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INDIA मीटिंग में राहुल गांधी बने निशाने पर, वामपंथी दल बोले– गठबंधन ऐसे नहीं चलेगा

नई दिल्ली सोमवार को अलायंस की मीटिंग में दिल्ली में थी, जिसमें संसद सत्र को लेकर चर्चा होनी थी। लेकिन इस दौरान लेफ्ट पार्टियों ने सीधे राहुल गांधी पर ही हमला बोल दिया। इन दलों ने ऐतराज जताया कि राहुल गांधी केरल में जिस तरह से लेफ्ट पार्टियों पर हमला बोल रहे हैं, वह ठीक नहीं है। केरल में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और मुकाबले में लेफ्ट के नेतृत्व में एलडीएफ गठबंधन है तो वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस का यूडीएफ है। चुनाव से पहले बयानबाजी का दौर तेज है, लेकिन इसका असर दिल्ली तक दिख रहा है और INDIA गठबंधन में भी तनाव पैदा हो रहा है। सोमवार को अलायंस की मीटिंग में दिल्ली में थी, जिसमें संसद सत्र को लेकर चर्चा होनी थी। लेकिन इस दौरान लेफ्ट पार्टियों ने सीधे राहुल गांधी पर ही हमला बोल दिया। इन दलों ने ऐतराज जताया कि राहुल गांधी केरल में जिस तरह से लेफ्ट पार्टियों पर हमला बोल रहे हैं, वह ठीक नहीं है। इससे INDIA अलायंस की एकता प्रभावित होगी और संबंध में कड़वाहट आ जाएगी। वामपंथी दलों के सांसद जॉन ब्रिट्स और पी. संतोष कुमार ने मीटिंग में आपत्ति जताई कि राहुल गांधी कम्युनिस्ट पार्टी और भाजपा के बीच गठजोड़ की बात कैसे कर सकते हैं। दरअसल राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि केरल में भाजपा और कम्युनिस्ट दलों के बीच तालमेल है। यही नहीं उन्होंने आरोप लगाते हुए एक टर्म भी दी थी- कम्युनिस्ट जनता पार्टी। वामपंथी दलों के नेताओं को सबसे ज्यादा यह टर्म ही चुभी है, जिसमें उन्हें कम्युनिस्ट जनता पार्टी कहा गया। वामपंथी नेताओं ने कहा कि इस तरह सहयोगी दलों पर टिप्पणियां करने से गठबंधन कैसे चल पाएगा। वहीं वामपंथी नेताओं की शिकायत पर कुछ और दलों के नेताओं ने दखल दिया। उन्होंने कहा कि यह मीटिंग तो संसद सत्र के एजेंडे को लेकर बुलाई गई है। ऐसे में इस फोरम पर दो दलों के आपसी संबंधों को लेकर बात नहीं करनी चाहिए। यही नहीं कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी मीटिंग के दौरान लेफ्ट सांसदों के रुख पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इस मसले पर बाद में बात की जाएगी और हम बताएंगे कि आखिर राहुल गांधी के कहने का क्या मतलब था। उन्होंने कहा कि मीटिंग में इस तरह राहुल गांधी की स्पीच के एक हिस्से को मुद्दा बनाना ठीक नहीं है। राहुल गांधी भी बैठक में थे मौजूद, वामपंथी नेताओं की आपत्ति पर क्या बोले इस दौरान राहुल गांधी भी मौजूद थे और उन्होंने भी यही कहा कि इस पर बाद में बात की जाएगी। इस दौरान ज्यादातर नेताओं ने यही कहा कि हमें फिलहाल बैठक में संसद के एजेंडे पर फोकस करना चाहिए। गौरतलब है कि अगले कुछ महीनों में ही केरल में इलेक्शन होने वाले हैं। बीते लगातार दो कार्यकाल से वामपंथी नेतृत्व वाली सरकार केरल की सत्ता पर काबिज है। यहां भाजपा तीसरे नंबर की पार्टी है, जबकि कांग्रेस मुकाबले में रही है। ऐसे में कांग्रेस को लगता है कि इस बार वह सत्ता हासिल कर लेगी। केरल की ही वायनाड लोकसभा सीट से राहुल गांधी सांसद रहे हैं। फिलहाल यहां का प्रतिनिधित्व उनकी बहन प्रियंका वाड्रा करती हैं।

राहुल गांधी का पीएम पर निशाना: भारत की विदेश नीति को बताया समझौतावादी

नई दिल्ली लोकसभा नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक बार फिर विदेश नीति को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सवाल उठाते हुए टिप्पणी की है। राहुल गांधी के आधिकारिक सोशल मीडिया एक्स अकाउंट पर 11 फरवरी को लोकसभा में दिए गए भाषण का वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा गया है, "भारत की विदेश नीति हमारे लोगों की सामूहिक इच्छा से उत्पन्न होती है। यह हमारे इतिहास, हमारी भौगोलिक स्थिति और सत्य एवं अहिंसा पर आधारित हमारी आध्यात्मिक विचारधारा में निहित होनी चाहिए। आज हम जो देख रहे हैं, वह नीति नहीं है। यह एक भ्रष्ट व्यक्ति के शोषण का परिणाम है।" राहुल गांधी ने जो वीडियो पोस्ट किया है, उस पर लिखा है, "11 फरवरी 2026 को लोकसभा में विपक्ष के नेता ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा के खतरे में होने की चेतावनी दी। अमेरिका ही तय करेगा कि हम किससे तेल खरीद सकते हैं और किससे नहीं। चाहे रूस से खरीदना हो या ईरान से, अमेरिका ही फैसला करेगा। लेकिन हमारे प्रधानमंत्री फैसला नहीं करेंगे।” एक दिन पहले 5 मार्च को भी राहुल गांधी ने कहा था, "विश्व एक अस्थिर दौर में प्रवेश कर चुका है। आगे भयंकर संकट मंडरा रहा है। भारत की तेल आपूर्ति खतरे में है, क्योंकि हमारे आयात का 40 फीसदी से अधिक हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। एलपीजी और एलएनजी के लिए स्थिति और भी बदतर है। संघर्ष हमारे पड़ोस तक पहुंच गया है, हिंद महासागर में एक ईरानी युद्धपोत डूब गया है। फिर भी प्रधानमंत्री ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है। ऐसे समय में हमें एक स्थिर नेतृत्व की आवश्यकता है। इसके विपरीत भारत के पास एक ऐसे प्रधानमंत्री हैं, जो समझौतावादी हैं और रणनीतिक स्वायत्तता को त्याग दिया है।" हालांकि पिछले सप्ताह इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के बाद कच्चे तेल की कीमतों में 15 प्रतिशत से अधिक उछाल देखा गया था, लेकिन शुक्रवार सुबह तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। इसकी मुख्य वजह यह रही कि अमेरिका ने भारतीय रिफाइनरियों को समुद्र में फंसे रूसी कच्चे तेल को खरीदने के लिए 30 दिन की अस्थायी छूट देने का फैसला किया है।

यूथ कांग्रेस पर कार्रवाई से सियासत गरम, राहुल गांधी ने कहा— ‘हम डरने वाले नहीं’

नई दिल्ली एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान 20 फरवरी को भारत मंडपम में हुए विरोध प्रदर्शन के मामल में दिल्ली पुलिस ने भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब समेत कुल 8 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई पर कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पुलिसिया कार्रवाई की आलोचना की है और भारतीय युवा कांग्रेस के साथ एकजुटता जताई है। सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने युवा कांग्रेस के सदस्यों को निडर बताया और उनके शांतिपूर्ण विरोध की सराहना की है। एक्स पर राहुल गांधी ने लिखा कि शांतिपूर्ण विरोध हमारी ऐतिहासिक धरोहर है। यह हमारे खून में है और हर भारतीय का लोकतांत्रिक अधिकार है। मुझे युवा कांग्रेस के अपने बब्बर शेर साथियों पर गर्व है, जिन्होंने ‘COMPROMISED PM’ के खिलाफ निडर होकर देश के हित में आवाज उठाई है। उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका के साथ हुए ट्रेड डील में देश के हितों से समझौता किया गया है। यह समझौता हमारे किसानों और टेक्सटाइल उद्योग को नुकसान पहुंचाएगा तथा हमारे डेटा को अमेरिका के हाथों में सौंप देगा। इस सच्चाई को देश के सामने रखने के लिए युवा कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब और IYC के अन्य साथियों की गिरफ्तारी तानाशाही प्रवृत्ति और कायरता का प्रमाण है। कांग्रेस पार्टी और मैं अपने बब्बर शेर साथियों के साथ मजबूती से खड़े हैं। सत्ता को सच का आईना दिखाना अपराध नहीं, बल्कि देशभक्ति है। राहुल गांधी ने कहा कि डरो मत, सच और संविधान हमारे साथ हैं। क्या बोले मल्लिकार्जुन खरगे? दूसरी ओर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि युवा आज नौकरी के लिए तड़प रहे हैं और देश का माहौल इतना खराब हो चुका है, उसके कारण मोदी जी के प्रति लोगों में भारी रोष है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने घुटने टेक दिए तथा उनकी सारी शर्तों को मान लिया, जिससे पूरा देश शर्मिंदा हो गया। खरगे ने कहा कि जो काम हमारे किसानों की भलाई और मदद के लिए किया जाना चाहिए था, उसकी बजाय किसानों का नुकसान करने की बातचीत की गई। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि इससे यह भी साफ हो गया कि लोग समझते थे कि मोदी जी देश के हित में ट्रंप से बात कर रहे हैं, लेकिन हकीकत में ट्रंप हमें गुलाम बना रहा है और हमें बंधुआ मजदूर बनाने की दिशा में धकेला जा रहा है। यह काम मोदी जी कर रहे हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कांग्रेस डरने वाली नहीं है और न ही डरपोक है। खरगे ने दावा किया कि मोदी साहब खुद डरपोक हैं। डर के कारण वह संसद में आकर अपनी नीतियों का बचाव भी नहीं कर पाते। इसलिए वह हमें डराने की कोशिश कर रहे हैं, हमारे युवाओं को, हमारे युवा नेताओं को डराने की कोशिश कर रहे हैं। यह नहीं चलेगा। मैं इसकी निंदा करता हूं। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि हमारे देश में लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए जो भी त्याग करना पड़ेगा, हम करेंगे। हम लड़ते रहेंगे और देश को गिरवी रखने वाले लोगों के खिलाफ संघर्ष जारी रखेंगे।  

राहुल गांधी का अनोखा अंदाज: ‘मोहम्मद दीपक’ से बातचीत, फिटनेस को लेकर किया दिलचस्प वादा

देहरादून/दिल्ली उत्तराखंड के कोटद्वार में 'मोहम्मद दीपक' से देशभर में चर्चा बटोरने वाले दीपक कुमार ने लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की है। राहुल गांधी ने इस मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट की हैं। मुलाकात पर अपनी एफबी पोस्ट में राहुल गांधी ने लिखा, "हर इंसान, एक समान यही है भारतीयता, यही है मोहब्बत की दुकान। राहुल गांधी से मुलाकात के बाद दीपक कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि राहुल गांधी ने उन्हें साथ देने का भरोसा दिया है। साथ ही कोटद्वार आकर उनके जिम की मेंबरशिप लेने का वादा भी किया है। बीते 26 जनवरी को कोटद्वार में मुस्लिम बुजुर्ग की दुकान के बाबा नाम को लेकर विवाद उठा था। हिंदू संगठन बजरंग दल ने नाम आपत्ति जताई थी और बुजुर्ग को दुकान का नाम बदलने की चेतावनी दी थी। इस पर बुजुर्ग के समर्थन में दीपक कुमार अकेले बजरंग दल से भिड़ गए। उन्होंने कथित तौर पर खुद को ‘मोहम्मद दीपक’ बुलाया था। दीपक के ये शब्द देशभर में वायरल हुए थे और सुर्खियां बटोरी। राहुल गांधी ने तब भी सोशल मीडिया पर दीपक कुमार की जमकर तारीफ की थी और कहा था कि दीपक देश के हीरो हैं। राहुल गांधी की एफबी पोस्ट कोटद्वार में सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश करने वाले जिम मालिक दीपक कुमार ने हाल ही में दिल्ली स्थित '10 जनपथ' पर सोनिया गांधी और राहुल गांधी से मुलाकात की। इस दौरान राहुल गांधी ने दीपक के साहस की सराहना करते हुए उनकी पत्नी से फोन पर बात की। राहुल गांधी ने दीपक कुमार से मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट की हैं। साथ ही कैप्शन में लिखा है, "हर इंसान, एक समान यही है भारतीयता, यही है मोहब्बत की दुकान। उत्तराखंड के भाई 'मोहम्मद दीपक' से मुलाकात – एकता और साहस की ऐसी ही लौ हर भारतीय युवा में जलनी चाहिए।" राहुल गांधी पहले भी दीपक कुमार की जमकर तारीफ कर चुके हैं। राहुल के अलावा एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने भी दीपक की तारीफ में कहा था कि देश को उत्तराखंड के दीपक जैसे और दीपक चाहिए। राहुल कोटद्वार आएंगे और मेरे जिम की मेंबरशिप लेंगे- दीपक दीपक कुमार ने कहा कि "राहुल गांधी ने उनके परिवार से बात की है। कहा कि आपने कोई गलत काम नहीं किया। उन्होंने वादा किया कि वे जल्द कोटद्वार आएंगे और उनके जिम की मेंबरशिप लेंगे। राहुल गांधी ने मुझसे कहा है कि घबराने की जरूरत नहीं है। आप सही कदम पर हैं। मुझे बहुत खुशी मिली है कि राहुल जी अगर आएंगे और मेरे जिम की मेंबरशिप लेंगे।" सुप्रीम कोर्ट के 12 वकील भी ले चुके जिम की मेंबरशिप गौरतलब है कि कोटद्वार में दीपक कुमार का 'हल्क' नाम से जिम सेंटर है। यह कभी 150 से अधिक सदस्यों से भरा रहता था। दीपक कुमार ने हाल ही में आरोप लगाया था कि बाबा दुकान को लेकर हुए हंगामे के बाद उनकी एकमात्र आजिविका पर संकट छा गया है। उन्होंने कहा कि मारे डर के कई लोगों ने उनके जिम से मेंबरशिप हटा दी है। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के लगभग 12 वरिष्ठ वकीलों ने 10000 रुपये का शुल्क चुकाकर एक साल के लिए जिम की सदस्यता ली है।

24 फरवरी को भोपाल में कांग्रेस का महा आंदोलन: राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे का संयुक्त दौरा

भोपाल मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में 24 फरवरी को कांग्रेस का बड़ा किसान आंदोलन आयोजित किया जाएगा। इसमें लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे हिस्सा लेंगे। कांग्रेस ने यह आंदोलन भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में किया है। पार्टी का कहना है कि यह डील देश के किसानों के हितों के खिलाफ है और मध्यप्रदेश के कपास, सोयाबीन, मक्का और फल उत्पादक किसानों पर इसका खास असर पड़ेगा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने नई दिल्ली में मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि किसानों के लिए लड़ाई की शुरुआत मध्यप्रदेश से होगी। उन्होंने बताया कि यह राष्ट्रव्यापी आंदोलन छह राज्यों में किया जाएगा। राष्ट्रव्यापी आंदोलन की औपचारिक शुरुआत मध्य प्रदेश से पार्टी ने तय किया है कि ट्रेड समझौते के विरोध में राष्ट्रव्यापी आंदोलन की औपचारिक शुरुआत मध्य प्रदेश से होगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी का कहना है कि इस डील का सीधा असर सोयाबीन, कपास और मक्का उत्पादक किसानों पर पड़ेगा। उनके अनुसार, यह समझौता किसानों के आर्थिक हितों पर चोट करता है, इसलिए पार्टी इसे राष्ट्रीय मुद्दा बनाकर व्यापक जनआंदोलन खड़ा करेगी। किसानों के हक और अधिकारों के समर्थन में अभियान की शुरुआत जीतू पटवारी ने कहा है कि भोपाल का यह सम्मेलन केवल प्रदेश तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यहीं से देशभर में किसानों के हक और अधिकारों के समर्थन में अभियान की शुरुआत की जाएगी। कांग्रेस नेतृत्व इसे किसानों के भविष्य और कृषि अर्थव्यवस्था से जुड़ा निर्णायक संघर्ष बता रहा है।  इस फैसले की घोषणा नई दिल्ली में कांग्रेस की उच्चस्तरीय बैठक में हुई, जिसमें राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी मौजूद थे।कांग्रेस का यह कदम किसानों के हितों की सुरक्षा और उनकी समस्याओं को लेकर केंद्र सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर राहुल गांधी का तंज, कहा– मोदी सरकार फिर कर सकती है सरेंडर

नई दिल्ली अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का आयात शुल्क संबंधी फैसला पलटे जाने के बाद लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर तीखा हमला करते हुए शनिवार को कहा कि वह एक बार फिर अमेरिका के सामने समर्पण करेंगे। गांधी ने कहा कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौते में मोदी की स्थिति कमजोर हुई है। गांधी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा 'प्रधानमंत्री ने देशहित से समझौता किया है। उनका विश्वासघात अब सबके सामने है।' गांधी ने कहा कि मोदी अब समझौते की शर्तों पर पुनः बातचीत नहीं कर सकते। वह एक बार फिर समर्पण करेंगे। गौरतलब है कि अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने विभिन्न देशों पर भारी आयात शुल्क लागू करने के ट्रंप के फैसले को असंवैधानिक करार देते हुए कहा कि यह शक्ति सिर्फ अमेरिकी संसद के पास है। गांधी की यह टिप्पणी भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच बढ़ते राजनीतिक टकराव के बीच आयी है। कांग्रेस ने बार-बार इस समझौते के समय, पारदर्शिता और शर्तों को लेकर चिंता जताई है। उसकी चिंता खासकर भारतीय किसानों और छोटे व्यवसायियों पर इसके संभावित असर को लेकर है। कांग्रेस ने की ट्रेड डील स्थगित करने की मांग कांग्रेस ने शनिवार को कहा कि अमेरिकी उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद अब अमेरिका के साथ अंतरिम व्यापार समझौते को स्थगित कर दिया जाना चाहिए और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को दो टूक कहना चाहिए कि अमेरिकी पक्ष से स्पष्टीकरण आने तक भारत की तरफ से आयात उदारीकरण नहीं होगा। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने संवाददाताओं से कहा कि सरकार को इस समझौते पर अमेरिका के साथ फिर से बातचीत करनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भारत के लाखों किसानों की आजीविका पर नकारात्मक असर नहीं हो। अमेरिकी उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वैश्विक 'टैरिफ' को खारिज कर दिया, जिससे उन्हें उनके आर्थिक एजेंडे के मुद्दे पर बड़ा झटका लगा है। जजों ने बहुमत से कहा कि संविधान बहुत स्पष्ट रूप से अमेरिकी कांग्रेस को कर लगाने की शक्ति देता है, जिसमें 'टैरिफ' भी शामिल है। रमेश ने कहा, 'अमेरिकी उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद इस अंतरिम समझौते को स्थगित कर दिया जाना चाहिए और प्रधानमंत्री को यह स्पष्ट करना चाहिए कि अमेरिका की तरफ से स्पष्टीकरण आने तक हम आयात उदारीकरण नहीं करेंगे।' रमेश ने कहा, 'प्रधानमंत्री, वाणिज्य मंत्री और सरकार को दिसंबर से जानकारी थी कि इस मामले में अमेरिकी उच्चतम न्यायालय का निर्णय आने वाला है और हो सकता है कि निर्णय ट्रंप के खिलाफ का सकता है। फिर ट्रंप पर दबाव क्यों डाला गया कि समझौते की घोषणा की जाए?' उन्होंने कहा, ''ट्रंप ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के निर्णय का भारत-अमेरिका समझौते पर कोई असर नहीं होगा। क्या प्रधानमंत्री मोदी ट्रंप के इस बयान से सहमत हैं?'  

‘डेटा कॉलोनी’ पर सियासत तेज: राहुल गांधी ने पीएम के फैसलों पर उठाए सवाल

नई दिल्ली कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने अमेरिका के साथ अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर एक बार फिर निशाना साधा और आरोप लगाया कि उनके ''शर्मनाक समर्पण'' के कारण अब भारत एक 'डेटा कॉलोनी' बनकर रह जाएगा। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने एक वीडियो जारी कर सदन में बजट पर चर्चा के दौरान दिए गए अपने भाषण के उस अंश का जिक्र भी किया जिसमें उन्होंने मार्शल आर्ट की एक आधुनिक शैली 'जिउ-जित्सु' के 'ग्रिप' और 'चोक' जैसे कुछ दांव का उल्लेख किया था। राहुल गांधी ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, ''व्यापार समझौते को लेकर संसद में अपने भाषण में मैंने 'जिउ-जित्सु' का उदाहरण क्यों दिया? अमेरिकियों को खुश करने के लिए हमारे किसानों की कुर्बानी क्यों दी गई? अमेरिका को हमारा तेल आयात तय करने की मंजूरी देकर भारत की ऊर्जा सुरक्षा से समझौता क्यों किया गया?'' उन्होंने सवाल किया कि बिना किसी पारस्परिक वादे के, हर साल 100 अरब डॉलर का अमेरिकी आयात बढ़ाने पर सहमति क्यों दी गई? उन्होंने दावा किया कि यह समझौता भारत को एक 'डेटा कॉलोनी' बना देगा क्योंकि सारा डेटा अमेरिका और उसकी कंपनियों के सुपुर्द किया जा रहा है। राहुल गांधी ने कहा, ''मोदी जी ऐसा समझौता क्यों मानेंगे, जिसमें भारत इतना कुछ दे रहा है और बदले में बहुत कम मिलता दिख रहा है? इस शर्मनाक आत्मसमर्पण का जवाब प्रधानमंत्री पर डाले गए 'ग्रिप' और 'चोक' में छिपा है।'' कांग्रेस नेता ने दावा किया कि प्रधानमंत्री के झुकने का कारण अमेरिका में उद्योगपति गौतम अदाणी के खिलाफ दर्ज मुकदमा और 'एप्सटीन फाइल' है। उन्होंने यह दावा भी किया कि प्रधानमंत्री की पैसे की बदौलत बनाई गई छवि की डोर अब अमेरिका के हाथों में हैं।  

कोर्ट में राहुल गांधी का बड़ा आरोप—हाइलाइट होने के लिए केस दर्ज, सबूतों से छेड़छाड़

नई दिल्ली गृह मंत्री अमित शाह को लेकर दिए गए बयान और मानहानि के मुकदमे में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शुक्रवार को अपने पक्ष रखने के लिए यूपी की सुल्तानपुर कोर्ट में पेश हुए। राहुल गांधी ने कोर्ट में कहा कि राजनीतिक द्वेष की भावना से मेरी और मेरी पार्टी की छवि धूमिल करने के लिए सत्ता पक्ष की तरफ से यह साजिश रची गई है। राहुल ने कहा कि सीडी सत्यापित नहीं है, इसमें छेड़छाड़ की गई है। मेरे ऊपर लगाए गए सारे आरोप गलत और बेबुनियाद हैं। मेरे बयान को तोड़मरोड़ कर पेश किया गया है। कहा कि मेरा आशय किसी का अपमान करने का नहीं था। कहा कि हमारी छवि खराब करने के लिए दुर्भावना वश केवल हाईलाइट होने के लिए मेरे खिलाफ यह मुकदमा दायर किया गया है। राहुल गांधी के साथ इस दौरान कोर्ट में अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ल के अलावा राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी, यूपी प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, प्रदेश महासचिव विवेकानंद पाठक व अन्य लोग भी मौजूद रहे। राहुल गांधी पर करीब 8 वर्ष पहले मानहानि का मामला एमपी-एमएलए कोर्ट में दाखिल किया गया था। मामला कर्नाटक विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान अमित शाह पर की गई टिप्पणी से जुड़ा है। भाजपा नेता विजय मिश्रा ने राहुल गांधी के खिलाफ परिवाद दायर किया था। पिछली सुनवाई में अदालत ने उन्हे व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर बयान दर्ज कराने का अंतिम मौका दिया था। फिलहाल राहुल गांधी इस मामले में जमानत पर हैं। राहुल की पेशी को देखते हुए कोर्ट के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल की पहले से तैनाती की गई थी। बड़ी संख्या में कांग्रेसी नेता भी इस दौरान कोर्ट के बाहर पहुंचे। राहुल गांधी के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ल ने बताया कि उनका बयान कोर्ट नंबर 19 में हुई है। अब अगली सुनवाई 9 मार्च को होगी। वहीं, राहुल गांधी पर परिवाद दाखिल कराने वाले विजय मिश्रा के अधिवक्ता संतोष पांडेय ने कहा कि 2018 में राहुल गांधी ने बंगलुरु की प्रेस कांफ्रेंस में अमित शाह को हत्या का अभियुक्त बताया था। इसी से क्षुब्ध होकर विजय मिश्रा ने परिवाद दाखिल किया था। प्रथमदृष्टया कोर्ट ने केस को स्वीकार किया था। 313 के मामले में स्वयं उपस्थित होना था। आज वह खुद उपस्थित हुए और कहा कि इस बारे में हम साक्ष्य उपलब्ध कराएंगे। राहुल गांधी ने सभी आरोपों से इनकार किया है। अपने पक्ष में बयान और सफाई साक्ष्य उन्हें उपलब्ध कराना होगा। इसके लिए जो भी दस्तावेज हों वह दाखिल कर सकते हैं। यह भी कहा कि मेरा केस बहुत मजबूत है। इस मामले में दो साल तक की सजा का प्रावधान है।  

अमित शाह पर टिप्पणी विवाद: सुल्तानपुर कोर्ट पहुंचे राहुल गांधी, बयान के बाद लौटे, अगली सुनवाई 9 मार्च को

 सुल्तानपुर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को सुल्तानपुर में एमपी-एमएलए कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराया। उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताते हुए खुद को बेगुनाह बताया। कोर्ट ने मामले में सफाई साक्ष्य पेश करने के लिए अगली तारीख 9 मार्च निर्धारित की है। करीब आधे घंटे तक कोर्ट कक्ष का दरवाजा बंद करके मानहानि मामले में धारा 313 के तहत बयान दर्ज करने की प्रक्रिया चली। इस दौरान अदालत परिसर में समर्थकों की भारी भीड़ जुटी रही। कोर्ट कक्ष से लेकर बाहर तक कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू रही। भीड़ को नियंत्रित करने में सुरक्षाकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती गई। अब मामले की अगली सुनवाई 9 मार्च को होगी। जब बचाव पक्ष की ओर से सफाई साक्ष्य प्रस्तुत किए जाएंगे। इससे पहले वह लखनऊ एयरपोर्ट से सड़क मार्ग से सुल्तानपुर पहुंचे। वहां एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश हुए। उन्हें बयान दर्ज कराने के लिए कोर्ट ने आज आखिरी मौका दिया था। इस दौरान दीवानी न्यायालय की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। इससे पहले डॉग स्क्वायड ने परिसर की तलाशी ली। सुरक्षा में कोई चूक न हो, इसके लिए एक एएसपी व चार सीओ समेत भारी पुलिस बल को तैनात हैं। यह है पूरा मामला दरअसल, कर्नाटक में एक प्रेसवार्ता के दौरान राहुल गांधी द्वारा केंद्रीय मंत्री अमित शाह पर अपमानजनक टिप्पणी का आरोप है। इसे लेकर जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष व भाजपा नेता विजय मिश्र ने राहुल गांधी के विरुद्ध दीवानी में मानहानि का परिवाद दायर किया था। इसकी सुनवाई चल रही है। इस मामले में राहुल गांधी 26 जुलाई 2024 को पेश हुए थे। उसके बाद से वह सुनवाई की तिथि के दिन अनुपस्थित होते रहे। 19 जनवरी को जब वह हाजिर नहीं हुए तो अदालत ने उन्हें 20 फरवरी को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया था। 

राहुल गांधी समेत 25 कांग्रेस सांसदों को हत्या की धमकी, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

कोटा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सहित 25 सांसदों की हत्या की धमकी देने वाले शख्स को राजस्थान में गिरफ्तार किया है। सोशल मीडिया पर धमकी वाला वीडियो वायरल होने के बाद कोटा पुलिस ने आरोपी के खिलाफ ऐक्शन लिया। राहुल गांधी और अन्य सांसदों पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के अपमान का आरोप लगाते हुए आरोपी ने यह धमकी दी थी। उसकी पहचान राज सिंह आमेरा के रूप में हुई है। वह खुद को करणी सेना और भाजपा का कार्यकर्ता बताते हुए कहता है कि राहुल गांधी को घर घुसकर गोली मार देगा। वहीं, भाजपा ने कहा है कि आरोपी का उनकी पार्टी से कोई संबंध नहीं है। शहर पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम ने बताया कि पुलिस को एक वीडियो प्राप्त हुआ था, जिसमें उद्योग नगर थाना क्षेत्र के प्रेम नगर निवासी राज आमेरा नामक युवक कांग्रेस सांसदों और राहुल गांधी को गोली मारने की धमकी दे रहा था। वीडियो के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया है। वीडियो में खुद को करणी सेना का बताते हुए शख्स ने संसद में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के चैंबर में हुई घटना का जिक्र किया था। पुलिस का कहना है कि इस मामले की जांच पड़ताल की जा रही है। आरोपी के पहले पुराने आपराधिक रिकॉर्ड भी हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी खुद को फेमस करने के लिए इस तरह के विडियो बनाकर वायरल करता था। क्या बोला वायरल वीडियो में राज सिंह आमेरा वीडियो में कई आपत्तिजनक टिप्पणी करता दिखाई दे रहा है। वह खुद को भाजपा कार्यकर्ता बताते हुए राहुल गांधी को घर में घुसकर गोली मारने की बात कहता है। वह कहता है, 'जिस तरह से भारत की संसद में कांग्रेस के 25 सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से अपशब्द बोले हैं उसकी हम भाजपा के कार्यकर्ता भरसक निंदा करते हैं। इससे भाजपा और करणी सेना के कार्यकर्ताओं में काफी रोष व्याप्त है। दोबारा ऐसी घटना हुई तो उन सांसदों के घर में घुसकर हम तोड़फोड़ करेंगे। ये घटना राहुल गांधी के आदेश पर हुई इसलिए राहुल गांधी कान खोलकर सुन ले कि दोबारा ऐसी घटना हुई तो तेरे घर में घुसकर हम गोली मार देंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। अगर 24 घंटे के अंदर अगर उन 25 सांसदों की गिरफ्तारी नहीं होती है तो हम सभी को गोली मार देंगे। चाहे इसके लिए हमें जेल हो जाए।' भाजपा ने कहा- आरोपी से कोई संबंध नहीं भाजपा कोटा जिलाध्यक्ष राकेश जैन ने बयान जारी करते हुए कहा कि वायरल वीडियो में दिखाई देने वाले व्यक्ति से भारतीय जनता पार्टी का कोई संबंध नहीं। भाजपा एक अनुशासित और राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ कार्य करने वाले कार्यकर्ताओं की पार्टी है। इस प्रकार की भाषा और आचरण हमारी विचारधारा और नैतिक मूल्यों के खिलाफ है। लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध किसी भी कृत्य को भाजपा कभी स्वीकार नहीं करती। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन से अनुरोध करता है कि ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।