samacharsecretary.com

महाराष्ट्र निकाय चुनाव: सीटों पर असंतोष, आठवले बोले—ज़रूरत पड़ी तो अकेले मैदान में उतरेंगे

मुंबई 
 स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने चेतावनी दी है कि अगर हमें मनचाही सीटें नहीं मिलती हैं तो हम अपने दम पर चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि हम आगामी चुनावों में भाजपा के साथ हैं.

उक्त बातें आठवले ने रिपब्लिकन पार्टी की महाराष्ट्र राज्य कार्यकारिणी की गुरुवार को एक महत्वपूर्ण बैठक यशवंतराव चव्हाण केंद्र में हुई बैठक में कहीं. मीडिया को जानकारी देते हुए आठवले ने कहा कि बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई. इसमें स्थानीय निकाय चुनाव, मुंबई महानगरपालिका चुनाव में सीटों का आवंटन और महायुति सरकार में रिपब्लिकन पार्टी की भागीदारी, किस जिले में महायुति के साथ चुनाव लड़ा जाए और किस जिले में स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ा जाए आदि पर विचार-विमर्श किया गया.

इस बैठक में कई जिलों के प्रमुख पदाधिकारी मौजूद थे. आरपीआई के राष्ट्रीय महासचिव अविनाश महातेकर ने कहा, "हम भाजपा के साथ हैं. लेकिन अगर कर्म, धर्म या संयोगवश भाजपा हमें मनचाही सीटें नहीं देती है, तो हमने कार्यकर्ताओं को चुनाव जीतने की कोशिश करने का निर्देश दिया है."

समन्वय समिति की बैठक बुलाई जाए: रामदास आठवले ने कहा कि भाजपा को स्थानीय निकाय चुनावों या मुंबई महानगरपालिका चुनावों में हमारी मांग के अनुसार हमें सीटें देनी चाहिए, अन्यथा हम कुछ स्थानों पर स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ेंगे.

खास बात ये है कि हम महायुति सरकार में शामिल हैं. लेकिन महायुति समन्वय समिति की बैठक जो हर मंगलवार को होती है. लेकिन रिपब्लिकन पार्टी को उस बैठक में आमंत्रित नहीं किया गया है. इसलिए रामदास अठावले ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मिलकर बात करुंगा कि हमें भी उस बैठक में आमंत्रित किया जाए.

इस बीच, बैठक में आरपीआई के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष राजाभाऊ सर्वदे, राष्ट्रीय महासचिव अविनाश महातेकर, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष बाबूराव कदम, प्रदेश महासचिव गौतम सोनावणे, मुंबई अध्यक्ष सिद्धार्थ कसारे और अन्य उपस्थित थे.

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here