करके पूर्वोत्तर क्षेत्र की इन्फ्रास्ट्रक्चर ग्रिड को मिलाना, एनईआर के लिए प्राथमिकता वाली परियोजनाओं के लिए एक निगरानी तंत्र की स्थापना, विभिन्न कर और अन्य रियायतों की पेशकश के माध्यम से मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क के लिए नीति को आगे बढ़ाना, पड़ोसी देशों के साथ अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए सीमा पार कनेक्टिविटी को बढ़ावा देना और डिजिटल कनेक्टिविटी और पावर ट्रांसमिशन इन्फ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाना है। ‘पूर्वोत्तर क्षेत्र में लॉजिस्टिक्स, इन्फ्रास्ट्रक्चर कनेक्टिविटी’ पर हाई-लेवल टास्क फोर्स (एचएलटीएफ) में बोलते हुए, सिंधिया ने आगे कहा कि भविष्य की परियोजनाओं की बेहतर योजना बनाने के लिए पूर्वोत्तर क्षेत्र की सभी इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को पीएम गतिशक्ति पोर्टल पर मैप किया जाना चाहिए। केंद्रीय मंत्री ने सभी पूर्वोत्तर राज्यों से कहा कि वे अपनी स्टेट लॉजिस्टिक्स पॉलिसी को मंत्रालय द्वारा देश भर में सर्वोत्तम प्रथाओं के आधार पर तैयार किए गए मानकों के अनुसार, अपटेड करें। उन्होंने आगे कहा कि क्षेत्र के तीव्र आर्थिक विकास के लिए परिवहन गलियारों के साथ-साथ पूर्वोत्तर क्षेत्र में औद्योगिक क्लस्टर विकसित किए जा सकते हैं। एचएलटीएफ बैठक में हाईवे, रेलवे, जलमार्ग, वायुमार्ग, लॉजिस्टिक्स और डिजिटल संपर्क जैसे सेक्टर्स में पूर्वोत्तर क्षेत्र में मौजूदा क्रिटिकल गैप पर ध्यान केंद्रित किया गया। पूर्वोत्तर में इन्फ्रास्ट्रक्चर अंतर को पाटने के लिए, एचएलटीएफ बैठक में एक व्यापक इन्फ्रास्ट्रक्चर मास्टरप्लान तैयार करने का निर्णय लिया गया। यह योजना सभी आठ पूर्वोत्तर राज्यों और केंद्रीय मंत्रालयों के परामर्श से विकसित की जाएगी, जिससे क्षेत्रीय विकास के लिए एक सहयोगात्मक दृष्टिकोण सुनिश्चित होगा। बैठक के दौरान चर्चा के प्रमुख बिंदुओं में राज्य-विशिष्ट बाधाओं और चुनौतियों की पहचान, महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी गैप और प्राथमिकता वाली इन्फ्रास्ट्रक्चर जरूरतें, पूंजी निर्माण के लिए राज्य बजट और राष्ट्रीय निवेश का एकीकरण और 2047 तक विकसित पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए एक रोडमैप का कार्यान्वयन शामिल था। इस वर्ष की शुरुआत में केंद्र ने आठ हाई-लेवल टास्क फोर्स (एचएलटीएफ) का गठन किया था, जिनमें से प्रत्येक का नेतृत्व पूर्वोत्तर राज्य के एक मुख्यमंत्री द्वारा किया जाता है, जिसमें केंद्रीय मंत्री और अन्य राज्यों के तीन मुख्यमंत्री सदस्य होते हैं।  

MP में HSRP नंबर प्लेट बिना नहीं होंगे वाहन के कई काम, जल्द करें लगवाना जरूरी

इंदौर प्रदेश में पंजीकृत वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) लगाने के लिए विशेष अभियान चलेगा। इसमें बीते छह साल में पंजीकृत हुए सभी वाहनों में एचएसआरपी नंबर प्लेट की जांच और डीलरों के यहां इसकी पेंडेंसी की पड़ताल भी की जाएगी। परिवहन कार्यालय इंदौर द्वारा सभी डीलरों के पास नंबर प्लेट की पेंडेंसी की पड़ताल की जाएगी और छूटे हुए वाहनों में नंबर प्लेट लगाने के लिए अभियान चलाया जाएगा। परिवहन विभाग ने सभी जिलों के परिवहन अधिकारियों को निर्देश जारी कर वाहनों में एचएसआरपी नंबर प्लेट लगाने के निर्देश दिए है। सभी वाहनों में HSRP नंबर प्लेट जरूरी एक अप्रैल 2019 के बाद के सभी वाहनों में एचएसआरपी नंबर प्लेट लगाई जाना है। हाल ही सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों को इस आशय के आदेश दिए थे। इसके बाद परिवहन विभाग ने सभी आरटीओ को निर्देश जारी कर नंबर प्लेट लगाने के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इंदौर में भी वाहन डीलरों के यहां पर परिवहन विभाग की टीमें पहुंचकर पेंडेंसी की पड़ताल करेंगी। दल गठित कर संबंधित वाहन डीलरों के माध्यम से एनआईसी वाहन पोर्टल पर अद्यतन स्थिति दर्ज की जाएगी। इसके लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।   बगैर नंबर प्लेट के नहीं होंगे कार्य जिन वाहनों में एचएसआरपी नंबर प्लेट नहीं होगी, उन वाहनों के परिवहन कार्यालय में कार्य नहीं होंगे। एचएसआरपी नहीं होने पर पीयूसी प्रमाण पत्र भी नहीं बनेगा। इसके अलावा आरसी, पता बदलना, आरसी विवरण देखना, स्वामित्व बदलना, नवीन और डुप्लीकेट परमिट, फिटनेस प्रमाण पत्र नहीं जारी होंगे। परिवहन विभाग की सेवाओं की जानकारी के लिए एचएसआरपी नंबर प्लेट आवश्यक होगी। परिवहन कार्यालय में प्रवेश होगा प्रतिबंधित एआरटीओ राजेश गुप्ता का कहना है कि वाहनों पर एचएसआरपी नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य है। वाहनों में यह नंबर प्लेट की पेंडेंसी की जांच वाहन डीलरों के यहां पर की जाएगी। वहीं नंबर प्लेट नहीं होने पर परिवहन कार्यालय में भी वाहनों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। कार्यालय में नंबर प्लेट होने के बाद ही परिवहन कार्य हो सकेंगे।  

ईसीआई फैक्ट चेक ने राहुल गांधी के आरोपों को भ्रामक बताया, प्रियंका गांधी ने कहा- जांच हो

नई दिल्ली लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर से लगाए गए धांधली के आरोप को लेकर चुनाव आयोग फैक्ट चेक ने जवाब दिया है। ईसीआई फैक्ट चेक ने राहुल गांधी के आरोपों को भ्रामक बताया है। चुनाव आयोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि अगर राहुल गांधी मानते हैं कि वे जो कह रहे, वह सच है तो उन्हें वोटर रजिस्ट्रेशन नियम 1960 के 20(3)(बी) के अनुसार घोषणा या शपथ पत्र पर हस्ताक्षर करके गुरुवार शाम तक देना चाहिए। चुनाव आयोग ने इस शपथ पत्र को महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पेश करना चाहिए ताकि आवश्यक कार्रवाई शुरू की जा सके। चुनाव आयोग की ओर से आए बयान पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने रिएक्ट किया है। उन्होंने चुनाव आयोग के रवैये पर सवाल उठाए हैं। प्रियंका ने कहा कि वे हलफनामा क्यों मांग रहे हैं? जांच क्यों नहीं कर रहे- प्रियंका का ईसी से सवाल केरल की वायनाड सीट कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि 'याचिका के अनुसार, 30 दिनों के भीतर हलफनामा प्रस्तुत किया जा सकता है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। वे हलफनामा क्यों मांग रहे हैं? अगर कोई जानबूझकर गलती हुई है, तो आपको इसकी जांच करनी चाहिए। आप हमें मतदाता सूची क्यों नहीं दे रहे हैं? आप जांच क्यों नहीं कर रहे हैं? उसके बजाय आप कह रहे कि हलफनामा साइन करके दो। इससे बड़ी शपथ क्या है जो हम सदन में लेते हैं। इससे बड़ी कोई शपथ है जो हमने सदन में ले रखी है।' 'राहुल गांधी इतना बड़ा खुलासा कर रहे…' प्रियंका गांधी ने आगे कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पूरे मुद्दे की जानकारी दे रहे हैं। पब्लिक में सबकुछ कर रहे हैं। बता रहे हैं कि देखिए एक लाख से ज्यादा फर्जी वोट हैं। एक विधानसभा में अंदर इतने फर्जी वोट, जो चुनाव लड़ता है वो समझता है इस बात को। विधानसभा चुनाव में एक लाख से ज्यादा का फर्जी वोट, सोचिए जहां उन्होंने वोट कर दिया वही जीतेंगे। 'वोट चोरी' पर विपक्ष की रणनीति को लेकर क्या बोलीं प्रियंका प्रियंका गांधी से जब पूछा गया कि आगे विपक्ष की क्या रणनीति होगी। इस पर कांग्रेस नेता ने बताया कि ये इंडिया गठबंधन के नेता तय करेंगे कि आगे इस मुद्दे पर क्या कदम उठाया जाएगा। लेकिन यह सभी लोग समझते हैं कि विधानसभा चुनाव में प्रत्येक मतदाता कितना महत्वपूर्ण है? लगभग 1 लाख मतदाताओं को हटाकर, वे स्पष्ट रूप से तय कर सकते हैं कि कौन जीतता है। वहीं पूरे मामले में बीजेपी नेताओं के जो जवाब आ रहे उससे सब स्पष्ट है। टीचर वाला उदाहरण देकर चुनाव आयोग को घेरा प्रियंका गांधी ने कहा कि आप टीचर के पास जाओ और कहो कि मैम चीटिंग हो रही है तो क्या टीचर आपको थप्पड़ मारेंगी? या वो बोलेंगी कि मैं चेक करती हूं क्या हो रहा। वो जांच करेंगी। यहां देखिए क्या हो रहा। जो मांग की जा रही उसकी जांच की जगह उल्टा सीधा बोला जा रहा जो शिकायत कर रहा। यही नहीं उनसे हलफनामा मांगा जा रहा। एफिडेविट साइन करने की बात कही जा रही है। इतना सब कुछ हो रहा और कोई कार्रवाई नहीं हो रही।  

मैथ्यू फोर्ड बाहर, जोहान बने वेस्टइंडीज की वनडे टीम के नए सदस्य

नई दिल्ली वेस्टइंडीज और पाकिस्तान के बीच शुक्रवार से तीन वनडे मैचों की सीरीज शुरू हो रही है। वेस्टइंडीज को सीरीज की शुरुआत से पहले ही बड़ा झटका लगा है। तेज गेंदबाज मैथ्यू फोर्ड पूरी सीरीज से बाहर हो गए हैं। 22 साल के मैथ्यू फोर्ड बुधवार को अभ्यास सत्र के दौरान कैच पकड़ने की कोशिश में अपना कंधा चोटिल कर बैठे। उनकी इंजरी गंभीर है और उन्हें वनडे सीरीज से बाहर होना पड़ा है। इसकी पुष्टि क्रिकेट वेस्टइंडीज ने की है। क्रिकेट वेस्टइंडीज ने अपने बयान में मैथ्यू फोर्ड के इंजरी की वजह से वनडे सीरीज से बाहर होने और उनकी जगह ऑलराउंडर जोहान लेने को टीम में जगह दिए जाने की पुष्टि की है। 21 साल के जोहान लेने का प्रदर्शन साउथ अफ्रीका ए के खिलाफ अच्छा रहा था। उसी प्रदर्शन के दम पर उन्हें राष्ट्रीय टीम में मौका दिया गया है। वह तेज गेंदबाजी के बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं। वेस्टइंडीज का हालिया प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है। वेस्टइंडीज को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट में 0-3 से करारी हार झेलने के बाद टी20 सीरीज में भी 0-5 से हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद पाकिस्तान से भी टीम टी20 सीरीज 1-2 से हारी। पाकिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज में टीम कैसा प्रदर्शन करती है। इस पर वेस्टइंडीज टीम मैनेजमेंट की नजर है। वेस्टइंडीज टीम के मुख्य कोच डैरन सैमी का मानना है कि पाकिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज 2027 वनडे विश्व कप की तैयारी की दिशा में अहम है। उन्होंने कहा, “2027 विश्व कप के लिए स्वतः क्वालीफाई करने के हमारे प्रयासों के बीच पाकिस्तान एक अलग तरह की परीक्षा और चुनौती पेश करेगा। क्वालीफाई करना हमारा तात्कालिक लक्ष्य है, लेकिन दीर्घकालिक सफलता के लिए विजयी मानसिकता और टीम एकजुटता बनाए रखना आवश्यक है। उच्च रैंकिंग वाली पाकिस्तान जैसी टीमों के खिलाफ आगामी मैच विश्व कप से पहले हमारी स्थिति को बेहतर बनाने के लिए अहम है।” वेस्टइंडीज और पाकिस्तान के बीच तीन वनडे मैचों की सीरीज ब्रायन लारा क्रिकेट अकादमी, त्रिनिदाद में खेली जाएगी। मैच 8, 10, और 12 अगस्त को होंगे। वेस्टइंडीज वनडे टीम: शाई होप (कप्तान), ज्वेल एंड्रयू, जेडिया ब्लेड्स, कीसी कार्टी, रोस्टन चेज, जस्टिन ग्रीव्स, आमिर जंगू, शमर जोसेफ, ब्रैंडन किंग, जोहान लेने, एविन लुईस, गुडाकेश मोटी, शेरफेन रदरफोर्ड, जेडन सील्स, रोमारियो शेफर्ड।  

टीम ने डब्ल्यूटीसी सफलता से बढ़कर ICC चैंपियनशिप को बनाया लक्ष्य: रबाडा

नई दिल्ली साउथ अफ्रीका ने फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराकर विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2025 का खिताब जीता था। 1998 के बाद साउथ अफ्रीका की यह पहली आईसीसी ट्रॉफी थी। टीम के खिलाड़ियों ने जोरदार तरीके से इस जीत का जश्न मनाया। लेकिन, टीम के तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा ने साथी खिलाड़ियों से विश्व टेस्ट चैंपियनशिप खिताब से आगे बढ़ने और अहम आईसीसी खिताबों पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की है। रबाडा ने कहा, “डब्ल्यूटीसी फाइनल में लॉर्ड्स में ऑस्ट्रेलिया को हराने की खुशी अपार थी। लेकिन साथियों को अब उस ऐतिहासिक जीत से आगे बढ़कर आगामी चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और आगामी प्रमुख आईसीसी खिताबों पर ध्यान देना चाहिए, जिसमें 2026 आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप और 2027 वनडे विश्व कप शामिल हैं।” आईसीसी ने रबाडा के हवाले से कहा, “जीत राहत की बात थी, लेकिन टी20 विश्व कप नजदीक आ रहा है। मुझे लगता है अब हमारा दृष्टिकोण थोड़ा अलग होगा। अब किसी चीज का डर नहीं है।” साउथ अफ्रीका को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन टी20 और तीन वनडे मैचों की सीरीज खेलनी है। इसकी शुरुआत रविवार से हो रही है। रबाडा का मानना है कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज आगामी वैश्विक प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए काफी अहम होगी। रबाडा ने कहा, “ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच हमेशा जोरदार टक्कर देखने को मिलती रही है। हम जब भी ऑस्ट्रेलिया से खेलते हैं, तो हमेशा रोमांचक क्रिकेट खेला जाता है। ऐसा हमेशा लगता है कि वे हमसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करवाते हैं। मुझे यह पसंद है।” कगिसो रबाडा की साउथ अफ्रीका को विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2025 का खिताब दिलाने में अहम भूमिका रही थी। उन्होंने फाइनल में 9 विकेट लिए थे। कगिसो रबाडा की गिनती दुनिया के सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाजों में होती है। 30 साल के इस गेंदबाज ने 2014 में डेब्यू किया था। वह 71 टेस्ट में 336, 106 वनडे में 168 और 65 टी20 में 71 विकेट ले चुके हैं।  

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बोले – छत्तीसगढ़ में शिक्षा, नवाचार और कौशल विकास के नए युग की शुरुआत

छत्तीसगढ़ शासन, आईआईएम, एनआईटी और मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन के त्रिपक्षीय एमओयू पर हस्ताक्षर हस्ताक्षर के साक्षी बने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय फाउंडेशन द्वारा आईआईएम एवं एनआईटी को 172 करोड़ रुपये का योगदान रायपुर,  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आज छत्तीसगढ़ में शिक्षा, कौशल विकास और नवाचार के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री श्री साय आज राजधानी स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित विशेष कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन, भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) रायपुर, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर और मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन के मध्य हुए त्रिपक्षीय एमओयू पर हस्ताक्षर के साक्षी बने। इस समझौते के अंतर्गत स्थापित होने वाले उद्यमिता केंद्र का निर्माण वर्ष 2025-26 में प्रारंभ होगा तथा इसे वर्ष 2027-28 तक पूर्ण रूप से क्रियाशील करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। गांव-गांव तक पहुंचेगी शिक्षा, कौशल और नवाचार की क्रांति: मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि आज हस्ताक्षरित एमओयू से "छत्तीसगढ़ अंजोर विजन" को साकार करने में महत्वपूर्ण सहायता प्राप्त होगी। इस साझेदारी से प्रदेश में गांव-गांव तक शिक्षा, कौशल विकास और नवाचार की क्रांति पहुंचेगी, जो युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस त्रिपक्षीय समझौते के तहत "श्रीमती मिथिलेश अग्रवाल नवाचार एवं उद्यमिता उत्कृष्टता केंद्र" की स्थापना की जाएगी, जो युवाओं को शोध, प्रयोग और उद्यमिता के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने का कार्य करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह उत्कृष्टता केंद्र केवल आईआईएम या एनआईटी के विद्यार्थियों तक सीमित न रहे, बल्कि गांव-गांव के युवाओं को भी लाभान्वित करे। मुख्यमंत्री ने उद्योग जगत से भी इस शिक्षा और कौशल विकास के आंदोलन से जुड़ने का आग्रह किया। संसाधन-आधारित नहीं, नवाचार-आधारित अर्थव्यवस्था का नेतृत्व करेगा छत्तीसगढ़: मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री साय ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ अब कोर सेक्टर के साथ-साथ सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फार्मा, डिफेंस, एयरोस्पेस और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में तेज़ी से अग्रसर हो रहा है। बीते 20 महीनों में किए गए साढ़े तीन सौ से अधिक सुधारों के परिणामस्वरूप राज्य में निवेश का अनुकूल वातावरण निर्मित हुआ है और केवल आठ माह में 6.75 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि हम सभी यह संकल्प लें कि छत्तीसगढ़ को संसाधन-आधारित नहीं, बल्कि नवाचार-आधारित अर्थव्यवस्था का नेतृत्व करने वाला राज्य बनाएंगे – जहाँ युवा बदलाव के वाहक बनें और उद्यमिता से समाज को दिशा दें। किसानों के लिए बनेगा देश का सबसे बड़ा प्रशिक्षण केंद्र मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन के सह-संस्थापक एवं चेयरमैन श्री रामदेव अग्रवाल ने कार्यक्रम में रायपुर में किसानों हेतु देश का सबसे बड़ा प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ एक अत्यंत समृद्ध प्रदेश है, जिसमें विकास की अपार संभावनाएं हैं। उनका फाउंडेशन इस विकास यात्रा में पूर्णतः समर्पित है। श्री अग्रवाल ने बताया कि फाउंडेशन ने अपनी कुल निधि का 10 प्रतिशत समाज कल्याण के लिए समर्पित करने का निर्णय लिया है, जिसका उपयोग शिक्षा, कौशल और कृषि से संबंधित कार्यों में किया जाएगा। मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन का 172 करोड़ रुपये का योगदान मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन ने आईआईएम रायपुर एवं एनआईटी रायपुर को कुल 172 करोड़ रुपये का दान देने की घोषणा की है। इसमें से 101 करोड़ रुपये आईआईएम रायपुर को तथा 71 करोड़ रुपये एनआईटी रायपुर को प्रदान किए जाएंगे। इस दानराशि से आईआईएम रायपुर में "ओसवाल छात्रावास" के 202 कमरे और "दाऊ राम गोपाल अग्रवाल नॉलेज सेंटर" की स्थापना की जाएगी। इसके अतिरिक्त अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी की शीर्ष संस्थाओं के सहयोग से छह अंतरराष्ट्रीय एमबीए कार्यक्रम प्रारंभ किए जाएंगे। इसी प्रकार, एनआईटी रायपुर में "श्रीमती मिथिलेश अग्रवाल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस" की स्थापना की जाएगी, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, ब्लॉकचेन और क्लीन एनर्जी जैसे डीप-टेक क्षेत्रों पर कार्य करेगा। यह केंद्र वर्ष 2030 तक 10,000 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण देगा, 250 से अधिक स्टार्टअप्स को इनक्यूबेट करेगा और 5,000 से अधिक कुशल नौकरियों का सृजन करेगा। यह पहल छत्तीसगढ़ की औद्योगिक आवश्यकताओं – विशेषकर खनन, इस्पात और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्रों – के अनुरूप विकसित की गई है, और यह स्थानीय उद्योगों के साथ मिलकर वास्तविक समस्याओं के समाधान पर केंद्रित रहेगी। इस अवसर पर प्रमुख सचिव निहारिका बारीक, उच्च शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के सचिव एस. भारतीदासन, छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विजय दयाराम के, एनआईटी रायपुर के चेयरमैन डॉ. सुरेश हावरे, आईआईएम रायपुर के चेयरमैन पुनीत डालमिया, एनआईटी के निदेशक एन. वी. प्रसन्ना राव, आईआईएम रायपुर के प्रभारी निदेशक डॉ. संजीव पाराशर, प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षाविद एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

सचिन तेंदुलकर की कप्तानी का पहला दिन: भारतीय क्रिकेट के इतिहास में खास तारीख

नई दिल्ली क्रिकेट के मैदान पर सचिन तेंदुलकर की चमक किसी भी बल्लेबाज से कहीं ज्यादा है। अपने करियर में तेंदुलकर ने बल्लेबाजी में ऐसे कीर्तिमान रचे, जो उनसे पूर्व के खिलाड़ियों ने सोचे भी नहीं थे। संन्यास के एक दशक बाद भी तेंदुलकर के कई रिकॉर्ड आज भी अटूट हैं। लेकिन, बतौर कप्तान तेंदुलकर को वैसी सफलता नहीं मिली। सचिन तेंदुलकर ने 1989 में 16 साल की उम्र में भारतीय टीम के लिए डेब्यू किया था। डेब्यू के सात साल बाद 23 साल की उम्र में 9 अगस्त 1996 को उन्हें भारतीय टीम की कप्तानी सौंपी गई। 23 साल 169 दिन की उम्र में वह मंसूर अली खान पटौदी के बाद भारत के दूसरे सबसे युवा कप्तान बने थे। लगभग एक साल तक वह भारतीय टीम के कप्तान रहे, लेकिन इस दौरान टीम का प्रदर्शन बेहद खराब रहा। दिसंबर 1997 में उन्होंने कप्तानी से इस्तीफा दे दिया। 1999 वनडे विश्व कप में अजहरुद्दीन भारतीय टीम के कप्तान थे। टीम इंडिया का विश्व कप में खराब प्रदर्शन रहा था। इसलिए 1999 में तेंदुलकर को दूसरी बार भारतीय टीम की कमान सौंपी गई। इस बार भी उनका कार्यकाल बेहद छोटा रहा। टीम की लगातार हार की वजह से 2000 में सचिन ने बीसीसीआई के सामने कप्तानी छोड़ने की इच्छा जाहिर की। इसके बाद सौरव गांगुली ने टीम की कमान संभाली। सचिन ने दो छोटे-छोटे कार्यकाल में भारत के लिए 25 टेस्ट और 73 वनडे मैचों की कप्तानी की। भारतीय टीम 4 टेस्ट और 23 वनडे जीतने में कामयाब रही। आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि तेंदुलकर बतौर कप्तान प्रभावी नहीं रहे। हालांकि, सचिन तेंदुलकर डेब्यू से लेकर संन्यास तक भारतीय बल्लेबाजी क्रम की रीढ़ रहे। 1989 से 2013 के बीच सचिन ने भारतीय टीम के लिए 200 टेस्ट मैचों की 329 पारी में 51 शतक और 68 अर्धशतक लगाते हुए 15,921 रन बनाए। 463 वनडे में 49 शतक और 96 अर्धशतक लगाते हुए 18,426 रन बनाए। वहीं, एकमात्र टी20 में उन्होंने 10 रन बनाए। सचिन के नाम अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक मैच खेलने और सर्वाधिक रन और शतक बनाने का रिकॉर्ड है। ये ऐसे रिकॉर्ड हैं जो निकट भविष्य में टूटते नहीं दिखते।  

मोइन अली ने की सिराज की तारीफ, बताया जांबाज़ खिलाड़ी

लंदन इंग्लैंड के पूर्व ऑलराउंडर मोईन अली भी भारतीय टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज से बेहद प्रभावित दिखे हैं। मोइन ने सिराज की प्रशंसा करते हुए कहा है कि वह जूझारु है और कठिन हालातों में भी झुकता नहीं है। यही जुनून और जज्बा उसे दूसरे क्रिकेटरों से अलग करता है। इसलिए किसी भी बल्लेबाज के लिए उसका सामना करना आसान नहीं रहता। इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की श्रृंखला 2-2 से ड्रॉ कराने में अहम भूमिका निभाने वाले सिराज ने 23 विकेट लिए। मोईन ने कहा, ‘सिराज का प्रदर्शन इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में शानदार रहा है। उसकी ऊर्जा, आक्रामकता और निरंतरता शानदार रही है। वह भारत के लिए मैच विजेता है और बल्लेबाजों के लिए उसका सामना करना हमेशा कठिन रहा है। सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाली बात उनका गेंद पर नियंत्रण रहना है। वह बेहद जुझार हैं और कठिन हालातों में भी हार नहीं मानते हैं। अपनी इसी खूबी के कारण वह अन्य खिलाड़ियों से अलग नजर आता है।   

पहले आप खाइए! राखी पर बच्ची की मीठी मांग पर CM योगी ने मिठाई खाई

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अक्सर बच्चों के साथ चुहल करते और उनको चाकलेट व अन्य चीजें बांटते नजर आते हैं। पिछले दिनों एक बच्ची की अपील के बाद स्कूल में दाखिला का मामला काफी चर्चित हुआ था। योगी के निर्देश पर बच्ची को एक बड़े निजी स्कूल में दाखिला मिला था। शुक्रवार को लखनऊ में आयोजित एक समारोह के दौरान सीएम योगी का वही रूप दिखाई दिया। बच्ची की एक जिद के आगे सीएम योगी को मजबूर होना पड़ गया। एक बच्ची ने योगी को मिठाई खाने पर मजबूर कर दिया। बच्ची सीएम योगी को राखी बांधने आई थी। राखी के साथ मिठाई भी लेकर आई थी। राखी बंधवाने के बाद सीएम योगी ने बच्ची को मिठाई खिलाने की कोशिश की तो बच्ची ने तपाक से बोल दिया कि पहले आप खाइए। इस पर सीएम योगी पहले मुस्कराए और बच्ची को ही मिठाई खिलाने की कोशिश की। लेकिन बच्ची भी नहीं मानी। उसने भी मिठाई नहीं खाई। कहा पहले आप खाइए, पहले आप खाइए। अंतत: बच्ची की जिद सीएम योगी को पूरी करनी पड़ी और मिठाई खाकर उसे खुश कर दिया। सीएम योगी ने इस दौरान बच्चियों को चाकलेट के पैकेट और पैसे भी दिए। सीएम योगी काकोरी एक्शन शताब्दी समापन समारोह में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के साथ पहुंचे थे। इस दौरान योगी ने एक बार फिर लोगों से विदेशी की जगह स्वदेशी चीजों को खरीदने की अपील की। कहा कि विदेशी वस्तुएं खरीदेंगे तो पैसा आतंकवाद और नक्सलवाद को बढ़ाने के लिए इस्तेमाल होगा। सीएम योगी ने कहा कि आने वाले रक्षाबंधन, जन्माष्टमी, दीपावली व अन्य त्योहारों के मौके पर केवल स्वदेशी सामान ही खरीदें। यह भी कहा कि चाहे स्वदेशी सामान महंगे क्यों न हों, इन्हें खरीदने से देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और कारीगरों को मदद मिलेगी। कहा कि यह अवसर है हमारे बलिदानियों के प्रति कृतज्ञता जाहिर करने का। 15 अगस्त पर हर घर तिरंगा झंडा होना चाहिए। हमें बलिदानियों के प्रति कृतज्ञ रहने के साथ महात्मा गांधी के स्वदेशी अपनाओ आंदोलन को भी आगे बढ़ाना है। महात्मा गांधी ने जो मंत्र दिया, उसी पर हमें चलते हुए केवल स्वदेशी अपनाना है।  

युवतियों से ठगी के आरोप में Snapchat गिरोह के 3 विदेशी ठग पकड़े गए, दिल्ली में चल रहा था फर्जीवाड़ा

राजनांदगांव विदेशी उपहार और पाउंड पार्सल भेजने के नाम पर महिलाओं से लाखों रुपये की ठगी करने वाले तीन अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगों को पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियो में दो नाइजीरियन व एक दक्षिण अफ्रीका मूल का नागरिक शामिल है। आरोपी युवतियों से स्नैपचैट के जरिए दोस्ती कर स्वयं को विदेश में रहने वाला धनाढ्य बताकर भरोसे में लेते थे। इसके बाद पार्सल छुड़ाने के नाम पर मोटी रकम ऐंठते थे। बता दें कि इस गिरोह ने जिले के चिचोला थाना क्षेत्र की एक युवती से 1,23,700 रुपये की आनलाइन ठगी की थी। इस पर साइबर सेल व पुलिस चौकी चिचोला की संयुक्त टीम ने छानबीन कर आरोपियों को नई दिल्ली के जनकपुरी और उत्तम नगर इलाके से गिरफ्तार किया। तीनों को ट्रांजिट रिमांड पर द्वारका कोर्ट से राजनांदगांव लाया गया है। इस तरह दिया गया था ठगी को अंजाम प्रार्थिया ने पांच मई को पुलिस चौकी चिचोला में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि इंटरनेट मीडिया पर स्नैपचेट प्लेटफार्म पर डा केंड्रीक25 और कालिन्स लियो24 नामक अकाउंट से उससे संपर्क कर दोस्ती की गई। फिर स्वयं को विदेश में रहने वाला आर्थिक रूप से संपन्न व्यक्ति बताकर महंगे गिफ्ट व पाउंड भेजने का झांसा दिया गया। इसके बाद एयरपोर्ट कस्टम में पार्सल पकड़े जाने की बात कहकर 1,23,700 रुपये की मांग की गई और यह रकम ऑनलाइन ट्रांसफर करा ली गई। मामले में धारा 318(4), 3(5) बीएनएस, 66(सी), 66(डी) आईटी एक्ट के अंतर्गत अपराध दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई। साइबर सेल की जांच में आरोपितों के मोबाइल लोकेशन उत्तम नगर (नई दिल्ली) में पाई गई, जिसके बाद टीम को दिल्ली रवाना किया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो लैपटाप, 14 एंड्रायड मोबाइल, छह की-पैड मोबाइल, पांच बंद मोबाइल, पांच एटीएम कार्ड और 32 सिम कार्ड जब्त किए गए। इसमें से 11 सिम अंतर्राष्ट्रीय नंबर हैं। मामले में स्टीफन उर्फ लक्की डेडन जो (30) आइवरी कोस्ट (दक्षिण अफ्रीका) और नाइजीरिया के किंग्सले (35) और जार्ज चुक्चुमेका शामिल हैं। तीनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे दिल्ली में रहते हुए भारतीय महिलाओं से सोशल मीडिया और मैट्रिमोनियल साइट्स के माध्यम से संपर्क कर ठगी करते थे। महिलाओं को गिफ्ट व विदेशी मुद्रा भेजने का झांसा देकर कस्टम क्लीयरेंस के नाम पर रकम ट्रांसफर कराते थे। दूतावास को दी गई सूचना आरोपितों की गिरफ्तारी की सूचना उनके संबंधित देशों के दूतावास को दी गई है। पुलिस का कहना है कि गिरोह का नेटवर्क काफी बड़ा है और इसकी गहराई से जांच की जा रही है। प्रारंभिक पूछताछ में यह भी सामने आया है कि ये लोग भारत के अलग-अलग हिस्सों में कई महिलाओं को निशाना बना चुके हैं।