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दिल्ली में सियासत गरमाई: महिला आरक्षण बिल को लेकर भाजपा का प्रदर्शन, राहुल गांधी पर निशाना

नई दिल्ली लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक पास नहीं होने पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में शनिवार को भाजपा सांसदों ने राहुल गांधी के घर के बाहर विरोध जताया। प्रदर्शन में वरिष्ठ भाजपा सांसद हेमा मालिनी भी मौजूद रहीं। प्रदर्शनकारियों ने राहुल गांधी का पुतला भी जलाया गया। प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस पर नारी शक्ति का अपमान करने का आरोप लगाया और हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर मोतीलाल नेहरू मार्ग से सुनहरी बाग रोड स्थित राहुल गांधी के घर तक मार्च करते हुए पहुंचे। कुछ महिला प्रदर्शनकारियों ने अपना गुस्सा जाहिर करने के लिए अपने माथे पर काली पट्टियां बांधी हुई थीं। इस दौरान दिल्ली पुलिस ने उग्र प्रदर्शन को देखते हुए कुछ कार्यकर्ताओं और नेताओं को डिटेन किया, जिन्हें मंदिर मार्ग थाने ले जाया गया। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि विपक्ष की मानसिकता महिलाओं के सशक्तीकरण के प्रति उनके असली इरादों को उजागर करती है। देश की महिलाएं सब कुछ देख रही हैं और समझ रही हैं। 'नारी शक्ति' के साथ हुए इस अन्याय का जवाब जरूर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले तीस साल से इस देश की आधी आबादी लगातार अपमान सहती आ रही है। इस बिल को सदन में बार-बार लाया गया है। कभी इसे फाड़ दिया जाता है, कभी फेंक दिया जाता है और कभी इसका विरोध किया जाता है। इसके पीछे क्या वजह है। कभी वे कहते हैं कि उन्हें परिसीमन नहीं चाहिए, तो कभी कहते हैं कि उन्हें पुनर्गठन नहीं चाहिए। कभी वे कहते हैं कि इसे 543 सीटों के अंदर ही लागू करो, तो कभी कहते हैं कि सीटों की संख्या बढ़ाओ। कभी वे कुछ खास राज्यों की बात करते हैं, तो कभी आरक्षण के अंदर आरक्षण की और कभी मुस्लिम महिलाओं की। आज मैं विपक्ष के नेताओं से यह पूछना चाहती हूं, अगर वे मुस्लिम महिलाओं के इतने ही बड़े शुभचिंतक थे तो जब पीएम मोदी ने तीन तलाक कानून पेश किया था, तब उन्होंने उसका विरोध क्यों किया था। मथुरा लोकसभा सीट से सांसद हेमा मालिनी ने कहा कि कि विपक्ष ने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' को पारित कराने के सभी प्रयासों को विफल कर दिया। ऐसा लगता है कि विपक्ष को 'नारी शक्ति' पर भरोसा नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं को उनका हक दिलाने की पूरी कोशिश की। पिछले कई वर्षों से प्रधानमंत्री महिलाओं को नई सुविधाएं और अधिकार देने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं। वह चाहते हैं कि महिलाएं निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल हों, लेकिन विपक्ष ऐसा नहीं होने देना चाहता। हेमा मालिनी ने कहा कि संसद सत्र के दौरान महिला आरक्षण विधेयक संसद में अटक गया। यह उन महिलाओं के लिए एक दुखद दिन था, जो राष्ट्रीय मामलों में अपनी अधिक भागीदारी की उम्मीद कर रही थीं। व्यक्तिगत रूप से मैं काफी निराश थी, क्योंकि मतदान से ठीक पहले मैंने संसद में इस विधेयक के महत्व पर अपनी बात रखी थी। प्रधानमंत्री मोदी आज रात 8:30 बजे राष्ट्र को संबोधित करेंगे और सभी महिलाओं के लिए इस विधेयक के महत्व के बारे में बात करेंगे। मैं आप सभी से अनुरोध करती हूं कि आप उनका संबोधन अवश्य सुनें। भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा कि यह बड़े शर्म की बात है कि जिस दिन कांग्रेस पार्टी और विपक्ष के सभी गठबंधन सहयोगियों ने इस देश की महिलाओं के साथ विश्वासघात किया, वे उस दिन को ऐसे मना रहे हैं मानो यह कोई जीत हो। उन्होंने कहा कि कल राहुल गांधी और सभी विपक्षी दलों ने इस देश की मातृ शक्ति की पीठ में छुरा घोंपा है और उनके साथ विश्वासघात किया है। कल विपक्ष ने यह तय कर लिया है कि उनकी मंशा यह है कि वे महिलाओं की भूमिका को केवल मतदान केंद्र तक ही सीमित रखना चाहते हैं और जब सत्ता में भागीदारी की बात आती है तो वे अपने हाथ पीछे खींच लेते हैं। दिल्ली भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि महिलाओं में भारी गुस्सा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को अधिकार देना चाहते थे, लेकिन कांग्रेस ने उनको छीनने का काम किया है और यह गुस्सा कांग्रेस को भस्म कर देगा और उसे तबाह कर देगा। भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि मेरा दिल रो रहा है, लेकिन देश और दिल्ली की महिलाएं जाग चुकी हैं। उन्होंने कहा कि असली बात समझिए। जब ​​इसे पास होना था, तो सब एक साथ आ गए थे, लेकिन जिस दिन इसे लागू होना था, उन्होंने इसे गिरा दिया। भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत ने कहा कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन की पार्टियों ने बहनों के साथ कभी न्याय नहीं किया। उन्होंने आरक्षण की बात तो की, लेकिन लोकसभा और राज्यसभा दोनों में इस विधेयक को पास कराने की कभी कोशिश नहीं की। 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के तहत लोकसभा और विधानसभाओं में 33 फीसदी आरक्षण देने का फैसला किया है। इसे 2029 तक लागू करने की कोशिश की गई थी, लेकिन कांग्रेस और इंडी गठबंधन के लोगों ने एक बार फिर इस विधेयक के खिलाफ क्रॉस-वोटिंग की है। भाजपा नेता रमेश बिधूड़ी ने कहा कि इतिहास के पन्नों में इसे एक गौरवशाली अध्याय के तौर पर नहीं, बल्कि एक काले अध्याय के तौर पर याद किया जाएगा कि देश की आधी आबादी यानी महिलाओं को उनका हक मिलना चाहिए। यह मांग कोई नई नहीं है और पिछले चार दशकों से कांग्रेस किसी न किसी तरह से इस मुद्दे पर लोगों को गुमराह करती आ रही है।

राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश, दोहरी नागरिकता मामले में नया मोड़

लखनऊ कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी की दोहरी नागरिकता से जुड़े मामले में मुश्किलें बढ़ गई हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश आदेश दिया है। हाईकोर्ट की बेंच ने शुक्रवार को सुनवाई के बाद उनके खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया है। राहुल गांधी पर भारत के साथ-साथ ब्रिटेन की भी नागरिकता रखने का आरोप है। इसके खिलाफ विग्नेश शिशिर ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी और दावा किया था कि राहुल के पास दो देशों के पासपोर्ट हो सकते हैं, जोकि भारतीय कानून का उल्लंघन है। इसी को लेकर लंबे समय से हाई कोर्ट में सुनवाई चल रही थी। कोर्ट ने सरकार से रिकॉर्ड पेश करने को कहा था। इससे पहले, लखनऊ की विशेष MP/MLA अदालत के 28 जनवरी राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश देने वाली उनकी याचिका को खारिज कर दिया था। इसके खिलाफ शिशिर फिर से कोर्ट पहुंचे थे। MP/MLA अदालत ने कहा था कि वह नागरिकता के मुद्दे पर फैसला करने के लिए सक्षम नहीं है। याचिकाकर्ता राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और इस मामले में उनके खिलाफ विस्तृत जांच की मांग कर रहे हैं। उन्होंने बीएनएस, सरकारी गोपनीयता अधिनियम, विदेशी अधिनियम और पासपोर्ट अधिनियम के तहत राहुल गांधी पर कई आरोप लगाए हैं। इस मामले की पहले सुनवाई करते हुए, पीठ ने केंद्र सरकार से पूछा था कि राहुल की ब्रिटिश नागरिकता के खिलाफ मिली शिकायत पर उसने क्या कार्रवाई की है। राहुल गांधी के मुकदमे में सुनवाई फिर टली वहीं, गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ अभद्र टिप्पणी के मामले में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर जारी मानहानि केस की सुनवाई फिर टल गई है। याची के वकील सन्तोष पाण्डेय ने शुक्रवार को मौका लिया जिस पर एमपी – एमएलए कोर्ट के मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा ने सुनवाई 22 अप्रैल को सुनिश्चित करने का आदेश दिया है। राहुल की वायस रिकार्डिंग को विधि विज्ञान प्रयोगशाला से सत्यापित कराने की मांग पर सुनवाई में मुकदमा कई तारीखों से लम्बित है। कर्नाटक के बंगलूरू में आठ मई 2018 को एक जनसभा के दौरान केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर आपत्तिजनक टिप्पणी के आरोप में भाजपा नेता विजय मिश्र ने राहुल गांधी के खिलाफ चार अगस्त 2018 को मानहानि का मुकदमा दायर किया था। लखनऊ की अदालत ने खारिज कर दी थी याचिका यह शिकायत शुरू में रायबरेली की विशेष सांसद-विधायक अदालत में दायर की गई थी, लेकिन शिकायतकर्ता विग्नेश की याचिका पर, इलाहाबाद उच्‍च न्‍यायालय की लखनऊ पीठ ने 17 दिसंबर, 2025 को उक्त आपराधिक शिकायत मामले को रायबरेली से लखनऊ स्थानांतरित कर दिया था. लखनऊ की सांसद-विधायक अदालत ने 28 जनवरी, 2026 को उक्त याचिका खारिज कर दी थी, जिसके खिलाफ याचिकाकर्ता ने उच्‍च न्‍यायालय का रुख किया था। 

राहुल गांधी को कांग्रेस से हटाने का माहौल, महाराष्ट्र CM का बड़ा बयान

मुंबई  महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस में उन्हें हटाने का माहौल बन रहा है, क्योंकि वह पार्टी को चुनाव में जीत नहीं दिला पा रहे हैं। फडणवीस ने यहां एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से कहा कि गांधी केवल अपने अस्तित्व के लिए लड़ रहे हैं और अपने नेतृत्व को लगातार मिल रही हार से बचाने की कोशिश कर रहे हैं। फडणवीस ने दावा किया, 'कांग्रेस में राहुल गांधी को हटाने का माहौल बन रहा है, क्योंकि वह पार्टी के लिए चुनावी जीत सुनिश्चित करने में असमर्थ हैं।' उन्होंने कहा कि गांधी ने अपनी पार्टी के भीतर जारी संघर्ष से ध्यान हटाने के लिए ऐसे बयान दिए हैं। राहुल गांधी का बयान राहुल ने आरोप लगाए थे कि भाजपा और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का उद्देश्य संविधान को खत्म करना है क्योंकि वे नहीं चाहते कि भारत में सभी को समान माना जाए। उन्होंने मंडी हाउस से 14 अप्रैल को भीमराव आंबेडकर की जयंती से पहले यहां 'रन फॉर आंबेडकर, रन फॉर कॉन्स्टीट्यूशन' मैराथन शुरू होने से पहले एकत्रित लोगों को संबोधित करते हुए कहा, 'आंबेडकर जी का मुख्य संदेश संविधान का था। संविधान के बिना जिसे हम भारत कहते हैं, वह नहीं होता। उन्होंने कहा था, 'आज जो लोग आरएसएस-भाजपा की सोच के हैं, वे संविधान को खत्म करना चाहते हैं। वे कुछ भी कहें, उनका असली उद्देश्य संविधान को मिटाना है क्योंकि वे नहीं चाहते कि भारत में सभी को समान माना जाए।' उन्होंने कहा, 'वे (आरएसएस-भाजपा) चाहे जो करें, वे आंबेडकर जी की प्रतिमा के सामने सिर भी झुकाते हैं, लेकिन उनका उद्देश्य संविधान को खत्म करना है। हमारा उद्देश्य संविधान की रक्षा करना और उसे मजबूत करना है।' PM मोदी से की थी बातचीत शनिवार को समाज सुधारक ज्योतिराव फुले की स्मृति में आयोजित समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी की मुलाकात हुई थी। यह बातचीत इसलिए खास है क्योंकि सार्वजनिक कार्यक्रमों में दोनों नेताओं को शिष्टाचार का आदान-प्रदान करने के अलावा शायद ही कभी एक-दूसरे से बात करते देखा जाता है। प्रधानमंत्री जब फुले की जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने पहुंचे, तो लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष गांधी सहित कई गणमान्य व्यक्ति एक पंक्ति में खड़े थे। सभी का हाथ जोड़कर अभिवादन करने के बाद पीएम, गांधी के पास रुके और उनसे बातचीत करने लगे। हालांकि, यह तुरंत पता नहीं चल पाया कि एक मिनट की इस बातचीत के दौरान उन्होंने किस बारे में बात की।

तेल खरीद पर भारत की आज़ादी सवालों में, पीएम कंप्रोमाइज्ड: राहुल गांधी

नई दिल्ली लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सोमवार को तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी एक कंप्रोमाइज्ड प्रधानमंत्री हैं। केरल में जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल ने आरोप लगाया, 'अमेरिका-भारत समझौते के डिटेल देखने पर साफ हो जाएगा कि कोई भी भारतीय प्रधानमंत्री इसे तब तक नहीं साइन कर सकता जब तक वह कंप्रोमाइज्ड न हो।' राहुल गांधी ने कहा कि मोदी सरकार ने कृषि क्षेत्र को अमेरिकी किसानों के लिए खोल दिया है, साथ ही देश की ऊर्जा सुरक्षा को अमेरिकियों के हवाले कर दिया है। आज भारत अपनी मर्जी से तेल नहीं खरीद सकता, बल्कि उसे इजाजत लेनी पड़ती है। राहुल गांधी ने कहा कि नरेंद्र मोदी केरल में यूडीएफ सरकार नहीं चाहते हैं। उन्होंने कहा कि मोदी जानते हैं कि भ्रष्टाचार के कारण वे एलडीएफ सरकार को नियंत्रित कर सकते हैं और एलडीएफ कभी भी दिल्ली में उनको चुनौती नहीं दे सकता। इसलिए वे समझते हैं कि केवल कांग्रेस ही उन्हें दिल्ली और पूरे देश में हरा सकती है, इसी वजह से मोदी केरल में LDF को मजबूत करना चाहते हैं। सबरीमाला मुद्दे पर चुप रहने का आरोप राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी केरल दौरे के दौरान सबरीमाला मुद्दे पर चुप रहे, जो साफ संकेत है कि भाजपा और वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि 9 अप्रैल के लिए निर्धारित विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी को मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और भाजपा के गठजोड़ से मुकाबला करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, 'हम एलडीएफ के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं, जिसे भाजपा का पूरा समर्थन प्राप्त है। एक तरफ संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) है और दूसरी तरफ माकपा-भाजपा का गठजोड़ है। 'नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि केरल में भाजपा LDF को फायदा पहुंचाने के लिए गुपचुप तरीके से काम कर रही है। राहुल गांधी ने कहा, 'भाजपा यहां यूडीएफ को नहीं चाहती, क्योंकि वह जानती है कि राष्ट्रीय स्तर पर उसे चुनौती देने वाली एकमात्र ताकत कांग्रेस है। भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के साथ हमारी वैचारिक लड़ाई है।' उन्होंने दावा किया कि जहां विपक्षी नेताओं के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियां कार्रवाई कर रही हैं, वहीं केरल में एलडीएफ नेतृत्व पर ऐसा कोई दबाव नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया, 'मेरे खिलाफ 36 मामले दर्ज किए गए हैं और मुझसे लगातार 55 घंटे तक पूछताछ की गई है। लेकिन केरल के मुख्यमंत्री या एलडीएफ नेताओं के खिलाफ ऐसी कोई कार्रवाई नहीं हुई है।'  

मां की सेहत बनी चिंता, राहुल गांधी ने कैंसिल किया केरल दौरा

नई दिल्ली कांग्रेस की सीनियर नेता और राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी की तबीयत स्थिर है। उन्हें मंगलवार की रात को ही सर गंगाराम अस्पताल में एडमिट कराया गया था। फिलहाल उनकी तबीयत स्थिर है और डॉक्टरों की निगरानी में वह स्वास्थ्य लाभ ले रही हैं। बुधवार को सर गंगाराम अस्पताल की ओर से उनकी सेहत के बारे में मेडिकल बुलेटिन जारी किया गया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार उन्हें मंगलवार की रात को 10:22 बजे अस्पताल में एडमिट कराया गया था। गंगाराम अस्पताल के चेयरमैन डॉ. अजय स्वरूप ने बताया कि उनकी हालत स्थिर है और डॉक्टर उनकी सेहत की गहन निगरानी कर रहे हैं। उन्हें पेट और यूरिनरी इंफेक्शन की शिकायत कही जा रही थी। फिलहाल डॉक्टर इसी की जांच कर रहे हैं। उन्हें इलाज के तौर पर एंटीबायोटिक्स दी जा रही हैं ताकि वे जल्दी ही इंफेक्शन से उबर जाएं। सूत्रों का कहना है कि शायद मौसम में बदलाव के चलते सोनिया गांधी की सेहत खराब हुई है। इसी के चलते उन्हें निगरानी में रखा जा रहा है। अब तक उनकी सेहत को लेकर कोई चिंता वाली बात नहीं दिखी है। वह स्थिर हैं और डॉक्टरों की निगरानी में हैं। इस बीच रायबरेली के सांसद और उनके बेटे राहुल गांधी मां की सेहत को देखते हुए दिल्ली में ही रुके हैं। लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी को आज केरल में एक चुनावी दौरे पर जाना था। लेकिन उन्होंने केरल का दौरा रद्द कर दिया। उनके स्थान पर पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ही कोझिकोड रवाना हुए हैं। बीते साल जून में भी सोनिया गांधी को पेट से जुड़ी समस्या हो गई थी और उन्हें अस्पताल में एडमिट कराना पड़ा था। उन्हें अस्पताल के गैस्ट्रो डिपार्टमेंट में निगरानी में रखा गया था। उससे कुछ दिन पहले ही उन्हें हिमाचल प्रदेश के शिमला में स्थित इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज में दाखिल कराया गया था। गौरतलब है कि सोनिया गांधी ने 2024 का आम चुनाव सेहत का हवाला देते हुए ही नहीं लड़ा था। वह फिलहाल राज्यसभा की सांसद हैं। इससे पहले वह रायबरेली से सांसद रहा करती थीं। अब इस परंपरागत सीट से उनके बेटे राहुल गांधी सांसद हैं। वहीं बेटी प्रियंका गांधी केरल की वायनाड लोकसभा सीट से सांसद हैं। बीते कई सालों से सोनिया गांधी की राजनीतिक सक्रियता पहले जैसी नहीं देखी जा रही। इसकी वजह उनकी खराब सेहत ही बताई जाती है। गौरतलब है कि INDIA अलायंस की बैठकों में भी अब सोनिया गांधी कम ही नजर आती हैं।  

आचरण के लिए माफी मांगें— राहुल गांधी को 200 से अधिक पूर्व अफसरों की खुली चिट्ठी

नई दिल्ली संसद भवन परिसर में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की अगुवाई में कांग्रेस के हालिया विरोध-प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। 204 सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों, पूर्व नौकरशाहों, पूर्व राजनयिकों और वकीलों ने राहुल गांधी से उनके आचरण के लिए देश से माफी मांगने की मांग की है। मंगलवार को पूर्व अधिकारियों ने राहुल गांधी के नाम लिखी एक खुली चिट्ठी जारी की जिसमें कहा गया है कि 12 मार्च को संसद परिसर में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान गांधी और अन्य सांसदों का व्यवहार संसदीय मर्यादा और संस्थागत गरिमा के खिलाफ था। पत्र में आरोप लगाया गया है कि लोकसभा अध्यक्ष के स्पष्ट निर्देश के बावजूद संसद परिसर में प्रदर्शन किया गया, जो “अध्यक्ष के आदेश की अवहेलना” और संसदीय परंपराओं का उल्लंघन है। चिट्ठी में राहुल गांधी के व्यवहार को मर्यादा और संस्थागत गरिमा का उल्लंघन बताया गया है। खुले पत्र में, हस्ताक्षरकर्ताओं ने कहा कि 12 मार्च को संसद भवन परिसर के भीतर एक विरोध प्रदर्शन के दौरान गांधी के कार्यों को 'पीठ' (Chair) की जानबूझकर अवहेलना माना जा सकता है, और यह संसदीय अधिकार के प्रति उपेक्षा को दर्शाता है। “राजनीतिक नाटक का मंच नहीं संसद” पत्र में कहा गया है, “संसद देश का सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्थान है, इसे राजनीतिक नाटक का मंच नहीं बनाया जाना चाहिए।” हस्ताक्षरकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि सांसदों का संसद की सीढ़ियों पर बैठकर चाय-बिस्किट खाना और प्रदर्शन करना “जनप्रतिनिधियों के आचरण के अनुरूप नहीं” है। खुले पत्र में कहा गया कि इस तरह का व्यवहार न केवल संसदीय प्रक्रियाओं को कमजोर करता है, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की प्रतिष्ठा को भी नुकसान पहुंचाता है। माफी और आत्ममंथन की मांग उन्होंने लिखा है, "संसद के हर हिस्से, सीढ़ियां, गलियारे और लॉबी की समान गरिमा है। जनप्रतिनिधियों का आचरण इन स्थानों पर भी उसी स्तर का होना चाहिए।" पत्र में यह भी कहा गया है कि बार-बार इस तरह की घटनाएं सार्वजनिक संवाद के स्तर को गिराती हैं। पूर्व अधिकारियों ने नेता प्रतिपक्ष से अपील की है कि वे देश से माफी मांगें और अपने व्यवहार पर आत्ममंथन करें, ताकि संसद की गरिमा और विश्वसनीयता बनी रहे। पत्र में कहा गया है, “एक संवैधानिक संस्था के संरक्षक के रूप में, जो एक अरब से अधिक लोगों की लोकतांत्रिक आकांक्षाओं का प्रतीक है, सांसदों को इस बात का हमेशा ध्यान रखना चाहिए कि उनके कार्यों का प्रतीकात्मक और संस्थागत महत्व होता है।” पत्र का नेतृत्व इस पत्र का समन्वय जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने किया। हस्ताक्षरकर्ताओं में 100 से अधिक पूर्व सैन्य अधिकारी, कई पूर्व नौकरशाह, राजनयिक और वरिष्ठ अधिवक्ता शामिल हैं। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब संसद के भीतर और बाहर विरोध प्रदर्शनों को लेकर राजनीतिक माहौल पहले से ही गर्म है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस विवाद से संसदीय आचरण और लोकतांत्रिक परंपराओं पर एक नई बहस छिड़ सकती है।  

बसपा संस्थापक कांशीराम को भारत रत्न देने की अपील, राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री को भेजा लेटर

लखनऊ लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर सामाजिक न्याय आंदोलन के महान नेता कांशीराम को मरणोपरांत 'भारत रत्न' देने की मांग की है। गांधी ने रविवार को अपने पत्र में कहा कि मान्यवर कांशीराम ने भारतीय राजनीति की दिशा बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और बहुजन समाज तथा गरीब वर्गों में राजनीतिक चेतना जगाई थी। उनका कहना था कि उनके इन प्रयासों से भारतीय लोकतंत्र की नींव मजबूत हुई और राजनीतिक व्यवस्था अधिक प्रतिनिधिक तथा न्यायपूर्ण बनी। कांग्रेस नेता ने कहा, “आज जब हम कांशीराम जी की जयंती मना रहे हैं और उनके जीवन तथा योगदान को याद कर रहे हैं। मैं आपसे अनुरोध करने के लिए यह पत्र लिख रहा हूं कि उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया जाए। उन्होंने लोगों को बताया था कि उनका वोट,उनकी आवाज और उनका प्रतिनिधित्व है और यह देश सभी का समान रूप से है। उनके प्रयासों के कारण कई ऐसे लोग, जिन्होंने कभी सार्वजनिक जीवन में आने के बारे में नहीं सोचा था, उन्होंने राजनीति को न्याय और समानता प्राप्त करने का माध्यम मानना शुरू किया।” गांधी ने लिखा कि हमारा संविधान प्रत्येक भारतीय को समानता, गरिमा और भागीदारी का वादा करता है और कांशीराम जी ने अपना जीवन समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े लोगों के लिए इन वादों को सार्थक बनाने में समर्पित किया। कांग्रेस नेता ने कहा, "कई वर्षों से दलित बुद्धिजीवी, नेता और सामाजिक कार्यकर्ता कांशीराम जी को भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग करते रहे हैं। उनकी यह मांग लगातार और गहरी भावना के साथ उठती रही है। हाल ही में मैं लखनऊ में एक कार्यक्रम में शामिल हुआ था, जहां नेताओं और प्रतिभागियों ने इस मांग को जोरदार तरीके से दोहराया, जो व्यापक जनभावना को दर्शाता है। उन्हें भारत रत्न प्रदान करना हमारे राष्ट्र के प्रति उनके महान योगदान को मान्यता देगा। यह उन लाखों लोगों की आकांक्षाओं का सम्मान भी होगा, जो आज भी उन्हें सशक्तीकरण और उम्मीद के प्रतीक के रूप में देखते हैं।"

राहुल गांधी को बड़ी कानूनी राहत, सावरकर बयान पर दर्ज मानहानि केस खत्म

मुंबई महाराष्ट्र के नासिक जिले की एक आपराधिक अदालत ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी को बुधवार, 11 मार्च को बड़ी राहत दी है। एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट आर.एल. नरवाडे की अदालत ने गांधी के खिलाफ दायर मानहानि के एक मामले को बंद कर दिया है। यह मामला उनके द्वारा हिंदुत्व विचारक विनायक दामोदर सावरकर को लेकर की गई टिप्पणियों से जुड़ा था, जो उन्होंने 2022 में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान की थीं। अकोला में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सावरकर से जुड़े कुछ ऐतिहासिक दस्तावेज दिखाते हुए टिप्पणी की थी। राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत नासिक स्थित निर्भया फाउंडेशन के अध्यक्ष देवेंद्र भुटाडा ने दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि 15 और 16 जून, 2022 को हिंगोली और अकोला में रैलियों में गांधी की टिप्पणियां मानहानि करने वाली और अपमानजनक थीं। किन धाराओं में मामला दर्ज हुआ था भुटाडा की शिकायत के आधार पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 499 (मानहानि) और 504 (जानबूझकर अपमान) के तहत मामला दर्ज किया गया था। सितंबर 2024 में नासिक अदालत ने राहुल गांधी को इस मामले में समन भी जारी किया था। बाद में राहुल गांधी को अदालत से जमानत मिल गई और उन्हें कार्यवाही में वर्चुअल माध्यम से उपस्थित होने की अनुमति भी दी गई। सुनवाई के दौरान उन्होंने खुद को निर्दोष बताया था। शिकायतकर्ता ने वापस ली शिकायत बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, अदालत ने पहले दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 202 के तहत जांच के आदेश दिए थे। पुलिस की रिपोर्ट आने के बाद शिकायतकर्ता ने अदालत में आवेदन देकर मामला वापस लेने की मांग की थी। इसके बाद ट्रायल जज ने मानहानि से जुड़ी पूरी कार्यवाही को औपचारिक रूप से बंद कर दिया।  

राहुल गांधी का पीएम मोदी पर हमला: LPG संकट के बीच बोले- संसद में नरेंद्र नहीं, घरों में सिलेंडर नहीं

नई दिल्ली कांग्रेस सहित विपक्ष के कई दलों ने आज ईरान युद्ध के कारण देश में गहराए एलपीजी संकट को लेकर संसद भवन के बाद प्रदर्शन किया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस संकट के लिए सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जिम्मेदार ठहराया। संसद के मकर द्वार के निकट कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, द्रमुक और कई अन्य विपक्षी दलों के सांसद एकत्र हुए और उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। विपक्षी सांसदों ने गुरुवार को संसद भवन के बाद ''मोदी जी एलपीजी'' के नारे लगाए। इसके बाद राहुल गांधी ने एक्स पर तस्वीरें शेयर करते हुए पीएम पर कटाक्ष किया। राहुल लिखते हैं, ‘संसद से नरेंदर गायब, देश से सिलेंडर गायब’ आपको बता दें कि संसद के बाहर विपक्षी सांसदों ने गैस सिलेंडर की आकृति वाली तख्तियां भी ले रखी थीं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का कहना है कि ईंधन संकट को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है लेकिन वह ख़ुद अलग कारणों से घबराए हुए नजर आ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि रसोई गैस की किल्लत को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लोगों से नहीं घबराने की अपील कर रहे हैं, जबकि वह खुद अलग कारणों से घबराए हुए हैं। राहुल गांधी ने संसद परिसर में मीडिया से कहा, ''प्रधानमंत्री कह रहे हैं कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन खुद प्रधानमंत्री बिल्कुल अलग वजहों से घबराए हुए हैं। वह अदाणी मामले, 'एप्सटीन फाइल' के कारण घबराए हुए हैं।'' उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री सदन के अंदर नहीं आ पा रहे हैं और देश से कह रहे हैं कि घबराओ मत, जबकि वह खुद घबराए हुए हैं। आपको बता दें कि पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण रसोई गैस की किल्लत के बीच, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को लोगों से नहीं घबराने की अपील की थी और जनहित की रक्षा का आश्वासन दिया था। उन्होंने कहा था, ''मैं लोगों से अपील करना चाहता हूं कि हम केवल सही और सत्यापित जानकारी ही फैलाएं।''  

‘जलेबी की फैक्ट्री’ वाले बयान से संसद में गर्मागर्मी, राहुल गांधी पर सत्ता पक्ष का पलटवार

नई दिल्ली लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर डिबेट चल रही है। इस दौरान कांग्रेस ने प्रस्ताव को लेकर कहा कि ओम बिरला ने नेता विपक्ष को समय ही नहीं दिया। उन्हें 20 बार बोलने से रोका दिया गया। इस मामले पर अब सरकार ने जवाब दिया है। भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी को ना बोलने की शिकायत की जाती है, लेकिन सवाल है कि वे आखिर बोलते क्या हैं। उन्होंने कहा कि मैं हरियाणा में चुनाव प्रचार में गया था तो किसी ने बताया कि राहुल गांधी ने कहा कि जलेबी की फैक्ट्री लगाएंगे। मुझे यकीन नहीं हुआ तो वीडियो दिखाया गया। भाजपा नेता ने कहा कि मैं हैरान रह गया कि आखिर ऐसा कैसे कहा जा सकता है। देश के गांव-गांव में जलेबी छनती है। इसे फैक्ट्री में नहीं बनाया जाता। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी ने अमेरिकी राजदूत से यह भी कह दिया कि भारत में इस्लामिक कट्टरपंथ से ज्यादा चिंता की बात हिंदू रैडिकल हैं। उन्होंने कहा कि इन्होंने क्या-क्या बोला, सब कुछ मेरे पास है। यहां बताऊंगा तो लंबी लिस्ट हो जाएगी। उन्होंने कहा कि स्पीकर के खिलाफ जो अविश्वास प्रस्ताव है, वह किसी के अहंकार की संतुष्टि का प्रयास है। 'इंदिरा गांधी के पोते के ज्ञान पर मैं तो सन्न रह गया' रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी आरोप लगाते हैं कि मुझे बोलने नहीं दिया। आखिर वह बोलते क्या हैं। इनका कहना है कि तपस्या से गर्मी आती है। मैं तो सन्न रह गया कि आत्मा से परमात्मा का मिलन है तपस्या। आखिर इंदिरा जी के पोते का इस पर क्या ज्ञान है। इस पर मुझे हैरानी हुई। प्रधानमंत्री जी की कुर्सी के पास जिस तरह से विपक्ष के लोग आए थे, वह सबने देखा था। राहुल गांधी इस सदन को अराजकता में बदल देना चाहते हैं। यह संसद सर्वोच्च है और इसकी गरिमा बनी रहनी चाहिए। यदि स्पीकर के खिलाफ बेबुनियाद प्रस्ताव लाया गया है तो हम उसका विरोध करते हैं। बीच में बोलने लगे राहुल गांधी, नियमों का दिया गया हवाला इस दौरान राहुल गांधी ने बीच में बोलने का भी प्रयास किया, जिस पर रविशंकर प्रसाद ने नियमों का हवाला देते हुए कहा कि आप बाद में बोल सकते हैं। इस डिबेट में सपा सांसद आनंद भदौरिया ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि स्पीकर ओम बिरला भले आदमी हैं, लेकिन ऐसा लगता है कि सरकार ने उनसे जबरदस्ती ऐसा व्यवहार कराया। यह दुख की बात है कि उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आया है। गौरतलब है कि लोकसभा स्पीकर के खिलाफ आए प्रस्ताव पर आज होम मिनिस्टर अमित शाह भी स्पीच देंगे।