samacharsecretary.com

25% टैरिफ वार्निंग बेअसर, इंडियन ऑयल रूस से कच्चा तेल खरीदने के फैसले पर अडिग

नई दिल्ली 
सरकारी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOC) ने रूस से कच्चे तेल की खरीद को लेकर बड़ा फैसला लिया है। कंपनी ने सोमवार को कहा कि चालू तिमाही में रूस से तेल आयात जारी रहेगा। हालांकि, यह निर्णय कंपनी की आर्थिक स्थिति पर निर्भर करेगा। कंपनी ने यह भी बताया कि अब रूसी तेल पर मिलने वाली छूट घटकर केवल 1.5 से 2 डॉलर प्रति बैरल रह गई है, जो पहले की तुलना में काफी कम है।

अमेरिका की चेतावनी, ट्रंप की धमकी
इंडियन ऑयल का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब अमेरिका द्वारा भारत पर टैरिफ लगाने का खतरा बना हुआ है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि यदि भारत ने रूस से कच्चे तेल की खरीद जारी रखी, तो उसे 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ का सामना करना पड़ सकता है। "भारत भारी मात्रा में रूसी तेल खरीद रहा है और उसे मुनाफे पर खुले बाजार में बेच भी रहा है। भारत को इस बात की परवाह नहीं है कि रूस-यूक्रेन युद्ध में कितने लोगों की मौत हो रही है।" उन्होंने यह भी कहा कि भारत पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने पर विचार किया जा रहा है, जिससे कुल टैरिफ 50 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। हालांकि, ट्रंप ने यह भी जोड़ा कि इस पर फैसला लेने के लिए उन्हें दो से तीन हफ्ते का समय चाहिए।
 
रूसी तेल का आयात बढ़ा
इंडियन ऑयल ने जानकारी दी कि वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में उसके कुल कच्चे तेल आयात में रूस का हिस्सा 24 प्रतिशत रहा, जबकि 2025 में यह 22 प्रतिशत था। कंपनी ने कहा कि वर्तमान तिमाही में भी वह आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए रूसी तेल की खरीद जारी रखेगी।

रिफाइनिंग क्षमता में भारी निवेश
इंडियन ऑयल वित्त वर्ष 2026 में अपने कारोबार पर 34,000 करोड़ रुपये का निवेश करने जा रही है। इसमें से 14,000 से 15,000 करोड़ रुपये रिफाइनरी संचालन पर और 15,000 से 16,000 करोड़ रुपये पेट्रोकेमिकल्स, मार्केटिंग, पाइपलाइन और सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन पर खर्च किए जाएंगे।

कंपनी देशभर में अपनी रिफाइनिंग कैपेसिटी बढ़ाने पर भी काम कर रही है:
पानीपत रिफाइनरी की क्षमता को 15 MMTPA से 25 MMTPA तक बढ़ाया जा रहा है, जो साल के अंत तक चालू हो सकती है।
बरौनी (बिहार) रिफाइनरी की क्षमता को 6 MMTPA से 9 MMTPA किया जाएगा।
वहीं, गुजरात की कोयली रिफाइनरी का विस्तार 13.7 MMTPA से 18 MMTPA तक किया जाएगा।

 

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here