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टैरिफ गतिरोध पर उम्मीद: भारत और अमेरिका 2 महीने में कर सकते हैं समाधान

कोलकाता
भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन ने भारतीय निर्यातकों के लिए एक आशा की किरण जगाते हुए गुरुवार को कहा कि भारत-अमेरिका टैरिफ मुद्दों का समाधान अगले 8-10 हफ्तों में निकल सकता है। भारत चैंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा आयोजित एक सत्र को संबोधित करते हुए, नागेश्वरन ने कहा कि गतिरोध को समाप्त करने के लिए दोनों सरकारों के बीच बातचीत का दौर पहले से ही चल रहा है।

उन्होंने कहा, "मेरा अनुमान है कि अगले आठ से 10 हफ्तों में, हम भारतीय वस्तुओं पर अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ का समाधान देख पाएंगे।" नागेश्वरन ने संकेत दिया कि भारत-अमेरिका के बीच रेसिप्रोकल टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर लगभग 15 प्रतिशत करने के लिए भी बातचीत चल रही है। अमेरिका की ओर से भारत पर रूसी तेल खरीदने के कारण अतिरिक्त 25 प्रतिशत का टैरिफ लागू है। इस प्रकार अमेरिका में आने वाली भारतीय वस्तुओं पर कुल 50 प्रतिशत लागू हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच प्रधानमंत्री मोदी के 75वें जन्मदिन पर हुई बातचीत के बारे में पूछे गए एक सवाल पर, नागेश्वरन ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि व्यापार गतिरोध जल्द ही सुलझ जाएगा। उन्होंने कार्यक्रम के साइडलाइन में न्यूज एजेंसी आईएएनएस से कहा, "मुझे लगता है कि बातचीत चल रही है और जैसा कि मैंने पहले कहा था, मुझे उम्मीद है कि यह जल्द ही सुलझ जाएगा।" इस बीच, भारत और अमेरिका ने पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते (बीटीए) को जल्द से जल्द संपन्न करने के प्रयासों को तेज करने का फैसला किया है।

भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौता वार्ता के मुख्य वार्ताकार ब्रेंडन लिंच के नेतृत्व में संयुक्त राज्य अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय के अधिकारियों का एक दल इस सप्ताह भारत पहुंचा। उन्होंने वाणिज्य विभाग के विशेष सचिव और मुख्य वार्ताकार राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में भारतीय अधिकारियों की एक टीम के साथ भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते सहित भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर चर्चा की। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, "भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार के स्थायी महत्व को स्वीकार करते हुए, व्यापार समझौते के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा सकारात्मक और दूरदर्शी रही।" वाणिज्य मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, व्यापार संबंधी चर्चाएं कई स्तरों पर चल रही हैं। व्यापार संबंधी मुद्दों पर दोनों पक्षों की मानसिकता सकारात्मक है।

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