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सीएम अभ्युदय विद्यालयों का हो रहा प्रदेशव्यापी विस्तार, हर पंचायत तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लक्ष्य

लखनऊ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक व दूरगामी बदलाव की बुनियाद रखते हुए ऐसे शैक्षिक मॉडल को मजबूती दी है, जो समाज के सबसे कमजोर वर्ग तक अवसर पहुंचाने का माध्यम बन रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के तहत प्रदेश के सभी 18 मंडलों में स्थापित अटल आवासीय विद्यालय श्रमिकों और निम्न आय वर्ग के बच्चों के जीवन को नई दिशा दे रहे हैं। इसके द्वितीय चरण में 'सीएम अभ्युदय विद्यालय' के विस्तार की ठोस योजना धरातल पर उतारी जा रही है। ये प्रयास आधुनिक गुरुकुल मॉडल की नींव रख रहा है, जो प्राचीन परंपरा के मूल्यों को समाहित कर भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विद्यार्थियों के समग्र विकास को सुनिश्चित कर रहा है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में शिक्षा विभाग के माध्यम से द्वितीय चरण के अंतर्गत सीएम अभ्युदय विद्यालयों की स्थापना का काम हो रहा है। तृतीय चरण में सीएम अभ्युदय विद्यालयों को प्रदेश के 825 निकायों और चतुर्थ चरण में लगभग 8000 न्याय पंचायतों तक ले जाने की तैयारी है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रदेश का हर बच्चा शिक्षित हो और वह समृद्ध भारत के निर्माण में अपना योगदान दे। ललितपुर के अटल आवासीय विद्यालय के प्रधानाचार्य जिया लाल ने बताया कि विद्यालय में योग्य एवं अनुभवी शिक्षकों के माध्यम से विद्यार्थियों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है। श्रमिकों के बच्चों को मुख्यधारा में लाने के मकसद से उठाया गया सरकार का यह कदम अद्वितीय है। इससे बच्चों का भविष्य सुधर रहा है।   

अटल आवासीय विद्यालयों से बदला विद्यार्थियों का जीवन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा शुरू किए गए अटल आवासीय विद्यालय श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए 'आधुनिक गुरुकुल' के रूप में उभरकर सामने आए हैं। वर्तमान में सभी 18 मंडलों में 18 अटल आवासीय विद्यालय सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं। इनका विस्तार प्रदेश के सभी 75 जिलों में करने का लक्ष्य तय किया गया है। इन विद्यालयों में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चे, कोरोना महामारी के कारण अनाथ हुए बच्चे तथा मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना से आच्छादित बच्चों को पूरी तरह निःशुल्क शिक्षा, भोजन, आवास, यूनिफॉर्म, किताबें और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन विद्यालयों का पाठ्यक्रम सीबीएसई आधारित है। यहां आधुनिक एसटीईएम लैब, स्मार्ट क्लासरूम, प्रयोगशालाएं तथा खेल सुविधाएं उपलब्ध हैं। इस विद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थी यह साबित कर रहे हैं कि अवसर मिलने पर प्रतिभा किसी भी वर्ग की हो, वह श्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकती है।

शिक्षा से ही समाज का सशक्तिकरण संभव
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट विचार है कि समाज का सशक्तिकरण शिक्षा के माध्यम से ही संभव है। अटल आवासीय विद्यालय और सीएम अभ्युदय विद्यालय जैसे प्रयास इसी सोच का परिणाम हैं। इन योजनाओं के जरिए श्रमिक, वंचित और ग्रामीण पृष्ठभूमि के बच्चों को वह मंच मिल रहा है, जिसकी कल्पना पहले उनके परिवारवाले भी नहीं कर सकते थे। सरकार का यह मॉडल न केवल शिक्षा के क्षेत्र में समानता को मजबूत कर रहा है, बल्कि आने वाले वर्षों में प्रदेश को कुशल, आत्मनिर्भर और प्रतिभाशाली युवा शक्ति भी देने वाला है।

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