samacharsecretary.com

स्कूलों के सभी निर्माण कार्य समय-सीमा में हों पूरे : मंत्री सिंह

गुणवत्ता और पारदर्शिता के लिए स्कूल शिक्षा विभाग में स्थापित करें टेक्निकल विंग

भोपाल
स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने मंत्रालय में स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए सभी वर्किंग एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में अनिवार्य रूप से पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि यदि कोई एजेंसी तय टाइमलाइन में कार्य पूर्ण नहीं करती है, तो उसके विरुद्ध निर्माण अनुबंध की शर्तों के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।। बैठक में मध्यप्रदेश पुलिस हाउसिंग बोर्ड, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, पीआईयू, आईडीए, बीडीए, यूडीए और भवन विकास निगम सहित विभिन्न वर्किंग एजेंसियों द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।

मंत्री श्री सिंह ने निर्देश दिए कि मासिक आधार पर कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जाए तथा स्टेप-बाय-स्टेप और मंथ-बाय-मंथ लक्ष्य तय कर निर्माण कार्य पूरे किए जाएं। मंत्री ने कहा कि प्रत्येक एजेंसी अपनी कार्ययोजना स्पष्ट रूप से विभाग को उपलब्ध कराए।

निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए मंत्री श्री सिंह ने स्कूल शिक्षा विभाग में एक तकनीकी विंग गठित करने के निर्देश दिए। यह तकनीकी विंग विभागीय जांच दल के रूप में कार्य करेगा और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, प्रगति एवं मानकों की नियमित जांच करेगा। उन्होंने कहा कि चेक एंड बैलेंस का मजबूत सिस्टम विकसित किया जाना आवश्यक है, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। मंत्री श्री सिंह ने सभी वर्किंग एजेंसियों को निर्देश दिए कि वे थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन की रिपोर्ट अनिवार्य रूप से विभाग को प्रस्तुत करें, ताकि निर्माण कार्यों की निष्पक्ष और तकनीकी जांच सुनिश्चित हो सके।

बैठक में सांदीपनि विद्यालयों से संबंधित प्रयोगशालाओं, अतिरिक्त कक्षों, खेल मैदानों एवं अन्य शैक्षणिक अधोसंरचना से जुड़े निर्माण कार्यों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में सचिव स्कूल शिक्षा डॉ संजय गोयल एवं आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय श्रीमती शिल्पा गुप्ता भी उपस्थित रहीं।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here