samacharsecretary.com

मध्य प्रदेश में सीजन का पहला कोहरा, मुरैना-रायसेन में 50 मीटर की विजिबिलिटी, 14 जिलों में अलर्ट जारी

भोपाल 

मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड के साथ अब घना कोहरा भी अपना असर दिखाने लगा है। सोमवार सुबह प्रदेश के कई जिलों में सीजन का पहला घना कोहरा देखने को मिला, जिससे विजिबिलिटी काफी कम हो गई और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

मुरैना ज़िले में कँपकँपाती सर्द हवाओं के बीच घने कोहरे ने डेरा डाल दिया, जहाँ दृश्यता घटकर मात्र 50 मीटर रह गई। यहाँ न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस मापा गया। इसी तरह, रायसेन ज़िले में भी कोहरे की मोटी चादर बिछ गई, जिससे दृश्यता 50 मीटर तक सिमट गई और सड़कों पर वाहनों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर धीमी गति से चलना पड़ा। राजधानी भोपाल समेत टीकमगढ़ में भी तेज ठंड के माहौल में कोहरे का आगमन दर्ज किया गया।

इस बीच, मौसम विभाग ने आगामी घंटों के लिए चेतावनी जारी की है। ग्वालियर, चंबल, सागर, जबलपुर और रीवा संभाग के कुल 14 ज़िलों में घने कोहरे का अलर्ट घोषित किया गया है। अलर्ट वाले जिलों में ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली शामिल हैं। इससे एक दिन पहले, रविवार को भी प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में कोहरा छाया रहा। वहीं, प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन, पचमढ़ी, 5.2 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान के साथ राज्य में सबसे ठंडा स्थान बना रहा।

मुरैना जिले में सुबह से ही सर्द हवाओं के साथ घना कोहरा छाया रहा। यहां विजिबिलिटी घटकर करीब 50 मीटर रह गई। जिले में न्यूनतम तापमान 9 डिग्री और अधिकतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

वहीं रायसेन में भी इस मौसम का पहला घना कोहरा देखने को मिला। कोहरे के कारण वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा। राजधानी भोपाल में भी ठंड के साथ कोहरे की दस्तक हुई, जबकि टीकमगढ़ में भी मौसम का पहला कोहरा दर्ज किया गया।

दूसरी ओर, तापमान में भी खासी गिरावट दर्ज की गई। प्रदेश के पांच बड़े शहरों में भोपाल सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इंदौर में 6.6 डिग्री, ग्वालियर में 9.1 डिग्री, उज्जैन में 9.3 डिग्री और जबलपुर में न्यूनतम तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस रहा।

प्रदेश में सबसे ठंडे स्थान पचमढ़ी और राजगढ़ रहे, जहां तापमान 5.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।इसके अलावा बैतूल में 5.8 डिग्री, उमरिया में 7 डिग्री, रीवा में 7.5 डिग्री, रायसेन में 7.6 डिग्री, मलाजखंड और नौगांव में 7.8 डिग्री, खजुराहो में 8.1 डिग्री, नरसिंहपुर में 8.2 डिग्री, दमोह और मंडला में 8.5 डिग्री, छिंदवाड़ा में 8.6 डिग्री, टीकमगढ़ में 8.9 डिग्री, सतना में 9.6 डिग्री और गुना में 9.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

17 दिसंबर से फिर नया सिस्टम, ठंड बढ़ेगी मौसम विभाग के अनुसार, नए नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) 17 दिसंबर की रात से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करने की संभावना है। जिसका असर एमपी में अगले दो-तीन दिन में दिखाई देने लगेगा। इससे ठंड का असर फिर से बढ़ जाएगा।

पचमढ़ी सबसे ठंडा

रविवार को भी प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में कोहरा छाया रहा। प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

17 दिसंबर से फिर बदलेगा मौसम

मौसम विभाग के मुताबिक, 17 दिसंबर की रात से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करेगा। इसका असर अगले दो-तीन दिनों में मध्यप्रदेश में दिखाई देगा, जिससे ठंड और बढ़ने की संभावना है।

पचमढ़ी-कल्याणपुर सबसे ठंडे, भोपाल में 7 डिग्री पहुंचा पारा मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार-रविवार की रात में प्रदेश के अधिकांश शहरों में पारा 10 डिग्री से कम रहा। 5 बड़े शहरों में इंदौर सबसे ठंडा रहा। यहां तापमान 6.4 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल में 7 डिग्री, जबलपुर में 9.4 डिग्री, ग्वालियर-उज्जैन में 9.8 डिग्री सेल्सियस रहा।

वहीं, पचमढ़ी प्रदेश में सबसे ठंडा रहा और यहां तापमान 5.2 डिग्री दर्ज किया गया। राजगढ़-कल्याणपुर में 5.6 डिग्री, शाजापुर में 6.1 डिग्री, मंदसौर में 6.7 डिग्री, रीवा-उमरिया में 7.2 डिग्री, मलाजखंड में 7.4 डिग्री, खजुराहो में 8.2 डिग्री, नौगांव में 8.3 डिग्री, रायसेन-दतिया में 8.4 डिग्री, मंडला में 8.5 डिग्री, बैतूल में 8.7 डिग्री, नरसिंहपुर, टीकमगढ़-दमोह में 9 डिग्री, खंडवा में 9.4 डिग्री और सतना में 9.6 डिग्री दर्ज किया गया।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here