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नई दिल्ली में समाज और राष्ट्र निर्माण पर दो दिवसीय मंथन: संकल्प फाउंडेशन का एकादश सोपान

“संकल्प फाउंडेशन” के तत्वावधान में व्याख्यानमाला–2025 (एकादश सोपान) का भव्य आयोजन नई दिल्ली के संसद मार्ग स्थित आकाशवाणी भवन के रंग भवन सभागार में सम्पन्न हुआ। दो दिवसीय इस कार्यक्रम में समाज, राष्ट्र और आत्मनिर्भर भारत के भविष्य को लेकर गहन विमर्श हुआ.

नई दिल्ली 

विशिष्ट अतिथि – श्री अनिल अग्रवाल जी

कार्यक्रम में प्रतिष्ठित उद्योगपति एवं समाजसेवी श्री अनिल अग्रवाल (सीएमडी, एटीसी9 स्टील लिमिटेड) विशिष्ट अतिथि (Guest of Honour) के रूप में उपस्थित रहे। उनकी गरिमामयी उपस्थिति और प्रेरक विचार पूरे आयोजन का मुख्य आकर्षण रहे

श्री अग्रवाल जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि “उद्योग का असली उद्देश्य केवल आर्थिक लाभ नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के विकास में सहयोग करना भी है। आत्मनिर्भरता और स्वदेशी की भावना को अपनाए बिना सशक्त भारत की परिकल्पना अधूरी है।”

उनकी उपस्थिति को संकल्प फाउंडेशन और उपस्थित समाजजनों ने गर्व का क्षण माना।

 मुख्य वक्ता — डॉ. सुधांशु त्रिवेदी

इस अवसर पर माननीय डॉ. सुधांशु त्रिवेदी (सांसद, राज्यसभा एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता, भारतीय जनता पार्टी) ने “वैश्वीकरण बनाम आत्मनिर्भरता एवं स्वदेशी” विषय पर गहन और विस्तृत व्याख्यान दिया।
उन्होंने कहा कि भारत की आत्मा उसकी संस्कृति और स्वदेशी दृष्टिकोण में निहित है, और यदि हम आत्मनिर्भरता को अपनाएँगे तो वैश्विक परिप्रेक्ष्य में भारत नई ऊँचाइयों को छुएगा।

 

 अन्य गणमान्य अतिथि
    •    अध्यक्षता : श्री एन.एस. कटसी (आई.ए.एस., से.नि.) ने की।
    •    स्वागताध्यक्ष : श्री अभिषेक गर्ग (उद्योगपति एवं समाजसेवी) रहे।
    •    संकल्प प्रतिनिधि : श्री सुमन धीर ने संस्था की गतिविधियों और उद्देश्य पर प्रकाश डाला।

 संकल्प फाउंडेशन का उद्देश्य

संकल्प फाउंडेशन का मानना है कि समाज में शिक्षा, संस्कार और राष्ट्रभक्ति की भावना का प्रसार सबसे बड़ा संकल्प है।
इस व्याख्यानमाला का आयोजन इसी उद्देश्य से किया गया, ताकि विचारों का आदान–प्रदान हो और समाज को नई दिशा मिल सके।

 निष्कर्ष

यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र को आत्मनिर्भरता एवं स्वदेशी की राह दिखाने वाला प्रेरणादायी मंच सिद्ध हुआ।
विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री अनिल अग्रवाल जी की उपस्थिति ने आयोजन को अभूतपूर्व गरिमा प्रदान की और इसे ऐतिहासिक बना दिया।

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