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अल-फलाह यूनिवर्सिटी ब्लास्ट केस: इमाम की पत्नी ने बताए बड़े राज, जांच में नया मोड़

फरीदाबाद  दिल्ली बम ब्लास्ट के बाद हिरासत में लिए गए फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी की मस्जिद के इमाम मोहम्मद इश्तियाक की पत्नी हसीना पहली बार कैमरे के सामने आई। हसीना ने कहा- "डॉ. मुजम्मिल ने पहले उसके पति से मस्जिद में पहचान बनाई और फिर उनसे दूध खरीदना शुरू कर दिया। उन्होंने बताया, "डॉ. मुजम्मिल ने अपने दोस्त का सामान रखने की बात कहकर उनके फतेहपुरा तगा वाले घर में कमरा किराए पर लिया था। मुजम्मिल ने 1500 रुपए महीने के हिसाब से एक कमरा किराए पर सामान रखने के लिए लिया था। डॉ. मोहम्मद उमर नबी भी रोज मस्जिद में आता था। बता दें कि 10 नवंबर को दिल्ली में लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए ब्लास्ट के बाद जांच एजेंसियों ने फरीदाबाद में अपना डेरा जमाया हुआ है। इन धमाकों में अल-फलाह यूनिवर्सिटी सबसे ज्यादा चर्चाओं में है। इसी यूनिवर्सिटी के 2 डाक्टरों डॉ. मुजम्मिल, लेडी डॉ शाहीन सईद, यूनिवर्सिटी की मस्जिद के मौलवी इश्तियाक सहित एचआर विभाग में काम करने वाले जमील को आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के चलते पकड़ा है। पुलिस ने 2540 किलो विस्फोटक सामाग्री की थी बरामद पुलिस ने इमाम इश्तियाक के फतेहपुर तगा वाले घर से 2540 किलो विस्फोटक सामग्री बरामद की थी। सामग्री को उस कमरे से बरामद किया गया था, जिसको डॉ मुजम्मिल ने करीब 3 महीने पहले ही किराए पर लिया था। जबकि 360 किलो धौज गांव के एक कमरे से मिला था। धौज के कमरे का 2400 रुपए किराया डॉ. मुजम्मिल ने दिया था। इमाम की पत्नी हसीना ने किए ये बड़े खुलासे  इमाम इश्तियाक को हिरासत में लिए जाने के बाद गांव भीमा पहाड़ी की रहने हसीना ने बताया कि इश्तियाक साल 2005 में यहां पर आकर रहने लग गया था। तब यूनिवर्सिटी की तरफ से मस्जिद में रहने और काम करने के 2 हजार रुपए मासिक मिलते थे। साल 2008 में इश्तियाक संग निकाह हुआ। उनके 2 बेटियां और 2 बेटे हैं। सबसे बड़ी बेटी की उम्र 16 साल की है, जबकि सबसे छोटे बेटे की उम्र 7 साल है। हसीना ने बताया कि वह करीब 20 साल से यूनिवर्सिटी की इस मस्जिद में नमाज अदा कराते हैं। वह मूलरूप से नूंह के सिंगार गांव के रहने वाले हैं। उन्हें हाफिज का दर्जा मिला हुआ है, यानी कुरान शरीफ मुंह जुबानी याद है। यूनिवर्सिटी अभी उनको करीब 10 हजार रुपए मासिक वेतन दे रही थी। उन्होंने बताया कि दो-तीन साल से मुलाकात होने के कारण उनके शौहर की डॉ. मुजम्मिल से जान-पहचान हुई। मुजम्मिल ने करीब 5 महीने पहले इश्तियाक से किराए के लिए कमरे की बात की थी। जिस पर इश्तियाक ने अपने गांव में बने घर के कमरे को किराए पर देने की पेशकश की। जिसका कोई किराया तय नहीं किया गया था। उसने बताया कि मुजम्मिल का घर दिखाकर उसकी चाबी दे दी। इसके बाद वो गांव में घर को देखने के लिए नहीं गए। यूनिवर्सिटी के डॉक्टरों को रोज 5 से 6 किलो दूध होता था सप्लाई  हसीना ने बताया कि उनके घर से यूनिवर्सिटी के डॉक्टरों को रोजाना 5 से 6 किलो दूध सप्लाई होता था। डॉ. मुजम्मिल भी दूध लेते थे। पिछले करीब 20 दिनों से डॉ. मुजम्मिल दूध लेने के लिए नहीं आ रहा था। बताया जा रहा है कि इस दौरान डॉ. मुजम्मिल छुट्टी लेकर पुलवामा गया था। कई साल पहले उन्होंने 2 हजार रुपए प्रति गज के हिसाब से फतेहपुर तगा में 100 गज जमीन खरीदी थी। साल 2012 में उन्होंने इस मकान का निर्माण कराया था। 10 नवंबर को उनके पति सुबह 6 बजे खेतों में काम करने गए थे, जिसके बाद वह खुद भी खेत गई थी। खेत में आधा किले में काम करने के बाद, वह सुबह साढ़े दस बजे घर लौटी ही थी कि कुछ देर बाद पुलिस की 10 से 12 गाड़ियां आईं और इश्तियाक को अपने साथ ले गईं। जिला प्रशासन ने अल फलाह यूनिवर्सिटी की जमीनों के जांच के दिए आदेश  जिला प्रशासन ने अल फलाह यूनिवर्सिटी की जमीनों के जांच के आदेश दिए हैं। जिसको लेकर जमीन की पैमाइश की जा रही है। शुक्रवार को रेवेन्यू विभाग की कर्मचारी पहुंचे थे। इसके साथ डीटीपी विभाग की टीम भी यूनिवर्सिटी पहुंची थी। रेवेन्यू विभाग के पटवारियों के द्वारा मशीन लगाकर पैमाइश की जा रही है। अल-फलाह यूनिवर्सिटी 73 एकड़ में बनी हुई है। वहीं दिल्ली ब्लास्ट में कार में विस्फोट करके खुद को उड़ाने वाले डॉ उमर नबी ने 7 मई 2024 को अल फलाह यूनिवर्सिटी में जॉइन किया था। डॉ. नबी भी रोजाना मस्जिद में नमाज अदा करने आता था। डॉ. नबी 30 अक्तूबर से यूनिवर्सिटी से गायब था। 10 अक्टूबर को लाल किला के सामने कार में विस्फोट किया।  

अनिल विज बनाम सेल इंचार्ज: कैथल की बैठक गरमाई, बहस ने पकड़ा तूल

कैथल  कैथल जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक उस समय गर्मा गई जब एक आर्थिक अपराध से जुड़ी शिकायत को लेकर हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज और इकोनॉमिक सेल के इंचार्ज इंस्पेक्टर ओमप्रकाश के बीच तीखी बहस हो गई। बैठक में सीवन गेट निवासी मनजीत सिंह की ओर से की गई शिकायत चर्चा में आई, जिसमें आरोप लगाया गया था कि उसकी बेटी को विदेश भेजने में धोखाधड़ी की गई थी। इस मामले में मंत्री अनिल विज ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) कैथल को निर्देश दिए कि शिकायत के आधार पर चंडीगढ़ के बजाय कैथल में ही जीरो एफआईआर दर्ज की जाए। हालांकि, संबंधित घटना चंडीगढ़ में घटित हुई थी और मामला वहीं का बनता है। मंत्री और अधिकारी के बीच संवाद हुआ तीखा बैठक के दौरान जब जांच को लेकर मतभेद सामने आया तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई। मंत्री विज ने जांच अधिकारी को प्रारंभिक रूप से निलंबित करने के आदेश दे दिए। बाद में एसपी उपासना ने जानकारी दी कि संबंधित पुलिसकर्मी का कार्यकाल अच्छा रहा है, जिसके बाद मंत्री ने निलंबन आदेश वापस लेते हुए एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दोहराए। शिकायतकर्ता पहले ही इस पर सहमत हो गया था कि मामला चंडीगढ़ में ही निपटाया जाए, और इसके लिए उसने कैथल इकोनॉमिक् सेल में अपना बयान लिखकर दे दिया था लेकिन संचार की कमी (कम्युनिकेशन गैप) के चलते यह तथ्य मंत्री तक स्पष्ट रूप से नहीं पहुंच सका। बैठक में शिकायतकर्ता की अनुपस्थिति ने स्थिति को और उलझा दिया। इस दौरान मंत्री और इंस्पेक्टर ओमप्रकाश के बीच हुए संवाद ने सभी का ध्यान खींचा। बैठक में हुई वार्तालाप का सार इंस्पेक्टर ओमप्रकाश ने कहा, “सर, मैं रिक्वेस्ट कर रहा हूं, मैं सही हूं।” मंत्री विज ने जवाब दिया, “तू तो रिक्वेस्ट करेगा ही, क्योंकि मैं तुझे सस्पेंड जो कर दिया है।” ओमप्रकाश ने कहा, “श्रीमान, न्याय कोई चीज नहीं रही।” विज ने प्रत्युत्तर में कहा, “मैं न्याय ही कर रहा हूं।” ओमप्रकाश ने आग्रह किया, “आप मेरी बात भी सुनिए, मैं गलत नहीं हूं। पाप-पुण्य के भागी अधिकारी होंगे।” मंत्री विज ने अपनी बात दोहराते हुए कहा, “तूने क्यों नहीं एफआईआर दर्ज की, जबकि मैंने स्पष्ट निर्देश दिए थे?” बातचीत बढ़ने पर एसपी उपासना ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि ओमप्रकाश अब एफआईआर दर्ज करने को तैयार है। इस पर मंत्री ने नाराज़गी जताई कि एक महीने से कार्यवाही क्यों नहीं हुई गौरतलब है कि इस शिकायत पर पिछली बैठक में भी चर्चा हो चुकी थी, परंतु इस बार भी शिकायतकर्ता उपस्थित नहीं था। फिलहाल मामला लंबित रखा गया है।

स्वरोजगार से जोड़ने की विशेष पहल, मंत्री नेताम ने किया प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ

आवासीय सुविधा के साथ मिला स्वरोजगार का बेहतर अवसर रायपुर, कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने आज बलरामपुर में ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण केंद्र (आरसेटी), संगवारी जेंडर संसाधन केंद्र (जीआरसी) तथा समुदाय प्रबंधित ट्रेनिंग सेंटर (सीएमसीटी) का उद्घाटन किया। मंत्री नेताम ने केंद्र के  प्रशिक्षण कक्षों, शयनकक्ष, भोजनकक्ष, रसोईकक्ष का बारीकी से अवलोकन किया और संचालित गतिविधियों की जानकारी ली। मंत्री नेताम ने उद्वघाटन कार्यक्रम में संबोधित करते हुए कहा कि सेंट्रल बैंक द्वारा संचालित आरसेटी एक ऐसा प्रशिक्षण केंद्र है जहाँ गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले सभी बेरोजगार युवाओं और महिलाओं को विभिन्न प्रकार के व्यावसायिक एवं कौशल विकास से जुड़े प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण के पश्चात बैंक से लिंकेज कराते हुए प्रशिक्षार्थियों को स्वरोजगार और आजीविका से जोड़ा जाएगा। मंत्री ने कहा कि यह शुभारंभ विशेष अवसर पर किया जा रहा है, क्योंकि आज धरती आबा बिरसा मुंडा की जयंती है। उन्होंने कहा कि आधुनिक युग की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए केंद्रों में उपलब्ध प्रशिक्षण पूर्णतः आवासीय सुविधा के साथ प्रदान किए जा रहे हैं, ताकि प्रशिक्षार्थियों को सीखने में कोई बाधा न आए। उन्होंने प्रशिक्षार्थियों से कहा कि गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्राप्त करें और सीखे हुए कौशल का उपयोग करते हुए अपने रोजगार को व्यावसायिक रूप से विस्तार दें। उन्होंने जीआरसी केंद्र की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि इसके माध्यम से जेंडर असमानता, कुपोषण, लैंगिक हिसा, घरेलू हिंसा जैसे मुद्दे तथा विभिन्न समस्याओं के समाधान महिला बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं पुलिस विभाग के साथ समन्वय कर किए जाएंगे। समुदाय प्रबंधित प्रशिक्षण केंद्र (सीएमटीसी) के माध्यम से राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के विभिन्न प्रशिक्षण एवं महिला सशक्तिकरण से जुड़े कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे। मंत्री नेताम ने सभी से आग्रह किया कि वे स्वयं प्रशिक्षण से जुड़ें और अधिक से अधिक लोगों को भी इससे जोड़ें। कार्यक्रम के अंत में मंत्री नेताम ने 10 चयनित व्यक्तियों को राजमिस्त्री प्रशिक्षण, बीमा सखी प्रशिक्षण सहित अन्य कौशलों के प्रमाण पत्र वितरित किया। इस दौरान रेड क्रॉस सोसायटी अध्यक्ष ओम प्रकाश जायसवाल, पिछड़ा जाति आयोग सदस्य कृष्णा गुप्ता, जिला पंचायत उपाध्यक्ष धीरज सिंहदेव, कृषि समिति अध्यक्ष बद्री यादव, नगरपालिका अध्यक्ष लोधी राम एक्का, कलेक्टर राजेंद्र कटारा, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती अनीता मरकाम, नरपालिका उपाध्यक्ष दिलीप सोनी सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण  मौजूद थे। ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण केंद्र (आरसेटी) सेण्ट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया द्वारा संचालित एक प्रशिक्षण केन्द्र है, जहाँ 60 से अधिक प्रकार के स्वरोजगार मूलक प्रशिक्षण जैसे ब्यूटीपार्लर, फास्ट फूड मेकिंग, सिलाई, मुर्गीपालन, मधुमक्खीपालन, मशरूम उत्पादन, आदि प्रशिक्षण प्रदान किए जाते हैं। सभी प्रशिक्षण बेरोजगारों को केंद्र से जोड़कर उन्हें तकनीक देते हुए रोजगार से जोड़ने हेतु आयोजित किए जाते हैं। यहाँ होने वाले समस्त प्रशिक्षण आवासीय युवतियों के लिए पूर्णतः निःशुल्क प्रदान किए जाएंगे। संगवारी जेंडर संसाधन केन्द्र राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी समस्त स्व-सहायता समूह की महिलाओं हेतु जेंडर जागरूकता, स्वास्थ्य, पोषण जागरूकता एवं घरेलू हिंसा, महिला प्रताड़ना जैसे मुद्दों पर महिला बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं पुलिस के माध्यम से निराकरण हेतु कार्य किया जाएगा। समुदाय प्रबंधित प्रशिक्षण केंद्र राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अन्तर्गत होने वाले विभिन्न आवासीय प्रशिक्षणों हेतु आवासीय प्रशिक्षण भवन की व्यवस्था की गई है इस प्रशिक्षण केन्द्र का संचालन संकुल स्तरीय संगठन द्वारा किया जाता है, जिसमें एनआरएलएम के क्षेत्र एवं समूह सदस्यों के क्षमता-वर्धन प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा।  

लाखों पेंशनधारकों पर असर: पंजाब सरकार ने बदले नियम, जानें नया अपडेट

संगरूर  संगरूर के जिला खजाना दफ्तर में चल रहे पैंशनर सेवा मेले के दूसरे दिन बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त कर्मचारियों द्वारा लाभ उठाया गया। इस मौके पर अतिरिक्त डायरेक्टर खजाना एवं लेखा, पंजाब सिमरजीत कौर ने द्वारा मेले में विशेष तौर पर पहुंच कर पैंशनर सेवा मेले का जायजा लिया गया और ई-केवाईसी करवाने आए पेंशनभोगियों से बातचीत की गई। इस मौके पर डीसीएफए प्रवीण गुप्ता और जिला खजाना अफसर प्रदीप कुमार भी मौजूद थे।       अतिरिक्त डायरेक्टर सिमरजीत कौर ने बताया कि पंजाब सरकार के निर्देशों पर 13 से 15 नवंबर तक पूरे राज्य में पैंशनर सेवा मेले आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि नए लॉन्च किए गए पैंशनर सेवा पोर्टल पर राज्य के पेंशनभोगियों का पंजीकरण तीन महीने के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पैंशनर सेवा मेले में वित्त विभाग और पेंशन वितरण करने वाले बैंकों के अधिकारी किसी भी तकनीकी समस्या का मौके पर ही समाधान करने के लिए मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि पंजीकरण प्रक्रिया पूरी होने तक पेंशन वितरण निर्बाध रूप से जारी रहेगा और पंजीकरण प्रक्रिया में देरी के कारण पेंशनभोगियों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने पेंशनभोगियों से बेहतर सेवाओं के लिए ई-केवाईसी करवाने की अपील की। ​​इस अवसर पर जिला खजाना अधिकारी प्रदीप कुमार ने बताया कि 13 व 14 नवंबर को बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने मेले का लाभ उठाया है और यह मेला 15 नवंबर को भी जिला खजाना दफ्तर में जारी रहेगा। 

राज्य स्तरीय प्रतिभा खोज परीक्षा का बिगुल फूंका, 16 नवंबर को होगी परीक्षा

अजमेर राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय प्रतिभा खोज परीक्षा (एसटीएसई) 2025 का आयोजन 16 नंवबर रविवार को पूरे प्रदेश में किया जाएगा। इस परीक्षा को लेकर बोर्ड की सभी तैयारियां पूर्ण हो चुकी हैं। प्रदेश के सभी 41 जिलों में परीक्षा केंद्र निर्धारित कर दिए गए हैं और संबंधित केंद्रों पर आवश्यक सामग्री एवं व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर दी गई हैं। दो पारी में होगी परीक्षा बोर्ड सचिव गजेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि एसटीएसई परीक्षा कक्षा 10 और कक्षा 12 के मेधावी विद्यार्थियों के लिए आयोजित की जाती है। यह परीक्षा कल रविवार को सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक एक ही पारी में संपन्न होगी। उन्होंने बताया कि परीक्षार्थियों के ऑनलाइन प्रवेश-पत्र तथा परीक्षा केंद्रों के लिए आवश्यक केंद्र सामग्री बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है। सचिव राठौड़ के अनुसार, संस्था प्रधान अपने पूर्व प्रदत्त लॉगिन आईडी और पासवर्ड की सहायता से प्रवेश-पत्र डाउनलोड कर परीक्षार्थियों को उपलब्ध कराएंगे। वहीं, केंद्र अधीक्षक भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवश्यक केंद्र सामग्री डाउनलोड कर सकते हैं। सभी संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय में डाउनलोड की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। नियंत्रण कक्ष से पैनी नजर परीक्षा की व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने हेतु बोर्ड कार्यालय में नियंत्रण कक्ष (Control Room) स्थापित किया गया है, जो 15 और 16 नवंबर को सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक सक्रिय रहेगा। प्रवेश-पत्र या केंद्र सामग्री डाउनलोड से संबंधित किसी भी तकनीकी समस्या के समाधान के लिए परीक्षा केंद्रों को विशेष दूरभाष नंबर जारी किए गए हैं। ऑनलाइन सामग्री डाउनलोड संबंधी सहायता के लिए ए.सी.पी. से 0145-2632865 और 0145-2627454 पर संपर्क किया जा सकता है। वहीं अन्य परीक्षा-संबंधी सहायता के लिए नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर 0145-2632866, 2632867 और 2632868 उपलब्ध रहेंगे। इसके अलावा परीक्षार्थी एवं परीक्षा केंद्र उप निदेशक (परीक्षा-1) से 0145-2425770 पर संपर्क कर सकते हैं। प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर राजस्थान बोर्ड ने सभी परीक्षा केंद्रों को समय पर परीक्षा सामग्री वितरण, सुरक्षा प्रबंध, निगरानी एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड का कहना है कि इस परीक्षा से राज्य के मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहन मिलेगा और प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त होंगे।

श्रीराम मंदिर बनने से कारीगरों के हाथों को काम, कला को मिल रहा है सम्मान

 सीएम योगी के विजन से युवाओं के लिए रोजगार की ऊचाइयों के नये आयाम खुल रहे हैं अयोध्या के विकास से नौजवानों के लिए खुले रोजगार के असीमित दरवाजे सीएम योगी के अथक परिश्रम से युवाओं का रुका पलायन, घर लौट रही हैं उम्मीदें रिवर्स माइग्रेशन शहर की आर्थिक सेहत का सबसे मजबूत संकेत  अयोध्या के विकास से ODOP उत्पाद गुड़ और स्थानीय उत्पादों की विदेशों में धमक  लखनऊ अयोध्या सिर्फ परंपरा का प्रहरी मात्र नहीं बल्कि भविष्य के विकास का ध्वजवाहक भी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के डेडीकेशन और विजन का परिणाम है कि राम मंदिर निर्माण के बाद यह शहर केवल धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि आर्थिक, सांस्कृतिक और सामाजिक पुनर्जागरण का केंद्र बन चुका है। परिवर्तन की इस यात्रा में अयोध्या ध्वजारोहण समारोह एक ऐसा उत्सव बनकर उभर रहा है जो विकास की पूरी दास्तान को अपने भीतर समेटे हुए है। यह समारोह सिर्फ आस्था का पर्व नहीं, बल्कि एक ऐसा आयोजन है जिसने युवाओं, उद्योगों, कारीगरों और आम नागरिकों के लिए नये अवसरों का दरवाजा खोल दिया है। ध्वजारोहण उत्सव से अयोध्या की अर्थव्यवस्था में वृद्धि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या अब सिर्फ एक तीर्थ नहीं बल्कि विकास की प्रयोगशाला बन चुका है। अयोध्या के ऐतिहासिक विकास ने युवाओं की ज़िंदगी में नई रोशनी, स्थानीय उद्योगों में नई सांसें और परंपरागत कला में एक नई दिशा दी है। अयोध्या में 25 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी श्री राम मंदिर के शिखर पर भगवा ध्वज फहराएंगे। इस विशेष कार्यक्रम के दौरान देश और विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक आएंगे। इससे होटल, रेस्टोरेंट, टूर और ट्रेवेल्स, स्थानीय उत्पादों, ODOP के तहत गुड़ कारोबार जैसे अनेकों व्यवसाय में वृद्धि देखने को मिलेगी। अनुमान है कि अयोध्या में इस दौरान करोड़ों का कारोबार होगा।  युवाओं के लिए रोजगार की ऊँचाइयों का नया एजेण्डा अयोध्या के ध्वजारोहण समारोह से पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियां नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगी।  जब लाखों श्रद्धालु शहर की तरफ उमड़ते हैं, तो शहर की अर्थव्यवस्था भी उतनी ही तेजी से चलती है। होटल, रेस्टोरेंट, ट्रैवल एजेंसियां, सुरक्षा सेवाएं, इवेंट मैनेजमेंट कंपनियाँ और स्थानीय दुकानों के लए लाभ के दरवाजे खुल जाते हैं। उत्तर प्रदेश में धार्मिक केंद्रों के रूप में अयोध्या-वाराणसी-प्रयागराज के पर्यटन में बड़ी उछाल आई है। इस क्षेत्र में 2017 से अब तक पर्यटकों की संख्या में 361% से अधिक वृद्धि दर्ज की गई है। उत्तर प्रदेश का पर्यटन सेक्टर अगले कुछ वर्षों में 70,000 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। विकास परियोजनाएं अयोध्या को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा रही हैं। “राम वन गमन पथ” का निर्माण 4,403 करोड़ रुपये से हो रहा है। ग्रीनफील्ड टाउनशिप प्रोजेक्ट 2,182 करोड़ से बन रहा है। शहर की जनसंख्या और भूमि उपयोग की योजना भी स्पष्ट है। अयोध्या शहर की वर्तमान आबादी लगभग 11 लाख है, जो 2031 तक लगभग 24 लाख और 2047 तक लगभग 35 लाख तक पहुंचने का अनुमान है। इन विकास परियोजनाओं का सीधा लाभ युवाओं को मिल रहा है। उनके लिए लिए रोजगार के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं।  युवाओं के लिए खुले रोजगार के असीमित दरवाजे युवाओं के लिए जहाँ पहले रोजगार सीमित थे, वही आज अवसरों की बाढ़ आ गई है। हजारों नौजवान गाइडिंग, फोटोग्राफी, सोशल मीडिया प्रबंधन, सांस्कृतिक आयोजन, परिवहन सेवाओं, लॉजिस्टिक्स और होटल प्रबंधन में नए रोल निभा रहे हैं। इससे न केवल उनकी आय में बढ़ोतरी हो रही है बल्कि रोजगार की संभावनाओं को नए पर लग रहे हैं।  युवाओं का रुका पलायन, घर लौटती उम्मीदें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी सोच का ही परिणाम है कि अयोध्या के युवा आज रोजगार के लिए शहर नहीं छोड़ रहे, बल्कि बाहरी कंपनिया अब अयोध्या में अपनी शाखाएं खोलने में रुचि दिखा रही हैं। इससे स्थानीय युवाओं को स्थायी और सम्मानजनक नौकरी मिल रही है। 2017 से पहले युवाओं के बीच यह अवधारणा बन गई थी कि छोटे शहरों में रहने वाले युवाओं को बड़े सपने देखने का हक नहीं। करियर के नाम पर उन्हें महानगरों की दौड़ धूप में जाना ही पड़ता था। लेकिन अयोध्या ने इस मिथक को तोड़ दिया है। राम मंदिर निर्माण और अयोध्या के भव्य विकास के बाद ऐसा पहली बार हुआ है कि यहा से जाने वाले युवा अब वापस लौट रहे हैं। रिवर्स माइग्रेशन शहर की आर्थिक सेहत का सबसे मजबूत संकेत स्थानीय रोजगार में वृद्धि, व्यापारिक गतिविधियों का विस्तार और पर्यटन उद्योग के विस्तार ने युवाओं को यह भरोसा दिया है कि उनके सपने अब उनके अपने शहर में पूरे हो सकते हैं। आज अयोध्या के युवा अपने परिवारों के साथ रहकर वही कमा पा रहे हैं, जो पहले उन्हें मीलों दूर रहकर कमाना पड़ता था। यह बदलाव सिर्फ रोजगार का नहीं, बल्कि सामाजिक स्थिरता और परिवारिक मजबूती का भी प्रतीक है। अयोध्या के विकास से ODOP उत्पाद गुड़ की विदेशों में धमक  उत्तर प्रदेश का ODOP (एक जिला, एक उत्पाद) अभियान अयोध्या की वास्तविक ताकत बनकर उभरा है। अयोध्या की काष्ठकला, गुलाब उत्पाद, धार्मिक उपहार, मूर्तिकला, राम नाम से जुड़े स्मृति चिह्न सबको देश-विदेश के बाजारों में नई पहचान मिली है।  कारीगरों के हाथों को काम, कला को सम्मान राम मंदिर आने वाले लाखों पर्यटकों की वजह से स्थानीय उत्पादों की मांग को कई गुना बढ़ा दिया है। इससे स्थानीय कलाकारों, महिलाओं के स्वयं-सहायता समूहों और छोटे उद्यमियों को नए रोजगार के अवसर मिले हैं। ODOP ने न केवल रोजगार दिया, बल्कि कला को उसकी असली कीमत भी दिलाई है।

जिलाधिकारी एक्शन मोड में: आरोग्यम फेज 2.0 को लेकर मीटिंग में दिए अहम निर्देश

औरैया उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद में आरोग्यम फेज 2.0 कार्यक्रम के प्रभावी संचालन के लिए जिलाधिकारी डॉ. इन्द्रमणि त्रिपाठी ने कलेक्ट्रेट स्थित मानस सभागार में शनिशार काे बैठक कर स्वास्थ्य विभाग सहित सभी संबंधित विभागों को दायित्व सौंपे।  उन्होंने बताया कि दूरस्थ ग्रामों को प्राथमिकता देते हुए माइक्रो प्लान के आधार पर न्याय पंचायतवार शिविर आयोजित किए जाएंगे। 18 नवंबर से 8 जनवरी तक प्रत्येक मंगलवार और गुरुवार को ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में सुबह 10 बजे से आरोग्यम शिविर लगेंगे। इसके लिए 75 नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शिशिर पुरी को कार्यक्रम का नोडल अधिकारी बनाया गया है और उन्हें डिजिटल डायरी तैयार करने के निर्देश भी दिए गए हैं। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने आरबीएसके टीम की शिथिलता पर नाराजगी व्यक्त करते हुए बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण में गति लाने के निर्देश दिए। एनआरसी में कुपोषित बच्चों की कम भर्ती पर संबंधित अधिकारियों को चेतावनी दी गई। ई-कवच पोर्टल और अन्य फीडिंग कार्यों में लापरवाही पर भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। नवजात मृत्यु दर को गंभीरता से लेते हुए सभी एमओआईसी को प्रत्येक मृत्यु की वजह और रोकथाम संबंधी सुझाव ऑडिट रिपोर्ट के साथ उपलब्ध कराने को कहा गया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी सहित सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।  

51 हजार से अधिक किसानों से किया गया धान क्रय

3.01 लाख मीट्रिक टन हुई धान खरीद  3.82 लाख किसानों ने धान खरीद सत्र में कराया पंजीकरण  धान (कॉमन)-2369 व (ग्रेड-ए) का 2389 रुपये प्रति कुंतल न्यूनतम समर्थन मूल्य पर हो रही खरीद लखनऊ  पहली अक्टूबर से पश्चिम व पहली नवंबर से पूर्वी उत्तर प्रदेश में धान खरीद शुरू हुई थी। योगी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल अन्नदाता किसान निरंतर इससे जुड़ रहे हैं। 14 नवंबर तक 51,361 किसानों से 3.01 लाख मीट्रिक टन से अधिक की धान खरीद हो चुकी है। धान (कॉमन)-2369 व (ग्रेड-ए) की खरीद 2389 रुपये प्रति कुंतल न्यूनतम समर्थन मूल्य पर हो रही है। खाद्य व रसद विभाग के मुताबिक धान खरीद सत्र के लिए शुक्रवार तक 3,82,997 किसानों का पंजीकरण किया गया है। वहीं 51,361 किसानों से 3.01 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद हुई। अब तक प्रदेश में 4139 क्रय केंद्रों की स्थापना की जा चुकी है।  सीएम योगी के निर्देश पर 48 घंटे में किसानों को किया जा रहा भुगतान  सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर 48 घंटे के भीतर किसानों को भुगतान किया जा रहा है।  किसानों के आधार लिंक्ड बैंक खाते में सीधे भुगतान किया जाएगा। वहीं बिचौलियों को रोकने व पारदर्शिता बरतते हुए क्रय केंद्रों पर मोटे अनाज की खरीद ई-पॉप (इलेक्ट्रॉनिक प्वॉइंट ऑफ परचेज) डिवाइस के माध्यम से पहले की भांति किसानों का बायोमीट्रिक सत्यापन के जरिए ही होगी। किसान अपनी समस्याएं टोल फ्री नंबर 18001800150 पर जानकारी ले सकते हैं या अपनी समस्या भी बता सकते हैं।   पहली अक्टूबर से पश्चिम उत्तर प्रदेश व पहली नवंबर से पूर्वी उत्तर प्रदेश में हो रही खरीद  पश्चिम उत्तर प्रदेश के मेरठ, सहारनपुर, बरेली, मुरादाबाद, आगरा, अलीगढ़, झांसी व लखनऊ संभाग के जनपद (लखीमपुर खीरी, हरदोई व सीतापुर) में पहली अक्टूबर से धान खरीद हो रही है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश के अयोध्या, आजमगढ़, कानपुर, चित्रकूट, देवीपाटन, प्रयागराज, गोरखपुर, मीरजापुर, बस्ती, वाराणसी व लखनऊ संभाग के उन्नाव, रायबरेली व लखनऊ में पहली नवंबर से धान खरीद हो रही है।

भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर महासमुंद में जनजातीय गौरव दिवस का भव्य आयोजन

प्रधानमंत्री मोदी  वर्चुअली जुड़े, विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण रायपुर, महासमुंद जिला पंचायत सभाकक्ष में भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर जनजातीय गौरव दिवस पूरे उत्साह और सम्मान के साथ मनाया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नर्मदा ज़िले के डेडियापाड़ा से वर्चुअली शामिल हुए और दो बहुउद्देशीय केंद्रों का शुभारंभ एवं 13 छात्रावासों का शिलान्यास किया। मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने किया कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने छत्तीसगढ़ महतारी के तैलचित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, विधायक संपत अग्रवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मोगरा पटेल, कलेक्टर विनय कुमार लंगेह सहित जनजातीय समाज के प्रमुख उपस्थित थे। बिरसा मुंडा का संघर्ष आज भी प्रेरणा का स्रोत— मंत्री साहेब अपने संबोधन में मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का जीवन त्याग, साहस और संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए अल्पायु में ही बड़ा आंदोलन खड़ा किया, जिसकी प्रेरणा आज भी जनजातीय समाज को दिशा देती है। उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा बिरसा मुंडा जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने के निर्णय की सराहना की। जनप्रतिनिधियों ने बिरसा मुंडा के योगदान को याद किया महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने कहा कि यह दिवस आदिवासी अस्मिता और गौरव का प्रतीक है। वहीं बसना विधायक संपत अग्रवाल ने कहा कि बिरसा मुंडा का संघर्ष सामाजिक, सांस्कृतिक और अस्तित्व की रक्षा का महाआंदोलन था और प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जनजातीय समाज की उन्नति के लिए लगातार कार्य जारी हैं। प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं और हितग्राहियों का सम्मान कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को मोमेंटो व प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। साथ ही पीएम जनमन अंतर्गत 5 हितग्राहियों को पीएम आवास की चाबी सौंपी गई।महिला स्व सहायता समूहों को चक्रीय एवं सामुदायिक निवेश निधि के चेक तथा 5 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसी तरह डेयरी फॉर्म स्थापना हेतु 2 लाभार्थियों को सहायता राशि एवंस्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं नक्सल प्रभावित परिवारों को मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया। जिले में जनजातीय विकास के व्यापक कार्य— कलेक्टर लंगेह कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने बताया कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के विकास हेतु पिछले एक वर्ष में—3025 आधार कार्ड, 1887 आयुष्मान कार्ड, 2102 बैंक खाते, 3099 राशन कार्ड और 1380 सामाजिक प्रास्थिति प्रमाण पत्र बनाए गए। पीएम जनमन के तहत 678 आवास, 26 सड़कें, पेयजल, विद्युत और आंगनबाड़ी जैसी सुविधाएँ दी गईं। धरती आबा कार्यक्रम के तहत 308 गांवों में ग्रामीणों द्वारा विलेज एक्शन प्लान तैयार किया गया। विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण, समूहों के कार्यों की सराहना कार्यक्रम से पूर्व मंत्री एवं विधायकगणों ने विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण किया। स्व सहायता समूहों द्वारा बनाए गए उत्पादों की सराहना की गई तथा स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल पर हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए।  बड़ी संख्या में हुई जनभागीदारी कार्यक्रम में सर्व आदिवासी समाज के प्रमुख, विभिन्न जनजातियों के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण, महिला स्व सहायता समूह की सदस्याएँ और स्कूली बच्चे बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।  

लखनऊ की 19वीं राष्ट्रीय जंबूरी में दिखेगा लघु भारत का भव्य नजारा

लखनऊ में जुटने जा रहा 'मिनी इंडिया': विज्ञान, संचार और स्वास्थ्य की विशेष व्यवस्था 33,000 स्काउट्स एवं गाइड्स उठायंगे देशभर के खान-पान का स्वाद    जंबूरी में होगी अभेद्य सुरक्षा, कैंडिडेट्स के स्वास्थ्य के लिए बनेगा 100 बेड का अस्थायी अस्पताल  जंबूरी में होगा विविधता और तकनीक का संगम, अस्थाई तारामंडल और निर्बाध इन्टरनेट भारत स्काउट्स एवं गाइड्स की 75वीं वर्षगांठ: लखनऊ में होगा एशिया-पैसिफिक देशों के प्रतिनिधियों का जमावड़ा लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ 61 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद एक ऐतिहासिक राष्ट्रीय आयोजन की मेज़बानी के लिए पूरी तरह तैयार है। भारत स्काउट्स एवं गाइड्स की डायमंड जुबली 19वीं राष्ट्रीय जंबूरी का भव्य आयोजन 23 से 29 नवंबर तक वृंदावन योजना स्थित रक्षा एक्सपो ग्राउंड में होने जा रहा है। इस आयोजन में देश भर से लगभग 30,000 स्काउट-गाइड, यूनिट लीडर्स और 1500 विदेशी प्रतिभागियों समेत कुल 33,000 से अधिक लोगों के भाग लेने की संभावना है। मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर, आयोजन स्थल को 'लघु भारत' का भव्य स्वरुप दिया जा रहा है। टेंट सिटी में विभिन्न राज्यों के लिए आवास तैयार किए जा रहे हैं, जबकि मुख्य आयोजन के लिए 'सेन्टर एरिना' का निर्माण अंतिम चरण में है। सांस्कृतिक विविधता का संगम लखनऊ में आयोजित हो रही 19वीं राष्ट्रीय जंबूरी 'लघु भारत' का भव्य दर्शन कराएगी। यहाँ देश के सभी राज्यों की सांस्कृतिक विविधता एक मंच पर जुटेगी। विभिन्न राज्यों की परंपराओं और कलाओं का यह अद्वितीय संगम राष्ट्रीय एकता की भावना को सशक्त करेगा। भारत स्काउट्स एवं गाइड्स की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में, पड़ोसी देशों जैसे नेपाल, श्रीलंका, भूटान, अफगानिस्तान समेत एशिया-पैसिफिक क्षेत्र के 10 देशों के प्रतिनिधि भी भाग लेंगे। यह अंतर्राष्ट्रीय सहभागिता का एक अनूठा संगम होगा। नवाचार और तकनीक का समागम यह जम्बूरी परंपरा के साथ नवाचार का भी संगम होगी। टेंट सिटी में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा एक अस्थाई तारामंडल का निर्माण किया जा रहा है, जहाँ बच्चों को अत्याधुनिक दूरबीनों के माध्यम से दिन में सूर्य और रात में तारों की गतिविधियों के बारे में जानकारी दी जाएगी। प्रतिभागियों की ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए एक अस्थाई बाज़ार और फूड कोर्ट भी तैयार किया जा रहा है, जहाँ देशभर के खान-पान का स्वाद मिलेगा। निर्बाध संचार कनेक्टिविटी के लिए, दूर संचार मंत्रालय एक समर्पित टावर और उपकरण लगाने जा रहा है, ताकि 40,000 से अधिक कैंडिडेट्स बिना किसी रुकावट के अपने परिजनों से संपर्क स्थापित कर सकें। स्वास्थ्य सुरक्षा का अभेद्य चक्र इस बड़े अंतर्राष्ट्रीय आयोजन को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। डिफेंस एक्सपो ग्राउंड में 100 बेड का एक अस्थायी अस्पताल तैयार किया गया है, जिसमें 50 बेड पुरुषों और 50 बेड महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगे। इसके अतिरिक्त, पूरे दिन सक्रिय रहने वाली 15 डिस्पेंसरी भी बनाई जा रही हैं। अस्पताल के सुचारू संचालन के लिए 50 डॉक्टरों (फिजिशियन, सर्जन, आर्थोपैडिक) और लगभग 100 पैरामेडिकल स्टाफ (नर्स, टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट) की ड्यूटी तीन पालियों में लगाई गई है। आपात स्थिति से निपटने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था के साथ-साथ, पास के अस्पतालों में आईसीयू और सामान्य बेड भी रिजर्व रखे गए हैं।