samacharsecretary.com

39 दिनों की आस्था: महाकाल के दरबार में सवा करोड़ भक्तों ने नवाया शीश, चढ़े 30 करोड़

उज्जैन
ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में श्रावण-भाद्रपद मास में भगवान महाकाल के दर्शन करने आए भक्तों की भेंट से राजाधिराज महाकाल का खजाना एक बार फिर भर गया है। मंदिर समिति को 29 करोड़ 61 लाख रुपये की आय हुई है, जो बीते तीन सालों में (श्रावण-भाद्रपद मास में) सर्वाधिक है। इस साल 39 दिनों चले महापर्व के दौरान भक्तों की संख्या ने भी नया रिकॉर्ड बनाया है।

देश-विदेश से आए सवा करोड़ भक्त
मंदिर प्रशासन के अनुसार इस दौरान देश विदेश से आए सवा करोड़ भक्तों ने अवंतिकानाथ को शीश नवाया। मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया महाकालेश्वर मंदिर में 11 जुलाई से 18 अगस्त तक श्रावण-भाद्रपद मास का उल्लास छाया रहा।

हर दिन आए तीन लाख से ज्यादा भक्त
39 दिनों तक चले इस महा महोत्सव में प्रतिदिन औसतन सवा तीन लाख भक्तों ने भगवान महाकाल के दर्शन किए। श्रद्धालुओं की यह संख्या वर्ष 2023-24 के मुकाबले 38.9 प्रतिशत अधिक रही। वर्ष 2023 में प्रतिदिन औसतन ढाई लाख दर्शनार्थियों ने भगवान महाकाल के दर्शन किए थे।
 
इस बार देखी गई आय में बढ़ोतरी
वर्ष 2024 में भक्तों की संख्या कम रही। प्रतिदिन औसतन सवा दो लाख भक्तों ने ही भगवान महाकाल के दर्शन किए थे। दर्शनार्थियों की संख्या के अलावा इस बार शीघ्र दर्शन टिकट, लड्डू प्रसाद की बिक्री, भेंट पेटी में आई दान राशि तथा अन्य स्रोत से हुई आय में भी बीते सालों के मुकाबले बढ़ोतरी हुई है। मंदिर को शीघ्र दर्शन टिकट मद में 10.79 करोड़ रुपये, लड्डू प्रसाद विक्रय से 10.13 करोड़ रुपये की आय हुई। जबकि भेंट पेटियों से 5.23 करोड़ रुपये व दान से 3.26 करोड़ रुपये की आय हुई है।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here