samacharsecretary.com

पहले व्यक्ति के रूप में 500 अरब डॉलर की दौलत तक पहुंचे एलन मस्क

मुंबई 
टेस्ला सीईओ एलन मस्क ने बुधवार को इतिहास रच दिया, जब उनकी कुल संपत्ति 500 अरब डॉलर के पार पहुंच गई। वे दुनिया के पहले व्यक्ति हैं जिन्होंने यह मुकाम हासिल किया है। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से टेस्ला के शेयरों की रिकवरी और उनकी अन्य टेक स्टार्टअप्स की तेजी से बढ़ती वैल्यूएशन के चलते हुई है। फोर्ब्स बिलियनेयर्स इंडेक्स के मुताबिक शाम 4:15 ईटी तक उनकी नेटवर्थ 500.1 अरब डॉलर दर्ज की गई।

टेस्ला के शेयरों से बढ़ी संपत्ति
मस्क की संपत्ति का बड़ा हिस्सा टेस्ला से जुड़ा है। सितंबर तक कंपनी में उनकी हिस्सेदारी 12.4% थी। इस साल टेस्ला के शेयरों में अब तक 14% की बढ़ोतरी हुई है। बुधवार को ही स्टॉक 3.3% उछला, जिससे मस्क की नेटवर्थ में 6 अरब डॉलर का इजाफा हुआ।

निवेशकों का मस्क पर बना भरोसा
साल की शुरुआत में गिरावट झेलने के बाद टेस्ला शेयरों में अब तेजी देखी जा रही है। निवेशकों का भरोसा तब बढ़ा जब मस्क ने अपने बिज़नेस पर पूरा ध्यान केंद्रित करना शुरू किया। टेस्ला बोर्ड चेयर रॉबिन डेनहॉम ने हाल ही में कहा कि मस्क फिर से कंपनी में "फ्रंट एंड सेंटर" हैं। साथ ही, मस्क ने खुद 1 अरब डॉलर के टेस्ला शेयर खरीदकर कंपनी के भविष्य पर भरोसा जताया।

AI और स्पेस एक्सप्लोरेशन से भी बढ़ी वैल्यूएशन
टेस्ला के अलावा मस्क के अन्य उपक्रम भी उनकी दौलत का अहम आधार बने हैं। उनकी AI कंपनी xAI की वैल्यूएशन जुलाई तक 75 अरब डॉलर आंकी गई थी और भविष्य में यह 200 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं, SpaceX की वैल्यूएशन 400 अरब डॉलर के आसपास बताई जा रही है।

1 ट्रिलियन डॉलर का कम्पेंसेशन प्लान
टेस्ला बोर्ड ने मस्क के लिए 1 ट्रिलियन डॉलर का कम्पेंसेशन प्लान प्रस्तावित किया है, जिसमें कंपनी के वित्तीय और संचालन संबंधी ऊंचे लक्ष्य तय किए गए हैं। यह मस्क की हिस्सेदारी को और मजबूत करेगा।

सबसे अमीरों की सूची में नंबर वन
फोर्ब्स के मुताबिक मस्क अब दुनिया के सबसे अमीर इंसान हैं। उनके बाद दूसरे स्थान पर ओरेकल के सह-संस्थापक लैरी एलिसन हैं, जिनकी संपत्ति 350.7 अरब डॉलर आंकी गई है।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here