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एमपी में असम के गैंडे लाने की योजना, वन्यजीवों के आदान-प्रदान की प्रक्रिया शुरू

भोपाल   जल्द ही असम राज्य के गैंडे मध्य प्रदेश के जंगलों या ज़ू में चहलकदमी करते नजर आएंगे। इस योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव  गुवाहाटी में राष्ट्रीय वस्त्र मंत्रियों के सम्मेलन में शामिल हुए । यहां असम के मुख्यमंत्री डॉक्टर हिमंत बिस्वा सरमा के साथ उनकी महत्वपूर्ण चर्चा वन्यजीवों के आदान-प्रदान को लेकर हुई  । मध्य प्रदेश और असम के बीच वन्यजीवों का आदान-प्रदान जल्द ही हकीकत बन जाएगा। मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव  गुवाहाटी गए थे । राष्ट्रीय वस्त्र मंत्रियों के सम्मेलन के इतर वे असम के मुख्यमंत्री डॉक्टर हिमंत बिस्वा सरमा से मुलाकात करेंगे और इस मुद्दे पर विस्तार से बातचीत करेंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, असम से गैंडों को मध्य प्रदेश लाने और मध्य प्रदेश में विलुप्त हो चुकी जंगली भैंसों की पुनर्स्थापना पर फोकस रहेगा। बदले में मध्य प्रदेश से बाघ और मगरमच्छ असम को देने का विचार है। दोनों राज्यों ने इस संबंध में केंद्र सरकार को अपना प्रस्ताव भी भेज दिया है। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य इससे पहले भी दोनों राज्यों के बीच इस तरह की चर्चा हो चुकी है और अब ये दौरा इसे आगे बढ़ाने का बड़ा मौका है। वहीं, गुवाहाटी में आयोजित राष्ट्रीय वस्त्र सम्मेलन में केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह भी मौजूद रहेंगे। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य देश के वस्त्र उद्योग के समग्र विकास को गति देना है। यहां कपड़ा उद्योग में निवेश, रोजगार सृजन, नवाचार, कौशल विकास, आधुनिक मांग के अनुसार उत्पादन और राज्यों के बीच सहयोग पर विचार-विमर्श होगा। मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव इस मंच पर मध्य प्रदेश की वस्त्र उद्योग नीति, उद्योग-अनुकूल माहौल, निवेश के अवसर और राज्य के उपलब्ध संसाधनों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करेंगे।

एमपी कर्मचारियों का वेतन बढ़ेगा, 3 हजार से लेकर 5 हजार तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव कैबिनेट में भेजा

भोपाल  एमपी के कर्मचारियों, अधिकारियों को जल्द ही बड़ी सौगात मिलेगी। उनके वेतन में 5 हजार तक की बढ़ोत्तरी होगी। प्रदेश के शिक्षा विभाग के अमले को यह लाभ मिलेगा। विभाग के टीचर्स के साथ सहायक संचालक स्तर के अधिकारियों तक के वेतन में इजाफा होगा। चतुर्थ समयमान-क्रमोन्नत वेतनमान (Fourth time-scale-based promotional pay scale) मिलने से उन्हें यह लाभ प्राप्त होगा। स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया चौथे समयमान वेतनमान संबंधी प्रस्ताव अंतिम रूप से तैयार कर कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेज दिया है। शिक्षा विभाग में 35 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके टीचर्स व अन्य संवर्गों को इसका लाभ मिलेगा। अनुमान के मुताबिक विभाग के करीब सवा लाख कर्मचारियों को चौथे समय मान वेतनमान का लाभ मिलेगा। ये सभी टीचर्स, कर्मचारी, अधिकारी पिछले 3 साल से इसका इंतजार कर रहे हैं। कैबिनेट में मंजूरी के लिए भेज दिया स्कूल शिक्षा विभाग के उपसचिव कमल सिंह सोलंकी के अनुसार पात्र टीचर्स, हेड मास्टर, प्रिंसीपल व अन्य अधिकारियों को चौथा समयमान-क्रमोन्नत वेतनमान देने का प्रस्ताव है। इसे कैबिनेट में मंजूरी के लिए भेज दिया गया है। शिक्षा विभाग के प्राइमरी, मिडिल व अन्य टीचर्स, लेक्चरर्स, प्रिंसीपल्स और सहायक संचालक स्तर के ऐसे अधिकारियों को चौथा समयमान वेतनमान मिलेगा जिनके विभाग में 35 साल पूरे हो चुके हैं। बता दें कि स्कूल शिक्षा विभाग में सीधी भर्ती के लेक्चरर्स और प्रिंसीपल्स को यह लाभ मिल चुका है लेकिन पदोन्नत होकर आए टीचर्स और अन्य अधिकारी इससे वंचित हैं। कम से कम 3 हजार रुपए और अधिकतम 5 हजार रुपए का लाभ मध्यप्रदेश शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष क्षत्रवीर सिंह राठौर बताते हैं कि चतुर्थ समयमान लागू होने से टीचर्स को हर महीने कम से कम 3 हजार रुपए और अधिकतम 5 हजार रुपए का लाभ होगा। शिक्षा विभाग के उपसचिव कमल सिंह सोलंकी के अनुसार चौथे समयमान वेतनमान से विभाग पर करीब 312 करोड़ रुपए का आर्थिक भार आएगा। कैबिनेट की अनुमति मिलते ही इसके आदेश जारी कर दिए जाएंगे। पात्र टीचर्स व अधिकारियों के वेतन में बढ़ोतरी शुरू हो जाएगी।