samacharsecretary.com

काली कमाई का पर्दाफाश: बिहार के अधिकारी की करोड़ों की संपत्ति और महंगे गहनों की जांच में खुलासा

पटना 

राज्य की विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्पाद अधीक्षक अनिल कुमार आजाद के पटना, जहानाबाद और औरंगाबाद स्थित चार ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की. यह पूरी कार्रवाई करीब सात घंटे तक चली. जिसमें टीम ने नोट गिनने की मशीन मंगवाई, दस्तावेज खंगाले और परिजनों से लंबी पूछताछ की. SVU की शुरुआती जांच में सामने आया है कि अनिल आजाद ने कथित रूप से 5 करोड़ से अधिक की संपत्ति अर्जित की है. जबकि शिकायत आय से 1.58 करोड़ अधिक संपत्ति की थी. अब आगे की प्रक्रिया जब्त कागजातों और डिजिटल डेटा के मूल्यांकन के बाद तय होगी.

छापेमारी में मिले करोड़ों के संपत्ति दस्तावेज

SVU के अनुसार, तलाशी के दौरान अनिल आजाद और उनकी पत्नी माधुरी देवी के नाम पर कुल 10 प्लॉट, 28 लाख रुपये की एफडी, 1.54 करोड़ रुपये का बैंक व बीमा निवेश, 48 लाख रुपये का बैंक बैलेंस और करीब 35 लाख के सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए. इसके अलावा परिवार के तीन बैंक लॉकर भी मिले हैं, जिन्हें अगली कार्रवाई में खोला जाएगा.

SVU की टीम सुबह ही पटना के शिवपुरी स्थित आवास, जहानाबाद के पैतृक घर और औरंगाबाद के सरकारी कार्यालय व किराए के मकान पर पहुंची. कोर्ट से जारी तलाशी वारंट के आधार पर सभी जगहों पर एक साथ छापेमारी की गई. टीम को बड़ी संख्या में जमीन के कागज, पासबुक, बीमा दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस मिले, जिन्हें जब्त कर जांच में जोड़ा गया है.

दो महीने बाद रिटायर होने वाले हैं आजाद

अनिल आजाद मूल रूप से जहानाबाद जिले के सुमेरा गांव के निवासी हैं. 1991 में उत्पाद विभाग में दरोगा के रूप में नियुक्त हुए थे. 1999 से 2002 तक पटना में उनकी पोस्टिंग रही और इसी दौरान उन्होंने पटना के बड़े स्प्रिट कारोबारी असलम खान की पत्नी मुन्नी खातून की गिरफ्तारी की थी, जिससे वे काफी चर्चा में आए थे. बाद में इंस्पेक्टर और फिर अधीक्षक बने. पिछले 20 महीनों से वे औरंगाबाद के अधीक्षक पद पर तैनात थे. खास बात यह है कि आजाद मात्र दो महीने बाद रिटायर होने वाले हैं, ऐसे समय में हुई छापेमारी प्रशासनिक हलकों में सवाल खड़े कर रही है.

पत्नी और परिवार के नाम जमीन-जायदाद

SVU की रिपोर्ट के अनुसार, पटना शास्त्रीनगर में उनकी पत्नी के नाम 6 प्लॉट हैं, जबकि जहानाबाद में परिवार के नाम 4 प्लॉट मिले हैं. इनकी कुल अनुमानित कीमत ₹1.78 करोड़ बताई गई है. साथ ही पटना स्थित आवास से ₹28 लाख की एफडी भी मिली है.

अलग-अलग इंसयोरेंस और बैंकिंग स्कीम में की गई 1.54 करोड़ की निवेश राशि भी जांच के घेरे में है. साथ ही 48 लाख रुपये के बैंक बैलेंस और 26 लाख रुपये के सोने व 8.6 लाख रुपये की चांदी के आभूषणों की रसीदें मिली हैं.
अनिल आजाद का आरोप- स्प्रिट माफियाओं ने फंसाया

छापेमारी के बाद मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में अनिल आजाद ने खुद को निर्दोष बताया और दावा किया कि यह कार्रवाई स्प्रिट माफियाओं की साजिश है. उनका कहना है कि उन्होंने औरंगाबाद में 25 अवैध स्प्रिट फैक्ट्रियां बंद कराईं, जिससे माफिया उनसे नाराज थे. उन्होंने कहा- नेताओं और स्प्रिट कारोबारियों की मिलीभगत के कारण मेरे खिलाफ बदले की कार्रवाई की गई है. मैं जांच में पूरा सहयोग कर रहा हूं और सच सामने आएगा.
भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत FIR दर्ज

SVU ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(b), 13(2) और IPC की धारा 61(2)(a) के तहत केस दर्ज किया है. केस में कहा गया है कि 2000 से अब तक Income Sources से अधिक संपत्ति जमा की गई है. 

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here