samacharsecretary.com

भाजपा विधायक के विवादित शब्दों पर शरद पवार का ऐक्शन, फडणवीस से मांगी सफाई

मुंबई
भाजपा विधायक गोपीचंद पडलकर की ओर से एनसीपी-एसपी के नेता जयंत पाटिल पर विवादित बयान ने हलचल मचा दी है। पडलकर के बयान पर दिग्गज नेता शरद पवार तक ने आपत्ति जताई है। यही नहीं उन्होंने सीएम देवेंद्र फडणवीस को ही सीधे शुक्रवार सुबह फोन लगाया और कहा कि वह इस मामले को देखें। शरद पवार ने कहा कि आपके विधायक का बयान महाराष्ट्र की राजनीतिक संस्कृति के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि आज तक महाराष्ट्र में किसी ने इतने निचले स्तर तक जाकर टिप्पणी नहीं की है। दरअसल गोपीचंद पडलकर और जयंत पाटिल के बीच सालों से अदावत रही है।

लेकिन गुरुवार को पडलकर ने ऐसा बयान दे दिया है, जिसकी हर कोई आलोचना कर रहा है। दरअसल सांगली जिले में स्थित अपनी विधानसभा में गोपीचंद ने जयंत पाटिल पर खुद को फंसाने की कोशिश का आरोप लगाया था। पडलकर ने कहा था कि एक ठेकेदार की हत्या के मामले में मुझे जयंत पाटिल ने फंसाने की कोशिश की। पडलकर ने कहा कि मुझे हैरानी होती है कि कैसे इतना मूर्ख आदमी महाराष्ट्र का नेता हो सकता है। कैसे उन्होंने एनसीपी का महाराष्ट्र में नेतृत्व किया होगा। पडलकर ने कहा कि जयंत पाटिल मूर्ख हैं। हर एक सप्ताह में जयंत पाटिल साबित करते हैं कि वे कितने मूर्ख हैं।

उन्होंने कहा था कि मेरा और ठेकेदार का कोई संबंध नहीं था। लेकिन जयंत पटेल का काम सिर्फ़ गोपीचंद पडलकर को बदनाम करना है। लेकिन मैं अब यहां क्यों हूं ? मैं ऐसी बहुत सी चीज़ें लेकर आया हूँ। इन लोगों के राज में मैं दो महीने जेल में रहा हूं। इसके आगे पडलकर कहते हैं कि जयंत पाटिल आखिर किसके बेटे हैं। उन्होंने कहा कि वह राजारामबापू पाटिल के बेटे हैं, यह लगता नहीं। कुछ तो गड़बड़ है। इसके आगे वह कहते हैं कि ये गोपीचंद पडलकर जयंत पाटिल जैसे भिखारी का बेटा नहीं है।

उनके इसी बयान पर हल्ला मचा तो शरद पवार ने सीधे सीएम फडणवीस को फोन लगा दिया है। उन्होंने कहा कि वह अपने विधायक को समझाएं और मामले को देखते हुए कोई ऐक्शन भी लें। दरअसल जयंत पाटिल के पिता राजाराम पाटिल का महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा नाम रहा है। इसके अलावा सूबे में सहकारिता से जुड़े कामों में भी उनके योगदान की सराहना की जाती रही है।

 

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here