samacharsecretary.com

समाज के हर वर्ग की सहभागिता से बालाघाट को बनायेंगे आदर्श जिला

बालाघाट में हुई जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक

भोपाल 
स्कूल शिक्षा एवं बालाघाट जिले के प्रभारी मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि बालाघाट जिले को समाज के हर वर्ग की सहभागिता से आदर्श जिला बनाया जायेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जिले के समग्र विकास के लिये गहन मंथन के बाद जिला विकास सलाहकार समिति का गठन किया है। समिति में विषय-विशेषज्ञों को शामिल किया गया है, जिनके सुझाव से जिले की विकास गति को तेज रफ्तार मिलेगी। मंत्री श्री सिंह शुक्रवार को बालाघाट में जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे।

बैठक में समिति के सदस्यों ने बालाघाट में ट्रांसपोर्ट नगर बनाने, जिला चिकित्सालय में स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद से रैन-बसेरा बनाने, सरकारी क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज खोलने, जनजातीय बहुल क्षेत्र में खनिज खनन प्रक्रिया को सरल बनाने के संबंध में सुझाव दिये। बैठक में सांसद श्री भारती पारधी, विधायक सर्वश्री राजकुमार कर्राहे, गौरव पारधी, मधु भगत, विवेक विक्की पटेल और श्रीमती अनुभा मुंजारे ने सुझाव दिये। समिति के सदस्य सचिव कलेक्टर श्री मृणाल मीणा ने बताया कि समिति गठन का उद्देश्य जिले के दीर्घकालीन विकास की योजना बनाना, प्रधानमंत्री के वोकल फॉर लोकल को प्रोत्साहित करने और जिले के विकास के लिये रोड मेप तैयार करना है।

शहीद जवान आशीष शर्मा को श्रद्धांजलि
बैठक के प्रारंभ में बालाघाट जिले में पदस्थ जवान आशीष शर्मा को देश की सेवा करते हुए शहीद होने पर श्रद्धांजलि दी गयी। मंत्री श्री सिंह ने शहीद आशीष के शौर्य का स्मरण किया।

युवाओं को वितरित किये गये नियुक्ति पत्र
प्रभारी मंत्री श्री सिंह ने जिले के चयनित युवाओं को प्रतिष्ठित कम्पनियों में नौकरी मिलने पर नियुक्ति पत्र वितरित किये। उन्होंने कहा कि प्रतिष्ठित कम्पनी टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं टाटा मोटर्स में जॉब मिलना युवाओं के लिये महत्वपूर्ण है। उन्होंने चयनित युवाओं से मन लगाकर काम करने की अपील की। कलेक्टर श्री मृणाल मीणा ने बताया कि जिले में युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिये लगातार रोजगार मेले आयोजित किये जा रहे हैं। सीखो-कमाओं योजना के अंतर्गत जिले में विभिन्न उद्योगों में 400 युवाओं को रोजगार दिलाया गया है।

 

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here