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एमसीबी: जिला निवेश प्रोत्साहन समिति की पहली बैठक में औद्योगिक विकास की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा

एमसीबी : जिला निवेश प्रोत्साहन समिति की पहली बैठक हुई संपन्न, जिले में औद्योगिक विकास की संभावनाओं पर हुई विस्तृत समीक्षा

एमसीबी 
जिले में आयोजित  "जिला निवेश प्रोत्साहन समिति"  की प्रथम बैठक कलेक्टर डी. राहुल वेंकट की अध्यक्षता एवं महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र टी. आर. कश्यप के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुई। बैठक में समिति के विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे जिनमें जिला पंचायत सीईओ श्रीमती अंकिता सोम शर्मा, वनमंडल अधिकारी, कार्यपालन यंत्री राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, कार्यपालन अभियंता जल संसाधन विभाग, कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग, उपसंचालक कृषि विभाग, श्रम पदाधिकारी, जिला खनिज अधिकारी एवं सहायक संचालक नगर ग्राम तथा निवेश मनेन्द्रगढ़ शामिल थे।

बैठक की शुरुआत समिति के अध्यक्ष कलेक्टर के निर्देश से की गई। महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र द्वारा निर्धारित एजेंडा में औद्योगिक परियोजनाओं के लिये पहचाने गये औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि आबंटित करना, विद्युत शक्ति, जल स्त्रोतों तथा अन्य उपयोगिताओं की पहचान कर उनका आबंटन एवं सुविधापूर्वक उपलब्ध कराना, स्थानीय प्रशासन से परियोजनाओं के क्रियान्वयन से संबंधित विषयों के संबंध में अनुमोदन तथा श्रम कल्याण से संबंधित मामलों में अनुमोदन लेने जैसे मुद्दों पर समिति को अवगत कराया गया। इसके अतिरिक्त छत्तीसगढ़ शासन राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड रायपुर द्वारा 18 सितम्बर 2025 को जारी एजेंडा 1 से 13 तक पर भी विस्तार से चर्चा हुई। एजेंडा के अनुसार समिति के विभागीय सदस्यों से जिले में औद्योगिक विकास के लिये आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया।

जिला पंचायत से औद्योगिक गतिविधियों में संलग्न स्वयंसहायता समूहों की जानकारी, वन विभाग से वनोपज एवं वनोपज प्रसंस्करण का विवरण, विद्युत विभाग से विद्युत उपलब्धता तथा निम्न दाब एवं उच्च दाब केन्द्रों की स्थापना से संबंधित जानकारी, जल संसाधन विभाग से जिले में स्थित जलाशयों की संरचना, जल भराव क्षेत्र तथा क्षमता का विवरण, लोक निर्माण विभाग से जिले में स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग तथा अंतर्जिला सम्पर्क सड़क मार्गों की जानकारी, कृषि विभाग से क्षेत्रवार उत्पादकता एवं उत्पादन मात्रा सहित सिंचित व असिंचित क्षेत्र की जानकारी, खनिज विभाग से खनिज उत्पादन एवं गौण खनिज का विवरण तथा क्रेशर उद्योग की संभावनाओं की जानकारी, श्रम विभाग से श्रम कल्याण से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने हेतु कहा गया।

कलेक्टर ने औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन के संबंध में औद्योगिक नीति पर चर्चा एवं मार्गदर्शन दिया तथा समिति के विभागीय सदस्यों को निर्देशित किया कि औद्योगिक विकास के दृष्टिकोण से सभी आवश्यक तथ्यात्मक जानकारी एक सप्ताह के भीतर जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र को उपलब्ध कराई जाए। राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड रायपुर द्वारा जारी एजेंडा में सिंगल विंडो सिस्टम पर लंबित प्रकरणों की समीक्षा, जिला स्तर पर लंबित इंडस्ट्रियल क्लीयरेंस की समीक्षा, लैण्ड बैंक हेतु भूमि चिन्हांकन की समीक्षा, औद्योगिक भूमि हेतु लंबित संयुक्त निरीक्षण प्रतिवेदन की समीक्षा, शासकीय भूमि हस्तांतरण प्रकरणों की समीक्षा, औद्योगिक विकास हेतु लंबित निजी भूमि अर्जन प्रकरणों की समीक्षा, जिले के विशिष्ट उत्पादों (ODOP) के निर्यात संवर्धन की संभावनाओं पर चर्चा, औद्योगिक नीति/नियमों में सुधार हेतु सुझाव, जिले में नवीन निवेश एवं स्टार्टअप की समीक्षा, विभागीय योजनाओं  PMEGP/ PMFME की समीक्षा, रायपुर-विशाखापट्टनम हाईवे के निकट भूमि चिन्हांकन की समीक्षा, लैण्ड बैंक/औद्योगिक पार्क की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त करने संबंधी समीक्षा तथा एमओयू/अभिस्वीकृति पत्र प्राप्त इकाइयों की स्थापना में आने वाली कठिनाइयों का जिला स्तर पर निराकरण हेतु समीक्षा शामिल रही।

उक्त सभी एजेंडा पर चर्चा एवं समीक्षा की गई तथा उपस्थित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को औद्योगिक क्षेत्र हेतु भूमि चिन्हांकन के निर्देश दिये गये। कलेक्टर ने एजेंडा अनुसार प्रगति सुनिश्चित करने हेतु सर्व संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। बैठक के अंत में कलेक्टर ने सभी विभागीय समिति सदस्यों को समन्वय एवं सहयोग से कार्य करने हेतु कहा ताकि जिले में औद्योगिक विकास सुनिश्चित हो सके। अंत में समिति के अध्यक्ष कलेक्टर की अनुमति से महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र श्री टी. आर. कश्यप द्वारा धन्यवाद ज्ञापित करते हुए बैठक का समापन किया गया।

इस बैठक में अपर कलेक्टर श्रीमती नम्रता डोंगरे, अनिल कुमार सिदार, एसडीएम लिंगराज सिदार, शशि शेखर मिश्रा, विजयेन्द्र सारथी, समस्त जनपद सीईओ के साथ अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे ।

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