samacharsecretary.com

संजौली चौक पर प्रदर्शन, मस्जिद में पढ़ी गई नमाज; सुक्खू सरकार ने हिंदू संगठनों की बात मानी

शिमला

हिमाचल प्रदेश में शिमला के संजौली में मस्जिद को लेकर विवाद फिर बढ़ गया. दो दिन से देवभूमि संघर्ष समिति के सदस्य अनशन पर बैठे थे. संगठन ने कल संजौली में बड़े पैमाने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी. समिति के लोगों ने कहा कि प्रशासन ने अभी तक उनकी मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है. आंदोलन की चेतावनी के बाद प्रशासन ने आश्वासन दिया, जिसके बाद अनशन खत्म हो गया. अब इस मामले को लेकर 29 नवंबर को मीटिंग होनी है. हिमाचल प्रदेश के शिमला के संजौली में एक बार फिर से हिंदू संगठनों ने अवैध मस्जिद के विरोध में प्रदर्शन किया. हिंदू समाज के लोग अवैध मस्जिद में जुमे की नमाज पढ़ने का विरोध कर रहे थे. हालांकि, पुलिस और प्रशासन के बीच प्रदर्शनकारियों की बीती रात को वार्ता हुई औऱ मांगों पर सहमति बन गई. हालांकि लिखित में आश्वासन ना मिलने के बाद असमंजस की स्थिति बनी रही. उधर, मस्जिद में शुक्रवार को लोगो की आवाजाही होती रही और चर्चाएं हैं कि यहां नमाज पढ़ी गई. हालांकि, मौलवी ने इंकार किया है.

दरअसल, हिंदू संघर्ष समिति ने संजौली में शुक्रवार को प्रदर्शन का ऐलान किया था. इस दौरान सुबह तो संजौली में अधिक हलचल नहीं दिखी. लेकिन बाद में संजौली थाने के बाद चल पर आमरण अनशन में प्रदर्शनकारी पहुंचे. इस दौरान लगातार भूखहड़ताल पर बैठे विजय शर्मा की तबीयत खऱाब हो गई और उन्हें फिर आईजीएमसी अस्पताल में भर्ती करना पड़ा. उधर, प्रदर्शनकारी प्रशासन की ओर से लिखित में मांगें मानने का इंतजार करते रहे. 50 के करीब प्रदर्शनकारियों ने संजौली थाने के बाहर ही खाना खाया औऱ फिर नारेबाजी शुरू कर दी.

आश्वासन मिलने के बाद खत्म किया अनशन

हिंदू संघर्ष समिति और लोकल एडमिनिस्ट्रेशन की जॉइंट कमेटी बनाई गई है. इस मामले में अगली मीटिंग 29 नवंबर को होगी. आमरण अनशन पर बैठे लोगों ने एडमिनिस्ट्रेशन के भरोसे के बाद अनशन तोड़ दिया है. हिंदू संघर्ष समिति के कमल गौतम ने कहा कि हमें एडमिनिस्ट्रेशन से भरोसा मिला है. एक कमेटी बन गई है और अब अगली मीटिंग 29 नवंबर को होगी. तब तक हम मस्जिद की तरफ नहीं बढ़ेंगे और न ही प्रोटेस्ट करेंगे. हम इस मस्जिद का बिजली और पानी का कनेक्शन कटवाने और ढांचे को गिराने की अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं.

हिंदू लोगों की बनेगी कमेटी

हिंदू रक्षा मंच के अध्यक्ष कमल गौतम ने बताया कि प्रशासन के साथ हुई बातचीत पूरी तरह सकारात्मक रही. प्रशासन ने सभी मांगें सुनी हैं और उन्हें लागू करने के लिए प्रशासन और हिंदू संघर्ष समिति की संयुक्त कमेटी बनाई जाएगी. इस कमेटी की बैठक 29 तारीख को होगी. प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि तीन मुख्य मांगों पर कार्रवाई की जाएगी और सभी विषयों पर सहमति बन गई है. इन्हें जल्द पूरा करने का भरोसा दिया गया है. उन्होंने कहा कि आज आमरण अनशन समाप्त कर दिया जाएगा, लेकिन क्रमिक अनशन जारी रहेगा, प्रदर्शन स्थल पर लोग फिलहाल बैठे रहेंगे, जब तक कि निर्णायक निर्णय नहीं आ जाता. कमल गौतम ने बताया कि 29 तारीख की बैठक पहली और अंतिम होगी. कुछ निर्णय पहले ही लागू किए जाएंगे, जिन पर अभी चर्चा संभव नहीं है.

ये थी प्रदर्शनकारियों की मांगें

दरअसल, हाल ही में नमाज पढ़ने से रोका था. इस पर छह लोगों पर केस दर्ज किया था. प्रदर्शनकारियों की  मुख्य मांगों में अवैध ढांचों को बिजली-पानी सप्लाई काटना, लोगों पर दर्ज की गई झूठी FIR को तुरंत निरस्त करना और कोर्ट द्वारा अवैध निर्माण हटाने के आदेश को जल्द लागू करना शामिल है. उन्होंने कहा कि प्रशासन का रुख सकारात्मक रहा और जल्द कार्रवाई की उम्मीद है.

मस्जिद में होती रही नमाज

उधर, हिंदू संगठन के लोग मस्जिद से करीब 100 मीटर दूर संजौली थाने के पास प्रदर्शन करते रह गए. वहींस संजौली मस्जिद में जुमे की नमाज होती रही. मुस्लिम लोगों का यहां पर आना जाना लगा रहा.  मस्जिद के मौलवी ने कहा कि प्रशासन या पुलिस की तरफ से उन्हें को निर्देश नहीं मिला था.

अब सिलसिलेवार पढ़े क्या है पूरा मामला…

    2 गुटों में लड़ाई से सुर्खियों में आया था मामला: बीते साल 31 अगस्त को शिमला के मैहली में 2 गुटों में लड़ाई के बाद सुर्खियों में आया। इसके बाद, पूरे प्रदेश में बवाल मचा। मारपीट करने वाले एक समुदाय के लोग संजौली मस्जिद में छिप गए। इससे गुस्साए लोगों ने 1 सितंबर को मस्जिद के बाहर प्रदर्शन किया। इसके बाद शिमला के अन्य स्थानों पर भी हिंदू संगठनों ने प्रदर्शन किया। शिमला के बाद प्रदेश के अलग- अलग क्षेत्रों में भी लोग सड़कों पर उतरे।

    11 सितंबर 2024 को संजौली में उग्र प्रदर्शन: 11 सितंबर को शिमला के संजौली में फिर उग्र प्रदर्शन हुआ। जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। पुलिस ने बल प्रयोग और पानी की बौछार की। इससे हिंदू संगठन भड़क गए। संजौली में मस्जिद तोड़ने की मांग उठने लगी। इस बीच 12 सितंबर को संजौली मस्जिद कमेटी खुद निगम कमिश्नर कोर्ट पहुंची और अवैध हिस्सा तोड़ने की पेशकश की। इसके बाद मामला शांत हुआ।

    निगम आयुक्त ने पहले तीन मंजिल तोड़ने के आदेश दिए: बीते साल 5 अक्टूबर को निगम आयुक्त ने मस्जिद की ऊपर की तीन मंजिल तोड़ने के आदेश दिए। इसके बाद, मस्जिद को तोड़ने का काम शुरू हुआ। ऊपर की दो मंजिल तोड़ दी गई।

    इस साल 3 मई को पूरी मस्जिद गिराने के आदेश: 3 मई 2025 को निगम आयुक्त ने पूरी मस्जिद को अवैध करार देते हुए पूरा ढांचा तोड़ने के आदेश दिए। 17 मई 2025 को वक्फ बोर्ड और संजौली मस्जिद कमेटी ने मस्जिद तोड़ने के नगर निगम आयुक्त के आदेशों को जिला अदालत में चुनौती दी। 30 अक्टूबर को जिला अदालत ने वक्फ बोर्ड और संजौली मस्जिद कमेटी की याचिका को खारिज किया और नगर निगम आयुक्त के आदेशों को सही ठहराया।

    14 नवंबर को मुस्लिमों को मस्जिद जाने से रोका: बीते 14 नवंबर को मुस्लिम समुदाय के कुछ लोग मस्जिद में नमाज पढ़ने पहुंचे। मगर देवभूमि संघर्ष समिति ने बाहरी राज्यों से आए मुस्लिमों को मस्जिद में जाने से रोका। इस पर पुलिस ने छह लोगों पर FIR की।

    18 नवंबर से आमरण अनशन शुरू: संजौली मस्जिद का बिजली-पानी काटने और FIR वापस लेने की मांग को लेकर बीते 18 नवंबर को हिंदू संगठनों ने संजौली पुलिस थाना के बाहर आमरण अनशन शुरू किया।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here