samacharsecretary.com

झारखंड सरकार का बैंक ऑफ इंडिया से करार, कर्मचारियों को मिलेगा 2 करोड़ का एक्सीडेंटल इंश्योरेंस

रांची

झारखंड सरकार ने बैंक ऑफ इंडिया (BOI) के साथ अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन पैकेज को लेकर एक समझौते पर मंगलवार को हस्ताक्षर किए। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की उपस्थिति में वित्त विभाग और बैंक के बीच इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

सरकारी कर्मचारियों को मिलेंगी कई सुविधाएं

समझौते के अनुसार, बैंक ऑफ इंडिया में खाता खोलने वाले सरकारी कर्मचारियों को दो करोड़ रुपये तक का दुर्घटना बीमा, स्वास्थ्य बीमा, बच्चों के लिए शैक्षणिक लाभ सहित कई सुविधाएं मिलेंगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस मौके पर कहा, ‘‘ बैंक ऑफ इंडिया ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की जीवन सुरक्षा पर केंद्रित एक पैकेज तैयार कर बेहद संवेदनशील पहल की है। कर्मचारी चाहे स्थायी हों या संविदा पर, हर कोई चाहता है कि सेवानिवृत्ति के बाद भी वह अपना जीवन आराम एवं शांति से बिता सके।'' सोरेन ने कहा कि सरकार का दृष्टिकोण राज्य के अंतिम व्यक्ति को सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाना है। सरकार चाहती है कि उसकी योजनाओं के लाभ प्रत्येक व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंचें।

बैंक ऑफ इंडिया के कार्यकारी निदेशक सुब्रत कुमार ने कहा कि बैंक झारखंड में 494 शाखाओं का संचालन करता है, जिनमें 300 ग्रामीण, 97 अर्ध-शहरी एवं 97 शहरी क्षेत्रों में हैं। राज्य में बैंक के 264 एटीएम हैं। पैकेज का विवरण देते हुए बैंक ऑफ इंडिया (बीओआई) के एक अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार के साथ वेतन समझौता तीन वर्गों स्थायी कर्मचारी, सरकारी पेरोल पर संविदा कर्मचारी एवं पेंशनभोगी के लिए किया गया है। तीनों वर्गों के लिए अलग-अलग सुविधाएं हैं। स्थायी कर्मचारियों के लिए इस पैकेज में दो करोड़ रुपये का हवाई दुर्घटना बीमा, एक करोड़ रुपये का सामान्य दुर्घटना बीमा, स्थायी अक्षमता की स्थिति में एक करोड़ रुपये और आंशिक अक्षमता के लिए 50 लाख रुपये का लाभ शामिल है। उन्होंने कहा, ‘‘ इसके अतिरिक्त हम 10 लाख रुपये का टर्म इंश्योरेंस और 10 लाख रुपये का शैक्षणिक लाभ भी दे रहे हैं। '' उन्होंने कहा कि संविदा कर्मचारियों को 50 लाख रुपए का दुर्घटना बीमा, स्थायी अक्षमता की स्थिति में 50 लाख रुपये और आंशिक अक्षमता के लिए 25 लाख रुपये का लाभ मिलेगा।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here