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ज्वेलरी केस में बड़ा खुलासा: व्यापारी की 11 करोड़ की ज्वेलरी जब्त, खर्चा-पानी के आरोप पर SP ने टीआई को किया निलंबित

रायपुर/खैरागढ़

500 करोड़ रुपए से अधिक का टर्नओवर करने वाले राजधानी रायपुर के एक बड़े सराफा व्यापारी की 11 करोड़ से अधिक की ज्वेलरी को रोककर वसूली करने के आरोप में खैरागढ़ एसपी ने टीआई समेत 3 को तत्काल निलंबित कर दिया है.

जानकारी के मुताबिक जंगल के रास्ते से करीब 10 किलो Gold ज्वेलरी लेकर आ रही कार को पुलिस चेकिंग पाइंट पर पकड़ने के बावजूद छोड़ दिया गया. जानकारी के मुताबिक इस मामले में टीआई और अन्य कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है और पुलिस पर लेन-देन के भी आरोप लगे है. जिसके बाद खैरागढ़ एसपी लक्ष्य शर्मा ने गातापार थाना प्रभारी आलोक साहू, एसआई नंदकिशोर वैष्णव और प्रधान आरक्षक तैजान ध्रुव को तत्काल निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं.

कैसे पकड़ा गया मामला

शनिवार रात गातापार में वाहनों की जांच के लिए बैरियर लगाया गया था. इसी दौरान मध्यप्रदेश से आ रही एक कार को रोका गया. तलाशी में सीट के भीतर से सोने के करीब 10 किलो का जखीरा मिला. दावा ये है कि कार सवारों के पास सोने से जुड़े किसी भी प्रकार के दस्तावेज की मौजूदगी नहीं थी, दावा एक ये भी है कि उस व्यापारी के पास इसके बिल मौजूद है और व्यापारी रायपुर सराफा बाजार का एक बड़ा व्यापारी है और वे सालाना 500 करोड़ से अधिक का टर्नओवर करते है. पुलिस जांच में सामने आया कि यह सोना महाराष्ट्र से एमपी होते हुए गातापार के जंगल के रास्ते छत्तीसगढ़ लाया जा रहा था. योजना इसे खैरागढ़ के ग्रामीण इलाकों से होकर रायपुर तक पहुंचाने की थी. गाड़ी का नंबर ट्रेस कर आगे की पड़ताल शुरू कर दी गई है. कुछ सूत्रों ने गोल्ड की ज्वेलरी के जगह कच्चे सोने की बात भी कही है, ये पुलिस की जांच में पता चलेगा कि ये ज्वेलरी थी या कच्चा सोना.

चेकिंग पाइंट पर हुई डील?

जानकारी के मुताबिक, कार को चेक पाइंट में लंबे समय तक रोके रखा गया. इस दौरान कुछ स्थानीय व्यापारी वहां पहुंचे और मामले को दबाने की कोशिश की. थाना प्रभारी ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी अपने उच्चाधिकारियों को देने के बजाय मात्र 2 हजार रुपए का चालान काटकर गाड़ी को छोड़ दिया. घटना की भनक लगते ही एसपी लक्ष्य शर्मा ने मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल कार्रवाई करते हुए तीनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया.

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