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टूटी जालियां, जमीन पर पड़े गद्दे और कंपकंपाती रातें—बावल रेन बसेरे की सच्चाई

रेवाड़ी
शहर में बढ़ती ठंड के बीच बावल नगर पालिका के रेन बसेरे की हालत बेहद चिंताजनक पाई गई है। बेघर, गरीब और रात गुजारने के लिए आश्रय ढूंढ रहे लोगों के लिए बने इस रेन बसेरे की स्थिति ऐसी नहीं है कि कोई यहां सुरक्षित और आराम से रात बिता सके। देर शाम बावल एसडीएम जितेंद्र कुमार ने नगर पालिका सचिव अनिल के साथ रेन बसेरे का निरीक्षण किया। 

निरीक्षण के दौरान कई खामियां उजागर हुईं। खिड़कियों में लगी जालियां टूटी हुई मिलीं, जिससे ठंडी हवाएं सीधे अंदर आ रही थीं। गद्दे जमीन पर बेतरतीब पड़े मिले और पूरे परिसर में साफ-सफाई का अभाव साफ दिखाई दिया। शौचालय भी बेहद खराब हालत में पाए गए। एसडीएम ने बताया कि रेन बसेरे में महिलाओं के लिए 4 और पुरुषों के लिए 8 बेड की व्यवस्था है, लेकिन मौजूदा स्थिति मानकों से काफी दूर है। 

खामियों पर नाराजगी जताते हुए एसडीएम ने नगर पालिका अधिकारियों और कर्मचारियों को तुरंत सुधार कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। नगर पालिका अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि सभी कमियों को जल्द दूर कर रेन बसेरे को रहने योग्य बनाया जाएगा। बढ़ती ठंड के बीच उम्मीद है कि जल्द ही जरूरतमंदों को एक सुरक्षित, साफ-सुथरा और गर्म आश्रय उपलब्ध कराया जाएगा। 

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