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ग्रामीणों को हो रही आने जाने में असुविधा पहुंच मार्ग हुआ गड्ढे पत्थरों में तब्दील

छबिलाल राजेंद्रग्राम भालू छुआ मार्ग जर्जर सड़क में ग्रामीणों को आने जाने में असुविधा हो रही है यह मार्ग भालू छुआ व परसेल के ग्रामीण जनो को आने-जाने  में सहज एवं सही मार्ग बताया जाता है जो कि यह मार्ग सीधा भालू चूहा से जरही के लिए निश्चित है और जरही से राजेंद्रग्राम के लिए मुख मार्ग तैनात है जिसमें कच्ची सड़क  व घाट चढ़ने में हो रही परेशानियों का सामना करते है।  ग्रामीणों का कहना है कि रास्ता चलने पर डर के कारण भय बना रहता है अगर गलती से पैर फिसल जाए व एक पत्थर गिर जाए तो जान जोखिम में हो सकता है लेकिन किसी अधिकारी या कर्मचारी पंचायत अधिकारियों को तनिक भी ग्रामीणों का परवाह नहीं है। इन ग्रामीणों के लोग करते हैं जर्जर सड़क में आवागमन  ग्रामीणों के द्वारा बताया गया की इस जर्जर मार्ग पर लगभग 5 से 6 ग्राम पंचायतो के ग्रामीणों का आवागमन रहता है जैसे भालू चूआ, परसेल कला, मौहारी, के पढ़ने वाले विद्यार्थियों का भी आवा गमन रहता है जो की शासकीय हाई स्कूल जरही में स्थित है बच्चे अपना समस्या किसको बताएं कोई सुनने वाला ही नहीं है। और सबसे ज्यादा बरसात के मौसम में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है

टेनिस की दिग्गज वीनस विलियम्स फिर चर्चा में, इंडियन वेल्स में एंट्री से बढ़ा रोमांच

नई दिल्ली दिग्गज अमेरिकी टेनिस खिलाड़ी और 7 बार की ग्रैंड स्लैम चैंपियन वीनस विलियम्स को इस साल के इंडियन वेल्स टूर्नामेंट में वाइल्ड कार्ड एंट्री मिली है। टूर्नामेंट के आयोजकों ने वीनस को वाइल्ड कार्ड एंट्री दिए जाने की पुष्टि की है। 1-15 मार्च तक दक्षिणी कैलिफोर्निया में होने वाले इस टूर्नामेंट में वीनस विलियम्स एकल और डबल्स दोनों श्रेणियों में हिस्सा लेंगी। वाइल्ड कार्ड एंट्री मिलने से उत्साहित वीनस विलियम्स ने कहा, "इंडियन वेल्स वापस जाना और कैलिफोर्निया में अपने घर लौटना बहुत अच्छा है। जबरदस्त फैंस के सामने खेलने जैसा कुछ नहीं है। मैंने इतने सालों में यहां बहुत सारी यादें बनाई हैं। मैं आयोजकों की शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने मुझे वापस बुलाया।" पूर्व वर्ल्ड नंबर वन और चार बार की ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट विलियम्स ने पहले भी इंडियन वेल्स में काफी सफलता हासिल की है। वह तीन बार सेमीफाइनल तक पहुंची हैं। आखिरी बार 2024 में वाइल्ड कार्ड एंट्री के माध्यम से ही उन्होंने टूर्नामेंट में हिस्सा लिया था। 45 साल की विलियम्स ने 2026 का कैंपेन ऑस्ट्रेलियन ओपन से शुरू किया था। उन्हें वाइल्ड कार्ड एंट्री मिली थी। हालांकि, वह पहले दौर से ही बाहर हो गई थीं, लेकिन ओपन एरा में ऑस्ट्रेलियन ओपन में हिस्सा लेने वाली सबसे उम्रदराज खिलाड़ी होने का रिकॉर्ड उन्होंने अपने नाम कर लिया। विलियम्स ने शुरुआती सेट में कड़ा मुकाबला जीता, लेकिन दूसरे सेट में डैनिलोविच ने बेसलाइन से वापसी की। सर्बियाई खिलाड़ी ने डिसाइडर में भी अपना नियंत्रण बनाए रखा, और अहम मौकों पर विलियम्स की सर्विस तोड़कर मैच अपने नाम कर लिया। हार के बावजूद, विलियम्स ने नौ एस और फर्स्ट-सर्व पॉइंट्स पर 71 प्रतिशत सफलता दर से सबको प्रभावित किया। हालांकि पांच डबल फॉल्ट महंगे साबित हुए। पिछले साल, वह पार्टनर लेयला फर्नांडीज के साथ यूएस ओपन डबल्स क्वार्टर-फाइनल में पहुंचीं थीं। इंडियन वेल्स टूर्नामेंट में वीनस के प्रदर्शन पर दुनियाभर के टेनिस फैंस की नजर रहेगी।

पलामू में बॉलीवुड अभिनेत्री जया प्रदा ने अरुणा शंकर के समर्थन में किया रोड शो

रांची. झारखंड में निकाय चुनाव के प्रचार का शोर शनिवार शाम पांच बजे पूरी तरह थम जाएगा. उससे पहले प्रत्याशी और उनके समर्थक जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं. इसी कड़ी में बॉलीवुड अभिनेत्री जया प्रदा पलामू पहुंचीं और भाजपा समर्थित मेयर प्रत्याशी अरुणा शंकर के समर्थन में रोड शो किया. चैनपुर से शिवाजी बाजार तक निकला काफिला जया प्रदा का रोड शो चैनपुर से शुरू हुआ. वहां से काफिला जिला स्कूल चौक, विष्णु मंदिर चौक होते हुए शिवाजी बाजार तक पहुंचा. पूरे रास्ते समर्थकों की भीड़ उमड़ी रही. जगह-जगह लोगों ने फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया. ढोल-नगाड़ों की थाप और जयकारों के बीच रोड शो आगे बढ़ता रहा. रोड शो के दौरान जया प्रदा के साथ मेयर प्रत्याशी अरुणा शंकर भी मौजूद रहीं. दोनों ने हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन किया और समर्थन की अपील की. बड़ी संख्या में समर्थक पार्टी के झंडे और बैनर लेकर नारे लगाते नजर आए. जनसभा में मांगा समर्थन शिवाजी बाजार पहुंचकर जया प्रदा ने एक जनसभा को संबोधित किया. उन्होंने लोगों से अरुणा शंकर को भारी मतों से विजयी बनाने की अपील की. उन्होंने कहा कि नगर विकास के लिए मजबूत और ईमानदार नेतृत्व जरूरी है. सभा में मौजूद हजारों समर्थकों ने नारों के साथ उनका उत्साह बढ़ाया. पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे. निकाय चुनाव के प्रचार के अंतिम चरण में आयोजित इस रोड शो ने पलामू की राजनीतिक सरगर्मी को और तेज कर दिया है. अब सबकी नजरें मतदान और उसके परिणाम पर टिकी हैं.

जब मंधाना का बल्ला चला, कंगारू हुए पस्त – टीम इंडिया की यादगार फतह

एडिलेड ओवल भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली गई 3 मैचों की टी20 सीरीज में 2-1 से ऐतिहासिक जीत हासिल की है। टीम इंडिया ने सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना के दम पर पहले बल्लेबाजी करते हुए 176 रन बनाए थे। इसके जवाब में ऑस्ट्रेलियाई टीम 9 विकेट के नुकसान पर 159 रन बना सकी और उन्हें मुकाबले में 17 रनों से हार का सामना करना पड़ा। भारत ने ऑस्ट्रेलिया की सरजमीं पर पहली बार कोई टी20 सीरीज जीती है। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारत ने पहली बार ऑस्ट्रेलिया में कोई द्विपक्षीय सीरीज में जीत हासिल की है। इससे पहले भारतीय टीम ने कभी भी द्विपक्षीय सीरीज नहीं जीती थी। मंधाना की शानदार पारी फिर गेंदबाजी में श्री चरणी और श्रेयंका पाटिल की बेहतरनी गेंदबाजी के दम पर कौर की अगुवाई वाली टीम इतिहास रचने में कामयाब रही। स्मृति मंधाना की शानदार बल्लेबाजी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे टी20 मैच में भारत की सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना का बल्ला जमकर हल्ला बोला। भारत ने इस मुकाबले में 19 रनों के स्कोर पर पहला विकेट गंवा दिया था लेकिन मंधाना पर इसका कोई असर नहीं हुआ। उन्होंने एक छोर को संभाले रखा और 55 गेंदों पर 82 रनों की पारी खेली। उनकी इस पारी में 8 चौके व 3 छक्के शामिल रहे। मंधाना के अलावा जेमिमा रोड्रिग्स ने शानदार खेल दिखाते हुए अर्धशतक लगाया। उन्होंने 56 गेंदों पर 4 चौकों की मदद से 56 रनों की पारी खेली। इन दोनों के अर्धशतक के दम पर भारत ने पहले बैटिंग करते हुए 6 विकेट के नुकसान पर 176 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया के लिए अनाबेल सदरलैंड सबसे कामयाब गेंदबाज रहीं। उन्होंने 4 ओवर में 34 रन खर्च करते हुए 2 विकेट अपने नाम किए। उनके अलावा किम गार्थ और सोफी मोलिनक्स ने एक-एक विकेट अपने नाम किए। ऑस्ट्रेलिया की मुकाबले में हार भारत के द्वारा दिए गए 177 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया की शुरूआत अच्छी नहीं रही। 32 रनों पर 3 विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद 63 रनों पर 4 और 98 रनों पर मेजबान ऑस्ट्रेलिया की आधी टीम पवेलियन लौट चुकी थी। हालांकि, एक छोर पर एश्ले गार्डनर डटी रही और उन्होंने 45 गेंदों पर 57 रनों की पारी खेली। उनकी पारी के दम पर ऑस्ट्रेलिया की टीम 159 रन बना सकी और उन्हें 17 रनों से हार का सामना करना पड़ा। भारत के लिए गेंदबाजी में श्रेयंका पाटिल और श्री चरणी ने कमाल की बॉलिंग की। श्रेयंका ने 4 ओवर में 22 रन खर्च करते हुए 3 विकेट हासिल किए, जबकि चरणी ने अपने स्पेल के दौरान 32 रन खर्चे और उन्हें भी 3 सफलता मिली। अरूंधति रेड्डी को 2, जबकि रेणुका ठाकुर को एक विकेट मिला। भारतीय महिला टीम की ऐतिहासिक जीत भारतीय महिला टीम ने बारिश से प्रभावित पहले मैच को डीएलएस नियम के तहत 21 रनों से जीता था। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया ने दूसरे मुकाबले में वापसी की और भारत को 19 रनों से हराया। हालांकि, तीसरा मुकाबला टीम इंडिया जीतने में कामयाब रही और इसी के साथ ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर पहली बार कोई द्विपक्षीय सीरीज जीता।  

डिलीवरी से मना करते रहे डॉक्टर, दर्द से कराहती रही गर्भवती – अस्पताल की बड़ी लापरवाही

सोनपुर प्रसव पीड़ा से कराहती एक स्वस्थ गर्भवती महिला को एचआईवी पॉजिटिव बताकर प्रसव कराने से इनकार किए जाने पर शनिवार की सुबह सोनपुर अनुमंडलीय अस्पताल में लोग हंगामा करने पर उतारू हो गए। इससे यहां अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई। बताया गया है कि नयागांव थाना क्षेत्र की गर्भवती महिला पहले भी यहां जांच के लिए कई बार आ चुकी थी। इस दौरान प्रसव पीड़ा से कराहती महिला को लेकर जब स्वजन अस्पताल पहुंचे, तो जांच के बाद उसे एचआईवी पॉजिटिव बताया गया। वहीं, प्रसव कराने से इनकार कर दिया गया। इस दौरान महिला दर्द से कराहती रही और स्वजन स्वास्थ्यकर्मियों से गुहार लगाते रहे, लेकिन अस्पताल का कोई भी कर्मी उसके समीप आने को तैयार नहीं हुए।इस दौरान स्वजनों के हंगामा और आसपास से जुटे लोगों की भीड़ से जब स्थिति बेकाबू होने लगी, तब आशा, ममता और परिवार की महिलाएं उसे अस्पताल के भीतर ले गई। जहां महिला ने एक बच्ची को जन्म दिया। एचआईवी पॉजिटिव नहीं थी महिला बताया गया है कि इसके पहले अस्पताल के तकनीशियन की जांच रिपोर्ट पर विश्वास नहीं होने पर एक निजी लैब से महिला की जांच कराई गई, तो उस रिपोर्ट में महिला को एचआईवी पॉजिटिव नहीं बताया गया।इस संबंध में पूछे जाने पर अनुमंडलीय चिकित्सालय की प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. पूनम सिंह ने बताया कि इस मामले को लेकर उन्होंने संबंधित कर्मियों को डांट-फटकार लगाई है। महिला के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए, जबकि महिला एचआईवी पॉजिटिव नहीं थी। उन्होंने बताया है कि महिला पहले से भी दो बच्चों की मां है। उसके पति बाहर कमाने गए है। अत्यंत ही गरीब परिवार की महिला आर्थिक अभाव के कारण किसी निजी अस्पताल में इलाज कराने में सक्षम नहीं थी। उसने प्रसव के लिए अनुमंडल चिकित्सालय को ही सुरक्षित समझा। इस घटना से अस्पताल की सेवा भाव के प्रति आम लोगों के बीच एक नकारात्मक संदेश जाएगा। ऐसी ही मरीजों का इलाज करने के लिए सरकार ने चिकित्सालय में सुरक्षित यूनिफार्म तथा एक अलग व्यवस्थित कमरे का सभी तरह का प्रबंध किया है।

मंत्री ने माँ परमेश्वरी की प्रतिमा की पूजा कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की

रायपुर समाज की प्रगति के लिए संगठित रहना आवश्यक – वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री देवांगन वाणिज्य एवं उद्योग, सार्वजनिक उपक्रम, वाणिज्यिक कर और श्रम विभाग मंत्री लखन लाल देवांगन आज देवांगन जनकल्याण समिति  दुर्ग द्वारा आयोजित माँ परमेश्वरी महोत्सव में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने देवांगन समाज की ईष्ट देवी माँ परमेश्वरी की प्रतिमा की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। महोत्सव को संबोधित करते हुए मंत्री लखन लाल देवांगन ने समाज की एकता और संगठन को मजबूत बनाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति के लिए संगठित रहना अत्यंत आवश्यक है। जब समाज संगठित रहेगा, तभी वह शिक्षा, व्यापार, शासकीय सेवा और राजनीति सहित हर क्षेत्र में आगे बढ़ सकेगा। उन्होंने कहा कि आज कई समाज विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति कर चुके हैं, लेकिन कुछ समाज अभी भी पीछे हैं। ऐसे में सभी समाजों को मिल-जुलकर कार्य करने की आवश्यकता है, ताकि हर व्यक्ति को आगे बढ़ने का अवसर मिल सके। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों की अच्छी शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा ही समाज को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाती है। मंत्री देवांगन ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री का भी यही उद्देश्य है कि समाज का हर वर्ग आगे बढ़े। उन्होंने प्रधानमंत्री के “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” के मंत्र को दोहराते हुए समाज के सर्वांगीण विकास की आवश्यकता पर बल दिया। प्रदेश के अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं दुर्ग ग्रामीण विधायक विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने देवांगन समाज को सुलझा हुआ और जागरूक समाज बताते हुए कहा कि यह समाज लंबे समय से व्यापार, कृषि और वस्त्र निर्माण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देता आया है। उन्होंने कहा कि जांजगीर-चांपा क्षेत्र में कोसा व्यापार में भी देवांगन समाज की अहम भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि कोई भी समाज तभी आगे बढ़ता है जब वह संगठित और मजबूत होकर चलता है, और इसके लिए शिक्षा अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण कई बार बेटा-बेटी आगे नहीं बढ़ पाते। समाज को ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए जिससे आर्थिक स्थिति मजबूत हो और बच्चों को आगे बढ़ने का अवसर मिले। उन्होंने कहा कि समाज को नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला समाज बनना चाहिए। इस दौरान खादी ग्रामोद्योग अध्यक्ष राकेश पाण्डेय ने महिलाओं से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण से ही समाज और प्रदेश का समग्र विकास संभव है। इस अवसर पर समाज के अध्यक्ष पुराणिक लाल देवांगन, कमलेश देवांगन, संकटलाल देवांगन, अशोक देवांगन, श्रीमती कल्पना देवांगन, श्रीमती तुलसी साहू सहित समाज के पदाधिकरण एवं जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

मध्य प्रदेश में शराब की नई दुकानें नहीं खुलेंगी, अहाते पर भी रोक; नई आबकारी नीति का असर

भोपाल  मध्य प्रदेश में अब नई आबकारी नीति लागू हो गई है। प्रदेश सरकार ने साल 2026-27 के लिए आबकारी नीति में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए जारी की गई नई नीति के तहत कहा गया कि, प्रदेश में कोई भी नई शराब दुकान नहीं खुलेगी। अहाते पहले की तरह अब भी बंद ही रहेंगे। वहीं, एक समूह को पांच से ज्यादा दुकानें आवंटित नहीं की जाएंगी। वहीं, कोई भी पुरानी शराब दुकान का नवीनीकरण नहीं किया जाएगा। ये शर्तें माननी होंगी नर्मदा नदी के तट से 5 किलोमीटर की दूरी के प्रतिबंध यथावत रहेगा। -मदिरा दुकानों की दूरी: मदिरा दुकानों को नर्मदा के तट से 5 किलोमीटर की दूरी के प्रतिबंध के साथ यथावत रखा गया है -पवित्र नगरों में प्रतिबंध: पवित्र नगरों में मदिरा दुकानों के प्रबंधन को यथावत रखा गया है -नई दुकानें नहीं: कोई भी नवीन मदिरा दुकान नहीं खोले जाने का निर्णय लिया गया है -अहाते बंद: मदिरा दुकानों के अहाते नहीं खोले जाएंगे, उन्हें पूर्ववत बंद रखा जाएगा -नवीनीकरण बंद: मदिरा दुकानों के नवीनीकरण का विकल्प समाप्त कर दिया गया है -ई-टेंडर और ई-ऑक्शन: समस्त 3553 मदिरा दुकानों का निष्पादन ई-टेंडर और ई-ऑक्शन के माध्यम से किया जाएगा -आरक्षित मूल्य: ई-टेंडर और ई-ऑक्शन के लिए मदिरा दुकानों का आरक्षित मूल्य, वर्तमान वर्ष के मूल्य में 20 प्रतिशत की वृद्धि कर निर्धारित किया जाएगा -समूह बनाना: ई-टेंडर और ई-ऑक्शन के लिए मदिरा दुकानों के समूह बनाये जाएंगे। अधिकतम 5 मदिरा दुकानों का एक समूह बनाया जा सकेगा -वर्गीकरण: आरक्षित मूल्य के आधार पर, जिले के समूह को तीन-चार बैच में वर्गीकृत किया जाएगा। -बैच आधारित कार्यवाही: बैच के आधार पर तीन-चार चरण में ई-टेंडर और ई-ऑक्शन की कार्यवाही की जाएगी। -जालसाजी रोकथाम: जालसाजी की आशंकाओं को समाप्त करने के लिए प्रतिभूति राशि के रूप में सिर्फ ई-चालान/ई-बैंक गारंटी ही मान्य की जाएगी। साधारण बैंक गारंटी एवं सावधि जमा (FD) मान्य नहीं होगी। दस्तावेज़ में निम्नलिखित मुख्य बिंदु हैं -मदिरा की ड्यूटी दरें: विनिर्माण इकाई, बार आदि की लाइसेंस फीस यथावत रखी गई है। -निर्यात प्रोत्साहन: ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस को दृष्टिगत रखते हुए निम्नानुसार प्रावधान किए गए हैं- मदिरा के विनिर्माताओं को अपने उत्पाद की कीमत के अनुमोदन की -आवश्यकता नहीं है; विनिर्माता पोर्टल पर निर्धारित व्यवस्था अनुसार अपने उत्पाद की कीमत घोषित कर सकेंगे। -देश के बाहर मदिरा के निर्यात को प्रोत्साहन देने के लिए फीस में संशोधन, लेबल पंजीयन में सरलीकरण आदि प्रावधानित किया गया है। -प्रदेश के आदिवासियों स्वसहायता समूहों द्वारा महुआ से निर्मित मदिरा को अन्य राज्यों में ड्यूटी मुक्त कराने के लिए उनके राज्यों की हेरिटेज अथवा विशेष मदिरा को प्रदेश में ड्यूटी फ्री करने के प्रावधान किया गया।

सेवा ही सबसे बड़ा उत्सव – जन्मदिन पर CM साय का रक्तदान अभियान

रायपुर जन्मदिन पर सेवा का संदेश: मुख्यमंत्री साय ने जन्मदिन पर रक्तदान शिविर का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने 62वें जन्मदिन के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास परिसर में आयोजित रक्तदान शिविर का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने भगवान धन्वंतरि की पूजा-अर्चना की तथा रक्तदाताओं को सम्मानित कर उन्हें प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री के 62वें जन्मदिन के अवसर पर अल्फा ग्लोब फाउंडेशन, रायपुर तथा शिवनाथ ब्लड सेंटर द्वारा 62 लोगों के रक्तदान की विशेष व्यवस्था की गई थी। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि रक्तदान महादान है और यह मानवता की सच्ची सेवा है। उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं, प्रसव एवं गंभीर बीमारियों के दौरान जब मरीजों को रक्त की आवश्यकता पड़ती है, ऐसे में रक्तदान मरीजों के जीवन में नई आशा का संचार करता है। उन्होंने कहा कि शिविर में रक्तदाताओं को प्रमाणपत्र भी प्रदान किए गए हैं, जिससे आवश्यकता पड़ने पर वे या उनके परिजन निःशुल्क रक्त प्राप्त कर सकेंगे।  उल्लेखनीय है कि संस्था द्वारा एक वर्ष में लगभग 11 हजार यूनिट रक्त संग्रह का संकल्प लिया गया है तथा जरूरतमंदों को निःशुल्क रक्त उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभिन्न ब्लड बैंकों के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा। इस अवसर पर सुरक्षित यातायात जागरूकता अभियान का भी आयोजन किया गया।  मुख्यमंत्री साय ने युवाओं से वर्ष में कम से कम एक बार रक्तदान करने तथा सड़क यातायात नियमों का हर समय पालन करते हुए जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने सभी रक्तदाताओं, आयोजकों, चिकित्सक दल एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए शिविर की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, सीजीएमएससी के चेयरमैन दीपक म्हस्के, छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल के अध्यक्ष नीलू शर्मा सहित, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजु एस सहित वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधिगण तथा अल्फा ग्लोब फाउंडेशन, रायपुर की संचालक डॉ. पूनम अग्रवाल, संस्थान के अन्य प्रतिनिधि और रक्तदाता उपस्थित थे।

विधानसभा में सीएम हेमंत बोले- झारखंड का ‘डेवलपमेंट मॉडल’ अपना रहे दूसरे राज्य

रांची. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि राज्य सरकार के कार्य कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर दिख रहे हैं. पहले हम दूसरे राज्यों के कार्यों को सराहते हुए उन्हें अपने राज्य में अपनाते थे. अब दिन पलट गये हैं. झारखंड के डेवलपमेंट का मॉडल दूसरे राज्य अपना रहे हैं. यह छोटी बात नहीं है. कहावत है कि पेड़ लगायेंगे बबूल का, तो आम कहां से फलेगा. लेकिन विपक्ष द्वारा राज्य में लगाये गये बबूल के पेड़ों को हटा कर हमने आम के वृक्ष लगाये. अब उसका लाभ राज्य के हर व्यक्ति को मिल रहा है. वह सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर हुई चर्चा के बाद सदन में बोल रहे थे. झारखंड में बनेगा अंगदान कानून मौके पर उन्होंने झारखंड सरकार द्वारा अंगदान पर कानून बनाने की घोषणा की. श्री सोरेन ने कहा कि दुर्घटना में ब्रेनडेड हो गयी 10 महीने की बच्ची आलिन शेरिन अब्राहम का अंगदान उसके परिवार ने किया. उसकी माता शेरिन अब्राहम और पिता अरुण अब्राहम ने अपने जिगर के टुकड़े को देश के लिए समर्पित कर दिया. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार झारखंड में अंगदान को लेकर कानून बनायेगी और इसका लाभ आम लोगों तक पहुंचाने के लिए काम करेगी. सरकार की उपलब्धियों को मानने लगा है विपक्ष इसके पहले सीएम हेमंत सोरेन सदन में विपक्ष को धन्यवाद दिया. कहा कि सदन में विपक्ष के गिने-चुने लोग ही मौजूद हैं. ऐसा लगता है विपक्ष ने भविष्य में होनेवाली स्थिति को पहले ही भांप लिया है. विपक्ष की उपस्थिति देखकर लग रहा है कि वह भी सरकार की उपलब्धियों को मानने लगा है. इसी कारण विपक्ष ने अभिभाषण में किसी तरह का संशोधन प्रस्ताव भी नहीं लाने की जरूरत नहीं समझी. राज्यपाल ने जिन चीजों को सदन के समक्ष रखा, वह सभी चीजें राज्य की जनता के सामने हैं. देश की सभी डबल इंजन की सरकारें ध्वस्त होंगी सीएम ने कहा कि सबने राज्य ने डबल इंजन की सरकार का हाल देखा. कई दूसरे राज्य अभी देख भी रहे हैं. काफी जल्द देश की सभी डबल इंजन की सरकारें ध्वस्त होंगी. कई चुनौतियों के बाद भी हमने संविधान और परंपराओं को मजबूत करते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की. अगर नीयत साफ और संकल्प दृढ़ हो, तो सरकार सीमित संसाधनों में भी काफी काम कर सकती है. 25 सालों के झारखंड में हमने जो लकीर खींची है, उसे मिटाना विपक्ष के बस की बात नहीं है. राज्य सरकार के कार्यों से विपक्ष घबराया मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन में हम विपक्ष की बात संयम से सुनते हैं, लेकिन दिल्ली में विपक्ष के नेता को बोलने से रोक दिया जाता है. राज्य सरकार के कार्यों से विपक्ष घबरा गया है. उन्होंने कहा कि हमने झारखंड को अग्रणी बनाने का संकल्प लिया है. यह बहुत बड़ी चुनौती है. केंद्र के साथ हमारे संबंध भी बहुत खुले तौर पर सबके सामने हैं, लेकिन इच्छाशक्ति और दृढृ संकल्प के साथ हर असंभव काम संभव हो सकता है. सरकार की मूल जिम्मेवारी गरीब-गुरबा का सहारा बनना है और हम पूरी सफलता के साथ यह काम कर रहे हैं. केंद्र को किसान और मजदूर के भविष्य की चिंता नहीं श्री सोरेन ने कहा कि देश व राज्य का विकास धरातल पर काम करने से होता है. झाखंड सरकार गांव से चलने वाली सरकार है. हम जानते हैं कि गांव मजबूत होगा, तभी शहर और राज्य मजबूत होगा. दिल्ली में फर्जी एआइ समिट किया जा रहा है. चीन से लाकर सामान वहां दिखाया जा रहा है. विपक्ष के शीर्ष नेताओं की यही हालत है. पूरा देश गिरवी रखा जा रहा है. केंद्र को किसान, मजदूर के भविष्य की चिंता नहीं है. चर्चा धान क्रय के भविष्य पर होनी चाहिए. नमक, तेल, दाल, चावल, आटा सब बाहर से मंगायेंगे, तो यहां के किसान क्या करेंगे. किसान फिर से आत्महत्या करने के लिए मजबूर होंगे. देश के 80% रोज कमाने-खाने वाले लोगों के बारे में नहीं सोचा जा रहा है. सीएम ने कहा कि मणिपुर की हालत बिगड़ती जा रही है. एक राज्य दूसरे राज्य के पुलिस फोर्स से खूनी संघर्ष करता है. हिंदू-मुस्लिम के जहर का समंदर बना दिया गया है. मानवता तार-तार कर दी गयी है. विरोध में आवाज उठानेवालों पर देशद्रोह का आरोप लगा कर चुप कराया जा रहा है. अब तो एआइ समिट का विरोध करने वालों को भी देशद्रोही बताया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस वैश्विक मंच पर शिरकत करने मैं दाओस गया था, उसके मुख्य अतिथि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप थे. वहां उनका भी विरोध हुआ, लेकिन किसी को देशद्रोही नहीं कहा गया. देश ऐसे दौर से गुजर रहा है, कि देश के अंदर ही हम खुद को बेगाना महसूस करते हैं.

62वें जन्मदिवस पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जगन्नाथ मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने 62वें जन्मदिवस के अवसर पर जशपुर जिले के दोकड़ा स्थित ऐतिहासिक एवं प्राचीन जगन्नाथ मंदिर पहुँचकर भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा की विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय तथा परिवार के अन्य सदस्य भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री साय ने मंदिर परिसर में परिक्रमा कर भगवान से आशीर्वाद प्राप्त किया तथा प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और कल्याण की मंगलकामना की। उन्होंने प्रदेश में शांति, खुशहाली और निरंतर प्रगति के लिए विशेष प्रार्थना करते हुए कहा कि जनकल्याण ही शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और प्रदेश के विकास के लिए सरकार निरंतर प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर विधायक श्रीमती गोमती साय, कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा, आईजी दीपक कुमार झा, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उम्मेद सिंह सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।