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स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ संग मनाया रक्षाबंधन, सेवा-समर्पण को दिया सम्मान

एमसीबी/खड़गंवा   मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के खड़गवां स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में आज रक्षाबंधन का त्योहार एक अनोखे अंदाज में मनाया गया। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ और स्वास्थ्य लाभ ले रही बहनों से राखी बंधवाकर शुभकामनाएं दीं। दिन-रात मरीजों की देखभाल करने वाली नर्स बहनों के साथ यह पर्व मनाकर मंत्री ने उनके सेवा-भाव और समर्पण को सम्मान दिया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया, मरीजों और उनके परिजनों से भी आत्मीय मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना। राखी के धागों में भाई-बहन के रिश्ते के साथ-साथ मानवता और सेवा की डोर भी बंधी, जिससे अस्पताल का माहौल अपनत्व और भावनाओं से भर उठा।

स्पीड का कहर! ट्रक की टक्कर से बाइक सवार की दर्दनाक मौत

बलरामपुर जिला मुख्यालय के समीप हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक चालक की मौके पर ही मौत हो गई. दुर्घटना के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया. घटना बलरामपुर कोतवाली क्षेत्र की है. नेशनल हाइवे-343 सुहानी ढाबा के पास तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक चालक को जोरदार टक्कर मार दी, जिसमें युवक की घटना स्थल पर ही मौत हो गई. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, खतरनाक मोड़ और रफ्तार की वजह से हादसे हुआ. दुर्घटना की सूचना पर मौके पर पहुंची यातायात पुलिस बाइक नंबर के आधार पर मृतक की पहचान में जुटी है.

केंद्रीय रक्षा मंत्री से मिले रामविचार नेताम, ऑपरेशन सिंदूर पर जताया गर्व

रायपुर छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता रामविचार नेताम ने केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से उनके निवास कार्यालय पर मुलाकात की. इस दौरान मंत्री रामविचार नेताम ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को लेकर बधाई दी. वहीं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में चलाए जा रहे नक्सल अभियान पर चर्चा की. कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह को बताया कि छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार द्वारा नियद नेल्लानार अभियान के तहत नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में जनजातियों के विकास के लिए कार्यों किए जा रहे हैं. साथ ही उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की ओर से प्रदेश में किसानों के लिए चलाई जा रही योजनाओं की प्रगति की जानकारी भी दी.

सीएम साय के नेतृत्व में बस्तर में स्वास्थ्य सेवाओं का डिजिटलकरण तेज़ी से आगे

 स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की पहल पर “नेक्स्ट जेन ई-हॉस्पिटल” से स्वास्थ्य सुविधाएं हुईं और भी सुलभ, प्रभावी एवं पारदर्शी रायपुर, बस्तर संभाग में नेक्स्ट जेन ई-हॉस्पिटल, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन तथा आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का प्रभावी क्रियान्वयन क्षेत्र के लिए एक बड़ा परिवर्तन साबित हो रहा है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा बस्तर संभाग में स्वास्थ्य सेवाओं के सशक्त विस्तार की दिशा में लगातार सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के सतत मार्गदर्शन में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं आज तकनीक के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही हैं। बस्तर के छ :जिला चिकित्सालयों,  दो सिविल अस्पतालों और 41 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में नेक्स्ट जेन ई-हॉस्पिटल प्रणाली का सफल संचालन किया जा रहा है, जिससे ओपीडी पंजीकरण, परामर्श, जांच, दवा वितरण तथा मरीजों की स्वास्थ्य संबंधी सभी जानकारियां अब एक डिजिटल मंच पर उपलब्ध हो रही हैं। इसके तहत मरीजों को बेहतर और समयबद्ध सेवाएं मिल रही हैं। डिजिटल तकनीक के इस समावेशन ने अस्पतालों में पारदर्शिता, कार्यकुशलता और मरीजों की संतुष्टि में उल्लेखनीय वृद्धि की है। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत अस्पतालों का हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्रेशन (HFR) और चिकित्सकों व नर्सिंग स्टाफ का हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्रेशन (HPR) सुनिश्चित किया गया है। अस्पताल परिसरों में आभा कियोस्क स्थापित कर मरीजों को आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा) बनाने की सुविधा दी जा रही है। स्कैन एंड शेयर एवं आभा आईडी के माध्यम से ऑनलाइन ओपीडी पंजीयन की सुविधा से मरीजों को लम्बी कतारों से राहत मिली है और उन्हें त्वरित सेवाएं मिल रही हैं। डिजिटल नवाचारों का प्रभाव भी स्पष्ट रूप से सामने आया है। जिला चिकित्सालय बस्तर में मई, जून और जुलाई 2025 के दौरान कुल 60,045 ओपीडी पंजीयन दर्ज किए गए, जिनमें से 32,379 पंजीयन आभा लिंक के माध्यम से हुए — जो कि कुल पंजीयनों का 53% है। इसी अवधि में जिला चिकित्सालय दंतेवाड़ा में 33,895 ओपीडी पंजीयन दर्ज हुए, जिनमें से 13,729 पंजीयन आभा से लिंक किए गए — यानी 40% का डिजिटल एकीकरण। यह पूरी प्रक्रिया न केवल समय की बचत सुनिश्चित कर रही है, बल्कि मरीजों के लिए डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड की सुविधा भी प्रदान कर रही है, जिसे वे देश के किसी भी हिस्से में कभी भी देख सकते हैं। इससे स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में पारदर्शिता के साथ-साथ उपचार की निरंतरता और गुणवत्ता में भी वृद्धि हो रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बस्तर संभाग में नेक्स्ट जेन ई-हॉस्पिटल और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन जैसी आधुनिक तकनीकों के सफल क्रियान्वयन ने स्वास्थ्य सेवाओं को नई गति और दिशा दी है। डिजिटल पंजीकरण, हेल्थ रिकॉर्ड और पारदर्शी सेवा प्रणाली से मरीजों को समयबद्ध, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल रहा है। यह पहल न केवल बस्तर के लिए, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक अनुकरणीय मॉडल है, जिसे हम शीघ्र ही राज्य के सभी जिलों में लागू कर "स्वस्थ और सशक्त छत्तीसगढ़" के संकल्प को साकार करेंगे। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा बस्तर संभाग में स्वास्थ्य सेवाओं का यह तकनीकी उन्नयन न केवल स्थानीय जनता के लिए उपयोगी सिद्ध हो रहा है, बल्कि यह पूरे प्रदेश के लिए एक अनुकरणीय मॉडल बनकर उभर रहा है। राज्य सरकार का लक्ष्य इस प्रणाली को सभी जिलों में सुदृढ़ रूप से लागू कर "स्वस्थ और सशक्त छत्तीसगढ़" की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ना है। उल्लेखनीय है कि स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में यह पहल केवल स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है। बस्तर में मिले सकारात्मक परिणाम इस बात का प्रमाण हैं कि जब तकनीक, प्रशासनिक इच्छाशक्ति और जनभागीदारी एक साथ आते हैं, तो विकास की रफ्तार कई गुना बढ़ जाती है। यह पहल न केवल स्वास्थ्य सेवाओं में बदलाव लाएगी, बल्कि ‘स्वस्थ भारत’ के निर्माण में भी छत्तीसगढ़ का महत्त्वपूर्ण योगदान सुनिश्चित करेगी।    

अबूझमाड़ में बदलती फिज़ा, रक्षाबंधन बना भरोसे और स्वतंत्रता का पर्व

नारायणपुर नक्सल प्रभावित जिला नारायणपुर का अबूझमाड़, यह वह नाम है जिसे सुनते ही दिमाग़ में जंगलों की अनंत हरियाली के बीच बम, बारूद और गोलियों की गूंज उतर आती थी. दशकों तक नक्सलवाद के साये में जीते लोग, जिनका संसार अपने घर और आसपास के जंगलों तक सीमित था. जहां त्योहारों की रौनक नहीं, बल्कि सन्नाटे और डर का पहरा हुआ करता था. लेकिन अब तस्वीर बदल रही है. सरकार के नक्सलवाद के खात्मे के दृढ़ संकल्प और सुरक्षा बलों की लगातार तैनाती ने इस इलाक़े में भरोसे और सुरक्षा की नई कहानी लिख दी है. वही लोग, जो कभी बंदूक की नोक पर जीते थे, अब क्षेत्रीय और राष्ट्रीय पर्वों को खुले दिल और पूरे उत्साह के साथ मना रहे हैं. रक्षाबंधन पर दिखी बदलाव की झलक इस बदलाव की झलक हाल ही में रक्षाबंधन के पर्व पर देखने को मिली. अबूझमाड़ के सोनपुर, डोड़रीबेड़ा, होरादी, गारपा समेत कई नक्सल प्रभावित गांवों की महिलाएं और बालिकाएं अपने गांव में स्थित पुलिस कैंप पहुंचीं. वहां नक्सल मोर्चे पर तैनात जवानों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधते हुए उनके चेहरे पर भय नहीं, बल्कि गर्व और आत्मीयता की चमक थी. सीमा सुरक्षा बल की 133वीं वाहिनी के जवानों ने भी ग्रामीणों से वादा किया कि वे हर परिस्थिति में उनकी सुरक्षा करेंगे. महीनों तक घर-परिवार से दूर रहकर नक्सल मोर्चे पर डटे इन जवानों के लिए यह सिर्फ एक औपचारिक पर्व नहीं था,यह उन बहनों का विश्वास था, जिनकी रक्षा के लिए वे अपनी जान दांव पर लगाए हुए हैं.इस कार्यक्रम में आसपास के गांवों के विभिन्न विद्यालयों और आश्रमों से 106 बालिकाएं, 13 शिक्षक और 18 ग्रामीण शामिल कुल 200 नागरिक शामिल हुए. जब नन्हीं-नन्हीं हथेलियों से राखी बांधी गई, तो कई जवानों की आंखें भर आईं. वर्षों से सुरक्षा की आस में जीते इन गांवों में यह दृश्य एक भावनात्मक क्रांति जैसा था ,जहां भाईचारे का धागा, डर की जंजीरों को तोड़ रहा था. बता दें कि सीमा सुरक्षा बल की भूमिका केवल नक्सल मोर्चे तक सीमित नहीं है. वे अबूझमाड़ के दुर्गम इलाकों में सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के प्रयासों में भी जुटे हैं. जहां कल तक स्कूल भवन अधूरे या जर्जर थे, वहां अब पढ़ाई की गूंज सुनाई देने लगी है. चिकित्सा सुविधाएं और आवश्यक सेवाएं धीरे-धीरे इन घने जंगलों तक पहुँच रही हैं.यह राह इतना आसान नहीं है, नक्सली विकास कार्यों में रुकावट डालने के लिए आए दिन जवानों पर हमला करते हैं, आईईडी लगाते हैं, और आगजनी की घटनाएं करते हैं. लेकिन सुरक्षा बल भी पीछे हटने वालों में से नहीं,वे हर वार का मुंहतोड़ जवाब दे रहे हैं. नक्सलवाद धीरे-धीरे बैकफुट पर जाने लगा है, और अबूझमाड़ के लोग महसूस करने लगे हैं कि वे वास्तव में आज़ाद हो रहे हैं.आज अबूझमाड़ के गांवों में रक्षाबंधन ही नहीं, दीपावली, होली और स्वतंत्रता दिवस जैसे त्योहार भी उल्लास से मनाए जाते हैं. हर उत्सव में सुरक्षा बलों को विशेष महत्व दिया जाता है, क्योंकि इन ग्रामीणों के लिए वे सिर्फ रक्षक नहीं, बल्कि परिवार का हिस्सा बन चुके हैं.अबूझमाड़ की फिजा में अब विश्वास, भाईचारे और बदलती हुई हवा, जिसमें अब गोलियों की गूंज नहीं, बल्कि ढोल-नगाड़ों और हंसी की आवाज़ सुनाई देती है.

शिवनाथ नदी में फिर हादसा: दो दिनों में डूबने से 2 युवकों की मौत

दुर्ग जिले में पिछले दो दिनों के भीतर अलग-अलग हादसों में दो युवकों की शिवनाथ नदी में डूबकर मौत हो गई. पहली घटना सिरसा चौकी क्षेत्र के ग्राम सिरसा की है, जहां दोस्तों के साथ नहाने गया युवक तेज बहाव में बह गया. समोदा निवासी साहिल देशमुख की डूबने से मौत हो गई. सूचना मिलते ही दुर्ग एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान चलाकर युवक का शव बरामद किया. दूसरी घटना में शिवनाथ नदी में मोहारा एनीकेट में प्रशान्त सोनी ( 35 साल) की नदी में डूबने से मौत ही गई. घटना के बाद से परिजनों में शोक का माहौल है. घटना की सूचना के बाद एसडीआरफ की टीम ने मशक्कत के बाद प्रशांत के शव को नदी से बाहर निकाल लिया. हादसों की वजह दरअसल कुछ दिनों से बारिश थम गई है, जिससे शिवनाथ नदी का जलस्तर कम हो रहा है. जिसे देखकर ग्रामीण और युवा नदी में नहाने पहुंचते है और दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं.

बच्चियां बोलीं- सर गंदी चीजें दिखाते थे और Bad Touch करते थें, शिक्षक और सहायक निलंबित

राजनांदगांव राजनांदगांव ब्लॉक की एक प्राथमिक शाला में बच्चियों के यौन शोषण का गंभीर मामला सामने आया है। प्रधान पाठक नेतराम वर्मा कई वर्ष से 10 वर्ष से कम उम्र की बच्चियों की अस्मत से खेल रहा था। पिछले दिनों कुछ बच्चियों ने स्वजनों को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद पूरा प्रकरण सामने आया। स्वजनों के मुताबिक बच्चियों ने बताया कि शिक्षक कक्षा में उन्हें गंदी फिल्में दिखाते हैं और बेड टच करते हैं। बच्चियों ने शिक्षकों की जो हरकतें बताई उसे सुनकर स्वजन भी सकते में आ गए। शिकायत के बाद पुलिस जांच कर रही है। उधर आरोपित एचएम को निलंबित कर दिया गया है। उसके साथ ही सहायक शिक्षक डीसम प्रसाद तिवारी का भी निलंबन किया गया है।   विभाग के अनुसार डीसम को मामले की पूरी जानकारी थी लेकिन उन्होंने इसकी कोई सूचना विभाग को नहीं दी। वहीं विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने इसकी शिकायत चिखली पुलिस चौकी में दर्ज कराई है। पुलिस ने स्वजनों के बयान दर्ज कर जांच शुरु कर दी है। नेतराम वर्मा को विकासखंड कार्यालय छुरिया संलग्न किया गया है। आदेश में उन्हें बाल संरक्षण अधिनियम व पाक्सो नियम के विपरीत आचरण का दोषी बताया गया है। आरोपित को छग सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 का उल्लंघन करना बताय गया है। इसी तरह डीसम प्रसाद तिवारी को विकासखंड शिक्षा कार्यालय डोंगरगढ़ में संलग्न किया गया है। दूसरे बच्चों के सामने करता था गंदी हरकत जिस शाला में आरोपी नेतराम वर्मा पदस्थ है, वहां पहली से पांचवी तक की कक्षाएं लगती है। आरोप है कि नेतराम, कक्षा में दूसरे बच्चों के सामने ही कुछ बच्चियों को गंदी फिल्में दिखाता था और उन्हें बेड टच करता था। बच्च्यिों ने ये पूरा किस्सा स्वयं परिजनों को बताया है। जब यह मामला सामने आया तो पता चला कि ऐसा लंबे समय से चल रहा है। कुछ और बच्चों से पूछे जाने पर उन्होंने भी स्वजनों को ये जानकारी दी। इस पूरे मामले को लेकर ग्रामीणों में भी काफी आक्रोश है। बीईओ ने दर्ज कराई शिकायत प्रकरण में विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने चिखली पुलिस चौकी ने शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरु कर दी है। चौकी प्रभारी ने कहा कि, मामला काफी संवेदनशील है और महिला पुलिस अधिकारी द्वारा बयान लिए जा रहे हैं। पूरी जांच के बाद ही प्रकरण के संबंध में आगे कोई जानकारी दी जाएगी। कुछ भी बताने से बच रहे अधिकारी इस मामले में शिक्षा विभाग के अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहे हैं। विकासखंड शिक्षा अधिकारी राजू साहू ने कहा कि इस संबंध में पुलिस से ही जानकारी ली जा सकती है। विभागीय तौर पर जानकारी के लिए उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी से संपर्क करने की बात कही। पाक्सो बाक्स सिर्फ दिखावा हर स्कूल में पाक्सो बाक्स लगाया जाना अनिवार्य है। यह प्रवेश द्वार पर या नोटिस बोर्ड के पास लगाया जाना होता है। लेकिन इसे लेकर कोई जागरुकता नहीं है। यही कारण है कि संगीन मामले में भी दबे रह जाते हैं। प्रति सप्ताह शनिवार को पालकों या शिक्षा सदस्यों की उपस्थिति में इसे खोला जाना होता है। इसकी जानकारी विभाग को दी जानी जरूरी है। इसके अलावा स्कूल में इस पर एक रजिस्टर भी मेंटेंन किया जाना आवश्यक है जिसमें पूरा ब्यौरा भरना होता है। किसी दूसरे मामले की शिकायत भी इसमें दर्ज कर ली जाती है। लेकिन स्कूलों में इस जरूरी व्यवस्था को नजर अंदाज किया जा रहा है।

वर्ल्ड कप 2027 तक खेलेंगे रोहित शर्मा? बचपन के कोच ने खोला ODI रिटायरमेंट का राज

नई दिल्ली भारत की वनडे टीम के कप्तान रोहित शर्मा का भविष्य इस समय अधर में है, क्योंकि वे टी20 इंटरनेशनल और टेस्ट क्रिकेट से रिटायरमेंट ले चुके हैं। सिर्फ वनडे क्रिकेट वे खेलना जारी रखना चाहते हैं, लेकिन टीम मैनेजमेंट और युवा खिलाड़ी उनके लिए मुश्किलें पैदा कर रहे हैं। इस बीच उनके बचपन के कोच दिनेश लाड ने कहा है कि रोहित शर्मा का इस समय एक ही लक्ष्य है और वह है वनडे विश्व कप जीतना। इसके बाद वह वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट को भी अलविदा कह देंगे। रोहित शर्मा ने टी20 विश्व कप के बाद टी20 क्रिकेट को छोड़ दिया था। इंग्लैंड के दौरे से पहले टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। भारत को दो आईसीसी ट्रॉफी जिता चुके कप्तान रोहित शर्मा के बचपन के कोच दिनेश लाड ने गौरव मंगलानी के पॉडकास्ट में कहा, “जब रोहित शर्मा ने टी20I से संन्यास लिया, तो उन्होंने टेस्ट और वनडे से संन्यास नहीं लिया, क्योंकि वह अभी भी WTC और वनडे विश्व कप जीतना चाहते थे, जो हम 2023 में हार गए। दुर्भाग्य से हम 2025 WTC फाइनल में नहीं पहुंच सके, इसलिए उन्होंने टेस्ट से भी संन्यास ले लिया। अब, उनका एकमात्र लक्ष्य वनडे खेलना और 2027 विश्व कप जीतना है, जिसके बाद वह संन्यास लेने की योजना बना रहे हैं।” हिटमैन के नाम से फेमस रोहित शर्मा हाल-फिलहाल में प्रोफेशनल क्रिकेट में नजर नहीं आएंगे। रोहित शर्मा और विराट कोहली सीधे अक्तूबर में ऑस्ट्रेलिया में खेली जाने वाली वनडे सीरीज में खेलेंगे, क्योंकि अगस्त में बांग्लादेश में होने वाली वनडे और टी20 सीरीज कैंसिल हो गई है। ऐसे में इंटरनेशनल क्रिकेट में उनको लौटने में वक्त लगेगा। विराट कोहली और रोहित शर्मा दोनों ने आखिरी बार इंटरनेशनल क्रिकेट चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के दौरान खेला था। भारत ने खिताबी मैच में न्यूजीलैंड को हराया था। लगातार दूसरा आईसीसी टाइटल भारत ने जीता था।  

कूनो के चीते गांव में घुसे, कुत्ते के साथ ग्रामीणों ने किया पीछा

श्योपुर. मानपुर क्षेत्र के बालापुरा और काशीपुर गांवों में दो जंगली चीते खेतों, पगडंडियों और गांव की सड़कों पर टहलते दिखाई दिए। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस क्षेत्र में पहले कभी भी चीते नहीं देखे गए थे। वायरल हुए वीडियो में चीतों के पीछे एक कुत्ता और ग्रामीण हाथ में डंडा लिए नजर आ रहे हैं। जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम और ‘चीता मित्र’ गांवों में पहुंच गए हैं। चीता मित्र लगातार निगरानी कर रहे हैं और ग्रामीणों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दे रहे हैं। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि दोनों चीतों की लोकेशन पर ड्रोन और बीट गार्ड्स के जरिए नजर रखी जा रही है। यदि वे लंबे समय तक गांवों में ठहरते हैं, तो उन्हें सुरक्षित तरीके से वापस कूनो नेशनल पार्क के क्षेत्र में भेजा जाएगा। ग्रामीणों से अपील चीतों से दूर रहें ग्रामीणों ने प्रशासन से सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि खेतों में काम करने वाले किसानों और मजदूरों की सुरक्षा के लिए वन विभाग विशेष टीम तैनात करे। वन विभाग ने चेतावनी दी है कि कोई भी व्यक्ति चीतों के पास न जाए और न ही उन्हें फोटो खींचने के लिए उकसाए, क्योंकि इससे खतरा बढ़ सकता है। इसके पहले चीतों का एक वीडियो सामने आया था जिसमें वो बंधी हुई गाय के सामने ही उसके बछड़े का शिकार कर लेते हैं। वह कुछ देर तक वहीं रुककर उसे खाते हुए नजर आते हैं। चीता प्रोजेक्ट के तहत कूनो नेशनल पार्क में लाए गए चीते कई बार पार्क की सीमाओं को लांघकर गांवों में पहुंचे हैं। अब उनके किसी गांव में पहुंचाना आम हो गया है, लेकिन चीता मित्र लगातार उन पर निगाह रखकर ग्रामीणों को उनके लिए सतर्क करते रहते हैं।

मैनपुरी में शॉर्ट सर्किट से फैक्ट्री में भीषण आग, मशरूम प्लांट जलकर खाक

मैनपुरी  मैनपुरी के बेवर क्षेत्र के करपिया गांव में शनिवार देर रात सात मंजिला मशरूम प्लांट में भीषण आग लग गई। शॉर्ट सर्किट से लगी इस आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरातफरी मच गई। करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। सात मंजिला था मशरूम प्लांट कपिलमुनि कोल्ड स्टोर में करीब चार साल से कपिल मुनि एग्रो फूड्स के नाम से मशरूम प्लांट संचालित हो रहा था। यहां सात मंजिलों में करीब 700 ब्लॉक बनाए गए थे, जहां मशरूम उत्पादन किया जाता था। इसका संचालन मनोज कुमार सिंह बैस करते हैं। शनिवार रात करीब 12:30 बजे आग लगी, जिसकी जानकारी रविवार सुबह लगभग 5 बजे ग्रामीणों ने प्लांट से उठता धुआं देखकर दी।   पुलिस अधिकारी और दमकल मौके पर मौजूद सूचना पर एएसपी नगर अरुण कुमार सिंह, एसडीएम भोगांव संध्या शर्मा, सीओ सिटी संतोष कुमार सिंह पुलिस बल और दमकल विभाग के साथ मौके पर पहुंचे। शुरुआती प्रयासों के बावजूद आग पर काबू नहीं पाया जा सका। इसके बाद फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर और इटावा जिलों से दमकल की अतिरिक्त गाड़ियां बुलाई गईं। जलकर स्वाह हुआ पूरा प्लांट प्लांट स्वामी मनोज कुमार सिंह के अनुसार, आग में मशरूम के बैग और गोदाम में रखी पूरी सामग्री जलकर खाक हो गई। रक्षाबंधन के कारण उस समय मजदूर अवकाश पर थे, जिससे आग की सूचना समय से नहीं मिल पाई। दमकल टीमें लगातार आग पर काबू पाने की कोशिश कर रही हैं।