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एक महीने में दो कड़े फैसले: पहले फांसी, अब 21 साल कैद… हसीना की वापसी पर लगा ब्रेक?

ढाका 
बांग्लादेश की अपदस्थ पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना पर न्यायिक शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। एक महीने में दूसरा बड़ा फैसला आते ही राजनीतिक हलकों में भूचाल मच गया है। इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल से मानवता के खिलाफ अपराधों में मौत की सजा मिलने के बाद, अब ढाका की स्पेशल जज कोर्ट ने भूमि घोटाले के तीन मामलों में कुल 21 साल की कैद सुनाई है। फैसला हसीना और उनके परिवार की अनुपस्थिति में सुनाया गया, क्योंकि वे पिछले साल हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद भारत में रह रही हैं। अदालत ने पाया कि RAJUK पुर्बांचल न्यू टाउन प्रोजेक्ट में हसीना और उनके रिश्तेदारों को बिना आवेदन और गैरकानूनी तरीके से प्लॉट आवंटित किए गए थे।

इन मामलों में उनका बेटा सजीब वाजेद जॉय, बेटी साइमा पुतुल, बहन शेख रेहाना, और ब्रिटिश सांसद ट्यूलिप सिद्दीक सहित पूरा परिवार आरोपी है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस, हसीना की राजनीतिक जड़ों को पूरी तरह उखाड़ने की रणनीति पर काम कर रहे हैं, जिसके संकेत लगातार आते फैसले दे रहे हैं।इस तरह फांसी + 21 साल की सजा ने हसीना की राजनीति पर सबसे बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। बांग्लादेश की राजनीति अब नए मोड़ पर है, और आने वाले हफ्तों में घटनाएँ और भी नाटकीय हो सकती हैं।

मौत की सजा का फैसला
17 नवंबर को बांग्लादेश इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए शेख हसीना को मौत की सजा दी। ट्रिब्यूनल का आरोप है कि पिछले साल जुलाई-अगस्त 2024 के दौरान  सरकार विरोधी प्रदर्शनों में हुई हिंसा में कई छात्रों की मौत  “मानवता के खिलाफ अपराध”  है। इस मामले में हसीना के साथ पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल को भी फांसी की सजा सुनाई गई। इन प्रदर्शनों के बाद हसीना देश से भागकर भारत में रह रही हैं, इसलिए यह फैसला भी उनकी अनुपस्थिति में दिया गया।
 
21 साल की कैद 
ढाका की स्पेशल जज कोर्ट-5 ने RAJUK के पुर्बांचल न्यू टाउन प्रोजेक्ट में प्लॉट आवंटन घोटाले के तीन मामलों में शेख हसीना को 7-7 साल (कुल 21 साल) की सजा सुनाई। कोर्ट के मुताबिक हसीना को बिना किसी आवेदन और गैरकानूनी तरीके से सरकारी भूमि आवंटित की गई।  इसलिए तीनों मामलों में अलग-अलग सजाएँ दी गईं । सजा क्रमशः भुगतनी होगी।  यह फैसला गुरुवार सुबह 11:45 बजे जज मोहम्मद अब्दुल्ला अल-मामून ने सुनाया।

ट्रायल कैसे हुआ?
    प्रॉसिक्यूशन और डिफेंस की दलीलें 23 नवंबर को पूरी हुईं
    31 जुलाई को आरोप तय हुए
    17 नवंबर को गवाही पूरी
    आज फैसला सुनाया गया
    हसीना कोर्ट में मौजूद नहीं थीं

पूरा परिवार कानून के शिकंजे में 
एंटी-करप्शन कमीशन (ACC) ने प्लॉट घोटाले में 6 अलग केस दर्ज किए थे। तीन मामलों में आज फैसला आया, बाकी तीन अभी लंबित हैं। आरोपी सूची में शेख हसीना, उनका बेटा सजीब वाजेद जॉय, उनकी बेटी साइमा वाजेद पुतुल,  बहन शेख रेहाना, रेहाना की बेटी और ब्रिटिश MP ट्यूलिप रिजवाना सिद्दीक, रेहाना का बेटा रादवान मुजीब सिद्दीक, रेहाना की पोती अज़मीना सिद्दीक शामिल हैं। कुल मिलाकर, घोटाले में पूरे वाजेद-सिद्दीक परिवार को आरोपी बनाया गया है।मामलों में कुल 20 आरोपी हैं, लेकिन केवल एक  मोहम्मद खुर्शीद आलम  गिरफ्तार है। विशेषज्ञों के अनुसार,इंटरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस और हसीना के बीच पुराने राजनीतिक मतभेद हैं। हसीना की सत्ता वापसी की किसी भी संभावना को खत्म करने के लिए  पहले ट्रिब्यूनल से मौत की सजा फिर ढाका कोर्ट से भ्रष्टाचार में 21 साल और बाकी मामलों की सुनवाई तेज की जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह कार्रवाई यूनुस बनाम हसीना की जंग का हिस्सा है।  हसीना  भारत में हैं। बांग्लादेश अरेस्ट वॉरंट जारी करने की तैयारी में है।

 

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