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कर्मचारी विहीन होने के कारण केंद्रीय संचार ब्यूरो का दफ्तर बंद

केंद्रीय संचार ब्यूरो का कर्मचारी विहीन दफ्तर बंद 

 भोपाल
   केन्द्रीय संचार ब्यूरो, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार के क्षेत्रीय कार्यालयों का केन्द्र में  कांग्रेस की सरकार थी तब पूरे भारत में 1955 में स्थापित कर, जनहित में आमजनों के विकास को देखते हुए संचालित किया गया था।

मध्यप्रदेश में बालाघाट, छिंदवाडा, मंदसौर, झाबूआ, छतरपुर, रीवा, इन्दौर, ग्वालियर, शहडोल, मण्डला, सागर, जबलपुर इकाईयां एवं भोपाल में प्रादेशिक कार्यालय संचालित हो रहा है, जो पूरे मध्यप्रदेश में 55 जिलों में भारत सरकार व राज्य सरकार के जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक विभिन्न गतिविधियों के माध्यमों से सुदूर क्षेत्रों के आमजन के बीच जाकर समस्याओं को सुनकर समाधान व उचित मार्ग दर्शन कर जनजागरूकता किया जा रहा था, जो अपने आप में बेहद महत्वपूर्ण विभाग होने के कारण सरकार और आम जनों को जोड़ने का सशक्त माध्यम है।

केन्द्र सरकार के कूटनीतियों के कारण आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के उक्त कार्यालयों में से मण्डला बालाघाट, छिंदवाडा, छत्तरपुर, शहडोल, मंदसौर एवं सागर क्षेत्रीय कार्यालय / इकाईयों में विगत 17 दिवस से ताला लगा हुआ है जानकारी मिला है कि कार्यालय बंद कर दिया गया है। जो आम जनों के लिए बहुत ही दुखद गंभीर विषय है. उक्त जिलों के कार्यालय के बंद होने से जो कि आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में आते है. आज भी पिछड़ा है जन जागरूता की कमी है, इन कार्यालयों को बंद न करते हुए यथावत रखें। ताकि आमजन तक सरकार के महत्वपूर्व योजना अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाया जा सके। यदि केन्द्र सरकार अपने कूटनीतियों कारण आमजन के हित के लिए सुधार नहीं करती है तो आंदोलन के लिए घेराव करना पड सकता है 2029 चुनाव में भी असर पड़ेगा जो देखा जा सकता है ।

क्षेत्रीय कार्यालय- गुलाबरा स्थित कार्यालय के अतिरिक्त प्रभार में बेतुल एवं हरदा जिले है। चूंकि छिन्दवाड़ा आदिवासी बहुल्य क्षेत्र है केन्द्र सरकार व राज्य सरकार के योजनाओं से आमजनों को जोडने से विभाग बंद होने से विभाग से मिलने वाले लाभों  से  वंचित रहेंगे ।

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