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शांति वार्ता का अगला दौर बुधवार को तुर्की में होगा, पुतिन बोले- जेलेंस्की सही नेता नहीं

तुर्की 
यूक्रेन और रूस के बीच लंबे समय से चल रही जंग को खत्म करने के लिए नई कोशिशें फिर शुरू होने वाली हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति  वलोडिमिर ज़ेलेंस्की  ने बताया कि यूक्रेन की राष्ट्रीय सुरक्षा एवं रक्षा परिषद के प्रमुख रुस्तम उमरोव के हवाले से पुष्टि हुई है कि शांति वार्ता का अगला दौर बुधवार को तुर्की में होगा। जेलेंस्की ने अपने वीडियो संदेश में कहा,  “आज मैंने अपने प्रमुख नेता रुस्तम उमरोव के साथ कैदियों की अदला-बदली की तैयारी और रूसी पक्ष के साथ तुर्की में बैठक पर चर्चा की। उमरोव ने बताया कि बैठक बुधवार को तय है, और बाकी जानकारी कल दी जाएगी।” 

रुस्तम उमरोव हाल ही में यूक्रेन की राष्ट्रीय सुरक्षा एवं रक्षा परिषद के सचिव नियुक्त किए गए हैं। इससे पहले वह देश के रक्षा मंत्री रह चुके हैं और रूस के साथ पहले दो दौर की शांति वार्ता का नेतृत्व भी कर चुके हैं। कीव में अपने राजनयिकों की बैठक में ज़ेलेंस्की ने साफ कहा था कि  “युद्ध खत्म करने के लिए हमें वार्ता में तेजी लानी होगी। हमारा एजेंडा बिलकुल साफ है  युद्धबंदियों की वापसी, रूस द्वारा अगवा किए गए बच्चों की घर वापसी और नेताओं की सीधी मुलाकात की तैयारी।” क्रेमलिन ने कहा है कि वह वार्ता की तारीख को लेकर सहमत होने का इंतजार कर रहा है, लेकिन दोनों पक्ष अब भी युद्ध खत्म करने के तरीके पर एक-दूसरे से काफी अलग हैं।

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पहले जेलेंस्की के आमने-सामने मिलने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया था। पुतिन का कहना है कि ज़ेलेंस्की को वह सही नेता नहीं मानते क्योंकि यूक्रेन ने उनके कार्यकाल की समाप्ति के बाद नया चुनाव नहीं कराया। यूक्रेन और रूस ने इस साल 16 मई और 2 जून को इस्तांबुल में दो दौर की वार्ता की थी। इसके बाद हजारों युद्धबंदियों और मृत सैनिकों के शवों का आदान-प्रदान किया गया। हालांकि संघर्ष विराम या शांति समझौते को लेकर अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। इस बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप  ने चेतावनी दी है कि अगर कोई समझौता नहीं होता तो वह रूस और उसके तेल-गैस खरीदने वाले देशों पर 50 दिनों के भीतर नए कड़े प्रतिबंध लगा देंगे।

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