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मंत्री अग्रवाल ने CGPSC 2024 में 14वीं रैंक पाने वाले अंबिकापुर के पंकज यादव को फोन पर दी बधाई

 मंत्री  अग्रवाल ने सीजीपीएससी 2024 की परीक्षा में 14वीं रैंक हासिल करने वाले अंबिकापुर के पंकज यादव को दूरभाष पर दी बधाई एवं शुभकामनाएं

पंकज यादव की उपलब्धि पूरे छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए प्रेरणा: मंत्री श्री राजेश अग्रवाल

रायपुर

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने सीजीपीएससी 2024 की परीक्षा में 14वीं रैंक हासिल करने वाले अंबिकापुर के पंकज यादव को दूरभाष पर दी बधाई एवं शुभकामनाएं पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने सीजीपीएससी 2024 की परीक्षा में 14वीं रैंक हासिल करने वाले अंबिकापुर के पंकज यादव को दूरभाष पर दी बधाई एवं शुभकामनाएं

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की 2024 की परीक्षा  में अंबिकापुर के बौरीपारा निवासी पंकज यादव ने राज्य में 14वीं रैंक हासिल कर अंबिकापुर का गौरव बढ़ाया है। उनकी इस महत्वपूर्ण सफलता पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने दूरभाष पर उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी। श्री अग्रवाल ने कहा कि पंकज की उपलब्धि न केवल उनके कठिन परिश्रम का परिणाम है, बल्कि पूरे अंबिकापुर का मान और गर्व भी है।
    मंत्री श्री अग्रवाल ने पंकज से कहा कि आपने अपने माता-पिता का, शहर का और हम सभी का नाम रोशन किया है। आपके पिता ने कठिन परिस्थितियों में भी आपको पढ़ाया-लिखाया और आपने अथक मेहनत से सफलता हासिल की, इसके लिए आपको हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।  उन्होंने यह भी कहा कि माता-पिता के त्याग और संघर्ष को कभी नहीं भूलना चाहिए, क्योंकि उन्हीं की बदौलत आज आप इस मुकाम पर पहुंचे हैं। मंत्री श्री अग्रवाल ने पंकज यादव के माता-पिता को भी विशेष रूप से बधाई प्रेषित की।

ठेलेवाले पिता के बेटे ने छुआ कामयाबी की ऊंचाई
    पंकज यादव के पिता रामेश्वर यादव रोज़मर्रा की जरूरतें पूरी करने हेतु ठेला चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं, जबकि माता रायवती गृहिणी हैं। आर्थिक तंगी और सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने कभी हार नहीं मानी। पंकज ने बताया कि उन्होंने अपनी प्राथमिक शिक्षा मल्टीपरपज स्कूल अंबिकापुर से की और बीएससी कंप्यूटर व एमएससी की पढ़ाई क्रमशः साईं बाबा कॉलेज और पीजी कॉलेज से पूरी की है।

छह साल के कड़े संघर्ष के बाद मिली सफलता
    पंकज यादव बीते छह वर्षों से लगातार सीजीपीएससी परीक्षा की तैयारी में जुटे थे। कई प्रयासों के बाद अब जाकर उन्हें सफलता मिली। उन्होंने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय माता-पिता की कठिन मेहनत, त्याग और धैर्य को दिया। पंकज ने कहा कि उनके माता-पिता का आशीर्वाद और प्रेरणा ही इस सफलता का आधार रही है। इस सफलता से पूरे परिवार और अंबिकापुर शहर में खुशी की लहर है। स्थानीय लोगों ने पंकज को “संघर्ष और संकल्प का प्रतीक” बताया है, जिसका उदाहरण आने वाली पीढ़ियां लेंगी।

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