samacharsecretary.com

इतिहास में पहली बार! अयोध्या में संतों और भक्तों का महाकुंभ, 8 राज्यों के मुख्यमंत्री देंगे शुभारंभ

अयोध्या 
भगवान राम की नगरी में एक बार फिर से सनातन के महाकुंभ का जैसा नजारा होने वाला है. अयोध्या धाम में एक बड़े अनुष्ठान का आयोजन होने जा रहा है, जिसमें आठ राज्यों के मुख्यमंत्री समेत देश के बड़े-बड़े साधु संत शामिल होंगे. आयोजन को लेकर राम नगरी के सभी प्रमुख मठ मंदिरों में राम भक्तों का जमावड़ा शुरू हो गया है. राम मंदिर में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा के भव्य आयोजन के बाद अयोध्या में ये दूसरा सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन होने जा रहा है. कल सुबह 10 बजे करीब 20 हजार राम भक्त कलश यात्रा निकालकर इस धार्मिक अनुष्ठान का शुभारंभ करेंगे. इसको लेकर जिला प्रशासन ने भी तैयारियां पूरी कर ली है.

भव्य आध्यात्मिक आयोजन का साक्षी बनेगा अयोध्या
जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी श्री वल्लभाचार्य जी महाराज की माने तो देश में ऐसा पहली बार हो रहा है कि एक स्थान पर एक साथ 501 विद्वान 501 श्री रामार्चा महायज्ञ का अनुष्ठान करेंगे. यह पहली बार है जब भारत की धरती पर इतने विशाल स्तर पर श्री रामार्चा महायज्ञ का आयोजन होने जा रहा है. अयोध्या धाम एक ऐतिहासिक और भव्य आध्यात्मिक आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है.

कल से 14 अक्टूबर 2025 तक अयोध्या में श्रीरामहर्षण मैथिली सख्य पीठ धर्मार्थ सेवा ट्रस्ट एवं श्रीराम हर्षणम चारुशीला मंदिर, जानकी घाट द्वारा एक भव्य राम महायज्ञ, रामार्चा पूजन एवं राम नाम जप अनुष्ठान का आयोजन किया जाने वाला है. महायज्ञ में विशेष रूप से 151 श्रीमद्भागवत महापुराण पारायण भी होगा, जिसके लिए देशभर से 151 विद्वान अयोध्या आएंगे. वृन्दावन के विख्यात संत मालूक पीठाधीश्वर स्वामी राजेंद्र दास जी महाराज अपने मुखारबिंद से राम नगरी में श्रीमद्भागवत की कथा सुनाएंगे.
संत समाज का दिव्य संगम होगा

वहीं वृंदावन से स्वामी बिहारी दास जी महाराज भक्तमाल जी की कथा का अमृतपान कराएंगे. राम नगरी में इस दौरान संत समाज का दिव्य संगम होगा, जहां देश के महान महापुरुष अपनी वाणी से भक्तों को लाभान्वित करेंगे. योग गुरु बाबा रामदेव सहित अनेक प्रतिष्ठित संत और महापुरुष इस आयोजन में आने वाले हैं. यही नहीं देश के राजनीतिक जगत के दिग्गज राज नेताओं का भी इस अनुष्ठान में आगमन होगा.

आठ राज्यों के मुख्यमंत्रियों को आमंत्रण भेजा गया है. यूपी के मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ 8 या 9 अक्टूबर को इस अनुष्ठान में शामिल होंगे, जिसकी पुष्टि जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी श्री वल्लभाचार्य महाराज ने की है. वहीं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आगमन 11 अक्टूबर को होगा. भगवान श्रीराम के ननिहाल छत्तीसगढ़ से सीएम विष्णु देव सहाय भी इस आयोजन का हिस्सा बनेंगे.

हिंदू परंपरा की प्राचीन से आधुनिक यात्रा पर मंथन
प्रतिदिन संत सम्मेलन (शाम 5 से 8 बजे तक) आयोजित होगा, जिसमें सनातन धर्म के विस्तार, अयोध्या धाम के विकास और हिंदू परंपरा की प्राचीन से आधुनिक यात्रा पर विशेष मंथन होगा. अयोध्या में यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि सनातन धर्म का महाकुंभ सिद्ध होगा. पहली बार भारत में इस स्तर का संत-समागम, राम भक्तों का महासंग्रह और राजनीतिक-धार्मिक महापुरुषों का संगम होने जा रहा है.

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here