samacharsecretary.com

शरद पवार ने बताया- किसी की विचारधारा पसंद नहीं आने पर उसे नक्सली कहने का चलन बढ़ा

मुंबई
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने कहा है कि अगर किसी का काम या विचारधारा पसंद नहीं आए तो उसे नक्सल करार देने का चलन बढ़ गया है। पवार ने शिवसेना की विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) मनीषा कायंदे की टिप्पणी पर यह बात कही। बता दें मनीषा कायंदे ने बुधवार को विधान परिषद में दावा किया था कि अर्बन नक्सलियों ने वारी वार्षिक तीर्थयात्रा में घुसपैठ की है और वे वारकरियों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।

पवार ने कहा कि मुझे इस बारे में पूरी जानकारी नहीं है, लेकिन जिन दो संगठनों के नाम मीडिया के जरिए सामने आए हैं, उनमें से एक है लोकायत। मैंने लोकायत का काम देखा है। पवार ने कहा कि इस संगठन का दृष्टिकोण आधुनिक है और पिछले कई सालों से रूढ़िवादिता के खिलाफ काम कर रहा है। वे नक्सली नहीं हैं। अगर किसी का काम या विचारधारा स्वीकार नहीं है तो उसे नक्सली करार देने का चलन बढ़ रहा है।

एनसीपी प्रमुख पवार ने कहा कि पुणे में एल्गार परिषद और कोरेगांव भीमा में जाति हिंसा के बाद माओवादियों के साथ संबंध रखने के आरोप में कई लोगों को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया था। उन्होंने दावा किया कि यहां भी यही हो सकता है आज, राज्य सरकार उन विचारधाराओं के लिए लोगों को नक्सली करार दे रही है, जो उसे स्वीकार नहीं। पवार ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी, शिवसेना (यूबीटी) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) द्वारा 5 जुलाई यानी शनिवार को आयोजित किए जा रहे कार्यक्रम में हिस्सा लेगी जिसमें तीन नीति के मुद्दे पर जीत का जश्न मनाया जाएगा।

 

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here