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दीपावली से महाकाल मंदिर में लड्डू प्रसाद की कैशलेस व्यवस्था लागू, अब लाइन नहीं डिजिटल पेमेंट

उज्जैन 

 विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यह नई व्यवस्था शुरू की गई है। भक्तगण अब मंदिर में दान देने और लड्डू प्रसाद खरीदने के लिए क्यूआर कोड का उपयोग कर सकते हैं। यह डिजिटल भुगतान की सुविधा श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा शुरू की गई है। इसके कई महत्वपूर्ण लाभ हैं।

महाकाल मंदिर में लड्डू प्रसाद काउंटरों पर दीपावली से कैशलेस की सुविधा प्राप्त होगी। दर्शनार्थी क्यूआर कोड से भुगतान कर लड्डू प्रसाद खरीद सकेंगे। इस व्यवस्था से दर्शनार्थियों को काफी सुविधा होगी। मंदिर कर्मचारियों को भी खुल्ले पैसों की समस्या से निजात मिलेगी। महाकालेश्वर मंदिर के प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि यह सुविधा शुरू होने में एक पखवाड़े का समय लग सकता है।

महाकाल मंदिर समिति भगवान महाकाल के भोग प्रसाद के रूप में भक्तों को शुद्ध देशी घी से बने बेसन के लड्डू का विक्रय करती है। मंदिर परिसर स्थित काउंटरों से भक्तों को लड्डू प्रसाद का विक्रय किया जाता है। अभी तक लड्डू प्रसाद की बिक्री नकद होती है।

प्रशासक प्रथम कौशिक के अनुसार श्रद्धालु मंदिर परिसर में लगे क्यूआर कोड को स्कैन करके दान राशि (भेंट) और लड्डू प्रसाद का भुगतान सीधे अपने बैंक खाते से कर सकते हैं। ये क्यूआर कोड मंदिर के दान काउंटरों, लड्डू प्रसाद काउंटरों और मंदिर परिसर में अन्य प्रमुख स्थानों पर लगाए गए हैं। आप किसी भी यूपीआइ आधारित पेमेंट ऐप जैसे कि गूगल पे, फोन-पे, पेटीएम आदि का उपयोग करके भुगतान कर सकते हैं। लड्डू प्रसाद 400 रुपए प्रति किलो की दर से उपलब्ध है और त्योहारों पर अतिरिक्त काउंटर लगाए जाते हैं।

क्यूआर कोड से दान भी कर सकेंगे भक्त

महाकाल मंदिर समिति क्यूआर कोड से लड्डू प्रसाद की बिक्री शुरू करने के साथ दान के लिए भी इस सुविधा को लागू करने की तैयारी कर रही है। मंदिर परिक्षेत्र में जगह-जगह बड़े-बड़े क्यूआर कोड लगाए जाएंगे। मंदिर समिति ने यह योजना पहले भी लागू की थी। उस समय दान के लिए लगाए गए क्यूआर कोड में एक कर्मचारी ने अपना नंबर डाल दिया था।

मामले में जांच भी बैठाई गई थी, लेकिन इसका खुलासा नहीं हो पाया था। मंदिर से जुड़े जानकारों का कहना है कि नए अधिकारियों को इस पूरे मामले की पड़ताल के बाद ही इस प्रकार की योजना शुरू करना चाहिए।

एक ही दिन निकलेगी बाबा की दो सवारी

महाकाल बाबा एक ही दिन में दो-दो बार दर्शन देने नगर भ्रमण करेंगे। इस बार कार्तिक मास में 3 नवंबर को वर्षों बाद यह संयोग बनने जा रहा है। पहली सवारी कार्तिक माह की होगी, जो शाम 4 बजे परंपरागत मार्ग से निकलेगी, जबकि दूसरी सवारी रात में हरिहर भेंट के लिए गोपाल मंदिर तक जाएगी, यह रात्रि 11 बजे महाकाल मंदिर से शुरू होगी।

बदलेगा आरतियों का समय

महाकालेश्वर मंदिर में कार्तिक कृष्ण प्रतिपदा 8 अक्टूबर से तीन आरतियों का समय बदला जाएगा। पुजारियों के अनुसार शीतकाल की शुरुआत के साथ इसे लागू कर दिया जाएगा। पुजारी प्रदीप गुरु ने बताया हर छह माह में तीन आरती का समय बदलता है। जो ऋतु परिवर्तन के आधार पर किया जाता है। इनमें दद्योदक आरती सुबह 7 की जगह 7.30 से 8.15 बजे तक, भोग आरती सुबह 10 की जगह 10.30 से 11.15 बजे तक, संध्या आरती शाम 7 की जगह 6.30 से 7.15 बजे तक होगी। जबकि भस्म आरती, सांध्य पूजन और शयन आरती रात 10.30 बजे से 11 बजे तक में कोई बदलाव नहीं होगा।

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