samacharsecretary.com

डीजी/आईजी कॉन्फ्रेंस–2025 में मध्यप्रदेश पुलिस के ‘नशे से दूरी है जरूरी’ नवाचार को मिली राष्ट्रीय सराहना

डीजी/आईजी कॉन्‍फ्रेंस–2025 में DGP मकवाणाके द्वारा प्रस्‍तुत मध्यप्रदेश पुलिस के नवाचारों में नशे से दूरी है जरूरी को मिली राष्‍ट्रीय स्‍तर पर सराहना

भोपाल

रायपुर में आयोजित डीजी/आईजी कॉन्‍फ्रेंस–2025में माननीय प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह की गरिमामय उपस्थिति में आयोजित उच्चस्तरीय सत्रों में सामुदायिक पुलिसिंग, उभरते साइबर अपराध, भीड़ प्रबंधन, वैज्ञानिक अन्वेषण,टेक्नोलॉजी-इंटीग्रेशन, साइबर सुरक्षा, नशे से दूरी तथा नागरिक-सहभागिता आधारित सुरक्षा ढाँचे पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। इस राष्ट्रीय मंच पर मध्यप्रदेश पुलिस की कई नवाचार पहलें विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र रहीं।

सम्मेलन के दौरानमध्यप्रदेश के पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा द्वारा “Future-Ready Policing: Vision 2047” का व्यापक विज़न प्रस्तुत किया गया। उनकी प्रस्तुति में AI आधारित प्रिडिक्टिवपुलिसिंग, डेटा-संचालित निर्णय प्रक्रिया, साइबर सुरक्षा ढाँचा, कम्युनिटी आउटरीच, आपदा प्रबंधन प्रणालियाँ तथा युवाओं की सकारात्मक भागीदारी जैसे बिंदुओं को भविष्य की पुलिसिंग के प्रमुख स्तंभ के रूप में रेखांकित किया गया। उन्होंने कहा कि आधुनिक पुलिसिंग तभी प्रभावी हो सकती है जब उसमें तकनीक और मानवीय संवेदनशीलता – दोनों का संतुलित समावेश हो।

सम्मेलन में मध्यप्रदेश पुलिस के राज्यव्यापीनशामुक्तिजनअभियान “नशे से दूरी है ज़रूरी” की भी प्रभावशाली प्रस्तुति दी गई। उन्होंने बताया कि स्कूलों, कॉलेजों, कलाकारों, खिलाड़ियों, स्वयंसेवी संगठनोंकी व्यापक भागीदारी के कारणतथा युवाओं को जोड़ने में यह अभियान एक सशक्त जनआंदोलन के रूप में उभरा है। प्रत्यक्ष कार्यक्रमों के माध्यम से लगभग 23 लाख तथा सोशल मीडिया माध्‍यमोंसे 6करोड़ 35 लाख लोगों तक पहुँच बनाने के परिणामस्वरूप इस अभियान को राष्ट्रीय स्तर पर एक अनुकरणीय मॉडल के रूप में देखा जा रहा है।

“नशे से दूरी है ज़रूरी’’ राज्यव्यापीजनजागरूकता अभियान ने अपनी व्यापकता, प्रभावशीलता तथा वृहद स्तर पर जनसहभागिता के चलते वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम किया। इस उपलब्धि के लिए WBR (वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स) के CEO  संतोष शुक्ला ने पुलिस मुख्यालय, भोपाल मध्यप्रदेश में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया था। साथ ही उन्हें ब्रिटिश पार्लियामेंट में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय सम्मान समारोह हेतु आधिकारिक आमंत्रण भी प्रदान किया गया था, जिससे मध्यप्रदेश पुलिस को वैश्विक स्तर पर सम्मान प्राप्त हुआ।

मध्यप्रदेश पुलिस की इन पहलों – Vision 2047, “नशे से दूरी है ज़रूरी” अभियान तथा सिंहस्थ–2028 की तकनीकी तैयारियों – ने राष्ट्रीय मंच पर राज्य की पुलिसिंग नवाचार, प्रशासनिक नेतृत्व और अग्रदर्शी सोच को सशक्त रूप से स्थापित किया है।

 

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here