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दुग्ध किसानों को राहत: 17 दिसंबर से संपर्क अभियान के द्वितीय चरण का शुभारंभ

17 दिसंबर से दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान के द्वितीय चरण का शुभारंभ

पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अधिकारी-कर्मचारी जाएंगे पशुपालक किसानों के घर-घर

पशु पोषण, नस्ल सुधार और पशुओं के स्वास्थ्य से संबंधित देंगे जानकारी

भोपाल 

प्रदेश में पशुपालकों, किसानों की आय बढ़ाने व दुग्ध उत्पादन वृद्धि के लिए पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान चलाया जा रहा है, जिसके द्वितीय चरण का शुभारंभ 17 दिसंबर, 2025 से होने जा रहा है। अभियान अंतर्गत पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, पशुपालकों और किसानों के घर जाएंगे, जहां पशुपालकों को पशुओं में नस्ल सुधार, पशु पोषण तथा पशु स्वास्थ्य से संबंधित जानकारी देंगे। अभियान में मंत्रीगण, विधायक व स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी सहभागिता रहेगी।

गांवों में पहुंचेगा विभागीय अमला

द्वितीय चरण में प्रदेश के सभी गांवों में दुधारू पशु रखने वाले पशुपालकों से सीधे संपर्क कर संवाद किया जाएगा। अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रत्येक विकासखंड से एक पशु चिकित्सक को मास्टर ट्रेनर के रूप में राज्य स्तर पर प्रशिक्षित किया गया है। प्रथम चरण में 3 लाख 76 हजार पशुपालकों के घर विभागीय अधिकारी पहुंचे थे और उन्हें अभियान से संबंधित सूचनाओं व सुविधाओं लाभान्वित किया था। दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान का प्रथम चरण 3 से 9 अक्टूबर के मध्य संचालित हुआ, जिसमें 3.76 लाख पशुपालकों के यहां 8752 प्रशिक्षित विभागीय अमला घर पहुंचा था। अभियान की निगरानी के लिए जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे। कलेक्टर नियमित रूप से अभियान की समीक्षा करेंगे। साथ ही राज्य स्तर पर जानकारी साक्षा की जाएगी।

अभियान के द्वितीय चरण के लिए राज्य पशुपालन प्रशिक्षण संस्थान भोपाल में 18 से 24 नवंबर के मध्य लगभग 428 पशु चिकित्सक (प्रत्येक जिले के प्रत्येक विकासखण्ड के पशु चिकित्सक, जिला नोडल अधिकारी, राज्य नोडल अधिकारी) का प्रशिक्षण मल्टीमॉडल तथा तीनों पहलू पशु पोषण, पशु स्वास्थ्य एवं नस्ल सुधार में गतिविधि बेस कराया गया और इन प्रशिक्षित मास्टर नोडल द्वारा इसी प्रकार प्रशिक्षण अपने जिलें एवं विकासखण्ड में सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी, मैत्री एवं गोसेवक को दिया गया।

दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान के द्वितीय चरण में 5 से 9 गौवंश एवं भैंसवंश रखने वाले 7.87 लाख पशुपालकों के यहां प्रशिक्षित विभागीय अमले द्वारा घर जाकर भेंट की जाएगी। साथ ही उन्हें नस्ल सुधार, पशु पोषण एवं पशु स्वास्थ्य पर जागरूक किया जाएगा।

 

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