samacharsecretary.com

‘ब्राह्मण की बेटी’ विवाद: IAS संतोष वर्मा को कांग्रेस नेताओं का खुला समर्थन, राजनीति में नई हलचल

नई दिल्ली 
आरक्षण को लेकर 'ब्राह्मण की बेटी अपने बेटे के लिए दान या संबंध' चाहने वाले वरिष्ठ आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा के विवादित बयान को कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने सही ठहराया है। कांग्रेस के दलित नेता और पूर्व सांसद उदित राज ने वर्मा को दिए गए नोटिस पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि आरएसएस को इनका साथ देना चाहिए जो कहती है कि सब हिंदू हैं।
 
मध्यप्रदेश अनुसूचित जाति-जनजाति अधिकारी कर्मचारी संघ (अजाक्स) के प्रदेश अध्यक्ष चुने जाने के बाद इसके पहले अधिवेशन में संतोष वर्मा ने मंच से विवादित टिप्पणी की थी। इसको लेकर मध्य प्रदेश के साथ ही देशभर में ब्राह्मण समाज की ओर से नाराजगी जाहिर की जा रही थी। वर्मा के खिलाफ राज्यभर में बढ़ते विरोध को देखते हुए मध्यप्रदेश के सामान्य प्रशासन विभाग ने उन्हें देर शाम कारण बताओ नोटिस जारी किया और पूछा कि क्यों न उनकी टिप्पणी के लिए उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। नोटिस के मुताबिक उन्हें 7 दिनों के भीतर जवाब देने को कहा गया है और अगर वह इसमें विफल होते हैं तो उनके खिलाफ आवश्यक विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

इस बीच कांग्रेस नेता उदित राज ने वर्मा का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने रोटी-बेटी के रिश्ते की बात कही है। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'पीएम मोदी, योगी और तमाम बीजेपी नेता और RSS रात- दिन वोट लेने के लिए सब हिंदू है, कहते रहते हैं। संतोष वर्मा, IAS ने रोटी- बेटी के रिश्ते की ही बात किया अर्थात बात तो वही है फिर मध्य प्रदेश सरकार ने कारण बताओ नोटिस क्यों दिया है? ब्राह्मण समाज क्यों विरोध कर रहा है? हिंदू राष्ट्र की मांग करने वालों को इसका जवाब देना चाहिए? इन्हें संतोष वर्मा के साथ खड़ा होना चाहिए वरना यह शब्द जुबान पर भी नहीं लाना चाहिए।'

वर्मा ने 23 नवंबर को भोपाल में अजाक्स के मंच से कहा था, ‘जब तक मेरे बेटे को कोई ब्राह्मण अपनी बेटी दान न कर दे और वह उससे संबंध न बना ले, तब तक आरक्षण मिलना चाहिए।’ उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इस टिप्पणी के बाद ब्राह्मण समाज में आक्रोश फैल गया और पिछले कुछ दिन से राज्य के अलग-अलग इलाकों में वर्मा के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं।

 

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here