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धीमी धान खरीदी पर कांग्रेस का वार: PCC चीफ बैज बोले—सरकार उदासीन, किसान बेहाल

 

रायपुर

 छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का बहुप्रतीक्षित सीजन आज 15 नवंबर से औपचारिक रूप से शुरू हो गया है। हालांकि खरीदी के पहले ही दिन व्यवस्थाएँ पूरी तरह पटरी पर नहीं दिखीं। PACS कर्मचारियों की हड़ताल के चलते कई खरीदी केंद्रों पर कामकाज ठप रहा। कई केंद्रों में मशीनें बंद रहीं, किसान लाइन में खड़े रहे, मगर खरीदी शुरू नहीं हो सकी। इस स्थिति पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकार को आड़े हाथों लिया।

दीपक बैज ने कहा कि सरकार की चुप्पी और लापरवाही का सीधा असर किसानों पर पड़ रहा है। “धान खरीदी केंद्रों में सन्नाटा है। कर्मचारी हड़ताल पर हैं और किसान अपना धान बेच नहीं पा रहे। सरकार को तुरंत कर्मचारियों से संवाद करना चाहिए। कांग्रेस हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों के साथ है और धान खरीदी की स्थिति पर पूरी निगरानी कर रही है।

आदिवासी गौरव जनजाति दिवस पर भाजपा बड़े कार्यक्रम आयोजित कर रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़ने वाले हैं। इसी बीच पीसीसी चीफ दीपक बैज ने भाजपा पर “आदिवासी विरोधी मानसिकता” का आरोप लगाया।

बैज ने कहा कि आज बिरसा मुंडा की जयंती पर पूरा आदिवासी समाज उनके संघर्ष और योगदान को याद कर रहा है। उन्होंने कहा, “बीजेपी आदिवासी दिवस का विरोध करती रही है। आज दिखावे के कार्यक्रमों से आदिवासियों को भ्रमित करने की कोशिश हो रही है। जल, जंगल और जमीन को लगातार बेचा जा रहा है और सरकार मूकदर्शक बनी हुई है।”

कांग्रेस द्वारा आयोजित बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) बैठक में PCC चीफ दीपक बैज ने बिहार चुनाव के नतीजों को लेकर गंभीर प्रश्न उठाए। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर अनियमितताओं की शिकायतें सामने आईं।

बैज ने कहा, “बिहार में आए चुनाव परिणाम चौंकाने वाले हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार और मंत्रियों के प्रति गहरा आक्रोश था, फिर भी नतीजे बिलकुल उलटे आए। कई जगह लोगों को वोटिंग से रोका गया और कई मतदाताओं की जगह किसी और ने वोट डाल दिए—ऐसी शिकायतें आम रहीं।”

उन्होंने कहा कि यह स्थिति “चुनाव आयोग और भाजपा के गठजोड़” का संकेत देती है। बैठक में बीएलओ को विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। जिला अध्यक्षों ने भी भाग लिया और तय किया गया कि आने वाले दिनों में जिले, विधानसभा और ब्लॉक स्तर पर भी प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे, ताकि मतदाता सूची (SIR) से जुड़े कार्यों में लोगों की अधिक प्रभावी सहायता की जा सके।

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