samacharsecretary.com

माता-पिता की सेवा ही सच्चा धर्म: बेटा बना श्रवण कुमार, 20 KM पैदल चला कोटेश्वर धाम

बालाघाट/लांजी
 कहते हैं भक्ति और सेवा जब साथ चलें, तो वह दृश्य अद्वितीय बन जाता है। सावन माह में भगवान शिव की भक्ति के ऐसे ही एक अलौकिक दृश्य ने हर किसी को भावुक कर दिया। लांजी के प्रसिद्ध कोटेश्वर धाम में जब तीन बेटों ने अपने वृद्ध माता-पिता को खाट पर बैठाकर 20 किलोमीटर पैदल यात्रा पूरी की, तो हर किसी को श्रवण कुमार की याद आ गई।

यह दृश्य सोमवार शाम को कोसमारा से लांजी के बीच दिखा। भीमराज नेताम, अनोत नेताम और दुर्गेश नेताम नामक 3 भाई अपने माता-पिता जयलाल नेताम और सुगन बाई नेताम को खाट पर बिठाकर कांवड़ यात्रा के रूप में कोटेश्वर धाम ले जा रहे थे। उनके साथ चाचा जलम नेताम और अन्य स्वजन भी थे।

वर्षों पुरानी मनोकामना हुई पूरी

भीमराज नेताम ने बताया कि दो वर्ष पहले उनके मन में यह संकल्प आया था कि वे अपने माता-पिता को कांवड़ में लेकर भगवान कोटेश्वर का जलाभिषेक करवाएंगे। गांव में शिव मंदिर का निर्माण हो चुका था, लेकिन कोटेश्वर धाम ले जाने की मनोकामना अधूरी रह गई थी। इस बार सावन में सभी भाइयों ने मिलकर प्रण किया कि इस बार वह यह सेवा पूर्ण करेंगे और अंततः सोमवार को उन्होंने अपने संकल्प को पूरा कर दिखाया।

बोल बम के जयकारों के साथ जैसे-जैसे वे रास्ता तय कर रहे थे, हर कोई उन्हें श्रद्धा से निहार रहा था। रास्ते में पड़ने वाले गांवों के लोगों ने उन्हें पानी पिलाया, विश्राम करवाया और श्रवण कुमार की उपाधि दी। कोटेश्वर धाम पहुंचकर उन्होंने विधिपूर्वक भगवान शिव का जलाभिषेक किया। इसके बाद उसी मार्ग से वे अपने माता-पिता को वापस कोसमारा ले गए।

हर-हर महादेव का जयकारा करते निकले कांवड़िये

पवित्र श्रावण माह के दूसरे सोमवार को शहपुरा-भिटौनी में करीब 7 km की कांवड़ यात्रा निकाली गई। इस यात्रा में हजारों की संख्या में महिलाएं, बच्चे और बड़े शामिल हुए, जिन्होंने नर्मदा तट के मालकछार घाट से जल भरकर प्रसिद्ध सफेद शिवलिंग सीतासरोवर मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक किया। आयोजक विश्वजीत सिंह और राजदीप राय ने बताया कि पिछले तीन वर्षों से यह यात्रा निकाली जा रही है, जिससे वे शिव भक्त भी जुड़ पाते हैं जो लंबी कांवड़ यात्रा नहीं कर सकते। इस यात्रा से वे अपनी आस्था और महत्वाकांक्षाओं को नर्मदा जल से अभिषेक कर पूरा कर पा रहे हैं।

बेलखाड़ू में कांवड़ यात्रा का किया स्वागत

श्रावण मास के दूसरे सोमवार को विश्व हिंदू परिषद महिला शक्ति द्वारा गौरीघाट से कटंगी तक की 56 km लंबी कांवड़ यात्रा निकाली। यात्रा की शुरुआत मां नर्मदा के पूजन-अर्चन से हुई, जिसके बाद लड़कियों और महिला कांवड़धारियों ने 'बम भोले' के जयकारे लगाते हुए पैदल चलकर अपने कंधे पर कांवड़ रखी। ग्राम बेलखाडू के माल बाबा मंदिर, सिमरिया तिराहा और अन्य स्थानों पर शिव भक्तों ने उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान जगह-जगह स्टॉल लगाकर फल, मिठाई और भोजन-पानी भी वितरित किया गया। स्वागत करने के लिए कटंगी नगर परिषद अध्यक्ष अमिताभ साहू, मंडल अध्यक्ष कटंगी भूपेंद्र सिंह ठाकुर, राजू शुक्ला, अरविंद साहू, जतिन उपाध्याय, रज्जी शुक्ला, तनु जानू शिवहरे, गनेश साहू, पीयूष साहू आदि उपस्थित रहे।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here