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स्कूल मान्यता रद्द पर सरकार का आश्वासन – सभी बच्चों को दूसरे संस्थानों में मिलेगा प्रवेश

भोपाल
 प्रदेश के 250 निजी स्कूलों की मान्यता समाप्त कर दी गई है। इन स्कूलों में अध्ययनरत करीब 25 हजार विद्यार्थियों को नजदीक के सरकारी स्कूलों में प्रवेश का विकल्प दिया गया है। लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआइ) ने सभी जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) को इस संबंध में व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कहा गया कि ऐसे विद्यार्थियों को एक सप्ताह के भीतर दूसरे स्कूल में प्रवेश दिलाया जाए।

बच्चों की आगे की पढ़ाई पर संकट

जिन स्कूलों की मान्यता समाप्त हुई है उनमें राजधानी भोपाल के ही करीब 12 स्कूल हैं। इनमें दर्ज बच्चों के एडमिशन अवैध हो गए हैं। अब बच्चों की आगे की पढ़ाई पर संकट है। इस कारण अब डीईओ की जिम्मेदारी होगी कि इन स्कूलों में दर्ज बच्चों को नजदीक के स्कूलों में प्रवेश दिलाएं। यह आदेश सत्र शुरू होने के चार माह बाद हुए।

250 स्कूलों की अपील खारिज

बता दें, कि प्रदेश के 350 निजी स्कूलों की मान्यता संबंधी विवाद की अपील शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह के पास पहुंची थी। उन्होंने 250 स्कूलों की अपील को खारिज कर दिया। ये स्कूल जमीन संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाए थे। कुछ स्कूलों के पास जमीन नहीं थी तो कुछ के पास पर्याप्त जमीन और रजिस्ट्री के कागज नहीं थे। अपील में जाने वाले 50 स्कूलों की मान्यता का नवीनीकरण हुआ वहीं 50 स्कूलों का मामला अभी भी लंबित है।

राजधानी के ये सालों पुराने स्कूल

राजधानी के अंकुर हायर सेकेंडरी स्कूल, जवाहर चौक स्थित सेवन हिल्स, सर्वधर्म कोलार स्थित प्रीति हायर सेकेंडरी स्कूल, कोलार स्थित राजपुष्पा, पार्थ, ज्ञान कृष्णा समेत अन्य स्कूल शामिल है। इन स्कूलों में मान्यता समाप्त करने का कारण जमीन नहीं होना बताया गया है। इन स्कूलों में करीब दो ढाई हजार विद्यार्थी हैं।

जिला शिक्षा अधिकारी एनके अहिरवार का कहना है कि राजधानी के करीब 12 स्कूल हैं, जिनकी मान्यता समाप्त की गई है। इसमें कुछ बड़े स्कूल भी हैं, जिनके पास जमीन नहीं था और वे वर्षों से संचालित हो रहे थे। इन स्कूलों के करीब 2500 विद्यार्थियों को पास के सरकारी स्कूल में प्रवेश दिलाया जाएगा।

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