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तालिबान मंत्री का US पर निशाना: कहा- भारत ने रोके अरबों डॉलर, अब अफगानिस्तान शुरू करेगा कार्गो फ्लाइट

नई दिल्ली 
अफगानिस्तान की तालिबान सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री अल-हज नूरुद्दीन अजीजी ने गुरुवार को नई दिल्ली में भारतीय अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान अमेरिका पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने अमेरिका द्वारा फ्रीज किए गए अफगानिस्तान के लगभग 9 अरब डॉलर के विदेशी भंडार को तत्काल लौटाने की मांग की। साथ ही उन्होंने अमेरिका से मांग करते हुए कहा कि वह भारत के आधीन ईरानी चाबहार पोर्ट पर प्रतिबंधों से छूट दे। अजीजी ने कहा- अमेरिका ने हमारे 9 अरब डॉलर वापस नहीं किए हैं, पाकिस्तान के साथ बॉर्डर बंद है और जब हम म के रास्ते नया रास्ता ढूंढते हैं, तो वे बैन लगा देते हैं। चाबहार के लिए बैन में छूट मिलनी चाहिए।

भारत-अफगनिस्तान के लिए जरूरी है पोर्ट
ईरान के दक्षिण-पूर्वी सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में स्थित चाबहार पोर्ट भारत और अफगानिस्तान के बीच व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक वैकल्पिक मार्ग प्रदान करता है। क्योंकि यह पाकिस्तान के रास्ते से पूरी तरह बचता है। भारत ने 2016 में ईरान और अफगानिस्तान के साथ त्रिपक्षीय समझौते के तहत शाहिद बेहेश्ती टर्मिनल को विकसित करने के लिए 500 मिलियन डॉलर से अधिक का निवेश किया है और 2024-25 तक भारत पोर्ट्स ग्लोबल लिमिटेड (IPGL) ने 120 मिलियन डॉलर अतिरिक्त निवेश की घोषणा भी की है। इस पोर्ट के जरिए भारत अफगानिस्तान को गेहूं, दालें, दवाइयां और मशीनरी जैसी जरूरी वस्तें भेजता है, जबकि अफगानिस्तान से सूखे मेवे (बादाम, पिस्ता, अंजीर), कालीन और लैपिस लाजुली जैसे उत्पाद भारत आते हैं।

भारत और अफगानिस्तान के बीच कार्गो फ्लाइट की घोषणा
भारत और अफगानिस्तान के बीच हवाई माल ढुलाई यानी कार्गो फ्लाइट सेवाएं बहुत जल्द शुरू होंगी। भारतीय विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अफगानिस्तान के तालिबान सरकार के व्यापार मंत्री अल-हज नूरुद्दीन अजीजी की भारत यात्रा के दौरान विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव आनंद प्रकाश ने कहा- मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि काबुल-दिल्ली और काबुल-अमृतसर मार्गों पर हवाई माल ढुलाई गलियारा सक्रिय हो गया है। इन क्षेत्रों पर मालवाहक उड़ानें बहुत जल्द शुरू होंगी। उन्होंने कहा कि इससे उनके बीच संपर्क में उल्लेखनीय वृद्धि होगी तथा हमारे व्यापारिक एवं वाणिज्यिक संबंध और मजबूत होंगे।’’

अधिकारी ने बताया कि दोनों पक्ष द्विपक्षीय व्यापार सहयोग की निगरानी और समर्थन के लिए एक-दूसरे के दूतावास में एक व्यापार अताशे की नियुक्ति पर भी बृहस्पतिवार को सहमत हुए। उन्होंने कहा कि इसके अलावा भारत और अफगानिस्तान के बीच द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए व्यापार, वाणिज्य एवं निवेश पर संयुक्त कार्य समूह को पुनः सक्रिय किया जाएगा।

विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव ने कहा- द्विपक्षीय व्यापार लगभग एक अरब डॉलर का है। हालांकि, इसमें और वृद्धि की पर्याप्त गुंजाइश बनी हुई है। इस संदर्भ में हमने व्यापार, वाणिज्य और निवेश पर संयुक्त कार्य समूह को पुनः सक्रिय करने का निर्णय लिया है। इस विशेष संयुक्त कार्य समूह की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए भारत एवं अफगानिस्तान व्यवसायों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक होगी।

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