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किसानों को निर्धारित दर 266 रुपए में दिलाई यूरिया खाद

उत्तर बस्तर कांकेर 
कलेक्टर नीलेश कुमार महादेव क्षीरसागर के निर्देशानुसार तथा उप संचालक कृषि जितेंद्र कोमरा के मार्गदर्शन में खरीफ सीजन में किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद, बीज और कीटनाशक उपलब्ध कराने जिला स्तर पर टीम गठित की गई है। इसी क्रम में सोमवार को भानुप्रतापपुर विकासखण्ड के कोरर के निजी कृषि दुकानों में छापेमारी की बड़ी कार्यवाही कर कालाबाजारी पर नकेल कसा गया। सहायक संचालक कृषि सुधीर ददोरिया और गुंजन सिंग भदौरिया के नेतृत्व में खाद बीज निरीक्षक अमिनेश गावड़े, कृषि अधिकारी किरण भंडारी, प्रवीण कवाची, आशीष साहू ने कोरर में संचालित निजी कृषि केंद्रों में दबिश दी। इस दौरान दुकानों में लगे पीओएस मशीनों और स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया गया, जिसमें जांच में गड़बड़ियां पाई गई।

किसानों ने की थी शिकायत  

वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी भानुप्रतापपुर ने बताया कि किसानों को कोरर क्षेत्र के निजी कृषि केंद्र पर दो से तीन गुना अधिक कीमत पर रासायनिक खाद बिक्री करने की शिकायत दूरभाष के माध्यम से की गई थी। इस पर कृषि विभाग की टीम ने कार्यवाही करते हुए कोरर बाजार दिवस के दिन निजी कृषि सेवा केंद्र विजय ट्रेंड्स खाद गोदाम का निरीक्षण किया। गोदाम में मौजूदा स्टॉक में दो सौ बोरी यूरिया खाद उपलब्ध पाया गया। किसानों ने शिकायत थी कि एक बोरी यूरिया पांच से छै सौ रुपए में बेचा जा रहा है, जिस पर कृषि विभाग द्वारा तत्काल कार्यवाही करते हुए खाद खरीदने आए किसानों को शासन द्वारा निर्धारत दर में यूरिया 266 रुपए पचास पैसा, डीएपी 1350 रुपए, पोटाश 1535 रुपए और एसएसपी राखड़ खाद 495 रुपए की दर से किसानों को उपलब्ध कराई गई।

      खाद खरीदने आए 27 किसानों को 79 बोरी यूरिया खाद शासकीय दर 266 रुपए पचास पैसा के दर से दिलवाई गई। कृषि विभाग द्वारा कार्यवाही कर निजी कृषि दुकान संचालकों को सख्त निर्देश देते हुए कहा गया कि किसानों के साथ लूट और काला बाजारी, जमाखोरी बर्दास्त नहीं की जाएगी। किसानों को समझाईश दिया गया कि निजी कृषि दुकान संचालकों द्वारा अधिक दर पर रासायनिक खाद बेचे जाने पर कृषि विभाग के अधिकारियों को तत्काल सूचना दिया, ताकि अविलंब कार्यवाही की जा सके।

 

 

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