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प्रदेश के 260 सांदीपनि विद्यालयों में 950 स्कूल लीडर्स के प्रयासों की सराहना

प्रदेश के 260 सांदीपनि विद्यालयों में 950 स्कूल लीडर्स के अनुकरणीय प्रयासों को सराहना

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिये किये जा रहे हैं प्रयास

भोपाल 

प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित सांदीपनि विद्यालय शिक्षण नेतृत्व और शैक्षिक वातावरण में गुणवत्ता के नये मानक प्रस्तुत कर रहे हैं। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के लिये इन विद्यालयों में शिक्षकों को उनके नवाचारी प्रयासों के लिये राज्य स्तरीय पहचान प्रदान करने तथा उनके प्रोत्साहन के लिये "प्रेरक प्रयास" कार्यक्रम की अभिनव पहल प्रारंभ की गई है। इस पहल से विद्यालयों के स्कूल लीडर्स और शिक्षकों द्वारा किये जा रहे अनुकरणीय एवं प्रभावी कार्यों को हर सप्ताह राज्य स्तर से सभी विद्यालयों में विस्तारित किया जा रहा है।

प्रेरक प्रयास कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सांदीपनि विद्यालय स्तर पर हो रहे हर सकारात्मक प्रयास, चाहे वह छोटा हो या बड़ा उनकी समय पर पहचान हो और सबसे सामने लाया जाये। इस प्रयास से सीखने और सिखाने की परंपरा को बढ़ावा मिल रहा है। इस कार्यक्रम में हर सप्ताह विद्यालयों में नेतृत्व, शिक्षण पद्धति, विद्यार्थी की उपस्थिति एवं प्रगति, नवाचार को पहचान कर चयन किया जाता है, जिन्हें तीन श्रेणियों में आरंभकर्ता, प्रयासकर्ता, सर्वोत्तम गुणवत्ता के रूप में बांटा जाता है। उन्हें विद्यालय स्तर पर सम्मानित कर राज्य स्तर पर बढ़ावा देने के लिये बहुरंगीय पोस्टर के माध्यम से सभी शिक्षकों के बीच साझा किया जाता है। प्रदेश में 260 सांदीपनि विद्यालयों में 950 से अधिक शिक्षकों के अनुकरणीय प्रयासों को राज्य स्तर पर पहचान दिलायी गयी है।

विद्यांजलि पोर्टल के माध्यम से स्वयंसेवकों को आमंत्रण

केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय ने विद्यांजलि पोर्टल की शुरूआत की है। इस पोर्टल के माध्यम से स्कूल शिक्षा को सामुदायिक भागीदारी से मजबूत करने के प्रयास किये जा रहे हैं। नई शिक्षा नीति-2020 में स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में सहभागिता को प्रोत्साहित करने के बिन्दु को मुख्य रूप से जोड़ा गया है। विद्यांजलि एक ऐसा मंच है, जहाँ विभिन्न पृष्ठभूमि से जुड़े लोग जैसे पेशेवर, सेवानिवृत्त, गृहणियां और स्वयंसेवी संगठन अपने समय, कौशल और संसाधनों के माध्यम से शासकीय विद्यालयों की गुणवत्ता सुधार में सहभागी बन सकते हैं। यह पहल स्वच्छ भारत मिशन के अनुरूप शुरू की गयी है।

 

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