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मौसम अपडेट: एमपी में भारी बारिश से राहत, कुछ इलाकों में हल्की फुहारें; रायसेन अभी भी प्रभावित

भोपाल 

मध्यप्रदेश में इस मानसूनी सीजन में 28 इंच बारिश हो चुकी है, जो कोटे की 74 प्रतिशत है। पूर्वी हिस्से यानी- जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में मानसून जमकर मेहरबान रहा। इस वजह से बाढ़ के हालात भी बन गए। हालांकि, अब भारी बारिश का दौर थम गया है। 

इससे पहले गुरुवार को 15 से अधिक जिलों में हल्की बारिश का दौर जारी रहा। इनमें भोपाल, बैतूल, दतिया, गुना, ग्वालियर, नर्मदापुरम, पचमढ़ी, दमोह, जबलपुर, मंडला, रीवा, बालाघाट, शाजापुर, सीहोर, देवास शामिल हैं।कहीं भी अति भारी या भारी बारिश नहीं हुई। मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर-जबलपुर समेत पूरे प्रदेश में हल्की बारिश का दौर रह सकता है। कहीं भी भारी बारिश का अलर्ट नहीं है।

पूर्वी हिस्से में ज्यादा गिरा पानी मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी हिस्से में अब तक 62 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 55 प्रतिशत पानी ज्यादा गिर चुका है।

रायसेन में बेतवा ने विकराल रूप लिया, खेत-मंदिर और पुल डूब गए

    पिछले दो से तीन दिन तक रायसेन जिले में अति भारी बारिश का दौर रहा। गुरुवार को बारिश थमी, लेकिन हालात गंभीर नजर आए। बेतवा नदी ने विशाल रूप ले लिया। आसपास के खेत, मंदिर और पुल डूब गए। हर तरफ सिर्फ पानी ही नजर आया।

    श्योपुर में पार्वती नदी की बाढ़ में बहे चाचा-भतीजे के शव खेत में एक-दूसरे से लिपटे हुए मिले। शिवपुरी में माधव टाइगर रिजर्व की सांख्य सागर झील ओवरफ्लो हो गई। सागर के देवरीकलां में संजय नगर स्थित रामघाट नाले में एक महिला बह गई। एनडीआरएफ की 30 सदस्यीय टीम पहुंची, जो सर्चिंग करती रही। वंदना साहू मंगलवार को सुबह 9 बजे नाग पंचमी पर रामघाट मंदिर में पूजन करके घर लौट रही थी। पुल पर से गुजरने के दौरान पानी के तेज बहाव में बह गई थी।

    खंडवा में इंदिरा सागर बांध के 12 गेटों से पानी छोड़ा गया। इनमें 8 गेट 4 मीटर और 4 गेट साढ़े तीन मीटर तक खोले गए। पावर स्टेशन पर पूरी क्षमता के साथ बिजली उत्पादन किया जा रहा है। इसके चलते नर्मदा में बाढ़ के हालात हैं।

    खंडवा के मोरटक्का में प्राचीन जाबरेश्वर महादेव मंदिर में पानी पहुंच गया। लोगों का कहना है कि बरसों से देखते आ रहे हैं कि नर्मदा मैया हर साल जबरेश्वर महादेव का जलाभिषेक करने आती हैं।

अभी भारी बारिश का अलर्ट नहीं सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि गुरुवार को कुछ जिलों में बारिश का दौर रहा, लेकिन अगले चार दिन तक कहीं भी भारी बारिश का अलर्ट नहीं है। सिस्टम एक्टिव होने के बाद फिर से तेज बारिश का दौर चलेगा।

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