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JNU कैंपस में नारेबाजी को लेकर गिरिराज सिंह सख्त, कहा– ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग को गलतफहमी नहीं होनी चाहिए’

नई दिल्ली/पटना
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) के कैंपस में लगे विवादित नारे के बाद कहा है कि भारत को बांटने और पाकिस्तान की सोच रखने वाले गलतफहमी में न रहें। चरमपंथियों और नक्सलियों के साथ-साथ 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' को भी खत्म कर दिया जाएगा। समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, "जेएनयू कैंपस 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' का सेंटर बन गया है, जिसमें राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस, वामपंथी पार्टियां और दूसरे विपक्षी दल शामिल हैं। देश इसे ज्यादा समय तक बर्दाश्त नहीं करेगा।" उन्होंने कहा कि शरजील इमाम और उमर खालिद के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जो फैसला दिया, मैं उसका स्वागत करता हूं। इसी बीच, गिरिराज सिंह ने कहा, "जो लोग भारत को बांटने की बात करते हैं और पाकिस्तान जैसी सोच रखते हैं, उनकी इस देश में कोई जगह नहीं है। गलतफहमी में न रहें। यह नरेंद्र मोदी और अमित शाह की सरकार है। जिस तरह चरमपंथियों और नक्सलियों को खत्म किया जा रहा है, उसी तरह 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' को भी खत्म कर दिया जाएगा।"
वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि जेएनयू में लगाए जा रहे नारे एक अर्बन-नक्सली विचारधारा है जिसे राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी सपोर्ट करते हैं। यह वही विचारधारा है जिसे बौद्धिक आतंकवाद में बदला जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जब से देशद्रोही उमर खालिद, जो कहता है कि भारत ने जम्मू-कश्मीर पर गैर-कानूनी कब्जा किया है, या देशद्रोही शरजील इमाम जो कहता है कि वह चिकन नेक को भारत से अलग करना चाहता है, सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। प्रदीप भंडारी ने आगे कहा, "उमर खालिद और शरजील इमाम के समर्थन में कांग्रेस के नेता आए हैं। जिस तरह जेएनयू कैंपस में नारे लगे हैं, इन नारों का समर्थन मौन स्वीकृति के जरिए कांग्रेस पार्टी कर रही है। चुनाव के मैदान में जनता के सामने इनका देशविरोधी चेहरा होता है। यही कारण है कि जनता उन्हें बार-बार विपक्ष में बैठाती है।"

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