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डीआईजी भुल्लर के परिवार के खातों पर रोक, आर्थिक संकट के बीच डी-फ्रीज की मांग

चंडीगढ़

 रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तार किए गए रोपड़ रेंज के निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर और उनके परिवार को अब आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इंवेस्टिगेशन (सीबीआई) द्वारा उनके साथ-साथ उनके बेटे और पिता के बैंक खातों को भी फ्रीज किए जाने के बाद रोजमर्रा का घर खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। इसी सिलसिले में सोमवार को डीआईजी भुल्लर की ओर से जिला अदालत में बैंक खातों को डी-फ्रीज करने की मांग करते हुए एक अर्जी दाखिल की गई। अदालत ने इस पर सीबीआई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है, जिस पर 20 नवंबर को सुनवाई होगी।

भुल्लर के वकील ने दलील दी कि जबकि सीबीआई उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की जांच जारी रखे, लेकिन उनके परिवार के खाते फ्रीज होने से दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। उनके अनुसार, खेती-बाड़ी सहित घर के खर्चे और अन्य स्त्रोतों से प्राप्त आय तक पहुंच न होने से परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहा है।

खाते फ्रीज होने से बढ़ी परेशानीसीबीआई ने न केवल भुल्लर का सैलरी अकाउंट बल्कि उनके बेटे का वेतन खाता और पिता का पेंशन खाता भी फ्रीज कर दिया है। उनके बेटे के पंजाब में असिस्टेंट एडवोकेट जनरल होने के बावजूद वह अपनी सैलरी का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, भुल्लर के परिवार को किराए और खेती से होने वाली आमदनी भी अब बैंक खाते फ्रीज होने के कारण नहीं मिल पा रही है, जिससे रोज़मर्रा की ज़रूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया है।

रिश्वतखोरी और जांच की पृष्ठभूमिगौरतलब है कि सीबीआई ने पिछले महीने डीआईजी भुल्लर और उनके सहयोगी कृष्णु शारदा को मंडी गोबिंदगढ़ के स्क्रैप व्यापारी आकाश बत्ता से ₹8 लाख की रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन पर आय से अधिक संपत्ति का केस भी दर्ज किया गया। सूत्रों के मुताबिक, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच शुरू कर दी है।
एक महीने पहले जिस घर से नोटों के ढेर बरामद किए गए थे, वहीं अब परिवार रोजमर्रा की जरूरतों के लिए जूझ रहा है। अदालत में सुनवाई के साथ यह मामला अब और गंभीर मोड़ लेता दिख रहा है।

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